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	<title>विदेश &#8211; Rahasyalok | रहस्यलोक</title>
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	<description>Hindi News &#38; Views</description>
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	<title>विदेश &#8211; Rahasyalok | रहस्यलोक</title>
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		<title>खामेनेई कै अंतिम संस्कार पर ट्रंप कय तंज</title>
		<link>https://rahasyalok.com/trump-taunts-khamenei-funeral/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 17:07:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ईरान कै पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई कै अंतिम संस्कार कार्यक्रम चलि रहा अहै। इ बीच अमेरिकी स्वतंत्रता कै 250वीं सालगिरह मौके पर माउंट रशमोर मां एक जनसभा कय संबोधित करत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर तगड़ा तंज कसे अहैं। ट्रंप ईरान मां चलत अयातुल्ला अली खामेनेई कै अंतिम संस्कार समारोह पर कटाक्ष करत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ईरान कै पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई कै अंतिम संस्कार कार्यक्रम चलि रहा अहै। इ बीच अमेरिकी स्वतंत्रता कै 250वीं सालगिरह मौके पर माउंट रशमोर मां एक जनसभा कय संबोधित करत राष्ट्रपति <strong>डोनाल्ड ट्रंप</strong> ईरान पर तगड़ा तंज कसे अहैं।</p>
<p>ट्रंप ईरान मां चलत अयातुल्ला अली खामेनेई कै अंतिम संस्कार समारोह पर कटाक्ष करत कहेन कि अमेरिका ईरान का एक हफ्ता कै छुट्टी दीहिन अहै काहे से हम बहुत नीक अही। ट्रंप कहेन कि अमेरिका ईरान का बुरी तरह हराय रहा अउर उ देश समझौता करै खतिव बेताब रहा। हम उनके अंतिम संस्कार खातिर एक हफ्ता कै छुट्टी दिहे अही काहे से हम नीक अही।</p>
<p>ट्रंप कय इ बयान तेहरान कै ग्रैंड मोसाला मां खामेनेई कै अंतिम संस्कार कय रस्म शुरू होय कय बाद आवा अहै। सनीचर कय भिनसार, करिया कपड़ा पहिने दुखी लोग गाड़ियन से खाली तेहरान कै सड़कन से होत भये ग्रैंड मोसाला पहुँचिन। ईरान कै पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई कै अंतिम संस्कार मां भारत समेत पूरी दुनिया कै लोग पहुँचिन अहैं। इ कार्यक्रम मां लाखों लोगन कय शामिल होय कय उम्मीद अहै।</p>
<p>जानै लायक बात अहै कि 28 फरवरी 2026 का अमेरिकी-इजारयली हमला मां ईरान कै सुप्रीम लीडर खामेनेई कय मौत होय गई रही। जवने कै चार महीना बाद अब उनके अंतिम संस्कार कै कार्यक्रम शुरू भवा अहै। उनके अंतिम संस्कार खातिर एक हफ्ता कै राष्ट्रीय शोक कय ऐलान कीन गय अहै। खामेनेई कै अंतिम संस्कार कार्यक्रम 9 जुलाई का दफन करै कय साथे खतम होई।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अली खामेनेई कय अंतिम संस्कार मां राखि गय 14 महीना कय पोती कय छोट ताबूत</title>
		<link>https://rahasyalok.com/ali-khamenei-aur-unki-poti-ka-antim-sanskar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 17:06:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ईरान कय तेहरान मां शुक्रवार कय अयातुल्ला अली खामेनेई कय अंतिम संस्कार खातिर हजारन ईरानी जमा भयं। खामेनेई कय ताबूत कय इस्लामिक रिपब्लिक कय झंडा मां लपेटि कय अउर ओकर ऊपर उनकर करिया पगड़ी राखि कय परिसर मां लइ आवा गवा। ओकर साथे उनकर मरे भये रिश्तेदारन कय शव भी राख रहा, जवने मां उनकर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ईरान कय तेहरान मां शुक्रवार कय अयातुल्ला अली खामेनेई कय अंतिम संस्कार खातिर हजारन ईरानी जमा भयं। खामेनेई कय ताबूत कय इस्लामिक रिपब्लिक कय झंडा मां लपेटि कय अउर ओकर ऊपर उनकर करिया पगड़ी राखि कय परिसर मां लइ आवा गवा। ओकर साथे उनकर मरे भये रिश्तेदारन कय शव भी राख रहा, जवने मां उनकर 14 महीना कय पोती कय छोट ताबूत भी शामिल रहा। खामेनेई कय पोती जहरा मोहम्मदी गोलपायेगानी 28 फरवरी कय उनकर अउर परिवार कय कछू अउर सदस्यन कय साथे मारि दीहिन गईं, जब अमेरिका अउर इजरायल मिलिकय ईरान कय खिलाफ जंग सुरु कइ दिहिन रहे। इ छोट बिटिया कय छोट ताबूत कय भी देश कय झंडा मां लपेटि कय फ्रेम कीन गय फोटो कय साथे राखि दीन्ह गय।</p>
<p><strong>कई दिन तक चलि खामेनेई कय अंतिम संस्कार कय कार्यक्रम</strong></p>
<p>खामेनेई कय पार्थिव शरीर शुक्रवार कय तेहरान पहुँच गवा। ईरान अउर इराक कय कई शहरन मां उनकर अंतिम संस्कार कय सार्वजनिक कार्यक्रम छह दिन तक चलि। उनकर पार्थिव शरीर कय ईरान अउर पड़ोसी देश इराक कय कई शहरन मां लइ जइहैं। इस्लामिक रिपब्लिक कय सैंकड़न समर्थक शुक्रवार साँझ कय ही तेहरान कय ग्रैंड मोसाल्ला कय बाहर जमा होइ गए रहें, काहे से आज इ आम लोगन खातिर खोला जाइ वाला रहा। आज जइसे ही गेट खुलि हजारन शोक मनावे वाले लोग उहां पहुँच गए अउर उ विशाल परिसर कय मुख्य आंगन लोगन से भरि गवा। समाचार एजेंसी एएफपी कय रिपोर्ट कय अनुसार, शोक मनावे वाले लोग लाल बैनर लिए रहें जउन बदला कय मांग कय प्रतीक अहै अउर उ &#8216;अमेरिका मुर्दाबाद&#8217; अउर &#8216;बदला-बदला&#8217; कय नारा लगावत रहें।</p>
<p><strong>गालिबाफ कय आंखिन मां देखि आंसू</strong></p>
<p>शुक्रवार कय ईरान कय बड़ अधिकारी दुख जतइने। संसद कय स्पीकर अउर अमेरिका कय साथे बातचीत मां ईरान कय मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी गालिबाफ कय आंखिन मां साफ आंसू देखि गए। श्रद्धांजलि देवे वाले ईरान कय बड़ अधिकारीन मां अहमद वाहिदी भी शामिल रहें। उंका ईरान कय रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कय प्रमुख तब बनावा गवा रहा, जब उनकर पुरान अधिकारी कय मउत उहे हमला मां होइ गय रहा जवने मां खामेनेई मारे गए रहें। खामेनेई कय शव सोमवार तक तेहरान मां राखि जाइ। शहर मां एक जुलूस निकलि। मंगलवार कय इका धार्मिक केंद्र कोम लइ जाइ अउर फिर बुधवार कय पड़ोसी देश इराक कय पवित्र शहरन मां लइ जाइ अउर अंत मां गुरुवार कय उत्तर-पूर्वी ईरान मां खामेनेई कय गृह नगर मशहद मां उनका दफन कीन जाइ।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शारजाह मां एतिहाद रेल प्रोजेक्ट कै काम बहुत तेज अहै</title>
		<link>https://rahasyalok.com/sharjah-mein-etihad-rail-project-ka-kaam-tez/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 17:04:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शारजाह मां एतिहाद रेलवे स्टेशन के लगे एक्सेस रोड बनावै कै काम बहुत तेजी से चल रहा अहै। एह निर्माण कार्य कै चलते शारजाह कै सबसे व्यस्त पढ़ाई-लिखाई वाले इलाकन मां से एक मां ट्रैफिक डायवर्जन (रास्ता बदलै) कै ऐलान भवा अहै। शारजाह सड़क एवं परिवहन प्राधिकरण (SRTA) कै मुताबिक, यूनिवर्सिटी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>संयुक्त अरब अमीरात (UAE) <strong>शारजाह मां एतिहाद रेलवे स्टेशन</strong> के लगे एक्सेस रोड बनावै कै काम बहुत तेजी से चल रहा अहै। एह निर्माण कार्य कै चलते शारजाह कै सबसे व्यस्त पढ़ाई-लिखाई वाले इलाकन मां से एक मां ट्रैफिक डायवर्जन (रास्ता बदलै) कै ऐलान भवा अहै।</p>
<p>शारजाह सड़क एवं परिवहन प्राधिकरण (SRTA) कै मुताबिक, <strong>यूनिवर्सिटी सिटी और इंस्टीट्यूट्स लैंड (अर्द अल माहिद)</strong> कै बीच कै सड़कन पर एह निर्माण कार्य कै असर परई। यह अस्थाई बदलाव अगस्त 2026 तक लागू रहै कै उम्मीद अहै। अधिकारियन ट्रैफिक जाम से बचै खातिर बिहान और संझा कै बखत दूसरा रास्ता (वैकल्पिक मार्ग) इस्तेमाल करै कै सलाह दीन अहै।</p>
<p>असल मां, यह अस्थाई बदलाव उन रास्ता कै बनावै खातिर कीन गा अहै, जउन एह इलाका का संयुक्त अरब अमीरात कै बढ़ते राष्ट्रीय यात्री रेलवे नेटवर्क से जोड़िहीं। बताइ दीं कि शारजाह मां यह रूट परिवर्तन अइसने बखत मां भवा अहै, जब एतिहाद रेल देश भर मां यात्री सेवा शुरू करै से पहिले आपन ढांचा बढ़ाई रही अहै।</p>
<p>अधिकारियन गाड़ी चलावै वालन से कहिन अहै कि जउन नया ट्रैफिक संकेत लगावा गा अहैं, ओकर पालन करैं, बताए गए रास्ता कै इस्तेमाल करैं और यात्रा खातिर थोड़ा एक्स्ट्रा बखत लेके चलें। खास करिके बिहान और संझा कै बखत जब यूनिवर्सिटी सिटी कॉरिडोर मां लरिकन, यूनिवर्सिटी कै कर्मचारी और मुसाफिरन कै भीड़ बहुत रहत अहै।</p>
<p><strong>कौन सी सड़कन प्रभावित भई अहैं?</strong></p>
<p>प्रभावित इलाका यूनिवर्सिटी सिटी और इंस्टिट्यूट्स लैंड (अर्द अल माहिद) कै बीच मां अहै। यह अस्थाई ट्रैफिक व्यवस्था अगस्त तक लागू रहै कै उम्मीद अहै, जेसे इंजीनियर दूसरा रास्ता से ट्रैफिक चलावत आपन काम सुरक्षित ढंग से पूरा कइ सकें। अधिकारियन चालकन से कहिन अहै कि वे अस्थाई सड़क संकेत मानैं, निर्माण इलाका के लगे गाड़ी धीरे चलावैं और ट्रैफिक टीम कै साथ सहयोग करैं। ताकि भीड़ कम होइ और सड़क पर चलै वालन और काम करै वालन कै सुरक्षा बनी रहै।</p>
<p>नीचे शारजाह और UAE मां चलत निर्माण कार्य और एतिहाद रेल परियोजना से जुड़ी मुख्य बात बताई गई अहै:</p>
<p><strong>शारजाह मां निर्माण कार्य मां बढ़त</strong></p>
<p>शारजाह मां अभी जउन निर्माण कार्य चलत अहै, ऊ मुख्य रूप से एतिहाद रेल कार्यक्रम कै हिस्सा अहै, जउन UAE कै सबसे बड़हन परिवहन योजना मां से एक अहै। शारजाह दुबई और उत्तरी अमीरात कै बीच अहै, एहसे ऊ एह रेल नेटवर्क मां बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभावत अहै। इसके अलावा यह बुनियादी ढांचा शारजाह का दुबई, अजमान, उम अल कुवैन, रस अल खैमाह और फुजैराह से सीधे जोड़ि देई। एकर मुख्य मकसद शारजाह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अलग-अलग लॉजिस्टिक्स सेंटर और फैक्ट्री वाले इलाकन तक पहुँच आसान करै अहै। एकर काम पूरा होय से अपनी गाड़ी पर निर्भरता कम होइ और मेन सड़कन पर जाम से राहत मिलि।</p>
<p><strong>एतिहाद रेल सेवा और ओकर फायदा</strong></p>
<p>बताइ दीं कि 2009 मां शुरू भवा यह राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क 900 किलोमीटर से ज्यादा लंबा अहै और ऊ सातों अमीरातन का जोड़ै खातिर बनावा गा अहै। एकर सबसे बड़ खासियत यह अहै कि एतिहाद रेल कै यात्री ट्रेन 200 किमी/घंटा कै रफ्तार से चलि सकत अहैं और संयुक्त अरब अमीरात कै 11 शहरन और इलाकन का जोड़त अहैं। एकर शुरुआती यात्री सेवा (जउन 2026 मां शुरू भई) मुख्य रूप से अबू धाबी, दुबई, शारजाह और फुजैराह कै बीच चलत अहै, जेसे सड़क कै मुकाबले यात्रा मां बहुत कम बखत लागत अहै। सामान ढोवै वाली सेवा भी पहिले से चालू अहै।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अमेजन कय जंगलन मा मिलि मकड़ी कय अनोखी प्रजाति</title>
		<link>https://rahasyalok.com/amazon-ke-jungal-ma-mili-makdi-ki-anokhi-prajati/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 17:02:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[इक्वाडोर कय अमेजन रेनफॉरेस्ट मा रिसर्च करत वैज्ञानिकन का रात कय सर्वे कय दौरान एक पत्ती कय नीचे चिपकल एक छोट सा मशरूम देखाई दीहा। पास से देखय पर कुछ बहुत अजीब चीज पता चला। ऊ एक मकड़ी रही जौन अपने आप का परजीवी फंगस (parasitic fungus) जइसन देखावय खतिन इतना नीक भेष बदल रही &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इक्वाडोर कय अमेजन रेनफॉरेस्ट मा रिसर्च करत वैज्ञानिकन का रात कय सर्वे कय दौरान एक पत्ती कय नीचे चिपकल एक छोट सा मशरूम देखाई दीहा। पास से देखय पर कुछ बहुत अजीब चीज पता चला। ऊ एक मकड़ी रही जौन अपने आप का परजीवी फंगस (parasitic fungus) जइसन देखावय खतिन इतना नीक भेष बदल रही कि अनुभवी वैज्ञानिक भी धोखा खाय गय। नवा पहिचानल गय इ प्रजाति कय नाम <strong>टैक्जानोव्स्किया वास्का (Taczanowskia waska)</strong> अहै। इ अइसन पहिली मकड़ी अहै जौन मकड़ियन का संक्रमित करय वाले फंगस कय नकल करत अहै। इ खोज लाइबनिज इंस्टीट्यूट फॉर द एनालिसिस ऑफ बायोडायवर्सिटी चेंज (LIB) कय वैज्ञानिकन समेत रिसर्चरन कय एक इंटरनेशनल टीम करिन अहै अउर इका जूटैक्सा (Zootaxa) जर्नल मा पब्लिश कीन गा अहै।</p>
<p><strong>इक्वाडोर कय अमेजन मा खोजी गई इ मकड़ी:</strong> इ मकड़ी इक्वाडोर कय अमेजन मा लंगनेट्स-संगाय कॉरिडोर (Llanganates-Sangay Corridor) मा खोजी गई रही। इ इलाका धरती पर सबसे ज्यादा बायोडायवर्सिटी (जैव विविधता) वाली जगहन मा एक मानल जात अहै। रात मा फील्ड मा रिसर्च करत वैज्ञानिकन का पहिले लाग कि ऊ पत्ती कय नीचे उगय वाला मशरूम देखत अहैं, बाकिर बाद मा ओनका पता चला कि ऊ एक जिंदा मकड़ी अहै। गलत पहचान ही इ बात कय सबसे बड़ा सबूत बनि गा कि इ प्रजाति बहुत असरदार भेष बदलै कय क्षमता विकसित कइ ले अहै।</p>
<p><strong>एक मकड़ी जौन परजीवी फंगस जइसन दिखत अहै:</strong> ज्यादातर मकड़ियां पेड़ कय छाल, पत्तियन या फूलन मा घुल-मिल जात हैं बाकिर टैजानोव्स्किया वास्का कय विकास अइसन भवा अहै कि इ गिबेलुला (Gibellula) जीनस वाले फंगस कय फ्रूटिंग बॉडी (फंगस कय ऊ हिस्सा जौन बीजाणु बनावत अहै) जइसन दिखत अहै। इ फंगस इखतिन मशहूर अहैं काहे से इ मकड़ियन का संक्रमित कय ओका मारि कय ओकर ऊपर उगै लागथिन। इनमा बहुत ज्यादा समानता दिखत अहै। मकड़ी कय रंग हल्का होत अहै अउर ओकर पेट से लमी-लमी संरचनाएं निकरी होत हैं, जइसे इ लागथ अहै कि फंगस उग रहल अहै। मकड़ी कय व्यवहार भी इ भ्रम का अउर पक्का करत अहै। शिकार कय तलाश मा इधर-उधर घूमे कय बजाय ऊ पत्तियन कय नीचे एकदम शांत बैठी रहत अहै। ठीक उहे जगह पर जहं रेनफॉरेस्ट मा अक्सर गिबेलुला फंगस पावा जात हैं। रिसर्चर कय कहब अहै कि दिखावट अउर व्यवहार कय इ मेल मिमिक्री (नकल करय) कय एक बहुत ही खास तरीका कय ओर इशारा करत अहै, जौन मकड़ियन मा पहिले कभऊं नाहीं देखा गय रहा। इ भेष मकड़ी का शिकारिन से बचय मा मदद कर सकत अहै काहे से इ ओका अइसन चीज जइसन देखावत अहै जौन शिकारिन का नजर नाहीं अइहै। साथ ही, नजर मा न आवय से ऊ बेखबर शिकार पर ज्यादा असरदार तरीके से अचानक हमला कर सकत अहै।</p>
<p><strong>विज्ञान खतिन नवा बात:</strong> अध्ययन मा टैक्जानोव्स्किया वास्का मकड़ी का अपने ही समूह का संक्रमित करय वाले परजीवी कवक कय नकल करय वाली पहिली दर्ज मकड़ी कय रूप मा बतावा गा अहै। इ खोज केवल एक नई प्रजाति कय वर्णन से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण अहै। इ वैज्ञानिकन का इ बात कय नवा प्रमाण भी देत अहै कि प्रकृति मा नकल कइसे विकसित होय सकत अहै अउर अइसन अनुकूलन विभिन्न पारिस्थितिक भूमिकाएं कइसे निभा सकत हैं। रिसर्चरन कय कहब अहै कि इ खोज मकड़ियन मा जीवित रहय कय रणनीतियन कय समझ का अउर विस्तार देत अहै अउर इ बारे मा नवा सवाल उठावत अहै कि वर्षावन कय अन्य प्रजातियन मा नकल कय समान रूप कइसे विकसित भये होइहें, जौन अभी तक अध्ययन नाहीं कीन गा अहै। इ मकड़ी टैक्जानोव्स्किया वंश से संबंधित अहै, जौन दुर्लभ अउर कम समझी जाय वाली प्रजाति मानल जात अहै। इ वंश कय सदस्य जंगल मा बहुत कम पावा जात हैं, जइसे ओनकर पारिस्थितिकी अउर व्यवहार कय बहुत हिस्सा अनजान अहै।</p>
<p><strong>आम लोगन कय मदद से भई नवा खोज:</strong> इ खोज कभऊं कउनो लैब मा या कउनो नवा प्रजाति कय योजनाबद्ध खोज कय दौरान नाहीं शुरू भई रही। बाकिर, एकर शुरुआत iNaturalist नाम कय सिटिजन साइंस प्लेटफॉर्म पर अपलोड कीन गई एक जानकारी से भई। जौन देखय वालन का मशरूम लाग, ओका प्लेटफॉर्म पर यूजरन कय ध्यान खींचा। ई लोग पहचानिन कि ऊ अजीब चीज असल मा एक मकड़ी होय सकत अहै। ऊ ऑनलाइन ऑब्जर्वेशन साइंटिस्टन का अउर जांच करय खतिन प्रेरित करिन, जइसे आखिर मा एक अइसन स्पीशीज कय फॉर्मल पहचान भई जौन बारे मा पहिले कभऊं बतावा नाहीं गा रहा। रिसर्चरन कय कहब अहै कि इ केस देखात अहै कि कइसे आम लोग बायोडायवर्सिटी रिसर्च मा अहम रोल निभाय सकत हैं, खासकर दूर-दराज कय इलाकन मा जहं कई स्पीशीज कय बारे मा अभी तक कउनो डॉक्यूमेंट नाहीं अहै।</p>
<p><strong>फंगस कय नकल करब इतना अनोखा काहे अहै?:</strong> प्रकृति मा नकल (मिमिक्री) आम बात अहै, बाकिर इ मामला इखतिन खास अहै काहे से मकड़ी कउनो पौधा, पत्ती या बेजान चीज कय नकल नाहीं करत अहै। इ एक अइसन पैरासिटिक फंगस कय नकल करत अहै जौन दूसरी मकड़ियन का संक्रमित करत अहै। इ फंगस गिबेलुला जीनस कय अहै। इ फंगस संक्रमण कय बाद मकड़ियन पर उगथ अहै अउर आखिर मा हल्के रंग कय, डंठल जइसन संरचनाएं बनावत अहै जौन होस्ट (जौन मकड़ी पर इ उगथ अहै) कय शरीर से बाहर निकरत हैं। फंगस कय इ संरचनाएं अक्सर नमी वाले रेनफॉरेस्ट (वर्षावनों) मा पत्तियन कय नीचे कय तरफ जुड़ी हुई पावा जात हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>फीफा वर्ल्ड कप: मेक्सिको कय खिलाफ इंग्लैंड कय मैच खतिार ब्रिटेन सरकार कय फैसला</title>
		<link>https://rahasyalok.com/fifa-world-cup-britain-government-decision-for-england-vs-mexico-match/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 17:00:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[इंग्लैंड कय फुटबॉल फैन अपने लोकल पब मां बैठिकय थ्री लायंस कय हौसला बढ़ाइ सकत अहैं। यूके सरकार पुष्टि करिन अहै कि इंग्लैंड अउर वेल्स मां पब अउर बार सोमवार कय भोर 5 बजे तक खुले रहि सकत अहैं, जइसे फैन मेक्सिको कय खिलाफ होइ वाला फीफा वर्ल्ड कप कय लास्ट-16 मैच देखि सकैं। ई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इंग्लैंड कय फुटबॉल फैन<strong> अपने लोकल पब मां बैठिकय थ्री लायंस कय हौसला बढ़ाइ सकत अहैं।</strong> यूके सरकार पुष्टि करिन अहै कि इंग्लैंड अउर वेल्स मां पब अउर बार सोमवार कय भोर 5 बजे तक खुले रहि सकत अहैं, जइसे फैन मेक्सिको कय खिलाफ होइ वाला फीफा वर्ल्ड कप कय लास्ट-16 मैच देखि सकैं। ई स्पेशल लाइसेंसिंग छूट इंग्लैंड कय नॉकआउट मैच से पहिले दीन्ह गइ अहै, जवन मेक्सिको सिटी मां होइ अउर यूके कय समय कय अनुसार सोमवार कय भोर 1 बजे शुरू होइ। आम लाइसेंसिंग नियम कय तहत, कई जगह कय मैच खतम होय से पहिले ही बंद करय का परत रहा, जवन खतिार अलग-अलग पब का पहिले से ही टेम्पररी लाइसेंस खतिार अर्जी देवय का परत रहा।</p>
<p><strong>सरकार कानून मां दियिन ढील:</strong> एकर जगह, सरकार इमरजेंसी ताकत कय इस्तेमाल करिकय शराब लाइसेंसिंग कानून मां कुछ समय खतिार ढील दइ दिहिन अहै, जेसे सपोर्टर्स बिना कवनो रुकावट कय पूरा मैच एक साथ देखि सकैं। फुटबॉल फैन, पब मालिक अउर हॉस्पिटैलिटी ग्रुप्स ई फैसला कय स्वागत करिन अहैं। उनका कहब अहै कि ई कदम से न सिर्फ सपोर्टर्स खतिार नीक माहौल बनइ, बल्कि उ बिजनेस का भी बहुत फायदा होइ जवन टूर्नामेंट कय सबसे व्यस्त रातिन मां से एक कय उम्मीद करत अहैं।</p>
<p>आमतौर पर जवन पब अपने लाइसेंस वाले समय से जियादा देर तक खुलल रहय चाहत अहैं, उनका कम से कम पांच वर्किंग डे पहिले अपने लोकल काउंसिल का टेम्परेरी इवेंट नोटिस (TEN) देवय का परत अहै। सरकार लाइसेंसिंग एक्ट कय तहत मिलल ताकत कय इस्तेमाल करिन अहै। ई ताकत मंत्री लोगन का अइसन मौका पर खुलय कय समय बढ़ावय कय इजाजत देत अहैं जवन बहुत खास अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय या स्थानीय महत्व कय मानल जात अहैं।</p>
<p><strong>मंजूर लाइसेंसिंग से जियादा देर तक चलइ मैच:</strong> इंग्लैंड कय पिछला वर्ल्ड कप मैच खतिार भी अइसने छूट दीन्ह गइ रही, लेकिन सोमवार कय मैच एक अनोखी चुनौती सामने रखिन काहे से कि राति 1 बजे मैच शुरू होय कय मतलब रहा कि खेल पहिले से मंजूर लाइसेंसिंग समय से कहीं जियादा देर तक चलइ। ई फैसला कय घोषणा करत भये प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर कहिन कि, फुटबॉल भले ही घर लौटत होय, लेकिन हम ई पक्का करत अही कि फैन का घर न लौटय का पड़इ।</p>
<p>उ कहिन कि मैच कय आखिरी सीटी बजय तक पब खुलल राखय कय इजाजत देवब फैन अउर उ पब दुनौ खतिार नीक खबर अहै जवन बड़े स्पोर्ट्स इवेंट कय दौरान समुदाय का एक साथ लावय मां अहम भूमिका निभावत अहैं।</p>
<p><strong>का रहा पिछला मैच कय नतीजा:</strong> इंग्लैंड डीआर कांगो पर 2-1 से रोमांचक जीत कय बाद वर्ल्ड कप कय राउंड ऑफ 16 मां अपनी जगह पक्की करिन। कप्तान हैरी केन क्वालिफिकेशन पक्का करय खतिार देर से भवा दुइ गोल मां से एक गोल करिन। एकर इनाम मेक्सिको सिटी कय एज्टेका स्टेडियम मां मेक्सिको कय साथ नॉकआउट मैच अहै, जवन दुनिया कय सबसे मशहूर फुटबॉल स्टेडियम मां से एक अहै। मेक्सिको अउर यूके कय बीच समय कय अंतर कय कारन मैच राति 1 बजे शुरू होइ अउर उम्मीद अहै कि राति 3 बजे कय कुछ देर बाद खतम होइ। एक्स्ट्रा टाइम अउर पेनल्टी कय कारन खेल भोर तक खिंचि सकत अहै।</p>
<p><strong>ट्रांसपोर्ट बनी चुनौती:</strong> हालाँकि, ट्रांसपोर्ट एक चुनौती बनल रहि सकत अहै। ट्रांसपोर्ट फॉर लंदन (TfL) पुष्टि करिन अहै कि मौजूदा सर्विस कय अलावा राति भर चलय वाली कवनो स्पेशल ट्यूब सर्विस न होइ, जेकर मतलब अहै कि कई सपोर्टर्स का घर लौटय खतिार अपनी यात्रा कय योजना सावधानी से बनावय का पड़इ। अधिकारी फैन से ई भी अपील करिन अहैं कि उ शराब पीकय गाड़ी न चलाय अउर जहवां भी सुविधा होय टैक्सी, डेजिग्नेटेड ड्राइवर या पब्लिक ट्रांसपोर्ट कय इस्तेमाल करैं। ई अस्थायी लाइसेंसिंग ऑर्डर सिर्फ इंग्लैंड अउर वेल्स पर लागू होत अहै अउर ई उ राति खतिार मान्य अहै जब इंग्लैंड कय मैच मेक्सिको कय साथ होइ।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ईरान के साथ शांति समझौता पर रिपब्लिकन पार्टी मा दरार, ट्रंप समर्थकों ने भी खोलिन मोर्चा</title>
		<link>https://rahasyalok.com/rift-in-republican-party-over-iran-peace-deal-trump-supporters-rebel/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 07:06:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ईरान कय साथ भवा समझौता कय आलोचकन द्वारा कमजोर अउर आत्मसमर्पण बताय जाय के बाद चारों ओर से घिरे राष्ट्रपति ट्रंप शुक्रवार कय इन दावन कय पूरी तरह से खारिज कर दिहिन। ऊ ई बात से साफ इनकार कर दिहिन कि ऊ तेहरान के सामने झुक गए हैं या ओका भारी वित्तीय राहत देय जा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ईरान कय साथ भवा समझौता कय आलोचकन द्वारा कमजोर अउर आत्मसमर्पण बताय जाय के बाद चारों ओर से घिरे राष्ट्रपति ट्रंप शुक्रवार कय इन दावन कय पूरी तरह से खारिज कर दिहिन। ऊ ई बात से साफ इनकार कर दिहिन कि ऊ तेहरान के सामने झुक गए हैं या ओका भारी वित्तीय राहत देय जा रहे हैं। ट्रंप आक्रामक रुख अपनावत कहिन, &#8220;हम कउनो बेबसी मा नाहीं मिल रहे रहे, बल्किन ईरान हताश रहा। ऊ पूरी तरह खतम होइ चुका अहै! हम 60 दिनन कय ई अवधि कय देखब। ओका कउनो पइसा नाहीं मिल रहा, 10 सेंट भी नाहीं!&#8221; जी-7 शिखर सम्मेलन मा भाग लेय के बाद वर्साय मा ट्रंप द्वारा दूर से हस्ताक्षर कय गय ई शुरुआती समझौता कय मकसद एक व्यापक शांति कय ओर 60 दिनन कय तेज गति से काम शुरू करब रहा। एकर उल्टा, ई कदम देश के भीतर एक बड़ राजनीतिक तूफान खड़ा कय दिहिन अहै।</p>
<p><strong>रिपब्लिकन खेमे मा दरार</strong></p>
<p>रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी उन नेताइन मा शामिल हैं जउन अपनी पार्टी कय रुख से अलग हटके ई समझौता कय तीखी आलोचना करिन अहै। ऊ एकर दशकन कय सबसे खराब विदेश नीति कय भूल बताय अहैं। दूसरी ओर, लेट-नाइट कॉमेडियन्स अउर सोशल मीडिया ट्रोल्स खतिन ई एक बड़ मुद्दा बन गवा अहै, जउन ई समझौता कय तुलना युद्ध जीतय अउर ओकर रसीद खोय से कय रहे हैं। हालांकि ई उपहास कय बड़ हिस्सा राजनीतिक अहै, लेकिन व्हाइट हाउस खतिन सबसे गंभीर समस्या ई अहै कि अब आलोचना सिर्फ डेमोक्रेट्स तक नाहीं सीमित रहि गई अहै।</p>
<p>ट्रंप खुद भी अइसन बयान देके अपनी मुश्किलीन बढ़ा लिहे हैं जउन अमेरिका के इजरायल-समर्थक गुटन कय हैरान कय दिहिन अहै। ऊ ईरान कय कुछ बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता राखय के अधिकार कय समर्थन करिन अउर ईरान के संवर्धित यूरेनियम के भंडार के महत्व कय कम कर के आकय। अमेरिकी राष्ट्रपति अब अप्रत्यक्ष रूप से ईरान के नागरिक परमाणु कार्यक्रम के अधिकार कय भी स्वीकार करत हैं, जउन उनके पुरान वादा से बिल्कुल उल्टा अहै जिसमें ऊ कहिन रहे कि अमेरिका यूरेनियम के कउनो संवर्धन कय अनुमति नाहीं देई। हालांकि, ऊ अब भी ई बात पर अड़े हैं कि ईरान कय कबो परमाणु हथियार बनावय कय अनुमति नाहीं दी जाय।</p>
<p><strong>ओबामा बनाम ट्रंप नीति पर विशेषज्ञन कय घेरा</strong></p>
<p>हालांकि, ट्रंप प्रशासन कय दावा अहै कि ई समझौता एक मास्टरस्ट्रोक अहै अउर बराक ओबामा के 2015 के जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) से कहीं बेहतर अहै, लेकिन नीति विशेषज्ञ ई दावा कय चुनौती देत हैं। विशेषज्ञन कय कहना अहै कि जहां ओबामा कय समझौता कई सौ पन्ना कय एक बेहद विस्तृत अउर तकनीकी दस्तावेज रहा, वहीं ट्रंप कय ई महज डेढ़ पन्ना कय अधूरा मसौदा केवल एक हाथ मिलाय के बदले तेहरान कय सब कुछ सौंप देत अहै। ई स्थिति के कारण अब कैपिटल हिल के सांसद खुलकर बगावत पर उतर आय हैं, जिनमें कई अइसन रिपब्लिकन वफादार भी शामिल हैं जउन आमतौर पर ट्रंप के बातन कय पत्थर कय लकीर मानत हैं।</p>
<p><strong>पाकिस्तान कय पछाड़ कतर बनय नया बिचौलिया</strong></p>
<p>एकरे बीच, वेंस कय स्विट्जरलैंड यात्रा स्थगित होय से मध्यस्थता करय वाले देशिन कय क्षेत्रीय समीकरण पूरी तरह बदल गवा अहै। पाकिस्तान, जउन खुद कय मुख्य राजनयिक मध्यस्थ के रूप मा स्थापित कय रहा अउर अप्रैल मा आमने-सामने के बातन कय गर्व से मेजबानी कय रहा, अचानक खुद कय ई रेस से बाहर पावत अहै। इस्लामाबाद के अधिकारी ई उम्मीद मा रहे कि ऊ अमेरिका अउर ईरान के बीच ई ऐतिहासिक समझौता कय अमली जामा पहिनावय के एक बड़ अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक जीत हासिल करहीं। लेकिन कतर के अचानक एक अमीर अउर पसंदीदा मध्यस्थ के रूप मा उबरय से पाकिस्तान कय स्थिति बेहद असहज होइ गई अहै। ऊ अब उस बरात कय पाहुन जइसन दिखत अहै जेका ऐन वक्त पर पता चलय कि शादी कय वेन्यू ही बदल गवा अहै।</p>
<p><strong>मागा गठबंधन मा फूट</strong></p>
<p>ई समझौता कय असली नुकसान मागा गठबंधन कय आंतरिक शांति कय भवा अहै। एक तीखी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वेंस कूटनीतिक शालीनता कय छोड़ सीधा यरुशलम पर हमला बोलिन। ऊ इजरायली अधिकारीन कय दोटूक शब्दन मा कहिन कि ऊ जागें अउर जमीनी हकीकत कय समझें। एकरे साथ ही ऊ इजरायली कैबिनेट कय याद दिहिन कि उनके दो-तिहाई रक्षा हथियारन कय खर्च अमेरिकी टैक्सपेयर्स उठावत हैं। वेंस गुस्सा मा कहिन कि अगर मैं इजरायल सरकार कय कैबिनेट मा होत, तौ मैं पूरी दुनिया मा बचय अपने इकलौते शक्तिशाली सहयोगी पर अइसन हमला नाहीं करत होत। ई सार्वजनिक टकराव मागा व्हाइट हाउस अउर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच संबंधन मा आई अचानक गिरावट कय उजागर करत अहै। देश मा आगामी चुनावन कय सामना करत इजरायली पीएम दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना कय हटाय से साफ इनकार कर दिहिन हैं, जउन एक तरह से ट्रंप के युद्धविराम के प्रस्ताव कय खारिज करब अहै। ई अभूतपूर्व दरार अमेरिका-इजरायल संबंधन कय एक बेहद संवेदनशील अउर तनावपूर्ण मोड़ पर खड़ा कय दिहिन अहै।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ईरान के साथ शांति समझौता पर रिपब्लिकन पार्टी मां दरार, ट्रंप समर्थकन भी खोलिन मोर्चा</title>
		<link>https://rahasyalok.com/rift-in-republican-party-over-peace-deal-with-iran-trump-supporters-protest/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:38:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ईरान कय साथ भवा समझौता का जब आलोचकन कमजोर अउर आत्मसमर्पण बताइन, तौ चौतर्फी घिरे राष्ट्रपति ट्रंप शुक्रवार का इन दावां का सिरे से खारिज कर दिहिन। ऊ ई बात से साफ मना कर दिहिन कि ऊ तेहरान के सामने झुक गए हैं या ओका भारी वित्तीय राहत देय जा रहे हैं। ट्रंप आक्रामक रुख &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ईरान कय साथ भवा समझौता का जब आलोचकन कमजोर अउर आत्मसमर्पण बताइन, तौ चौतर्फी घिरे राष्ट्रपति ट्रंप शुक्रवार का इन दावां का सिरे से खारिज कर दिहिन। ऊ ई बात से साफ मना कर दिहिन कि ऊ तेहरान के सामने झुक गए हैं या ओका भारी वित्तीय राहत देय जा रहे हैं। ट्रंप आक्रामक रुख अपनावत कहिन, <strong>“हम कउनो बेबसी मां नहीं मिले रहेन, बल्कि ईरान हताश रहा।</strong> ऊ पूरी तरह खत्म होइ चुका है! हम 60 दिन कय ई अवधि देखब। ओका कउनो पइसा नहीं मिल रहा, 10 सेंट भी नहीं!” जी-7 शिखर सम्मेलन मां भाग लेय के बाद वर्साय मां ट्रंप द्वारा दूर से हस्ताक्षरित ई शुरूआती समझौता कय मकसद एक व्यापक शांति कय दिशा मां 60 दिन कय तेज गति से काम शुरू करब रहा। एकर उल्टा, ई कदम देश के भीतर एक बड़ राजनीतिक तूफान खड़ा कय दिहिन है।</p>
<p><strong>रिपब्लिकन खेमे मां दरार</strong></p>
<p>रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी उन नेताइन मां शामिल हैं जउन अपनी पार्टी कय रुख से अलग हटके ई समझौता कय तीखी आलोचना करिन है। ऊ इसे दशकन कय सबसे खराब विदेश नीति कय भूल बताइन है। दूसरी ओर, लेट-नाइट कॉमेडियन्स अउर सोशल मीडिया ट्रोल्स खतिन ई एक बड़ मुद्दा बन गया है, जउन ई समझौता कय तुलना युद्ध जीतय अउर ओकर रसीद खोय देय से कर रहे हैं। हालांकि ई मजाक कय एक बड़ हिस्सा राजनीतिक है, लेकिन व्हाइट हाउस खतिन सबसे गंभीर समस्या ई अहै कि अब आलोचना सिर्फ डेमोक्रेट्स तक सीमित नहीं रह गई है।</p>
<p>ट्रंप खुद भी अइसन बयान देय के अपनी मुश्किल बढ़ा लीन है जउन अमेरिका कय इजरायल-समर्थक गुटों का हैरान कय दिहिन है। ऊ ईरान कय कुछ बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता रखय कय अधिकार कय समर्थन करिन अउर ईरान कय संवर्धित यूरेनियम कय भंडार कय महत्व का कम कय दिहिन। अमेरिकी राष्ट्रपति अब परोक्ष रूप से ईरान कय नागरिक परमाणु कार्यक्रम कय अधिकार का भी स्वीकार कर रहे हैं, जउन उनके पुराने वादा से बिल्कुल उल्टा है जहवां ऊ कह रहे रहे कि अमेरिका यूरेनियम कय कउनो संवर्धन कय अनुमति नहीं देई। हालांकि, ऊ अब भी ई बात पर अड़े हैं कि ईरान का कबहूँ परमाणु हथियार बनवय कय अनुमति नहीं दी जई।</p>
<p><strong>ओबामा बनाम ट्रंप नीति पर विशेषज्ञन घेरा</strong></p>
<p>हालांकि, ट्रंप प्रशासन कय दावा है कि ई समझौता एक मास्टरस्ट्रोक है अउर बराक ओबामा कय 2015 कय जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) से कहीं बेहतर है, लेकिन नीति विशेषज्ञ ई दावा का चुनौती दे रहे हैं। विशेषज्ञन कय कहना है कि जहां ओबामा कय समझौता कई सौ पन्ना कय एक बहुत विस्तृत अउर तकनीकी दस्तावेज रहा, वहीं ट्रंप कय ई महज डेढ़ पन्ना कय अधूरा मसौदा सिर्फ एक हाथ मिलाय के बदले तेहरान का सब कुछ सौंप देत है। ई स्थिति कय कारन अब कैपिटल हिल कय सांसद खुलकर बगावत पर उतर आए हैं, जवने मां कई अइसन रिपब्लिकन वफादार भी शामिल हैं जउन आमतौर पर ट्रंप कय बातन का पत्थर कय लकीर मानत हैं।</p>
<p><strong>पाकिस्तान का पछाड़ कतर बना नया बिचौलिया</strong></p>
<p>एकरे बीच, वेंस कय स्विट्जरलैंड यात्रा स्थगित होय से मध्यस्थता करय वाले देशन कय क्षेत्रीय समीकरण पूरी तरह बदल गया है। पाकिस्तान, जउन खुद का मुख्य राजनयिक मध्यस्थ के रूप मां स्थापित कर रहा अउर अप्रैल मां आमने-सामने कय बातन कय गर्व से मेजबानी कीन रहा, अचानक खुद का ई रेस से बाहर पा रहा है। इस्लामाबाद कय अधिकारी ई उम्मीद मां रहे कि ऊ अमेरिका अउर ईरान के बीच ई ऐतिहासिक समझौता का पूरा करय कय एक बड़ अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक जीत हासिल करय्याहें। लेकिन कतर कय अचानक एक अमीर अउर पसंदीदा मध्यस्थ के रूप मां उभरय से पाकिस्तान कय स्थिति बहुत असहज हो गई है। ऊ अब उहय शादी कय मेहमान जइसन दिख रहा है जवने का ऐन वक्त पर पता चला कि शादी कय वेन्यू ही बदल गया है।</p>
<p><strong>मागा गठबंधन मां फूट</strong></p>
<p>ई समझौता कय असली नुकसान मागा (MAGA) गठबंधन कय आंतरिक शांति का भवा है। एक तीखी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वेंस कूटनीतिक शालीनता का छोड़ सीधा यरुशलम पर हमला बोल दिहिन। ऊ इजरायली अधिकारीन का दोटूक शब्द मां कहिन कि ऊ जागें अउर जमीनी हकीकत का समझें। एकरे साथ ऊ इजरायली कैबिनेट का याद दिलाइन कि उनके दो-तिहाई रक्षा हथियारन कय खर्च अमेरिकी टैक्सपेयर्स उठावत हैं। वेंस गुस्सा मां कहिन कि अगर हम इजरायल सरकार कय कैबिनेट मां होत, तौ हम पूरी दुनिया मां बचय अपने इकलौते शक्तिशाली सहयोगी पर इस तरह हमला नहीं कर रहे होत। ई सार्वजनिक टकराव मागा व्हाइट हाउस अउर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच संबंधन मां आई अचानक गिरावट का उजागर करत है। देश मां आगामी चुनावन कय सामना कर रहे इजरायली पीएम दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना का हटाय से साफ मना कय दिहिन है, जउन एक तरह से ट्रंप कय युद्धविराम कय प्रस्ताव का खारिज करब है। ई अभूतपूर्व दरार अमेरिका-इजरायल संबंधन का एक बहुत संवेदनशील अउर तनावपूर्ण मोड़ पर खड़ा कय दिहिन है।</p>
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		<title>ईरान का 300 अरब डॉलर दइहैं अमेरिका, ट्रंप का का मिलि?</title>
		<link>https://rahasyalok.com/iran-ko-300-arab-dollar-dega-america-trump-ko-kya-milega/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:18:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका-ईरान कै बीच शांति समझौता होइ गवा अहै अउर शुक्रवार का स्विट्जरलैंड मां एह पर आधिकारिक मुहर भी लागि जाइ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इ समझौता का लइके कतना बेताब रहे, इकर अंदाजा इ बात से लगावा जाइ सकत अहै कि ऊ ईरान का 300 अरब डॉलर कै पुनर्निर्माण पैकेज दैं खातिर तैयार होइ गए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका-ईरान कै बीच शांति समझौता होइ गवा अहै अउर शुक्रवार का स्विट्जरलैंड मां एह पर आधिकारिक मुहर भी लागि जाइ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इ समझौता का लइके कतना बेताब रहे, इकर अंदाजा इ बात से लगावा जाइ सकत अहै कि ऊ ईरान का 300 अरब डॉलर कै पुनर्निर्माण पैकेज दैं खातिर तैयार होइ गए अहैं। एह समझौता पर दस्तखत होए से पहिले ईरान कै अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी मेहर अमेरिका-ईरान कै बीच 14 सूत्रीय सहमति पत्र कै मसौदा पब्लिश करिन अहै।</p>
<p>समझौता ज्ञापन कै मसौदा मां कई मोर्चन पर सैन्य अभियानन का तुरंत रोके, ईरानी तेल निर्यात पर पाबंदी हटावे, होर्मुज स्ट्रेट का फेर से खोले अउर ईरान खातिर कम से कम 300 अरब डॉलर कै पुनर्निर्माण पैकेज कै प्रावधान शामिल अहै। बताइ दीं कि इ दस्तावेज का वॉशिंगटन या तेहरान आधिकारिक तौर पर जारी नाहीं करिन अहैं, बाकिर उम्मीद अहै कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अउर ईरानी अधिकारियन द्वारा घोषित शुरुआती समझौता कै बाद इ एक व्यापक शांति प्रक्रिया कै आधार बनी। एह मेमोरेंडम पर 19 जून का स्विट्जरलैंड मां औपचारिक रूप से दस्तखत कीन जाइ।</p>
<p><strong>महीनन कै बातचीत के बाद समझौता का अंतिम रूप</strong></p>
<p>सामने आई जानकारी से पता चलत अहै कि इ समझौता दुश्मनी खतम करे अउर बातचीत कै दूसर दौर खातिर माहौल बनावे पर केंद्रित अहै। एह दूसर दौर मां ईरान कै परमाणु कार्यक्रम, पाबंदियन अउर आर्थिक सुधार जइसन मुद्दन पर चर्चा होइ। ईरान कै सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद पुष्टि करिन अहै कि महीनन कै बातचीत के बाद एक समझौता ज्ञापन (MoU) का अंतिम रूप दीन्ह गवा अहै। परिषद इका इस्लामाबाद वार्ता कै नाम दिहिन अहै, जवन मध्यस्थता कै कोशिशन मां पाकिस्तान कै भूमिका का दिखावत अहै।</p>
<p>काउंसिल एक बयान मां कहिन, &#8220;ईरान अपने शहीद नेता कै अगुवाई मां अमेरिकी जायोनी दुश्मन पर अपनी बढ़त साबित कइ दिहिन अहै।&#8221; इस्लामिक रिपब्लिक कै सुप्रीम लीडर कै निर्देश, सब लोगन कै समर्थन अउर इस्लाम कै योद्धावन कै अथक कोशिशन के साथ-साथ कई महीनन तक चली मुश्किल अउर गहन बातचीत के बाद अउर सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल कै फैसला कै आधार पर ईरान अउर अमेरिका के बीच युद्ध खतम करे कै बातचीत (इस्लामाबाद बातचीत) पर मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग कै मसौदा 14 जून कै संझवा अंतिम रूप दीन्ह गवा अहै।</p>
<p>बयान मां आगे कहा गवा, &#8220;भवा समझौतन कै आधार पर लेबनान समेत सब मोर्चन पर युद्ध अउर सैन्य अभियान आज रात से ही तुरंत अउर हमेशा खातिर खतम होइ जाइ अउर एहके अलावा ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी भी तुरंत अउर पूरी तरह से खतम कइ दीन्ह जाइ।&#8221; एह मां आगे कहा गवा, इ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर आधिकारिक तौर पर शुक्रवार, 19 जून का दस्तखत कीन जाइ। ईरान इहो संकेत दिहिन कि अंतिम समझौता पर बातचीत तभी शुरू होइ जब वॉशिंगटन मेमोरेंडम मां बतावा गए अहम वादन का पूरा कइ लेइ।</p>
<p><strong>14 सूत्रीय शांति समझौता का समझीं</strong></p>
<p>मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, मेमोरेंडम कै ड्राफ्ट मां कई प्रावधान शामिल कइ गए अहैं:</p>
<p>• लेबनान समेत सब मोर्चन पर सैन्य कार्रवाई का तुरंत अउर हमेशा खातिर खतम कइ देब।<br />
• ईरान कै अंदरूनी मामलन मां दखल न देब अउर ईरान कै संप्रभुता कै सम्मान करे कै अमेरिका कै वादा।<br />
• 30 दिन के भीतर नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह खतम करेब।<br />
• ईरान के आस-पास कै इलाकन से अमेरिकी सेना का हटावेब।<br />
• 30 दिन के भीतर ईरान कै व्यवस्था के तहत होर्मुज स्ट्रेट का फेर से खोलेब।<br />
• ईरान कै तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पाद अउर उनसे जुड़ल एक्सपोर्ट पर लगी पाबंदियन का रोकेब।<br />
• एनर्जी एक्सपोर्ट से होए वाली कमाई तक ईरान कै पूरी पहुँच।<br />
• ईरान खातिर कम से कम 300 अरब डॉलर कै पुनर्निर्माण प्लान पेश करे कै अमेरिका अउर ओकर सहयोगियन कै वादा।<br />
• परमाणु मुद्दन अउर पाबंदियन मां बड़ी राहत पर अंतिम समझौता तक पहुँचे खातिर 60 दिन कै बातचीत कै समय।<br />
• परमाणु हथियार न बनावे खातिर परमाणु अप्रसार संधि (Nuclear Non-Proliferation Treaty) के तहत ईरान कै फेर से वादा।<br />
• एह इलाका मां सैन्य तैनाती न बढ़ावे अउर बातचीत के दौरान नई पाबंदियन न लगावे कै अमेरिका कै वादा।<br />
• बातचीत के दौरान ईरान कै फ्रीज कीन गई 24 अरब डॉलर कै संपत्ति का जारी करेब, जवने मां से आधी रकम बातचीत शुरू होए से पहिले जारी कीन जाइ।<br />
• समझौता कै लागू होए कै निगरानी खातिर एक निगरानी तंत्र बनावेब।<br />
• संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद कै प्रस्ताव के जरिए अंतिम समझौता का मंजूरी देब।</p>
<p>न्यूज एजेंसी मेहर इहो बताइन कि अंतिम बातचीत तब तक शुरू नाहीं होइ जब तक तीन शर्तें पूरी नाहीं होइ जइहें। पहिली ईरान कै फ्रीज कीन गए फंड कै आधा हिस्सा जारी करेब, दूसरी ईरानी तेल निर्यात पर पाबंदियन का रोकेब अउर तीसरी नौसैनिक नाकेबंदी हटावेब।</p>
<p><strong>न्यूक्लियर प्रोग्राम कै मसला अभी भी अनसुलझा</strong></p>
<p>ट्रंप कै इ एलान के बाद भी कि ईरान के साथ डील अब पूरी होइ चुकी अहै, सामने आए मेमोरेंडम से अइसन लागत अहै कि न्यूक्लियर से जुड़ल सबसे विवादित मुद्दे अभी भी अनसुलझे अहैं। खबरन के मुताबिक, इ दस्तावेज मां ईरान कै परमाणु हथियार न बनावे कै वादा का दोहरावा गवा अहै, बाकिर एहमां यूरेनियम संवर्धन (enrichment) कै सीमा, परमाणु सुविधावन का खतम करे या मौजूद दायित्वन से परे अतिरिक्त निरीक्षण तंत्र के बारे मां कउनो स्पष्ट जानकारी नाहीं दीन्ह गई अहै। एहके बजाय उम्मीद अहै कि मेमोरेंडम कै लागू होए कै बाद एक अलग 60-दिन कै प्रक्रिया के दौरान इन मुद्दन पर बातचीत होइ।</p>
<p>खबरन के अनुसार, इ ड्राफ्ट मां भविष्य कै बातचीत कै दायरा भी सीमित कइ गवा अहै। ईरान के मुताबिक, चर्चा खाली संवर्धित परमाणु सामग्री, संवर्धन गतिविधियन, पाबंदियन मां ढील अउर आर्थिक पुनर्निर्माण तक सीमित रही। खबरन के अनुसार, ईरान कै मिसाइल कार्यक्रम अउर क्षेत्रीय सशस्त्र समूहण का ओकर समर्थन का एजेंडा से बाहर रखा गवा अहै।</p>
<p><strong>आखिरी बातचीत से पहिले ईरान कइ दिहिन शर्तें</strong></p>
<p>ईरान कै डिप्टी विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी पहिले कहिन रहे कि आखिरी समझौता पर बातचीत तभी शुरू होइ जब तेहरान इ पुष्टि कइ लेइ कि वॉशिंगटन मेमोरेंडम के तहत अपने वादे पूरा कइ लिहे अहै। ईरानी सरकारी मीडिया इहो बताइन कि फ्रीज कीन गए एसेट्स का रिलीज करेब, सेंक्शन मां राहत अउर समुद्री पाबंदियन का हटावेब कउनो भी विस्तृत बातचीत खातिर जरूरी शर्त अहै। हालांकि रिपोर्ट कीन गए मेमोरेंडम मां दुश्मनी खतम करे खातिर एक बड़का फ्रेमवर्क बतावा गवा अहै, बाकिर जरूरी डिटेल्स अभी भी वेरिफाई नाहीं भवा अहै अउर दुइ सरकारन अभी तक पूरा टेक्स्ट ऑफिशियली पब्लिश नाहीं करिन अहैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इजरायल कय लेके बदल गवा ट्रंप कय सुर</title>
		<link>https://rahasyalok.com/trump-ke-sur-badle-israel-ko-lekar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:16:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका अउर ईरान कय बीच ऐतिहासिक शांति समझौता कय एलान कय बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप कय एक बड़ा बयान सामने आवा अहै। ट्रंप दावा करिन है कि इजरायल कय प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लेबनान कय राजधानी बेरूत पर हवाई हमला कय कय इ शांति समझौता कय लगभग पटरी से उतारि दीन रहा, जवने कय नाते &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका अउर ईरान कय बीच ऐतिहासिक शांति समझौता कय एलान कय बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप कय एक बड़ा बयान सामने आवा अहै। <strong>ट्रंप दावा करिन है कि इजरायल कय प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू</strong> लेबनान कय राजधानी बेरूत पर हवाई हमला कय कय इ शांति समझौता कय लगभग पटरी से उतारि दीन रहा, जवने कय नाते वाशिंगटन अउर तेहरान कय बीच इ समझौता होय मा देरी भवा।</p>
<p>द न्यूयॉर्क टाइम्स कय दीन एक फोन इंटरव्यू मा ट्रंप नेतन्याहू कय एक बहुत ही मुश्किल मनई बताइन। ऊ कहिन कि इजरायल कय इ शांति समझौता कय खातिर अमेरिका कय बहुत शुक्रगुजार होय का चाही, काहे से इ डील ईरान कय परमाणु हथियार बनावे से रोक दिहिन अहै। ट्रंप सख्त लहजा मा कहिन कि ईमानदारी से कहूं तव उनका हमार आभारी होय का चाही। काहे से अगर ईरान कय लगे परमाणु हथियार होत, तव इजरायल दू घंटा भी न टिकि पात।</p>
<p><strong>19 जून कय स्विट्जरलैंड मा साइन होई डील</strong></p>
<p>अमेरिका अउर ईरान दूनों साफ करिन है कि लेबनान समेत सब मोर्चन पर सैन्य कार्रवाई कय तुरंत अउर स्थायी रूप से खतम कीन जाई। इ ऐतिहासिक समझौता 19 जून कय स्विट्जरलैंड मा साइन होय वाला अहै। इ डील कय तहत होर्मुज जलडमरूमध्य कय कमर्शियल समुद्री रास्ता कय खोले अउर ईरान कय परमाणु कार्यक्रम कय भविष्य कय लेके नियम तय कीन जाई। ट्रंप इहौ दावा करिन कि इ समझौता कय बाद इ समुद्री व्यापारिक रास्ता हमेशा कय खातिर टोल-फ्री होइ जाई।</p>
<p><strong>इजरायल कय खातिर स्वीकार करब काहे मुश्किल अहै?</strong></p>
<p>बताई दीं कि इ पूरी शांति बातचीत मा इजरायल कय शामिल नाहीं कीन गवा रहा, अउर इजरायल इ समझौता कय खबर पर तुरंत कउनो प्रतिक्रिया भी नाहीं दीन अहै। रिपोर्ट्स कय मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू कय खातिर इ डील कय स्वीकार करब मुश्किल होइ सकत अहै, काहे से उनकर लगे ईरान अउर लेबनान कय हिजबुल्लाह जइसन ओकर समर्थित संगठनन कय साथ जंग जारी राखे कय आपन घरेलू राजनीतिक कारण अहैं।</p>
<p><strong>ट्रंप कय चेतावनी- बात नाहीं मानिन तव वसूलब 20% रेवेन्यू</strong></p>
<p>ट्रंप इंटरव्यू मा चेतावनी भी दीन कि अगर ईरान सरकार तय समय सीमा कय भीतर अंतिम परमाणु समझौता पर राजी नाहीं होत, तव अमेरिकी सेना ईरान पर फेर से हमला शुरू कय देई। इहौ नाहीं, ट्रंप एक अनोखा प्रस्ताव रखत भये कहिन कि अइसन स्थिति मा अमेरिका मिडिल ईस्ट कय रक्षक बनि जाई, लेकिन ओकरे बदले मा पूरा क्षेत्र कय कमाई (रेवेन्यू) कय 20 प्रतिशत हिस्सा लेई। जब ट्रंप से पूछा गवा कि का सऊदी अरब अउर यूएई जइसन अमेरिकी सहयोगी देश अमेरिका कय एक पेड पुलिस फोर्स बनावे कय इ बात पर सहमत अहैं, तव ऊ सीधा जवाब न देत भये बस इतना कहिन कि ऊ अभी इ मुद्दा पर बातचीत शुरूई कीन अहैं। ऊ कहिन कि अइसन सिर्फ तब होई, अगर ईरान दुश्मन बनल रहत अहै।</p>
<p><strong>ईरान कय नवा सुप्रीम लीडर पर बदल गवा ट्रंप कय सुर</strong></p>
<p>इकरे अलावा दिलचस्प बात इ अहै कि ट्रंप ईरान कय मौजूदा नेतृत्व अउर हुवां कय नवा सर्वोच्च नेता आयतल्लाह मोजतबा खमेनेई कय व्यावहारिक बताइन। ट्रंप कय इ रुख युद्ध कय सुरुवाती दिनन से बिल्कुल अलग अहै, जब ऊ ईरानी जनता से अपील कीन रहे कि अमेरिकी अउर इजरायली बमबारी खतम होय कय बाद ऊ सब उठि खड़ा होइ जां अउर आपन सरकार कय तख्तापलट कय दें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूएस-ईरान समझौता के बाद होर्मुज से जल्द निकरिहैं 34 भारतीय जहाज</title>
		<link>https://rahasyalok.com/us-iran-samjhauta-hormuz-34-indian-ships/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:15:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका अउर ईरान के बीच भये समझौते कै असर अब देखाई देय लाग अहै, होर्मुज मां लाग पाबंदी मां थोड़ी नरमी आई अहै। होर्मुज मां फंसा भारत कै 34 जहाज भी जल्द निकरि जइहैं, जेसे देश के करोड़ों उपभोक्तावन कय राहत मिलि। अमेरिका अउर ईरान के बीच अब शांति समझौता होइ गवा अहै। या समझौते &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका अउर ईरान के बीच भये समझौते कै असर अब देखाई देय लाग अहै, होर्मुज मां लाग पाबंदी मां थोड़ी नरमी आई अहै। <strong>होर्मुज मां फंसा भारत कै 34 जहाज</strong> भी जल्द निकरि जइहैं, जेसे देश के करोड़ों उपभोक्तावन कय राहत मिलि। अमेरिका अउर ईरान के बीच अब शांति समझौता होइ गवा अहै। या समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाज अब बिना रोक-टोक आवै-जाइ सकिहैं। इसका असर भी देखाई देय लाग अहै। सच तौ या अहै कि तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) लावत भारतीय टैंकर &#8216;दिशा&#8217; सुरक्षित होर्मुज पार कइ लिहिस अहै। भारत आवत 34 अउर जहाज भी जल्द ही होर्मुज पार कइ लेइहैं, अइसन उम्मीद अहै। ये जहाज पश्चिम एशिया के संकट के चलते होर्मुज मां फंसा रहे।</p>
<p><strong>करोड़ों किसानन अउर उपभोक्तावन कय मिलि राहत</strong></p>
<p>होर्मुज मां फंसा 34 जहाज मां 16 जहाज अइसन अहैं जउन खाद (फर्टिलाइजर) लइके भारत आवत अहैं। इन 16 जहाज मां से 8 पर यूरिया, चार पर डाइ-अमोनियम फॉस्फेट, तीन पर सल्फर अउर एक पर अमोनिया लाद अहै। अगर समझौते के मुताबिक सब कुछ सही रहा अउर होर्मुज खुल गवा तौ जल्द ही भारत के करोड़ों किसानन कय खेती-किसानी खातिर खाद मिलि जइ। हालांकि, हालात कय पूरी तरह सामान्य होय मां अभी कुछ वक्त लागि।</p>
<p><strong>तुरंत पूरी राहत के आसार नहीं</strong></p>
<p>पश्चिम एशिया मां लड़ाई के दौरान ऊर्जा केंद्रन कय निशाना बनावा गवा रहा। पश्चिम एशिया के कइयन अहम रिफाइनरी अउर गैस प्लांट हमला मां बुरी तरह बर्बाद भइ अहैं। जवने के चलते लड़ाई खतम होय के बाद भी आपूर्ति सामान्य होय मां कइ महीना लागि सकत अहै। कतर कै &#8216;रास लफ्फान&#8217; प्लांट हमला मां बहुत खराब होइ गवा अहै अउर वहां से ईंधन आपूर्ति सामान्य होय मां कइयन महीना लागि सकत अहै। भारत कै या गैस प्लांट से एलपीजी आपूर्ति कै कॉन्ट्रैक्ट अहै, अइसने मां हालात सामान्य होय मां अभी वक्त लागि।</p>
<p>भारत अपनी जरूरत कै 88 प्रतिशत कच्चा तेल बाहर से मंगावत अहै। इमां से आधा हिस्सा पश्चिम एशिया से ही आवत अहै। साथ ही भारत कै कुल आयात कै 60 प्रतिशत से ज्यादा एलएनजी भी होर्मुज से होकर आवत अहै। यही कारण अहै कि पश्चिम एशिया संकट के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होय से भारत कय तेल अउर गैस कै आपूर्ति रुक गइ रही। होर्मुज से निकरा &#8216;दिशा&#8217; टैंकर 18 जून तक भारत आ सकत अहै अउर इस पर 62,370 टन एलएनजी लदा अहै।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जी7 शिखर सम्मेलन: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप काहे पकड़िन पीएम मोदी कै हाथ?</title>
		<link>https://rahasyalok.com/g7-shikhar-sammelan-modi-trump-mulaqat-awadhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:13:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[फ्रांस कै एवियन मां जी-7 शिखर सम्मेलन कै दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फैमिली फोटो मां हिस्सा लिन, जहवां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सीढ़ी चढ़त समय उनकर हाथ पकड़ लिहिन। भारत-अमेरिका कै बीच आज द्विपक्षीय बैठक कै संभावना अहै। जी7 शिखर सम्मेलन कै इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अउर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कै बीच आज यानी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>फ्रांस कै एवियन मां जी-7 शिखर सम्मेलन कै दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फैमिली फोटो मां हिस्सा लिन, जहवां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सीढ़ी चढ़त समय उनकर हाथ पकड़ लिहिन। भारत-अमेरिका कै बीच आज द्विपक्षीय बैठक कै संभावना अहै।</p>
<p>जी7 शिखर सम्मेलन कै इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अउर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कै बीच आज यानी 17 जून का द्विपक्षीय बैठक होय कै संभावना अहै। एह द्विपक्षीय बैठक मां पश्चिम एशिया कै स्थिति, होर्मुज जलडमरूमध्य अउर अमेरिका से ऊर्जा आयात जइसन महत्वपूर्ण मुद्दा पर चर्चा होय कै संभावना अहै।</p>
<p>सूत्रन कै अनुसार, भारत अउर अमेरिका दीर्घकालिक ऊर्जा साझेदारी का लेके उत्सुक अहैं अउर दुनौ देसन कै बीच एह क्षेत्र मां सहयोग बढ़ावे पर बातचीत होइ सकत अहै। सूत्रन बताइन कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण मां अहै। बातचीत लगातार आगे बढ़ रही अहै अउर आवत कुछ हफ्ता मां एह समझौता पर काम पूरा होय कै उम्मीद अहै। दुनौ देसन लगभग एक साल तक चली बातचीत के बाद फरवरी मां एक अंतरिम व्यापार समझौता करिन रहा। व्हाइट हाउस भी पुष्टि किहिस अहै कि पीएम मोदी अउर ट्रंप कै बैठक मां प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता का आगे बढ़ावे पर विशेष जोर रही।</p>
<p><strong>आउटरीच सत्र मां प्रधानमंत्री मोदी का कहिन?</strong></p>
<p>एहसे पहिले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन कै दौरान ‘नई साझेदारी बनावे अउर अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का फेर मजबूत करे’ विषय पर आयोजित आउटरीच सत्र मां आपन विचार साझा करिन। उ कहिन, आज कै दुनिया पहिले से कहीं ज्यादा आपस मां जुड़ि अउर एक-दूसरे पर निर्भर होइ गै अहै। अइसन मां एह विषय अउर भी अहम होइ जात अहै। <strong>मगर कउनो साझेदारी तभी सफल होइ सकत अहै, जब ओकर नींव भरोसा पर टिकी होय।</strong></p>
<p>उ कहिन, आपसी भरोसा आज सबसे अहम रणनीतिक संपत्ति अहै। मगर दुख कै बात अहै कि आज दुनिया मां संसाधनन कै कमी नाहीं अहै, बल्कि भरोसा कै कमी अहै अउर हमार साझेदारी कै भविष्य एह भरोसा का फेर बनावे पर निर्भर करत अहै।</p>
<p>प्रधानमंत्री कहिन, भारत मां हम दुनिया का एक परिवार कै रूप मां देखित अहैं। हमार अनुभव बतावत अहै कि विकास तभी सबसे प्रभावी होत अहै, जब उ लोगन कै आकांक्षा से जुड़ल होत अहै। एही सिद्धांत पर हमार अंतरराष्ट्रीय साझेदारी आधारित अहैं, जइसे अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा सहनशील अवसंरचना गठबंधन, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, मिशन लाइफ अउर ‘एक पेड़ मां कै नाम’।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ट्रंप सरकार कै बड़ कदम, ‘इंडो-पैसिफिक कमांड’ कै नाव बदलि दीन गा</title>
		<link>https://rahasyalok.com/trump-sarkar-ka-bada-kadam-indo-pacific-command-ka-naam-badla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:11:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका एक बहुत महत्वपूर्ण कदम उठाइस अहै अउर अपना यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड (USINDOPACOM) कय नाव बदलि कय फेर से यूएस पैसिफिक कमांड (USPACOM) कर दिहे अहै। याहिक साथे 2018 मा लीन्ह गा आठ साल पुरान फैसला भी पलट दीन गा अहै। अमेरिकी रक्षा विभाग मंगरवार का याहिक घोषणा करत भवा बताइस कि या बदलाव कमांड &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका एक बहुत महत्वपूर्ण कदम उठाइस अहै अउर अपना यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड (USINDOPACOM) कय नाव बदलि कय फेर से यूएस पैसिफिक कमांड (USPACOM) कर दिहे अहै। याहिक साथे 2018 मा लीन्ह गा आठ साल पुरान फैसला भी पलट दीन गा अहै। अमेरिकी रक्षा विभाग मंगरवार का याहिक घोषणा करत भवा बताइस कि या बदलाव कमांड कै ऐतिहासिक गौरव अउर विरासत का सम्मान दैय्यै कीन गा अहै।</p>
<p>या कमांड कै स्थापना साल 1947 मा तब के अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन कीन रहें। रक्षा विभाग कै बयान कै अनुसार, 1 जनवरी 1947 का स्थापित या कमांड 70 बरिस से ज्यादा समय तक यूएस पैसिफिक कमांड कै नाव से चलत रही। या अमेरिका कै एकीकृत सैन्य कमांडों मा सबसे पुरानी अउर सबसे बड़ी कमांड अहै। बतावा जाय कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कै पहिला कार्यकाल के दौरान ही साल 2018 मा एकर नाव बदलि कय यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड कर दीन गा रहा।</p>
<p><strong>ऐतिहासिक विरासत कै सम्मान:</strong> पेंटागन अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन कहिस कि पुरान नाव कय बहाली कमांड कै गहरी ऐतिहासिक जड़न का सम्मान दै अहै अउर प्रशांत क्षेत्र मा तैनात सैन्यकर्मी के बीच गर्व अउर सामूहिक भावना का मजबूत करी। बयान मा कहल गा अहै, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करय से लइकय कोरियाई युद्ध, वियतनाम युद्ध अउर ढेर सारे मानवीय अभियान कय समन्वय तक, यूएस पैसिफिक कमांड कै नाव सैन्य विरासत अउर क्षेत्रीय साझेदारी कै प्रतीक रहा अहै।</p>
<p><strong>भारत कै पश्चिमी सीमा तक फैला अहै दायरा:</strong> रक्षा विभाग कै मुताबिक, नाव बदलै के बाद भी कमांड कै अधिकार क्षेत्र मा कउनो बदलाव नाहीं कीन गा अहै। एकर संचालन क्षेत्र अमेरिका कै पश्चिमी तट से लइकय भारत कै पश्चिमी सीमा तक फैला अहै। पेंटागन साफ कीन कि कमांड कै मूल मिशन अउर क्षेत्रीय सहयोगी के साथ मिलकय एक स्वतंत्र अउर खुला क्षेत्र बनाय रखय कै प्रतिबद्धता पहिले जइसन बनी रही।</p>
<p><strong>2018 मा काहे बदलल गा रहा नाव?</strong> साल 2018 मा तब के अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस कमांड कै नाव बदलि कय इंडो-पैसिफिक कमांड करय कै घोषणा कीन रहें। उ कहे रहे कि हिंद महासागर अउर प्रशांत महासागर के बीच बढ़त रणनीतिक अउर आर्थिक जुड़ाव का देखत भवा या बदलाव कीन गा अहै। मैटिस उ समय कहे रहे कि या कमांड बॉलीवुड से हॉलीवुड तक अउर पेंगुइन से ध्रुवीय भालू तक फैले विशाल क्षेत्र कै जिम्मेदारी संभालत अहै अउर अमेरिका कै राष्ट्रीय रक्षा रणनीति मा एकर बहुत अहम भूमिका अहै।</p>
<p><strong>का अहै एकर मायने?</strong> साल 2018 मा जब यूएस पैसिफिक कमांड कै नाव बदलि कय इंडो पैसिफिक कमांड कीन गा रहा, तव इसे अमेरिका अउर भारत कै रणनीतिक रिश्ता मा आवत तेजी कै रूप मा देखल गा रहा। बीते कुछ बरिस मा भारत अउर अमेरिका के बीच कई समझौता भवा, जेसे दूनों देश कै रणनीतिक संबंध काफी मजबूत भवा रहें। हालाँकि ट्रंप सरकार कै दूसरा कार्यकाल मा भारत अउर अमेरिका कै रिश्ता मा खटास आई अहै। पहिले टैरिफ का लइकय अउर फेर ऑपरेशन सिंदूर मा युद्धविराम कै मुद्दा पर भारत अउर अमेरिकी सरकार के बीच मतभेद देखल गा। या सबके बीच अब अमेरिका कै इंडो पैसिफिक कमांड कै नाव बदलल कई सवाल खड़ा करत अहै।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कोर्ट कय आदेश पर ‘केनेडी सेंटर’ से हटावा गवा ट्रंप कय नाम</title>
		<link>https://rahasyalok.com/court-order-trump-name-removed-from-kennedy-center/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 16:04:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rahasyalok.com/court-order-trump-name-removed-from-kennedy-center/</guid>

					<description><![CDATA[अमेरिका मां न्यायालय कय आदेश कय पालन मां सनिच्चर कय भोर मां &#8216;जॉन एफ केनेडी मेमोरियल सेंटर ऑफ परफार्मिंग आर्ट&#8217; से राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप कय नाम हटावा गवा। सेंटर कय ट्रंप कय नाम दियै छः महीना से भी कम समय भवा रहा, तभी ओकरे बिरोध मां आय न्यायालय कय आदेश कय पालन भवा है। न्यायालय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका मां न्यायालय कय आदेश कय पालन मां सनिच्चर कय भोर मां &#8216;जॉन एफ केनेडी मेमोरियल सेंटर ऑफ परफार्मिंग आर्ट&#8217; से राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप कय नाम हटावा गवा। सेंटर कय ट्रंप कय नाम दियै छः महीना से भी कम समय भवा रहा, तभी ओकरे बिरोध मां आय न्यायालय कय आदेश कय पालन भवा है। न्यायालय साफ-साफ कहि दिहिस कि संस्थान कय नाम बदले कय अधिकार खाली कांग्रेस (अमेरिकी संसद) कय अहै, कउनो ट्रस्ट कय नाहीं। जानि लेईं कि दिसंबर 2025 मां राष्ट्रपति ट्रंप कय अध्यक्षता वाले ट्रस्ट नाम बदले कय फैसला लइ लिहिस रहा अव ओका ट्रंप कय नाम कय दिहिस रहा।</p>
<p><strong>केनेडी सेंटर से हटावा गवा ट्रंप कय नाम</strong></p>
<p>न्यायालय कय आदेश मां अमेरिकी सरकार कय केनेडी सेंटर कय नाम सुकूर (शुक्रवार) कय ही पुरान स्थिति मां लइ आवै कय रहा, पै ऊ अइसन करि नाहीं पाई। ओकरे बाद सनिच्चर कय रात एक बजै बीस मिनट पर संस्थान कय मुख्य दुआर, दीवारन अव वेबसाइट आदि से नाम हटावै कय काम सुरु भवा अव घाम निकरै से पहिले ई काम पूरा कइ लीन्ह गवा। सरकार कय न्याय बिभाग कहिस है कि मौसम खराब होवै कय नाते नाम हटावै कय काम सुकूर कय नाहीं होइ सका, पै सनिच्चर कय घाम निकरै से पहिले ई पूरा कइ लीन्ह गवा।</p>
<p>डेमोक्रेटिक पार्टी कय प्रत्याशी कय रूप मां चुनाव जीति कय राष्ट्रपति बने जॉन एफ केनेडी कय 1963 मां गोली मारि कय हत्या कइ दीन्हि गई रही। जॉन एफ केनेडी कय याद मां बना केनेडी सेंटर, ओकरे बाद ओनकय याद मां वॉशिंगटन मां संस्थान कय स्थापना करै कय फैसला लीन्ह गवा अव 1971 मां केनेडी सेंटर कय आम जनता खतिर खोलि दीन्ह गवा। इ सेंटर कय संचालन एक ट्रस्ट करत है।</p>
<p>जनवरी 2025 मां राष्ट्रपति बनै कय बाद रिपब्लिकन पार्टी कय ट्रंप इ ट्रस्ट से पुरान लोगन कय हटाय कय अपने बिस्वासपात्रन कय नियुक्त करिन। ओकरे बाद राष्ट्रपति कय रूप मां ट्रस्ट कय अध्यक्ष कय पद सम्हारिन। दिसंबर 2025 मां भई ट्रस्ट कय बैठक मां सेंटर कय नाम ट्रंप कय नाम पर करै कय प्रस्ताव पास भवा अव ओका लागू कइ दीन्ह गवा। ओकरे बाद ओहायो से डेमोक्रेटिक पार्टी कय सांसद जायस बेट्टी ट्रस्ट कय फैसला कय न्यायालय मां चुनौती दिहिन। सुनवाई कय बाद न्यायालय ट्रस्ट कय फैसला कय अवैध बतावा अव सेंटर से ट्रंप कय नाम हटावै कय आदेश दिहिस।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पाकिस्तान मां ट्रेनिंग कै दौरान एयरफोर्स कै फाइटर जेट क्रैश</title>
		<link>https://rahasyalok.com/pakistan-airforce-fighter-jet-crash-during-training/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 16:02:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[पाकिस्तान कै खैबर पख्तूनख्वा प्रांत मां बड़ा सैन्य हादसा भवा अहै। जहवां पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) कै एक प्रशिक्षण विमान नियमित उड़ान कै दौरान अचानक दुर्घटनाग्रस्त होइ गवा। एह दुर्घटना मां विमान मां सवार दुनों पायलट कय मौत होइ गै। यह हादसा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत कै मरदान जिले मां कटलंग रोड कै लगे जाबर नहर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पाकिस्तान कै खैबर पख्तूनख्वा प्रांत मां बड़ा सैन्य हादसा भवा अहै। जहवां पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) कै एक प्रशिक्षण विमान नियमित उड़ान कै दौरान अचानक दुर्घटनाग्रस्त होइ गवा। एह दुर्घटना मां विमान मां सवार दुनों पायलट कय मौत होइ गै।</p>
<p>यह हादसा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत कै मरदान जिले मां कटलंग रोड कै लगे जाबर नहर इलाका मां भवा। जहवां विमान सड़क पय गिरत ही आग कय बड़ा गुबार उठत देखाई दिहा। एह हादसा मां विमान मां सवार दुनों पायलट <strong>लेफ्टिनेंट मुहम्मद कासिम अब्दुल्ला</strong> अउर <strong>नौसेना कै लेफ्टिनेंट ताहा अब्बासी</strong> कय मौत होइ गै।</p>
<p>वायु सेना मुख्यालय हादसे कै सही कारण कय पता लगावै खतिर एक उच्च स्तरीय जांच बोर्ड बनाय अहै। सेना कै मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) कै मुताबिक, यह विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन पय रहा। एह दुखद घटना पय सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर समेत रक्षा बलों कय प्रमुखन गहरा शोक व्यक्त कीन्ह अहै।</p>
<p><strong>पांच दिन पहिले भी भवा रहा दुर्घटना</strong></p>
<p>डॉन खबर कै रिपोर्ट कै मुताबिक, यह दुर्घटना पांच दिन पहिले भई एक अउर दुर्घटना कै बाद भवा अहै। पाकिस्तान सेना विमानन कै एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर बुधवारा कय मुजफ्फरबाद कै लगे उड़ान भरत समय तकनीकी खराबी कै कारण दुर्घटनाग्रस्त होइ गवा रहा। एह हादसा मां विमान मां सवार सबय कर्मचारी कय मौत होइ गै रही।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अमेरिका-ईरान समझौता पै भड़कि गय इजरायल</title>
		<link>https://rahasyalok.com/israel-angry-over-usa-iran-agreement/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 16:00:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका अउर ईरान कै बीच भवा ऐतिहासिक शांति समझौता पै इजरायल कै तर्फ से पहिली आधिकारिक अउर तिख्ख प्रतिक्रिया आइ अहै। इजरायल कै दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर सोमवार का साफ लफ्जन में एलान करिन कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कै मध्यस्थता में भवा यह डील इजरायल पै बिल्कुल भी लागू नाहीं होई। उ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका अउर ईरान कै बीच भवा ऐतिहासिक शांति समझौता पै इजरायल कै तर्फ से पहिली आधिकारिक अउर तिख्ख प्रतिक्रिया आइ अहै। इजरायल कै दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर सोमवार का साफ लफ्जन में एलान करिन कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कै मध्यस्थता में भवा यह डील इजरायल पै बिल्कुल भी लागू नाहीं होई। उ जोर दइके कहिन कि इजरायल आपन सुरक्षा फैसला खुद लेबय खतिर पूरा आजाद अहै। बताइ दीं कि इजरायली मंत्री कै यह बयान तब आइ अहै जब अमेरिका अउर ईरान कै बीच होर्मुज जलडमरूमध्य का फिर से खोलय अउर युद्ध में एक अस्थायी संघर्षविराम का आगे बढ़ायय पै शुरुआती सहमति बनि अहै। यह समझौता पै शुक्रवार, 19 जून का स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से दस्तखत होय कै उम्मीद अहै।</p>
<p><strong>हम अमेरिका कै गुलाम नाहीं</strong></p>
<p>शांति समझौता कै एलान के बाद इस्राइली मंत्री ग्विर दो टूक अंदाज में कहिन कि इजरायल आपन सुरक्षा हितन का अंतरराष्ट्रीय समझौता कै भरोसे नाहीं छोड़ि सकत। उ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पै एक लंबी पोस्ट में लिखिन कि ट्रंप कै समझौता हमका नाहीं बांध सकत। उ जोर देत भवा कहिन कि इजरायल संयुक्त राज्य अमेरिका कै अधीन नाहीं अहै, हम एक स्वतंत्र अउर संप्रभु देश अही। हम अमेरिका से प्यार करत अही अउर राष्ट्रपति ट्रंप कै आभारी अही, फेर भी इजरायल कउनो &#8216;बनाना रिपब्लिक&#8217; (कमजोर देश) नाहीं अहै।</p>
<p><strong>हिजबुल्ला का लइके साफ कइ दीन रुख</strong></p>
<p>इतना ही नाहीं, बेन-ग्विर कै मानना अहै कि हिजबुल्ला अउर ईरान समर्थित अन्य संगठनन से निपटय खतिर इजरायल कै पास सैन्य कार्रवाई करय कै पूरी आजादी होयय चाही।</p>
<p><strong>विदेशी दबाव मानय कै चुकाई अहै खून कै कीमत</strong></p>
<p>आपन विरोध का सही ठहरावत भवा इजरायली मंत्री इतिहास कै हवाला भी दीन। उ कहिन कि जब-जब इजरायल विदेशी दबाव कै आगे घुटना टेकिस अहै, ओका नुकसान उठायय पड़ा अहै। बेन-ग्विर ओस्लो समझौता, 2006 कै लेबनान समझौता अउर गाजा में बरती गई नरमी कै उदाहरण देत भवा कहिन कि हर बार जब हम इजरायल कै सुरक्षा कै कीमत पै अंतरराष्ट्रीय दबाव कै सामने आत्मसमर्पण किहिन, तौ हम ब्याज कै साथ ओकर कीमत खून से चुकाई अहै।</p>
<p><strong>लेबनान पै सख्त रुख, हिजबुल्लाह का खतम करय कै मांग</strong></p>
<p>बेन-ग्विर आपन पोस्ट में लेबनान कै जिक्र करत भवा कहिन कि उ अइसन कउनो भी समझौता कै खिलाफ अही जवन इजरायली सेना कै हाथ बांधे। उ कहिन कि हम यह समझौता कै साझेदार नाहीं अही जवन हमार सुरक्षा सुनिश्चित नाहीं करत। उ मांग करिन कि इजरायल का हिजबुल्लाह कै खात्मा से कम कउनो भी बात पै समझौता नाहीं करय चाही अउर जंग कै दौरान कब्जा कीन गय जमीन से इजरायली सेना का वापस नाहीं हटय चाही। उ उत्तरी इजरायली कसबन कै सुरक्षा कै बात करत भवा चेतावनी दीन कि लेबनान से इजरायल कै तर्फ दागा गय हर ड्रोन या मिसाइल कै जवाब बेरूत कै दहिया पै इजरायली हमला से दीन जई। यह डर कुछ महीना पहिले तक कायम रहा अउर हम का कउनो भी कीमत पै नाहीं छोड़ब।</p>
<p><strong>शुक्रवार का समझौता पै दस्तखत कै तैयारी</strong></p>
<p>गौर करय वाली बात अहै कि यह बीच अमेरिका अउर ईरान कै बीच समझौता कै प्रक्रिया जारी अहै। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस कै मुताबिक, ईरान कै उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी भी समझौता कै पुष्टि करिन अहै, बाकिर कहिन अहै कि जब तक 19 जून का अंतिम दस्तावेज पै दस्तखत नाहीं हो जात, तब तक यहका लागू नाहीं कीन जई।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ईरान का 300 अरब डॉलर देई अमेरिका, ट्रंप का का मिली?</title>
		<link>https://rahasyalok.com/iran-ko-300-arab-dollar-dega-america-trump-ko-kya-milega-awadhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 15:59:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका-ईरान कै बीच शांति समझौता होइ गवा है अउर जुम्मा (शुक्रवार) का स्विट्जरलैंड मां एह पर सरकारी मुहर भी लाग जाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इ समझौते का लेके कतई बेताब रहें, इकर अंदाजा इ बात से लगावा जाइ सकत है कि वह ईरान का 300 अरब डॉलर कै पुनर्निर्माण पैकेज दैय्यै तैयार होइ गएन। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका-ईरान कै बीच शांति समझौता होइ गवा है अउर जुम्मा (शुक्रवार) का स्विट्जरलैंड मां एह पर सरकारी मुहर भी लाग जाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इ समझौते का लेके कतई बेताब रहें, इकर अंदाजा इ बात से लगावा जाइ सकत है कि वह ईरान का 300 अरब डॉलर कै पुनर्निर्माण पैकेज दैय्यै तैयार होइ गएन।</p>
<p>इ समझौते पर दस्तखत होय से पहिले ईरान कय अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी मेहर अमेरिका-ईरान कै बीच 14 सूत्रीय सहमति पत्र कै मसौदा जारी करिन। समझौता ज्ञापन कै मसौदा मां कई मोर्चा पर फौजी अभियान तुरंत रोके, ईरानी तेल निर्यात पर पाबंदी हटावे, होर्मुज स्ट्रेट का फिर से खोले अउर ईरान खतिन कम से कम 300 अरब डॉलर कै पुनर्निर्माण पैकेज देवै कय बात शामिल अहै। बताइ दीं कि इ दस्तावेज का वॉशिंगटन या तेहरान सरकारी तौर पर जारी नाहीं करिन है, लेकिन उम्मीद अहै कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अउर ईरानी अधिकारियों द्वारा घोषित शुरुआती समझौते कै बाद इ एक बड़का शांति प्रक्रिया कै आधार बनी। इ मेमोरेंडम पर 19 जून का स्विट्जरलैंड मां सरकारी तौर पर दस्तखत कीन जाई।</p>
<p><strong>महीनन कय बातचीत कै बाद समझौता अंतिम रूप पावा</strong></p>
<p>सामने आई जानकारी से पता चलत है कि इ समझौता दुश्मनी खत्म करे अउर बातचीत कै दूसरे दौर खतिन माहौल बनावे पर केंद्रित अहै। इ दूसरे दौर मां ईरान कै परमाणु कार्यक्रम, पाबंदी अउर आर्थिक सुधार जइसन मुद्दा पर चर्चा होइ। ईरान कय सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद इ बात कय पुष्टि करिन है कि महीनन कय बातचीत कै बाद एक समझौता ज्ञापन (MoU) का अंतिम रूप दइ दीन्ह गा है। परिषद इका इस्लामाबाद वार्ता कै नाम दिहिन है, जउन मध्यस्थता कय कोशिश मां पाकिस्तान कय भूमिका देखावत है। काउंसिल एक बयान मां कहिन, &#8216;ईरान अपने शहीद नेता कै अगुवाई मां अमेरिकी जायोनी दुश्मन पर अपनी बढ़त साबित कर दिहिन है।&#8217;</p>
<p>बयान मां आगे कहा गवा है, &#8216;हुवा समझौता कै आधार पर लेबनान समेत सब मोर्चा पर जंग अउर फौजी अभियान आज रात से ही तुरंत अउर हमेशा खतिन खत्म होइ जाई अउर एहके अलावा ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी भी तुरंत अउर पूरी तरह से खत्म कइ दीन्ह जाई।&#8217;</p>
<p><strong>14 सूत्रीय शांति समझौता कय समझीं</strong></p>
<p>मेहर न्यूज एजेंसी कय अनुसार, मेमोरेंडम कै ड्राफ्ट मां इ प्रावधान शामिल अहैं:</p>
<p><strong>&#8211;</strong> लेबनान समेत सब मोर्चा पर फौजी कार्रवाई का तुरंत अउर हमेशा खतिन खत्म करना।<br /><strong>&#8211;</strong> ईरान कै अंदरूनी मामला मां दखल न देवे अउर ईरान कय संप्रभुता कै सम्मान करे कै अमेरिका कय वादा।<br /><strong>&#8211;</strong> 30 दिन कै भीतर नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह खत्म करना।<br /><strong>&#8211;</strong> ईरान कै आसपास कै इलाकन से अमेरिकी फउज का हटाना।<br /><strong>&#8211;</strong> 30 दिन कै भीतर ईरान कय व्यवस्था कै तहत होर्मुज स्ट्रेट का फिर से खोलना।<br /><strong>&#8211;</strong> ईरान कै तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पाद अउर उनसे जुड़ल एक्सपोर्ट पर लाग पाबंदी का रोकना।<br /><strong>&#8211;</strong> एनर्जी एक्सपोर्ट से होय वाली कमाई तक ईरान कय पूरी पहुँच।<br /><strong>&#8211;</strong> ईरान खतिन कम से कम 300 अरब डॉलर कै पुनर्निर्माण प्लान पेश करे कै अमेरिका अउर ओकर सहयोगियन कय वादा।<br /><strong>&#8211;</strong> परमाणु मुद्दा अउर पाबंदी मां बड़ी राहत पर अंतिम समझौते तक पहुँचे खतिन 60 दिन कय बातचीत कै समय।<br /><strong>&#8211;</strong> परमाणु हथियार न बनावे खतिन परमाणु अप्रसार संधि (Nuclear Non-Proliferation Treaty) कै तहत ईरान कय फिर से वादा।<br /><strong>&#8211;</strong> इ इलाका मां फौजी तैनाती न बढ़ावे अउर बातचीत कै दौरान नई पाबंदी न लगावे कै अमेरिका कय वादा।<br /><strong>&#8211;</strong> बातचीत कै दौरान ईरान कय फ्रीज कीन गा 24 अरब डॉलर कै संपत्ति का जारी करना, जवने मां से आधी रकम बातचीत शुरू होय से पहिले जारी कीन जाई।</p>
<p><strong>न्यूक्लियर प्रोग्राम कय मुद्दा अभी भी अनसुलझा</strong></p>
<p>ट्रंप कै इ एलान कै बावजूद कि ईरान कै साथ डील अब पूरी होइ चुकी है, सामने आवा मेमोरेंडम से अइसन लागत है कि न्यूक्लियर से जुड़ल सबसे विवादित मुद्दा अभी भी अनसुलझे अहैं। खबरन कै मुताबिक, इ दस्तावेज मां ईरान कै परमाणु हथियार न बनावे कै वादा का दोहरावा गवा है, लेकिन एहमा यूरेनियम संवर्धन (enrichment) कय सीमा, परमाणु सुविधा का खत्म करे या मौजूद जिम्मेदारी से परे अतिरिक्त निरीक्षण तंत्र कै बारे मां कउनो साफ जानकारी नाहीं दीन गा है। एहके बजाय उम्मीद है कि मेमोरेंडम लागू होय कै बाद एक अलग 60-दिन कय प्रक्रिया कै दौरान इन मुद्दा पर बातचीत होइ।</p>
<p>खबरन के अनुसार, इ ड्राफ्ट मां भविष्य कै बातचीत कै दायरा भी सीमित कीन गा है। ईरान कै मुताबिक, चर्चा केवल संवर्धित परमाणु सामग्री, संवर्धन गतिविधि, पाबंदी मां ढील अउर आर्थिक पुनर्निर्माण तक सीमित रही। ईरान कै मिसाइल कार्यक्रम अउर क्षेत्रीय सशस्त्र समूह का ओकर समर्थन का एजेंडा से बाहर रखा गवा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इजरायल कय लेके बदल गवा ट्रंप कय सुर</title>
		<link>https://rahasyalok.com/trump-badle-sur-israel-lekar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 15:57:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका अउर ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता कय एलान कय बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप कय एक बड़ा बयान सामने आवा अहै। ट्रंप दावा करिन अहै कि इजरायल कय प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लेबनान कय राजधानी बेरूत पय हवाई हमला कय कय इ शांति समझौता कय लगभग पटरी से उतार दीहिन रहा, जवने कय वजह &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका अउर ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता कय एलान कय बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप कय एक बड़ा बयान सामने आवा अहै। <strong>ट्रंप दावा करिन अहै कि इजरायल कय प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू</strong> लेबनान कय राजधानी बेरूत पय हवाई हमला कय कय इ शांति समझौता कय लगभग पटरी से उतार दीहिन रहा, जवने कय वजह से वाशिंगटन अउर तेहरान के बीच इ समझौता होय मां देरी भवा।</p>
<p>द न्यूयॉर्क टाइम्स कय दीन एक फोन इंटरव्यू मां ट्रंप नेतन्याहू का एक बहुतै मुश्किल इंसान बताइन। <strong>उनका कहब रहा कि इजरायल का इ शांति समझौता कय खातिर अमेरिका कय बहुतै शुक्रगुजार होय चाही</strong>, काहे से इ डील ईरान का परमाणु हथियार बनावे से रोक दिहिस अहै। ट्रंप सख्त लहजा मां कहिन कि ईमानदारी से कहूं तौ उनका हमार आभारी होय चाही। काहे से अगर ईरान कय लगे परमाणु हथियार होत, तौ इजरायल दुइ घंटा भी ना टिकि पावत।</p>
<p><strong>19 जून का स्विट्जरलैंड मां साइन होइ डील</strong></p>
<p>अमेरिका अउर ईरान दुनों साफ कय दिहिन अहै कि लेबनान समेत सब मोर्चन पय सैन्य कार्रवाई तुरंत अउर हमेशा कय खातिर खत्म कय दी जई। इ ऐतिहासिक समझौता 19 जून का स्विट्जरलैंड मां साइन होय वाला अहै। इ डील कय तहत होर्मुज जलडमरूमध्य कय कमर्शियल समुद्री रास्ता का खोले अउर ईरान कय परमाणु कार्यक्रम कय भविष्य कय लेके नियम तय कीन जई। ट्रंप इहो दावा करिन कि इ समझौता कय बाद इ समुद्री व्यापारिक रास्ता हमेशा कय खातिर टोल-फ्री होइ जाई।</p>
<p><strong>इजरायल कय खातिर स्वीकार करब काहे अहै मुश्किल?</strong></p>
<p>बताई दी कि इ पूरी शांति बातचीत मां इजरायल का शामिल नाहीं कीन गवा रहा, अउर इजरायल इ समझौता कय खबर पय तुरंत कौनों प्रतिक्रिया नाहीं दिहिस अहै। रिपोर्ट्स कय मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू कय खातिर इ डील का स्वीकार करब मुश्किल होइ सकत अहै, काहे से उनकर लगे ईरान अउर लेबनान कय हिजबुल्लाह जइसन समर्थक संगठनन कय साथ जंग जारी राखे कय आपन घरेलू राजनीतिक कारण अहै।</p>
<p><strong>ट्रंप कय चेतावनी- बात ना मानिन तौ वसूलब 20% रेवेन्यू</strong></p>
<p>ट्रंप इंटरव्यू मां चेतावनी दिहिन कि अगर ईरान सरकार तय समय सीमा कय भीतर अंतिम परमाणु समझौता पय राजी नाहीं होत अहै, तौ अमेरिकी सेना ईरान पय फिर से हमला शुरू कय दी। इहे नाहीं, ट्रंप एक अनोखा प्रस्ताव रखत कहिन कि अइसन स्थिति मां अमेरिका मिडिल ईस्ट कय रक्षक बनि जाई, लेकिन ओकरे बदले मां पूरा क्षेत्र कय कमाई (रेवेन्यू) कय 20 प्रतिशत हिस्सा लेई। जब ट्रंप से पूछा गवा कि का सऊदी अरब अउर यूएई जइसन अमेरिकी सहयोगी देश अमेरिका का एक पेड पुलिस फोर्स बनावे कय इ बात पय सहमत अहैं, तौ उ सीधा जवाब ना दै के बस इतनय कहिन कि उ अभी इ मुद्दा पय बातचीत शुरू ही कय अहैं। उ कहिन कि अइसन तब होइ, अगर ईरान दुश्मन बना रहा।</p>
<p><strong>ईरान कय नवा सुप्रीम लीडर पय बदल गवा ट्रंप कय सुर</strong></p>
<p>इकर अलावा दिलचस्प बात इ अहै कि ट्रंप ईरान कय मौजूदा नेतृत्व अउर हुवां कय नवा सर्वोच्च नेता आयतल्लाह मोजतबा खमेनेई का व्यावहारिक बताइन। <strong>ट्रंप कय इ रुख युद्ध कय सुरुवाती दिनन से बिल्कुल अलग अहै</strong>, जब उ ईरानी जनता से अपील करिन रहे कि अमेरिकी अउर इजरायली बमबारी खत्म होय कय बाद उ उठ खड़ें होइ जां अउर आपन सरकार कय तख्तापलट कय दें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अमेरिकी हमला मां मारा गवा वेनेजुएला कै सबसे खूंखार गैंग कै सरगना</title>
		<link>https://rahasyalok.com/venezuela-gang-leader-killed-in-us-airstrike/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 08:45:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rahasyalok.com/venezuela-gang-leader-killed-in-us-airstrike/</guid>

					<description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप शुक्रवा कै दिन बड़ा दावा करत कहिन हवै कि अमेरिकी सेना एक सटीक अउर घातक एयर स्ट्राइक मां वेनेजुएला कै सबसे खूंखार अउर बेरहम जेल गैंग &#8216;ट्रेन दे अरागुआ&#8217; कै सरगना हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुएरेरो फ्लोरेस उर्फ नीनो गुएरेरो का मार गिराया अहै। ट्रंप शुक्रवा शाम &#8216;ट्रुथ सोशल&#8217; पर पोस्ट करत कहिन, &#8220;मोर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप शुक्रवा कै दिन बड़ा दावा करत कहिन हवै कि अमेरिकी सेना एक सटीक अउर घातक एयर स्ट्राइक मां वेनेजुएला कै सबसे खूंखार अउर बेरहम जेल गैंग &#8216;ट्रेन दे अरागुआ&#8217; कै सरगना <strong>हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुएरेरो फ्लोरेस उर्फ नीनो गुएरेरो</strong> का मार गिराया अहै।</p>
<p>ट्रंप शुक्रवा शाम &#8216;ट्रुथ सोशल&#8217; पर पोस्ट करत कहिन, &#8220;मोर आदेश पर अमेरिकी सेना कै साउथर्न कमांड यूनिट ट्रेन डी अरागुआ कै कुख्यात लीडर नीनो गुएरेरो का खतम करै खतिव एक तेज अउर घातक हमला करिस। यह संगठन दुनिया कै सबसे खूंखार आतंकी संगठनों मां स एक अहै। मोर सत्ता मां लौटी स पहिले जो बाइडन हमारी दक्षिणी सीमा का लाखन गैर-कानूनी अपराधियों खतिव खोल दिहे रहिन अउर यह विदेशी गैंग का अमेरिकी नागरिकन कै साथ बलात्कार करै, उहिनका अपंग बनावै अउर हत्या करै कै खुली छूट दे दिहे रहिन।&#8221;</p>
<p>ट्रंप आपन चुनाव प्रचार कै दौरान वादा करे रहिन कि इन दरिंदन का देश स बाहर निकालिहैं अउर उहिनके हाथन मारे गए लोगन कै परिवार का न्याय दिलाइहैं। इनमा <strong>12 साल कै मासूम जोसलिन नुंगारे, 22 साल कै लेकेन रेली</strong> अउर ढेर सारे बेगुनाह लोग सामिल रहे।</p>
<p>ट्रंप कै मुताबिक, यह कार्रवाई वेनेजुएला कै सहयोग स हफ्ता कै शुरुआत मां भवा। ट्रंप आगे लिखिन, &#8220;यह कार्रवाई वेनेजुएला मां हमार दोस्तन कै साथ मिलकय कीन गा अहै, जेहिक साथ हम बहुत नीक स काम करत अही। इहिक नतीजा इ अहै कि ट्रेन डी अरागुआ कै आतंकी खतिव अब वेनेजुएला या कहीं अउर कोई सुरक्षित ठिकाना नाहीं बचा अहै। मोर लीडरशिप मां हम इन बेरहम हत्यारन अउर ड्रग माफियान का कबहूँ अउर कहीं भी ढूंढ निकालब अउर उहिनका नरक कै गहराई मां भेज देब, जहं जावै कै उ हकदार अहैं।&#8221;</p>
<p>पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ भी पुष्टि करे अहैं कि हमला मां गुएरेरो मर चुका अहै। हालांकि, वेनेजुएला कै सूचना मंत्रालय अभी कउनो जवाब नाहीं दिहे अहै।</p>
<p><strong>मानव तस्करी खतिव जाना जाला ट्रेन डी अरागुआ:</strong> लैटिन अमेरिकी पुलिस कै अनुसार, ट्रेन डी अरागुआ गैंग मुख्य रूप स मानव तस्करी कै नेटवर्क चलावत अहै। इ उन रास्तन पर कब्जा राखत अहै जेहिक इस्तेमाल वेनेजुएला अउर अउर दक्षिण अमेरिकी प्रवासी बेहतर जिंदगी कै तलाश मां चिली, यूरोप या अउर देसन मां जावै खतिव करत अहैं। इसके अलावा, इ आपराधिक गुट पनामा स लइकय ब्राजील अउर एंडियन कॉरिडोर तक जबरन वसूली, फिरौती खतिव अपहरण, मनी लॉन्ड्रिंग, सुपारी दइकय हत्या (कॉन्ट्रैक्ट किलिंग) अउर संगठित चोरी जइसन खूंखार अपराधन मां लिप्त अहै। इकर सरगना गुएरेरो टोकोरोन जेल स फरार होय गवा रहा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ब्रिटेन मां भारतीय मूल के मनई का 34 साल कय जेल</title>
		<link>https://rahasyalok.com/britain-ma-bhartiye-mool-ke-vyakti-ko-34-saal-ki-jail/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 08:43:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ब्रिटेन मां भारतीय मूल के एक मनई का अपहरण, टॉर्चर अउर रेप कय अपराध मा दोषी पावा जाय के बाद सुकवार का 34 साल कय जेल कय सजा सुनाई गवा। आइलवर्थ क्राउन कोर्ट मां चली सुनवाई के बाद 34 साल के गगनदीप सिंह का फरवरी महीना मां रेप के दुई मामला, गैर-कानूनी ढंग से बंधक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ब्रिटेन मां भारतीय मूल के एक मनई का अपहरण, टॉर्चर अउर रेप कय अपराध मा दोषी पावा जाय के बाद सुकवार का <strong>34 साल कय जेल</strong> कय सजा सुनाई गवा। आइलवर्थ क्राउन कोर्ट मां चली सुनवाई के बाद 34 साल के गगनदीप सिंह का फरवरी महीना मां रेप के दुई मामला, गैर-कानूनी ढंग से बंधक बनाय, इरादतन गंभीर चोट पहुंचाव अउर अपहरण कय दोषी पावा गवा रहा।</p>
<p>ओका पैरोल भी ना मिली अउर ओका पूरा 34 साल कय सजा काटय परी, जवने मां 28 साल जेल मां बिताय पड़ि अउर ओकरे बाद कड़ी पाबंदी के साथ छह साल कय बढ़ी हुई लाइसेंस अवधि होई। जब तक वह कम से कम 18 साल या जेल कय सजा कय दुई-तिहाई हिस्सा पूरा ना कर लेइ, तब तक ओका पैरोल देय पर कउनो विचार ना कीन जाई।</p>
<p><strong>का अहै मामला?</strong></p>
<p>सुनवाई के दौरान बतावा गवा कि 24 साल कय पीड़ित मेहरारू का पच्छिम लंदन के हैनवेल मा एक घर लइ आवा गवा रहा, जहां ओकर बहुत लंबा समय तक प्रताड़ना भवा। जांच की अगुवाई करे वाली मेट्रोपॉलिटन पुलिस की नॉर्थ वेस्ट रेप एंड सीरियस सेक्सुअल ऑफेंस यूनिट की डिटेक्टिव कॉन्स्टेबल सीतारा अब्दुल कहिन, &#8220;इ मामला मा पीड़ित जवने क्रूरता कय सामना करिस, ओकर कल्पना भी ना कीन जाइ सकत।&#8221;</p>
<p>उनका कहब रहा, &#8220;आगे आवे अउर हमलावर का सजा दिलवाय मां हमार मदद कय के ऊ बहुत हिम्मत देखाइस है। ओकरे ऊपर जवने बेरहमी से नियंत्रण राखा गवा रहा, ओसे ओका आपन जान कय डर सताय लाग रहा।&#8221;</p>
<p>कोर्ट का बतावा गवा कि मेहरारू का तब शक भवा जब जून 2024 मा ओसे थाईलैंड से यूके तक एक सूटकेस ले आवय का कहा गवा, जवने मां अनजान चीज रही। ऊ मना कय दिहिस, लेकिन जब ऊ बर्मिंघम एयरपोर्ट पहुँची तौ ओका एक कार मां बइठाय के नकाबपोश मनई लंदन लइ गए, जहां सिंह दुई बार ओकर रेप करिस।</p>
<p><strong>चुप रहय कय दिहिन धमकी</strong></p>
<p>मेट पुलिस बताइस कि ऊ इ अनुभव से सदमा मां रही अउर सुरुआत मां पुलिस का पूरा सच बताव मा हिचकिचात रही। डीसी अब्दुल कहिन, &#8220;ओका चुप करावय कय कोसिस मां धमकी दीन गई, लेकिन ओकर महतारी कय सहयोग अउर ओकर मामला कय जांच करत अधिकारी के लगन अउर मेहनत कय वजह से हम एक बहुत खतरनाक मनई का पकड़य अउर ओकरे ऊपर आरोप तय करय मां कामयाब भये।&#8221;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जहाज पइ हमला मां तीन भारतीयन के मौत पइ बोलिन ईरान</title>
		<link>https://rahasyalok.com/iran-speaks-on-death-of-three-indians-in-ship-attack/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 05:46:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ओमान के तट पइ एक कमर्शियल जहाज पइ भए हमला के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पइ राजनयिक प्रतिक्रियान कै दौर शुरू भवा अहै। एह घटना मां तीन भारतीय नागरिकन के मारे जाए कै बात सामने आई अहै। एह घटनाक्रम के बाद जहां एक तरफ ईरान एहका अमेरिका कै सशस्त्र डकैती करार दीन अहै, वहीं दूसरी तरफ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ओमान के तट पइ एक कमर्शियल जहाज पइ भए हमला के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पइ राजनयिक प्रतिक्रियान कै दौर शुरू भवा अहै। एह घटना मां तीन भारतीय नागरिकन के मारे जाए कै बात सामने आई अहै। एह घटनाक्रम के बाद जहां एक तरफ ईरान एहका अमेरिका कै सशस्त्र डकैती करार दीन अहै, वहीं दूसरी तरफ भारत के विदेश मंत्रालय हमला कै निंदा करत क्षेत्र मां शांति अउर कूटनीतिक समाधान कै अपील कीन अहै।</p>
<p><strong>ईरान कै कड़ी प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई भारतीय वाणिज्यिक जहाजन पइ भए इन कथित अमेरिकी हमलन कै कड़ी निंदा कीन अहै। उ एह कार्रवाई पइ तीखी प्रतिक्रिया देत एहका सशस्त्र डकैती अउर राजकीय समुद्री डकैती कै नाम दीन अहै। प्रवक्ता मारे गए नाविकन के परिवारन के प्रति गहरी संवेदना जतइन अउर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह कीन कि उ एह पूरी घटना खातिर संयुक्त राज्य अमेरिका का जवाबदेह ठहरावै। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#8216;एक्स&#8217; पइ एक पोस्ट मां बघाई कहिन कि यह क्रूर हमला अमेरिका कै निरंतर आक्रामक नीतियन कै साफ प्रमाण अहै। उ भारत के लोगन अउर सरकार के प्रति आपन हार्दिक संवेदना भी जतइन।</p>
<p><strong>भारत के विदेश मंत्रालय कै बयान</strong></p>
<p>एकरे पहले, भारत के विदेश मंत्रालय ओमान के तट पइ वाणिज्यिक जहाज &#8216;सेटेबेलो&#8217; पइ भए हमला कै कड़ी निंदा कीन रही। मंत्रालय आपन बयान मां साफ कीन कि घटना के समय जहाज पइ कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर सवार रहे। राहत अउर बचाव कार्य के दौरान इनमें से 21 भारतीय सुरक्षित बचा लीन गए अहैं, जबकि तीन भारतीय अभी लापता बताए जा रहे अहैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ओमान स्थित भारतीय दूतावास पूरे हालात पइ नजर रखे अहै अउर वहां के अधिकारियन के साथ मिलके खोज अउर बचाव अभियान मां सक्रिय रूप से समन्वय करत अहै।</p>
<p><strong>सुरक्षा स्थिति पइ भारत कै चिंता</strong></p>
<p>भारत सरकार एह घटना का मध्य पूर्व अउर खाड़ी क्षेत्र कै व्यापक सुरक्षा स्थिति से जोड़त गहरी चिंता जतइ अहै। विदेश मंत्रालय कहिस कि शिपिंग मार्गन पइ होइ रहे अइसन लगातार हमला बहुत चिंताजनक अहैं अउर यह सीधे तौर पइ क्षेत्र मां चलत मौजूदा संघर्ष कै परिणाम अहै। स्थिति कै गंभीरता का देखत भारत युद्ध जइसन स्थिति अउर तनाव का तुरंत कम करे कै आपन अपील दोहराइन अहै। मंत्रालय कूटनीतिक समाधान खातिर चलत बातचीत का जल्दी से जल्दी कउनो निष्कर्ष तक पहुँचावे पइ जोर दीन अहै, ताकि पूरे क्षेत्र मां एक बार फिर से शांति अउर स्थिरता स्थापित की जा सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली इस्तीफा दियिन</title>
		<link>https://rahasyalok.com/britain-ke-raksha-mantri-john-healey-ne-diya-istifa/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 05:45:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ब्रिटिश रक्षा मंत्री जॉन हीली गुरुवार कय अचानक इस्तीफा दे दिहिन। ऊ कहिन कि खतरा बढ़य कय इस दौर मां सरकार सेना पय पर्याप्त खर्चा करय कय तइयार ना अहै। हीली प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर से कहिन कि सरकार कय रक्षा निवेश प्लान इस खतरनाक समय मां जेतना जरूरत अहै, ओसे बहुत कम अहै। ब्रिटेन के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ब्रिटिश रक्षा मंत्री <strong>जॉन हीली</strong> गुरुवार कय अचानक इस्तीफा दे दिहिन। ऊ कहिन कि खतरा बढ़य कय इस दौर मां सरकार सेना पय पर्याप्त खर्चा करय कय तइयार ना अहै। हीली प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर से कहिन कि सरकार कय रक्षा निवेश प्लान इस खतरनाक समय मां जेतना जरूरत अहै, ओसे बहुत कम अहै।</p>
<p><strong>ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ने दिया इस्तीफा</strong></p>
<p>स्टार्मर के करीबी सहयोगी हीली बतायिन कि उनके सोमवार कय पता चला कि स्टार्मर एक डिफेंस इन्वेस्टमेंट प्लान (रक्षा निवेश योजना) कय घोषणा करय वाले अहैं। इस योजना के तहत सेना कय लिय जेतना फंडिंग बढ़य चाही, ओतना ना बढ़ाई जई, जेतना हीली कय हिसाब से जरूरी अहै।</p>
<p>हीली प्रधानमंत्री कय लिखय अउर इंटरनेट मीडिया पय पोस्ट कय गय एक पत्र मां कहिन, &#8220;मुझ पय अइसन फैसला लेय कय दबाव डाला जात अहै, जवने से हमार सेना कय तइयारी कम होइ जई, ऑपरेशन पय तैनात जवानन कय लिय जोखिम बढ़ जई अउर देश कय सुरक्षा भी कमजोर होइ सकत अहै।&#8221;</p>
<p>प्रधानमंत्री मां हीली कय अविश्वास जतयब उन आलोचकन कय बात कय अउर मजबूत करत अहै, जवन कहत अहैं कि पार्टी कय शीर्ष स्तर पय बदलाव कय जरूरत अहै। हीली कहिन कि स्टार्मर कय योजनान के तहत 2030 तक सैन्य खर्चा सकल घरेलू उत्पाद कय 2.68 प्रतिशत होइ जई, जवन ऊ तीन प्रतिशत से कम अहै जिस पय हीली अउर स्टार्मर पहले चर्चा करय रहिन।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रथम विश्वयुद्ध से 224 हफ्ता जादा चलत रूस-यूक्रेन युद्ध</title>
		<link>https://rahasyalok.com/russia-ukraine-war-longer-than-world-war-i/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 05:43:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[करीब 52 महीना से चलत यूक्रेन युद्ध समय कै हिसाब से प्रथम विश्वयुद्ध से भी जादा अवधि तक चले वाला युद्ध बन गवा अहै। फरवरी 2022 से चलत यूक्रेन युद्ध 1,569 दिन से चलत अहै, जबकि प्रथम विश्वयुद्ध जुलाई 1914 से नवंबर 1918 के बीच कुल 1,568 दिन तक चला रहा। 1914 मां जर्मनी अउर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>करीब 52 महीना से चलत यूक्रेन युद्ध समय कै हिसाब से प्रथम विश्वयुद्ध से भी जादा अवधि तक चले वाला युद्ध बन गवा अहै। फरवरी 2022 से चलत यूक्रेन युद्ध 1,569 दिन से चलत अहै, जबकि प्रथम विश्वयुद्ध जुलाई 1914 से नवंबर 1918 के बीच कुल 1,568 दिन तक चला रहा। 1914 मां जर्मनी अउर फ्रांस कै लड़ाई से शुरू भवा युद्ध धीरे-धीरे कई महाद्वीपन का अपनी चपेट मां लइ लिहिस अउर वह प्रथम विश्वयुद्ध कहाय। इ युद्ध मां चार साल कै भीतर दो करोड़ से जादा सैनिक अउर आम जनता मारी गई रही। इ युद्ध मां रासायनिक हथियारन कै भी खुल्लम-खुल्ला इस्तेमाल भवा रहा। जबकि 1939 से 1945 के बीच छह साल तक चले द्वितीय विश्वयुद्ध मां सात करोड़ से जादा लोग मारे गए रहे।</p>
<p><strong>द्वितीय विश्वयुद्ध से भी जादा दिन चलत रूस-यूक्रेन युद्ध</strong></p>
<p>द्वितीय विश्वयुद्ध धरती कै सबसे जादा खून-खराबे वाला युद्ध रहा। दुनौ विश्वयुद्धन कै तुलना मां यूक्रेन युद्ध मां खून-खराबा कम भवा अहै, लेकिन इकर अवधि प्रथम विश्वयुद्ध से जादा होइ गई अहै। लड़त रूस अउर यूक्रेन पे आरोप अहै कि वे अपने मृत सैनिकन कै संख्या छिपावत अहइँ। लेकिन अनुमान इ अहै कि दुनौ देसन कै अब तक कै युद्ध मां दस लाख से कम लोग ही मारे गए अहइँ।</p>
<p>रॉयटर्स के अनुसार, यूक्रेन युद्ध मां यूक्रेनी ड्रोन कमांडरन कै कोशिश इ अहै कि वे रूस से क्रीमिया का होय वाली सप्लाई व्यवस्था का रोक दें। इसे क्रीमिया मां मौजूद रूसी बल अलग-थलग पड़ जइहैं, तब यूक्रेनी सैनिक उन पे जमीनी हमला करिकै क्रीमिया का रूस से मुक्त करा सकत अहइँ। इहई कारण अहै कि यूक्रेन हाल के महीना मां क्रीमिया मां रूसी संसाधनन पे हमला लगातार बढ़ाए दिहिस अहै। वैसे चार साल से चलत युद्ध मां रूस का भवा कुल नुकसान कै तिहाई हिस्सा सिर्फ बीतल 12 महीना कै यूक्रेनी ड्रोन के हमला से भवा अहै।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अमेरिकी हमला में चली गई आदित्य कय जान; ओमान हादसा कय कहानी</title>
		<link>https://rahasyalok.com/aditya-killed-in-us-attack-oman-tragedy-story/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 05:41:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[23 बरिस कय आदित्य शर्मा उन तीन भारतीय क्रू सदस्यन में से एक रहे, जउन ओमान कय खाड़ी में पलाऊ-झंडा वाला जहाज MT Settebello पर अमेरिकी सेना कय हमला में मारे गए। अमेरिकी सेना आरोप लगाय रही कि इ जहाज ईरान से तेल ले जाए कय कोसिस कय कय अमेरिकी नाकेबंदी कय उल्लंघन करत रहा। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>23 बरिस कय आदित्य शर्मा</strong> उन तीन भारतीय क्रू सदस्यन में से एक रहे, जउन ओमान कय खाड़ी में पलाऊ-झंडा वाला जहाज MT Settebello पर अमेरिकी सेना कय हमला में मारे गए। अमेरिकी सेना आरोप लगाय रही कि इ जहाज ईरान से तेल ले जाए कय कोसिस कय कय अमेरिकी नाकेबंदी कय उल्लंघन करत रहा। इ हफ्ता तीन जहाज पर हमला होइ चुका अहै, जवना में ज्यादातर क्रू सदस्य भारतीय रहे।</p>
<p><strong>तीन भारतीय नाविकन कय मिल लाश:</strong> 8 जून का पलाऊ-झंडा वाला टैंकर MT Marivex पर अमेरिकी हमला कय बाद ओमान कय अधिकारी 24 भारतीय नाविकन का एयरलिफ्ट करिन रहे। गुरुवार का एक अउर कमर्शियल जहाज MT Jalveer पर हमला भवा। मस्कट में भारतीय दूतावास पुष्टि करिन अहै कि ओमान कय रॉयल नेवी कय मदद से MT Jalveer से भारतीय नागरिकन का शिनास पोर्ट तक सुरक्षित निकाले कय कोसिस चल रही अहै।</p>
<p>शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल एक बयान में कहिन, &#8220;पलाऊ-झंडा वाला MT Settebello पर भई दु:खद घटना कय बारे में जान कय बहुत अफसोस भवा। दु:ख कय बात अहै कि सुरु में लापता बतावा गए तीन भारतीय नाविकन कय मौत कय पुष्टि होइ गई अहै, काहे से उनकर लाश मिल गई अहै अउर उनकर पहचान होइ गई अहै।&#8221;</p>
<p><strong>बच्चा कय मौत कय खबर से एक घंटा पहले भई रही बात:</strong> आदित्य शर्मा कय पिता एनडीटीवी का टेलीफोन पर दिय इंटरव्यू में कहिन, &#8220;मोर ओसे आखिरी बातचीत इतवार का भई रही। हम सरकार से अपील करत अही कि ऊ अमेरिका कय खिलाफ कड़ा रुख अपनावे।&#8221; आदित्य कय पिता आगे कहिन, &#8220;हम कहब कि मिसाइल से कमर्शियल जहाज पर हमला करब युद्ध अपराध अहै। उन कार्गो जहाज का नियंत्रित करे कय ढेर तरीका अहै, आप सेना भेज सकत हव, क्रू सदस्यन का गिरफ्तार कय सकत हव, लेकिन आपका उन पर घातक मिसाइल से हमला करे कय कउनो अधिकार नाहीं अहै।&#8221;</p>
<p>जहाज पर 24 भारतीय क्रू मेंबर रहे, जवना में से 21 का बचा लीन गवा। प्रोबेशन पर काम करत डेक कैडेट आदित्य अपने माई-बाप कय इकलौता बेटा रहे। आदित्य कय पिता कहिन, &#8220;हम पिछला 3-4 दिन से घबराय रहे। पिछला इतवार का ओमान में एक जहाज पर हमला भवा रहा। तब हम अपने बेटा का फोन कीन अउर ऊ हमका बताइस कि ऊ जहाज उनसे थोड़ा दूर रहा अउर ऊ लोग सुरक्षित रहे। सोमार्ग का ऊ व्हाट्सएप्प पर मैसेज भेजिस कि ऊ ठीक अहै। अउर एक घंटा बाद ही उन पर हमला होइ गवा।&#8221;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जहाज पय हमला मां तीन भारतीयन कै मौत पय बोलिस ईरान</title>
		<link>https://rahasyalok.com/iran-spoke-on-death-of-three-indians-in-ship-attack/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:17:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ओमान कै तट पय एक कमर्शियल जहाज पय भये हमला कै बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पय राजनयिक प्रतिक्रिया कय दौर शुरू होइ गवा अहै। इ घटना मां तीन भारतीय नागरिकन कै मारे जाय कै बात सामनै आई अहै। इ घटनाक्रम कै बाद जहां एक तरफ ईरान इका अमेरिका कै सशस्त्र डकैती करार दीन अहै, वहीं दूसरी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ओमान कै तट पय एक कमर्शियल जहाज पय भये हमला कै बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पय राजनयिक प्रतिक्रिया कय दौर शुरू होइ गवा अहै। इ घटना मां तीन भारतीय नागरिकन कै मारे जाय कै बात सामनै आई अहै। इ घटनाक्रम कै बाद जहां एक तरफ ईरान इका अमेरिका कै सशस्त्र डकैती करार दीन अहै, वहीं दूसरी तरफ भारत कै विदेश मंत्रालय हमला कै निंदा करत भये क्षेत्र मां शांति अउर कूटनीतिक समाधान कै अपील कीन्ह अहै।</p>
<p><strong>ईरान कै कड़ी प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>ईरान कै विदेश मंत्रालय कै प्रवक्ता इस्माइल बघाई भारतीय वाणिज्यिक जहाज पय भये इन कथित अमेरिकी हमलन कै कड़ी निंदा कीन्ह अहै। ऊ इ कार्रवाई पय तीखी प्रतिक्रिया देत भये इका &#8216;सशस्त्र डकैती&#8217; अउर &#8216;राजकीय समुद्री डकैती&#8217; कै नाम दीन अहै। प्रवक्ता मारे गये नाविकन कै परिवारन कै प्रति गहरी संवेदना व्यक्त कीन्ह अउर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह कीन्ह अहै कि ऊ इ पूरी घटना खातिर संयुक्त राज्य अमेरिका का जवाबदेह ठहरावै। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#8216;एक्स&#8217; पय एक पोस्ट मां बघाई कहिन कि इ क्रूर हमला अमेरिका कै निरंतर आक्रामक नीतियन कै स्पष्ट प्रमाण अहै। ऊ भारत कै लोगन अउर सरकार कै प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त कीन्ह।</p>
<p><strong>भारत कै विदेश मंत्रालय कै बयान</strong></p>
<p>इसे पहिले, भारत कै विदेश मंत्रालय ओमान कै तट पय वाणिज्यिक जहाज &#8216;सेटेबेलो&#8217; पय भये हमला कै कड़ी निंदा कीन्ह रही। मंत्रालय अपने बयान मां स्पष्ट कीन्ह कि घटना कै समय जहाज पय कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार रहे। राहत अउर बचाव कार्य कै दौरान इनमें से 21 भारतीय सुरक्षित बचाय लीन गये अहैं, जबकि तीन भारतीय अभी लापता बताय जा रहे अहैं। विदेश मंत्रालय कै अनुसार, ओमान स्थित भारतीय दूतावास पूरा हालात पय नजर राखै अहै अउर वहां कै अधिकारियन कै साथ मिलकै खोज अउर बचाव अभियान मां सक्रिय रूप से समन्वय करत अहै।</p>
<p><strong>सुरक्षा स्थिति पय भारत कै चिंता</strong></p>
<p>भारत सरकार इ घटना का मध्य पूर्व अउर खाड़ी क्षेत्र कै व्यापक सुरक्षा स्थिति से जोड़त भये गहरी चिंता जाहिर कीन्ह अहै। विदेश मंत्रालय कहिन कि शिपिंग मार्गन पय होत अइसन लगातार हमला बहुत चिंताजनक अहै अउर इ सीधे तौर पय क्षेत्र मां चलत मौजूदा संघर्ष कै ही परिणाम अहै। स्थिति कै गंभीरता का देखत भये भारत युद्ध जैसी स्थिति अउर तनाव का तत्काल कम करै कै अपनी अपील दोहराय अहै। मंत्रालय कूटनीतिक समाधान खातिर चलत बातचीत का जल्द से जल्द किसी निष्कर्ष तक पहुंचाय पय जोर दीन अहै, ताहि से पूरा क्षेत्र मां एक बार फिर से शांति अउर स्थिरता स्थापित की जाय सकै।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ब्रिटेन कय रक्षा मंत्री जॉन हीली इस्तीफा दइ दिहिन</title>
		<link>https://rahasyalok.com/britain-defence-minister-john-healey-resigns/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:16:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ब्रिटिश रक्षा मंत्री जॉन हीली गुरुवार का अचानक इस्तीफा दइ दिहिन। ऊ कहिन कि खतरा बढ़य कय एह दौर मां सरकार सेना पर पर्याप्त खरच करय कय तइयार नाहीं अहै। हीली प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर से कहिन कि सरकार कय रक्षा निवेश प्लान एह खतरनाक समय मां जेतना जरूरत अहै, ओसे बहुत कम अहै। ब्रिटेन के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ब्रिटिश रक्षा मंत्री जॉन हीली गुरुवार का अचानक इस्तीफा दइ दिहिन। ऊ कहिन कि खतरा बढ़य कय एह दौर मां सरकार सेना पर पर्याप्त खरच करय कय तइयार नाहीं अहै। हीली प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर से कहिन कि सरकार कय रक्षा निवेश प्लान एह खतरनाक समय मां जेतना जरूरत अहै, ओसे बहुत कम अहै।</p>
<p><strong>ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ने दिया इस्तीफा</strong></p>
<p>स्टार्मर कय करीबी साथी हीली बताइन कि उनका सोमवार का पता चला कि स्टार्मर एक डिफेंस इन्वेस्टमेंट प्लान (रक्षा निवेश योजना) कय घोषणा करय वाल अहैं। एह योजना कय तहत सेना खतिन ओतना फंडिंग नाहीं बढ़ाई जई, जेतना हीली कय हिसाब से जरूरी अहै।</p>
<p>हीली प्रधानमंत्री का लिखय और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कय गए एक पत्र मां कहिन, &#8220;मुझ पर अइसन फैसला लेय कय दबाव डाला जात अहै, जवने से हमार सेना कय तइयारी कम होइ जई, ऑपरेशन पर तैनात जवानन खतिन जोखिम बढ़ जई और देश कय सुरक्षा भी कमजोर होइ सकत अहै।&#8221;</p>
<p>प्रधानमंत्री मां हीली कय अविश्वास जतयब उन आलोचकन कय बात का अउर मजबूत करत अहै, जउन कहत अहैं कि पार्टी का शीर्ष स्तर पर बदलाव कय जरूरत अहै। हीली कहिन कि स्टार्मर कय योजना कय तहत 2030 तक सैन्य खरच सकल घरेलू उत्पाद कय 2.68 प्रतिशत होइ जई, जउन उस तीन प्रतिशत से कम अहै जवने पर हीली और स्टार्मर पहले चर्चा करिन रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रथम विश्वयुद्ध से जियादा समय से चलत अहै रूस-यूक्रेन क जंग</title>
		<link>https://rahasyalok.com/russia-ukraine-war-duration-longer-than-world-war-i/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:14:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[करीब 52 महीना से जारी यूक्रेन युद्ध समय क मामले मां प्रथम विश्वयुद्ध से भी जियादा अवधि तक चले वाला युद्ध बनि गवा अहै। फरवरी 2022 से चलत यूक्रेन युद्ध 1,569 दिन से जारी अहै, जबकि प्रथम विश्वयुद्ध जुलाई 1914 से नवंबर 1918 के बीच 1,568 दिन तक चला रहा। 1914 मां जर्मनी अउर फ्रांस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>करीब 52 महीना से जारी यूक्रेन युद्ध समय क मामले मां प्रथम विश्वयुद्ध से भी जियादा अवधि तक चले वाला युद्ध बनि गवा अहै। फरवरी 2022 से चलत यूक्रेन युद्ध 1,569 दिन से जारी अहै, जबकि <strong>प्रथम विश्वयुद्ध</strong> जुलाई 1914 से नवंबर 1918 के बीच 1,568 दिन तक चला रहा।</p>
<p>1914 मां जर्मनी अउर फ्रांस क लड़ाई से शुरू भवा युद्ध धीरे-धीरे कई महाद्वीपन का आपन चपेट मां लइ लिहिस अउर ओका प्रथम विश्वयुद्ध कहा गवा रहा। इ युद्ध मां चार साल के भीतर दो करोड़ से जियादा सैनिक अउर आम जनता मारी गइ रहीं। इ युद्ध मां रासायनिक हथियन क भी खुल्लम-खुल्ला इस्तेमाल भवा रहा। जबकि 1939 से 1945 के बीच छह साल तक चले <strong>द्वितीय विश्वयुद्ध</strong> मां सात करोड़ से जियादा लोग मारे गए रहे।</p>
<p>द्वितीय विश्वयुद्ध धरती क सबसे जियादा खून-खराबा वाला युद्ध रहा। दुनौ विश्वयुद्धन क तुलना मां यूक्रेन युद्ध मां खून-खराबा तौ कम भवा अहै, लेकिन एकर अवधि प्रथम विश्वयुद्ध से जियादा होइ गइ अहै। युद्ध करत रूस अउर यूक्रेन प आरोप अहै कि उ आपन मृत सैनिकन क संख्या छुपावत अहैं। लेकिन अनुमान अहै कि दुनौ देशन क अबहिन तक क लड़ाई मां दस लाख से कम लोग ही मारे गए अहैं।</p>
<p>रॉयटर्स क अनुसार, यूक्रेन युद्ध मां यूक्रेनी ड्रोन कमांडरन क कोशिश अहै कि उ रूस से क्रीमिया का होय वाली आपूर्ति व्यवस्था का रोक दें। इसे क्रीमिया मां मौजूद रूसी बल अलग-थलग पड़ जइहैं, तब यूक्रेनी सैनिक उन प जमीनी हमला कइके क्रीमिया का रूस से आजाद करा सकत अहैं। इही कारन यूक्रेन हाल क महीना मां क्रीमिया मां मौजूद रूसी संसाधनन प हमला लगातार बढ़ाए अहै। वइसे चार साल से जारी युद्ध मां रूस का भवा कुल नुकसान क तिहाई हिस्सा खाली बीते 12 महीना मां भवा यूक्रेनी ड्रोन हमला से भवा अहै।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अमेरिकी हमला मां गई आदित्य कय जान; ओमान हादसा कय पूरी कहानी</title>
		<link>https://rahasyalok.com/aditya-sharma-death-oman-attack-awadhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:12:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[23 बरस कय आदित्य शर्मा उन तीन भारतीय क्रू मेंबरन मां से एक रहे, जौन ओमान कय खाड़ी मां पलाऊ-झंडे वाले जहाज MT Settebello पर अमेरिकी सेना कय हमला मां मारे गए। अमेरिकी सेना आरोप लगाय रही कि इ जहाज ईरान से तेल ले जाए कय कोशिश कय कै अमेरिकी नाकेबंदी कय उल्लंघन करत रहा। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>23 बरस कय आदित्य शर्मा</strong> उन तीन भारतीय क्रू मेंबरन मां से एक रहे, जौन ओमान कय खाड़ी मां पलाऊ-झंडे वाले जहाज MT Settebello पर अमेरिकी सेना कय हमला मां मारे गए। अमेरिकी सेना आरोप लगाय रही कि इ जहाज ईरान से तेल ले जाए कय कोशिश कय कै अमेरिकी नाकेबंदी कय उल्लंघन करत रहा। इ हफ्ता तीन जहाज पर हमला भवा अहै, जवने मां जियादातर क्रू मेंबर भारतीय रहे।</p>
<p><strong>तीन भारतीय नाविकन कय मिल शव:</strong> 8 जून कय पलाऊ-झंडे वाले टैंकर MT Marivex पर अमेरिकी हमला कय बाद ओमान कय अधिकारी 24 भारतीय नाविकन कय एयरलिफ्ट करे रहे। गुरुवार कय एक अउर कमर्शियल जहाज MT Jalveer पर हमला भवा। मस्कट मां भारतीय दूतावास इ पुष्टि करे अहै कि ओमान कय रॉयल नेवी कय मदद से MT Jalveer से भारतीय नागरिकन कय शिनास पोर्ट तक सुरक्षित निकाले कय कोशिश चलत अहै।</p>
<p><strong>शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल</strong> एक बयान मां कहिन, &#8220;पलाऊ-झंडे वाले MT Settebello पर भई दुखद घटना कय बारे मां जानि कय बहुत अफसोस भवा। दुख कय बात अहै कि शुरू मां लापता बताय गए तीन भारतीय नाविकन कय मौत कय पुष्टि होय गई अहै, काहे से उनकर शव मिल गए अहैं अउर उनकर पहचान कर लीन गई अहै।&#8221;</p>
<p><strong>बच्चा कय मौत कय खबर से एक घंटा पहिले भई रही बात:</strong> आदित्य शर्मा कय पिता एनडीटीवी कय फोन पर इंटरव्यू देत कहेन, &#8220;मोरे उससे आखिरी बातचीत रविवार कय भई रही। हम सरकार से अपील करत अही कि ऊ अमेरिका कय खिलाफ कड़ा रुख अपनावै।&#8221;</p>
<p>आदित्य कय पिता आगे कहिन, &#8220;हम कहब कि मिसाइल से कमर्शियल जहाज पर हमला करब युद्ध अपराध अहै। उन कार्गो जहाज कय नियंत्रित करे कय कई तरीका अहैं, आप सेना भेज सकत हव, क्रू मेंबरन कय गिरफ्तार कर सकत हव, पै तोहार उन पर घातक मिसाइल से हमला करे कय कउनो अधिकार नाहीं अहै।&#8221;</p>
<p>जहाज पर 24 भारतीय क्रू मेंबर रहे, जवने मां से 21 कय बचा लीन गवा। प्रोबेशन पर काम करत डेक कैडेट आदित्य अपने मेहरारू-महरारू कय इकलौता बेटा रहे। आदित्य कय पिता कहिन, &#8220;हम पिछले 3-4 दिन से घबराए रहे। पिछले रविवार कय ओमान मां एक जहाज पर हमला भवा रहा। तब हम अपने बेटा कय फोन कीन अउर ऊ हमका बताइस कि ऊ जहाज उनसे थोड़ा दूर रहा अउर ऊ सुरक्षित अहैं। सोमवार कय ऊ WhatsApp पर मैसेज भेजिस कि ऊ ठीक अहै। अउर एक घंटा बाद ही उन पर हमला होय गवा।&#8221;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चीन मां बिना कउनो गड़बड़ी कय भवा 1.3 करोड़ छात्रन कय एग्जाम</title>
		<link>https://rahasyalok.com/china-conducted-exam-for-1-3-crore-students-without-any-glitch/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Jun 2026 16:04:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[भारत मां जहवां एह समय NEET-UG परीक्षा मां पेपर लीक कय लेके बिबाद देखै कय मिलत अहै, ओवहीं चीन मां दुनिया कय सबसे बड़ी परीक्षा संपन्न भवा अहै। एह परीक्षा मां रिकॉर्ड 1.3 करोड़ छात्र सामिल भये। छात्रन कय परीक्षा कय दौरान कउनो असुबिधा न होय अउर उ पचे पूरा एकाग्रता कय साथ पेपर दय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारत मां जहवां एह समय NEET-UG परीक्षा मां पेपर लीक कय लेके बिबाद देखै कय मिलत अहै, ओवहीं चीन मां दुनिया कय सबसे बड़ी परीक्षा संपन्न भवा अहै। एह परीक्षा मां रिकॉर्ड <strong>1.3 करोड़ छात्र</strong> सामिल भये।</p>
<p>छात्रन कय परीक्षा कय दौरान कउनो असुबिधा न होय अउर उ पचे पूरा एकाग्रता कय साथ पेपर दय सकें, एह खातिर पूरा देश एकजुटता देखावा। परीक्षा केंद्रन कय आस-पास कय फैक्ट्रियन कय उ दिन बंद कर दीन्ह गवा अउर सड़कन पर सन्नाटा पसर गवा, जइसे कतहूं शोर न होय। एग्जाम सेंटर कय आस-पास ट्रैफिक पाबंदियां लगाई गईं, अउर छात्रन कय आवै-जाय खातिर खास इंतजाम कीन्ह गवा। चीन मां दुनिया कय सबसे बड़ी अउर भारत कय JEE/NEET कय संयुक्त स्तर वाली प्रतिष्ठित परीक्षा <strong>गाओकाओ (Gaokao)</strong> कय मात्र दुई दिनन कय भीतर बहुत सुचारू रूप से संपन्न करा लीन्ह गवा। भारत मां स्थित चीनी दूतावास दावा कर अहै कि उ पचे करीब 1.3 करोड़ छात्रन कय गाओकाओ परीक्षा कय बिना कउनो रुकावट अउर गड़बड़ी कय सफलतापूर्वक संपन्न करा लिहीन हय।</p>
<p><strong>चीनी दूतावास का कहिस?</strong></p>
<p>चीनी दूतावास कय प्रवक्ता यू जिंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एह परीक्षा कय तुलना भारत मां होय वाली जेईई (JEE) अउर नीट (NEET) से करिन। यू जिंग लिखिन, चीन कय गाओकाओ दुनिया कय सबसे बड़ी परीक्षा अहै अउर यह भारत कय JEE अउर NEET कय मिला-जुला रूप अहै। बस 2 दिनन मां 1.3 करोड़ छात्रन खातिर एह परीक्षा कय सफलतापूर्वक आयोजित कर लीन्ह गवा। चीनी दूतावास कय ओर से परीक्षा कय दौरान कीन्ह गई भारी-भरकम लॉजिस्टिक ब्यवस्था कय भी तारीफ कीन्ह गई। यू जिंग लिखिन, परीक्षा खातिर फैक्ट्रियन कय काम रोक दीन्ह गवा। सड़कन कय शांत कय दीन्ह गवा। छात्रन खातिर पूरा देश एक साथ खड़ा रहा।</p>
<p><strong>का अहै गाओकाओ परीक्षा?</strong></p>
<p>बताई दीं कि गाओकाओ परीक्षा कय चीन कय शिक्षा मंत्रालय आयोजित करावत अहै। गाओकाओ एग्जाम चीन कय बिस्वविद्यालयन मां एडमिशन खातिर होय वाली प्रमुख प्रवेश परीक्षा अहै। एह साल यह परीक्षा दुई दिन चली, जेहमां करीब 1.3 करोड़ छात्र सामिल भये। एहमां सामिल होय वाले छात्रन कय संख्या कय आधार पर यह दुनिया कय सबसे बड़ी परीक्षा कहा जात अहै। यह परीक्षा कउनो भी चीनी छात्र कय जिंदगी मां सबसे महत्वपूर्ण इवेंट मानल जात अहै। एह खातिर छात्र पूरा साल मेहनत से तैयारी करथिन।</p>
<p><strong>नीट-यूजी कय तीन मई कय भई परीक्षा मां पेपर लीक</strong></p>
<p>भारत मां नीट-यूजी कय परीक्षा मां प्रश्न पत्र लीक होय कय मामला मां समाजवादी पार्टी कय सांसद राम गोपाल यादव कय अध्यक्षता वाली समिति कय सामने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) कय महानिदेशक अभिषेक सिंह, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी अउर नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) कय अध्यक्ष अभिजात सी. सेठ अपना पच्छ रखिन।</p>
<p><strong>वैश्विक स्तर से सीख अउर समन्वय कय जरूरत</strong></p>
<p>संसदीय समिति कय सदस्यन अधिकारीन कय अमेरिका अउर चीन जइसे देसन कय उदाहरण दीन, जहवां इतनी बड़ी परीक्षायें बिना कउनो शिकायत या पेपर लीक कय आयोजित कीन्ह जात अहैं। समिति सुझाव दिहिस कि भारत कय भी इन वैश्विक मानकन अउर बेस्ट प्रैक्टिसेज कय अपनावै कय चाही।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>फर्जी लाइसेंस से 17 साल तक उड़ाईं 900 से जियादा फ्लाइट्स</title>
		<link>https://rahasyalok.com/farzi-license-se-17-saal-tak-udain-900-se-adhik-flights/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Jun 2026 16:02:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[एअर कनाडा कय एक कैप्टन बिना लाइसेंस कय करीब 17 साल तक सैकड़ों यात्री विमान उड़ावत रहा। पूर्व एअर कनाडा पायलट जेफ्री वॉल पय आरोप अहै कि उ साल 2009 से 2025 कय बीच 900 से जियादा घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ान भरीं, जबकि उनकय पास कैप्टन बनय खतिन जरूरी &#8216;एअरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस फॉर एअरोप्लेन&#8217; &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>एअर कनाडा कय एक कैप्टन बिना लाइसेंस कय करीब 17 साल तक सैकड़ों यात्री विमान उड़ावत रहा। पूर्व एअर कनाडा पायलट जेफ्री वॉल पय आरोप अहै कि उ साल 2009 से 2025 कय बीच 900 से जियादा घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ान भरीं, जबकि उनकय पास कैप्टन बनय खतिन जरूरी &#8216;एअरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस फॉर एअरोप्लेन&#8217; नाहीं रहा। पायलट क्रेडेंशियल्स मां लंबे समय से होत रही ई धोखाधड़ी कय बाद जेफ्री वॉल का 1 जून का गिरफ्तार कर लीन गवा। ई धोखाधड़ी कय दौरान जेफ्री वॉल बोइंग 767, 777 और 787 जइसन बड़े और आधुनिक विमान उड़ाइन। उ इन उड़ान कय जरिए हजारों यात्री का उनकय मंजिल तक पहुंचाइन और पगार कय रूप मां लगभग 20 लाख अमेरिकी डॉलर से जियादा कमाए।</p>
<p>ओंटारियो मां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कय दौरान पील रीजनल पुलिस कय डिप्टी चीफ मिलिनोविच कहिन, <strong>&#8220;ई जांच और इससे जुड़े ब्यौरा कउनो फिल्मी स्क्रिप्ट कय जइसन लागत अहै। आरोपी पायलट &#8216;इन कमांड&#8217; कय पद तक पहुंच गवा और लगभग 17 बरिस तक बोइंग विमान उड़ावत रहा।&#8221;</strong></p>
<p><strong>योग्यता रही, पै नाहीं रहा कैप्टन कय लाइसेंस</strong><br />
जेफ्री वॉल पूरी तरह से अयोग्य विमान चालक नाहीं रहे। एअर कनाडा कय साथ आपन 27 साल कय करियर कय दौरान उनकय पास एक कमर्शियल पायलट लाइसेंस रहा और उनका कानूनी रूप से कमर्शियल विमान उड़ावय कय अनुमति रही। हालाँकि, जब 2009 मां उनका प्रमोट करके कैप्टन बनावा गवा, तब उ इसके खतिन जरूरी उच्च-स्तरीय ATPL-A लाइसेंस कबो हासिल नाहीं करिन। डिप्टी चीफ मिलिनोविच इसका तुलना करत भवा कहिन, ई बिल्कुल वैसा ही अहै जइसन कउनो डॉक्टर कय लगे फैमिली मेडिसिन कय अभ्यास करय खतिन लाइसेंस होय, पै उ आपन क्लिनिक मां ब्रेन सर्जरी करत होय। पेशेवर पद कय खतिन अतिरिक्त जरूरत और नियम कउनो ठोस वजह से ही बनावा जात हैं। हमार मानब अहै कि आरोपी कंपनी और नियामक दुनों कय सामने आपन योग्यता का गलत तरीका से पेश करिस।</p>
<p><strong>कइसे खुला ई धोखाधड़ी कय राज?</strong><br />
ई बड़े फर्जीवाड़े कय खुलासा साल 2025 मां जेफ्री वॉल कय कागजात कय एक रूटीन जांच कय दौरान भवा। अधिकारी का पायलट कय लाइसेंस से जुड़े कागजात मां कुछ गड़बड़ी मिलिन, जिकय बाद एअर कनाडा तुरंत विमानन नियामक का एकरी सूचना दीहिन। ई साल कय शुरुआत मां अधिकारी द्वारा &#8216;प्रोजेक्ट इकारस&#8217; नांव से आपराधिक और नियामक जांच शुरू करय से ठीक पहिले जेफ्री वॉल स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) लइ लिहिन।</p>
<p>एअर कनाडा ई घटना पय सफाई देत भवा कहिस अहै कि ई पूरा मामला कय दौरान यात्री कय सुरक्षा से कउनो समझौता नाहीं भवा, काहे से कि उनकय सब पायलट नियमित प्रशिक्षण और क्रेडेंशियल जांच से गुजरत हैं। एअरलाइन कहिस, <strong>&#8220;ई घटना से सुरक्षा कय मोर्चे पय कउनो समझौता नाहीं भवा काहे से कि एअर कनाडा कय सब पायलट का आपन उड़ान क्षमता साबित करय खतिन हर छह महीना मां जरूरी आवर्ती प्रशिक्षण से गुजरय का पड़त अहै।&#8221;</strong> इसमें हर 12 महीना मां ट्रांसपोर्ट कनाडा कय एक प्रमाणित चेक-पायलट कय साथ उड़ान कय जांच भी शामिल अहै। हालाँकि, सही लाइसेंसिंग विमानन उद्योग कय बहुस्तरीय सुरक्षा प्रणाली कय एक जरूरी हिस्सा अहै, एइसी खतिन एअर कनाडा ई मामला का पूरी गंभीरता से लेत अहै।</p>
<p>ई मामला मां ट्रांसपोर्ट कनाडा जेफ्री वॉल पय भारी जुर्माना लगावा अहै। एकय साथ ही अब उ सात आपराधिक मामला कय सामना करत अहैं। इन आरोप मां 5,000 कैनेडियन डॉलर से जियादा कय धोखाधड़ी, जाली कागजात कय इस्तेमाल करय कय दुई मामला और नकली मोहर राखय कय तीन मामला शामिल अहैं। जेफ्री वॉल का 29 जून, 2026 का अदालत मां पेश करय का अहै।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ओपनडोर भारत मा बन्द कय दिहिन कामकाज, सभे 250 कर्मचारीन् कय निकार दिहिन</title>
		<link>https://rahasyalok.com/opendoor-shuts-india-operations-250-employees-laid-off/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Jun 2026 16:00:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rahasyalok.com/opendoor-shuts-india-operations-250-employees-laid-off/</guid>

					<description><![CDATA[अमेरिका स्थित रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी कंपनी ओपनडोर भारत मा आपन कामकाज पूरी तरह बन्द करय कय फैसला कय लिहिन अहै, जेहसे कंपनी कै लगभग 250 भारतीय कर्मचारी प्रभावित भये अहैं। कंपनी कय मानब अहै कि कामकाज कय अमेरिका कै बाजार कय करीब रहिके ही बेहतर ढंग से सम्हारा जाइ सकत अहै। कंपनी कै सीईओ काज &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका स्थित रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी कंपनी <strong>ओपनडोर</strong> भारत मा आपन कामकाज पूरी तरह बन्द करय कय फैसला कय लिहिन अहै, जेहसे कंपनी कै लगभग 250 भारतीय कर्मचारी प्रभावित भये अहैं। कंपनी कय मानब अहै कि कामकाज कय अमेरिका कै बाजार कय करीब रहिके ही बेहतर ढंग से सम्हारा जाइ सकत अहै। कंपनी कै सीईओ काज नेजातियान कै अनुसार, यह कदम कौनों प्रदर्शन मा कमी कै नाते नाहीं, बल्कि कंपनी कै व्यावसायिक रणनीति कै हिस्सा अहै। &#8216;ओपनडोर 2.0&#8217; रणनीति कै तहत इन पदन् कय अमेरिका मा ग्राहकन कय करीब ट्रांसफर कय दिहा जात अहै।</p>
<p><strong>AI कय उपयोग बढ़ावत अहै ओपनडोर</strong></p>
<p>असल मा, ओपनडोर अब आपन कामकाज कय अमेरिका मा बइठे ग्राहकन कय करीब ट्रांसफर कय रही अहै औ मैन्युअल प्रोसेस कय कम करय खत्तीर एआई (AI-सक्षम) टीमन कय उपयोग बढ़ावत अहै। प्रभावित कर्मचारीन् कय कंपनी कै ओर से रिटायरमेंट पैकेज औ जरूरी सहायता दी जाइ। कर्मचारीन् कय साथे साझा कय गा औ बाद मा X पर पोस्ट कय गा एक नोट मा, नेजातियान कहिन कि कंपनी पिछला कुछ महीनान् से कुछ पदन् कय वापस अमेरिका मा ट्रांसफर करय लाग रही। यह नया कदम यह प्रक्रिया कय पूरा करइ अहै औ ओपनडोर कै भारत स्थित काम-काज बन्द कय दिहा अहै। यह फैसला कय बारे मा बतावत नेजातियान कहिन कि ओपनडोर कै ग्राहक अमेरिका मा रहत अहैं औ ओन्हैं सहयोग करय वाला काम ओन्हैं करीब रहिके ही बेहतर तरीका से कय जाइ सकत अहै।</p>
<p><strong>भारत मा काहे बन्द कय दिहिन कामकाज?</strong></p>
<p>ओपनडोर कै सीईओ काज नेजातियान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह फैसला कै जानकारी देत भये बताइन कि कंपनी पहिले भारत मा अलग-अलग सिस्टम मा मैन्युअल काम कै मैनेजमेंट खत्तीर एक बड़का टीम बनाय रही, लेकिन टेक्नोलॉजी मा सुधार औ अमेरिका मा एआई-सक्षम टीमन कय शुरुआत कै कारन अब इन कामन कय विदेश मा राखय कय जरुरत नाहीं रहि गय अहै। हालाकि, नेजातियान यह भी साफ कय दिहिन कि यह फैसला भारतीय टीम कै प्रदर्शन से जुड़ा नाहीं अहै। उ भारत मा काम करत कर्मचारीन् कै योगदान कय सराहना करिन औ ओन्हैं होनहार प्रोफेशनल बताइन जउन अउर संगठनन् खत्तीर बहुत कीमती साबित होइहैं।</p>
<p><strong>प्रभावित कर्मचारीन् कय मिलि सहायता राशि</strong></p>
<p>कंपनी कहिस कि प्रभावित कर्मचारीन् कय रिटायरमेंट पैकेज, नौकरी से हटाय जाय पर मिलय वाली सहायता औ अउर संसाधन समेत मदद दी जाइ। वहीं, कुछ कर्मचारी जरूरी कामन् कय सुचारू रूप से चलाय खत्तीर कुछ समय खत्तीर कंपनी मा बनै रहिहैं। कर्मचारीन् कय कम होय कै बावजूद सीईओ नेजातियान कहिन कि ओपनडोर कै स्थिति मजबूत बना अहै। ओकर ओवरऑल बिज़नेस स्ट्रेटेजी मा कौनों बदलाव नाहीं आवा अहै। उ आगे कहिन कि कंपनी कै लक्ष्य कामकाज कय सरल बनायब, एक एकीकृत प्लेटफॉर्म विकसित करयब औ मैन्युअल प्रक्रियान पर निर्भरता कम करयब अहै।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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