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	<title>राजनीति &#8211; Rahasyalok | रहस्यलोक</title>
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	<title>राजनीति &#8211; Rahasyalok | रहस्यलोक</title>
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		<title>कांग्रेस उत्तराखंड मां शुरू करिन छात्रन कय गूंज अभियान, 40 दिन 28 प्रमुख शहरन मां चलई</title>
		<link>https://rahasyalok.com/congress-started-chatron-ki-goonj-campaign-in-uttarakhand/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 17:00:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[नीट परीक्षा पेपर लीक मामला कय लेके कांग्रेस कय राष्ट्रव्यापी अभियान &#8216;छात्रन कय गूंज&#8217; उत्तराखंड मां शुरू कय दीन्ह गय। ई अभियान 40 दिन तक देस कय प्रमुख शहरन मां छात्रन, अभ्यर्थी, कोचिंग हब, कॉलेज कैंपस, पुस्तकालय अउर युवा समूह के बीच चलावा जाई। पेपर लीक मामला मां कांग्रेस केंद्र अउर राज्य कय भाजपा सरकार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नीट परीक्षा पेपर लीक मामला कय लेके कांग्रेस कय राष्ट्रव्यापी अभियान <strong>&#8216;छात्रन कय गूंज&#8217;</strong> उत्तराखंड मां शुरू कय दीन्ह गय। ई अभियान 40 दिन तक देस कय प्रमुख शहरन मां छात्रन, अभ्यर्थी, कोचिंग हब, कॉलेज कैंपस, पुस्तकालय अउर युवा समूह के बीच चलावा जाई। पेपर लीक मामला मां कांग्रेस केंद्र अउर राज्य कय भाजपा सरकार पर निशाना साधे अहै।</p>
<p>प्रेस क्लब मां राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन अउर चुनाव अभियान समिति कय अध्यक्ष प्रीतम सिंह पोस्टर लांच कय कय अभियान कय शुरुआत करिन। प्रेसवार्ता मां रंजीत रंजन कहिन, देशभर मां पिछिल बरसन मां लगभग 89 से ज्यादा पेपर लीक अउर परीक्षा घोटाला सामने आवा अहै। नीट पेपर लीक कय बाद देशभर मां 20 से ज्यादा छात्र आत्महत्या कय लिहिन। इमां देहरादून कय बेटी रिया थापा भी सामिल अहै। कइयौ छात्रन आपन सुसाइड नोट मां व्यवस्था से टूटै अउर भविष्य कय अंधियारा कय जिक्र करिन।</p>
<p>लोकसभा मां नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कय अगुवाई मां कांग्रेस राष्ट्रव्यापी <strong>&#8216;छात्रन कय गूंज&#8217;</strong> अभियान शुरू कय अहै। जेवना मां उन छात्रन अउर नौकरी कय अभ्यर्थी कय आवाज अहै जिनकय मेहनत बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होय, रिजल्ट मां देरी, भर्ती अटकय अउर एनटीए कय नाकामी कय कारन बरबाद होय जात अहै। ई सिरिफ एक पेपर लीक कय मामला नाहीं अहै, ई जुआनन कय भविष्य से जुड़ा अहै। कांग्रेस न्याय न मिलै तक जुआनन कय साथ भविष्य खतिर लड़ाई लड़त रही।</p>
<p>कांग्रेस कय मांग अहै कि नीट पेपर लीक मामला मां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आपन पद से इस्तीफा दें। साथ ही पूरी परीक्षा व्यवस्था कय लेके एनटीए, पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट, परीक्षा केंद्र, डिजिटल सिस्टम अउर वेंडर कांट्रेक्ट कय जांच, तय वार्षिक परीक्षा अउर भर्ती कैलेंडर लागू होय।</p>
<p>इ मौका पर छात्रन कय गूंज कार्यक्रम कय संयोजक सुमित्तर भुल्लर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, राष्ट्रीय सचिव वैभव वालिया, महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी, प्रवक्ता गरिमा दसौनी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष विशाल सिंह भोजक, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास नेगी मौजूद रहे।</p>
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		<item>
		<title>देस मां लगातार घटि रही मुस्लिम बिधायकन कै संख्या</title>
		<link>https://rahasyalok.com/desh-mein-lagatar-ghat-rahi-muslim-vidhayakon-ki-sankhya-awadhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Jun 2026 15:36:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[पूरे देस कै अलग-अलग विधानसभाअन मां मुस्लिम बिधायकन कै संख्या लगातार कम होत जाइ रही अहै। ई बदलाव साल 2014 के बाद से अउर ज्यादा देखाई देत अहै। राजनीति कै जानकारन कै मानब तौ भाजपा कै बढ़त परभाव अउर बिपक्ष कै टिकट बांटै कै बदलत रणनीति मिलिकै विधानसभाअन मां अल्पसंख्यकन कै प्रतिनिधित्व कम करै कै &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पूरे देस कै अलग-अलग विधानसभाअन मां मुस्लिम बिधायकन कै संख्या लगातार कम होत जाइ रही अहै। ई बदलाव साल 2014 के बाद से अउर ज्यादा देखाई देत अहै। राजनीति कै जानकारन कै मानब तौ भाजपा कै बढ़त परभाव अउर बिपक्ष कै टिकट बांटै कै बदलत रणनीति मिलिकै विधानसभाअन मां अल्पसंख्यकन कै प्रतिनिधित्व कम करै कै काम करिन अहै।</p>
<p>आंकड़न से पता चलत अहै कि देस मां मुस्लिम बिधायकन कै संख्या 2013 कै 339 से घटिकै 282 रहि गई अहै। ई गिरावट उन राज्यन मां सबसे ज्यादा रही अहै जौन चुनावी नजरिए से सबसे महत्वपूर्ण अहैं। एहमां सबसे पहल नाम उत्तर प्रदेश कै अहै, जहवां मुसलमानन कै आबादी लगभग 19% अहै, तौ वहवां अब 403 सदस्यन वाले सदन मां सिर्फ 31 मुस्लिम बिधायक हैं, जौन पहले 63 रहा।</p>
<p><strong>बंगाल, बिहार अउर राजस्थान मां घटि संख्या:</strong> पच्छिम बंगाल मां ई संख्या 59 से घटिकै 37 होइ गई अहै, जबकि बिहार मां ई आंकड़ा 19 से घटिकै 11 अउर राजस्थान मां 11 से घटिकै 6 रहि गवा अहै। हालाँकि ई सिर्फ भाजपा कै बात नाहीं अहै, देस भर कै सब पार्टीअन मां यही हाल अहै। कई राज्यन मां तौ कुछ पार्टीअन बहुत कम मुस्लिम उम्मीदवारन के साथै बड़े जनादेस पाइन अहैं। जेहसे उनके प्रतिद्वन्द्वियन का अल्पसंख्यकन कै प्रतिनिधित्व का व्यापक जाति अउर समुदाय कै समीकरणन के साथै संतुलित करै पर मजबूर होइ पड़ अहै।</p>
<p>बंगाल अउर असम (जहवां भाजपा 90 सीट पर चुनाव लड़िन अउर 82 सीट जीतिन) भाजपा वहवां अबकी बार कउनो मुस्लिम उम्मीदवार नाहीं उतारिन, जबकि 2021 मां बंगाल मां ऊ नौ अउर असम मां आठ मुस्लिम उम्मीदवार उतारि रहा।</p>
<p><strong>असम मां भाजपा अल्पसंख्यक इकाई का भंग करिन:</strong> असम मां भाजपा अपने सब मुस्लिम उम्मीदवारन के चुनाव हारै के तुरंत बाद अपनी अल्पसंख्यक इकाई का भंग कइ दिहिन। राष्ट्रीय स्तर पर, भाजपा के पास केवल दुई मुस्लिम बिधायक हैं। मणिपुर से अचाब उद्दीन अउर त्रिपुरा से तफज्ज़ुल हुसैन। ई अंतर बहुत ज्यादा अहै।</p>
<p>बंगाल मां, मुसलमानन कै आबादी लगभग 27% अहै, लेकिन अब विधानसभा मां उनका प्रतिनिधित्व केवल 12.6% अहै। बिहार मां, उनकर आबादी लगभग 17% अहै, लेकिन उनके पास विधानसभा कै लगभग 4.5% सीट हैं। असम मां, जहवां मुसलमानन कै आबादी कुल आबादी के एक-तिहाई से भी ज्यादा अहै, वहवां विधानसभा मां उनका प्रतिनिधित्व लगभग 17% अहै। महाराष्ट्र अउर कर्नाटक मां मुसलमानन कै आबादी 10% से ज्यादा होय के बावजूद, विधानसभा मां मुस्लिम बिधायकन कै प्रतिनिधित्व केवल 3-4% अहै।</p>
<p>कांग्रेस के पास सबसे ज्यादा 61 मुस्लिम बिधायक हैं, ओकर बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास 39, अउर तृणमूल अउर समाजवादी पार्टी के पास 34-34 बिधायक हैं। केरल, जम्मू अउर काश्मीर अउर तमिलनाडु अइसन राज्य अहैं जहवां मुसलमानन कै प्रतिनिधित्व अबहूँ बेहतर स्थिति मां अहै।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>आख़िर सिस्टम पर हमला करै क प्रबृत्ति केतनी जाइज़ या नाजाइज़ अहै? बिचार करैं</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%86%e0%a4%96%e0%a4%bc%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%88-%e0%a4%95/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 May 2026 17:14:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[भारत के सर्वोच्च न्यायालय के 53वें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत एक जनहित याचिका पर सुनवाई करत समय याचिकाकर्ता क बचकानी भाषा अउर आजु-काल क “सिस्टम पर हमला करै क आदत” पर कड़ी टिप्पणी कीन अउर ओका परजीवी तक कहि दिहिन। इही बरे एका भारत क लोकतांत्रिक संस्था जन के संदरभ मा देखा जाइ का चाही। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारत के सर्वोच्च न्यायालय के 53वें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत एक जनहित याचिका पर सुनवाई करत समय याचिकाकर्ता क बचकानी भाषा अउर आजु-काल क “सिस्टम पर हमला करै क आदत” पर कड़ी टिप्पणी कीन अउर ओका परजीवी तक कहि दिहिन। इही बरे एका भारत क लोकतांत्रिक संस्था जन के संदरभ मा देखा जाइ का चाही। मुला, ई टिप्पणी खाली न्यायपालिका तक सीमित नाइ अहै, बल्कि ई संसद, चुनाव आयोग, मीडिया, सरकारी नौकरसाही अउर संबैधानिक संस्था जन पर लगातार बढ़त अबिस्वास, राजनीतिक ध्रुवीकरण अउर सोशल मीडिया पर होय वाली आक्रामक बहस कै ओरी ईसारा करत अहै। इही बरे एकर बड़ा राजनीतिक अउर प्रशासनिक मतलब अहै, अउर संबिधान क रखवाला होय के नाते सर्वोच्च न्यायालय भी आपन नैतिक जिम्मेदारी से खाली ऊपरी-ऊपरी टिप्पणी कइके बच नाइ सकत, काहे से ओका मिला भवा सुओ मोटो (स्वतः संज्ञान) क अधिकार भी गरीबन क भलाई मा एक सीमा तक बेकार देखात आवा अहै। तबहूँ सीजेआई क ई बात कई तरीकन से सही मानी जाइ सकत अहै, काहे से आजु भारत के साथे-साथ दुनिया के तमाम लोकतंत्रन मा ई बात बढ़ि गइ अहै कि जदि कउनो संस्था क फैसला कउनो राजनीतिक या बिचारधारा वाले समूह के पच्छ मा नाइ जात, तौ पूर संस्था क औकात (वैधता) पर ही सवाल उठाइ दीन्ह जात अहै। एसे संस्था जन पर बिस्वास कमजोर होत अहै। लोकतंत्र खाली चुनाव से नाइ चलत, बल्कि संस्था जन क साख से भी चलत अहै।</p>
<p>मीडिया माध्यमन क अनुभव बतावत अहै कि पिछला कुछ बरिसन मा न्यायपालिका पर “पच्छपात”, चुनाव आयोग पर “सरकारी असर”, मीडिया पर “परचार (प्रोपेगेंडा)”, अउर जाँच एजेंसी जन पर “राजनीतिक इस्तेमाल” जइसन आरोप लगातार तेज भये हैं। दोसरे कइती, सरकार क ई तर्क रहत अहै कि कइयौ दाईं आलोचना के नाउँ पर संस्था जन का जानि-बूझिके बदनाम करै क मुहीम चलाई जात अहै। अइसन माहौल मा सीजेआई क ई कहब कि “पूरे सिस्टम पर हमला” लोकतंत्र बरे खतरनाक होइ सकत अहै, एक संतुलित चेतावनी के रूप मा देखा जाइ सकत अहै।</p>
<p>मुला, ई टिप्पणी क दोसर करिया पच्छ भी अहै। लोकतंत्र मा संस्था जन क आलोचना करब नागरिकन अउर बिपक्ष क अधिकार अहै। जदि कउनो संस्था के फैसलन, ओकरे काम करै के तरीका या ईमानदारी (पारदर्शिता) पर सवाल उठत हैं, तौ ओका “सिस्टम पर हमला” कहि के खारिज नाइ कीन जाइ सकत। काहे से नीक लोकतंत्र मा जबाबदेही अउर आलोचना दुनौ जरूरी अहैं। न्यायपालिका खुदै कई ऐतिहासिक फैसलन मा बोलै क आजादी अउर असहमति के अधिकार का लोकतंत्र क मूल आधार बताय चुकी अहै। असल मा आफत तबै आवत अहै जब आलोचना तथ्यन अउर संबैधानिक बहस क जगह निजी हमला, झूठ-परचार, सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग या संस्था जन का पूरी तरह से नाजाइज बतावै तक पहुंचि जात अहै। एसे जनता क भरोसा टूटत अहै अउर लोकतांत्रिक ब्यवस्था कमजोर होइ सकत अहै। इही बरे सीजेआई क टिप्पणी का पूरी तरह से गलत भी नाइ कहा जाइ सकत अहै अउर एका आलोचना-विरोधी बयान भी नाइ माना जाइ का चाही।</p>
<p>सच बात तौ ई अहै कि संस्था जन क आलोचना होय, मुला तथ्यन अउर संबैधानिक मर्यादा के भीतर रहिके होय। असहमति होय, मुला लोकतंत्र क ढांचा का ढहावै वाली भाषा से बचा जाइ। संस्थाएं भी आपन ईमानदारी, पच्छपात न करब अउर खुद मा सुधार रखैं, ताकि जनता क भरोसा मजबूत रहै। लोकतंत्र मा सबते बड़ा संतुलन इहै अहै कि संस्था जन क मान-सम्मान भी बना रहै अउर ओकर जबाबदेही भी तय होति रहै।</p>
<p><strong>युवा पीढ़ी क कड़ुआ सच अउर गुस्सा</strong></p>
<p>जहाँ तक बिगड़त ब्यवस्था के कड़ुआ सच से सामना करै क बात अहै, तौ बेरोजगार नौजवानन के भीतर ई बात बड़ तेजी से बढ़ती जात अहै कि ब्यवस्था मा सबको बराबर क मउका नाइ मिलत अहै। जब नौकरी क भरती मा भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, नेतागिरी क सरपरस्ती, जातिवाद क ध्रुवीकरण, इलाकाई पच्छपात या पइसा क असर क खबरें सामने आवत हैं, तौ सुभाबिक रूप से निराशा अउर गुस्सा पैदा होत अहै। बांग्लादेश अउर नेपाल मा भई जेन-जेड (नौजवानन क) क्रांति अउर सरकार बदलै के पाछे भी इहै आरोप रहेन। इहै कारन अहै कि कइयौ नौजवान ई सवाल उठावत हैं कि जदि काबिलियत क जगह “पहिचान”, “जुगाड़” या “असर” बेसी जरूरी होइ जाइ, तौ मिहनत अउर हुनर क का मोल रहि जाई? आख़िर अइसन ब्यवस्था का लोकतंत्र अउर संबिधान क आड़ मा कब तक बर्दाश्त कीन जाई?</p>
<p>मुला ई सवाल का संतुलन से समझब जरूरी अहै। काहे से भारत जइसन बड़े अउर तमाम तरह के समाज मा कुछ नीतियां—जइसे सामाजिक नियाव, आरक्षण, इलाकाई नुमाइंदगी या भलाई वाली योजनाएं—पुरानी गैर-बराबरी का कम करै के मकसद से बनाई गई रहीं। मुला, आफत तबै आवत अहै जब इनका इस्तेमाल असली सुधार क जगह राजनीतिक फायदा, वोट बैंक या सरकार बचावै के साधन के रूप मा होवै लागत अहै। तब काबिल नौजवानन का लागत अहै कि ब्यवस्था निष्पक्ष नाइ अहै।</p>
<p>बहरहाल, आजु बेरोजगार नौजवानन क सबते बड़ा पीरा खाली नौकरी क कमी नाइ अहै, बल्कि “बराबर मउका मिलै पर भरोसे क संकट” अहै। ओन्हर सिकायतें खास कइके ई बातन पर टिकी अहैं:<br />
&#8211; भरती परीक्षन मा पेपर लीक अउर भ्रष्टाचार<br />
&#8211; राजनीतिक सरपरस्ती अउर भाई-भतीजावाद<br />
&#8211; लम्बे समय तक भरती क लटकब<br />
&#8211; काबिलियत क तुलना मा पहिचान के आधार पर फायदा मिलब<br />
&#8211; प्राइवेट सेक्टर मा भी जुगाड़ अउर पहुँच क भूमिका<br />
&#8211; बढ़त होड़ अउर सीमित मउके</p>
<p>इही बरे, ई गुस्सा लोकतांत्रिक ब्यवस्था बरे एक चेतावनी भी अहै। अइसन मा जदि नौजवानन का लागै कि मिहनत क सही फल नाइ मिली, तौ समाज मा असंतोष बढ़ि सकत अहै। इही बरे कउनो भी सरकार अउर ब्यवस्था क पहिली जिम्मेदारी अहै कि ऊ—भरती प्रक्रिया का पूरी तरह साफ-सुथरा (पारदर्शी) बनावै, पेपर लीक अउर भ्रष्टाचार पर कड़ा एक्शन लेइ, हुनर (कौशल) वाले रोजगार बढ़ावै, पढ़ाई अउर उद्योग के बीच नीक तालमेल बनावै, मउकन का बेसी निष्पक्ष अउर कंपटीशन वाला बनावै, अउर सरकारी अउर प्राइवेट दुनौ जगह पर मेरिट (योग्यता) का मजबूत करै।</p>
<p>साथे-साथे ई भी जरूरी अहै कि ब्यवस्था क कमियन के खिलाफ आवाज लोकतांत्रिक अउर रचनात्मक तरीके से उठै। हालांकि, पूरे संबिधान, लोकतंत्र या कउनो बिसेस समुदाय के खिलाफ नफरत पैदा करब कउनो हल नाइ अहै। बल्कि असली सुधार तौ संस्था जन पर दबाव, जनता क जागरूकता, अदालती दखल, पारदर्शिता अउर राजनीतिक जबाबदेही से आवत अहै। काहे से भारत क सबते बड़ी ताकत ओकर युवा आबादी अहै। जदि इहै बर्ग ब्यवस्था से पूरी तरह हताश होइ जाई, तौ ई खाली आर्थिक नाइ बल्कि सामाजिक अउर राजनीतिक संकट भी बनि सकत अहै। इही बरे “योग्यता आधारित अवसर” अउर “सामाजिक नियाव”—दुनौ के बीच तालमेल (संतुलन) बनाउब आवै वाले समय क सबते बड़ी चुनौती होइ।</p>
<p><strong>&#8211; कमलेश पांडेय</strong><br />वरिष्ठ पत्रकार अउर राजनीतिक विश्लेषक</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शुभेंदु सरकार के झटपट फैसिलन से उभरत नवा बंगाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 May 2026 17:13:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[बंगाल मा ६९ सालन के भारी संघर्ष के बाद बनी शुभेंदु अधिकारी के अगुवाई वाली भाजपा सरकार अपने चुनावी संकल्प पत्र के हिसाब से काम मा जुटी गय अहै। सत्ता बदलत ही सबई धरम थानन पर लाउडस्पीकर बंद करवाय दीन गय। गैर-कानूनी बूचड़खानन पर बुलडोजर चलवै के हुकुम जारी होई गय। सबई स्कूलन मा अब &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बंगाल मा ६९ सालन के भारी संघर्ष के बाद बनी शुभेंदु अधिकारी के अगुवाई वाली भाजपा सरकार अपने चुनावी संकल्प पत्र के हिसाब से काम मा जुटी गय अहै।</p>
<p>सत्ता बदलत ही सबई धरम थानन पर लाउडस्पीकर बंद करवाय दीन गय। गैर-कानूनी बूचड़खानन पर बुलडोजर चलवै के हुकुम जारी होई गय। सबई स्कूलन मा अब पूरा वंदेमातरम गावब जरूरी कय दीन्हा गवा अहै। सड़कन पर नमाज अउर दूसर धरम के कामन पर रोक लगाय दीन्ह गय अहै। सीमा पर बाड़ (फेंसिंग) लगावइ बरे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का जगह देय दीन्ह गय अहै अउर पूरी जमीन सौंपइ का काम फैसिले के ४५ दिनन मा पूरा होइ जाई। चिकन नेक इलाका केंद्र सरकार का सौंप दीन्हा गवा अहै। धरम के आधार पर चलइ वाली योजना जइसे इमामन कय तनख्वाह बंद कय दीन्ह गय अहै। आर.जी. कर केस कय फाइल दोबारा खोलइ के हुकुम होई गवा अहै। आयुष्मान भारत जइसन केंद्र सरकार कय जन कल्याण योजना अब बंगाल पहुँचत अहैं।</p>
<p>शुभेंदु सरकार कय तेजी अउर संकल्प पूरा करइ के कोशिशन से जुड़े फैसिलन कय असर साफ-साफ दिखइ लाग अहै। हाल ई होई गवा अहै कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर मॉडल कय पुष्पा ”जहांगीर खान” बहाना बनाय के फलटा विधानसभा उपचुनाव मा ठीक ओही समइ पलटी मार के भाग खड़ा भवा जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी उपचुनाव मा भाजपा उम्मीदवार का जितावै बरे रोड शो निकालत रहेन। ई उहै इलाका आय जहाँ विधानसभा चुनावन के बखत ईवीएम मशीन पर भाजपा के चुनाव चिन्ह के आगे करिया टेप लगाय दीन्हा गवा रहा। यूपी के एक तेजतर्रार पुलिस अफसर अजय पाल शर्मा कय आब्जर्वर के रूप मा तैनाती भई रही, जेकरे बाद जहांगीर खान पोस्टर जारी कय के अपने आप का पुष्पा बतावै कय हिमाकत कीस रहा। आज उहै तथाकथित पुष्पा चुनावी मैदान बीचै मा छोड़ के भाग खड़ा भवा। ई डर अउर भरोसा के लड़ाई मा भरोसा कय एक अउर बड़ी जीत आय। ई सब कुछ हिंदून कय एकजुटता अउर उनके जागइ से ही मुमकिन होई पावा अहै, जेकर हिंदू समाज आगेहू अइसेन ही एकजुट रहत अहै तौ सनातन कय अपमान करइ वाले अउर ओका डेरावइ वाले लोग अइसेन ही अपने आपे भागते रहिहैं।</p>
<p>बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी चुनाव प्रचार के बखत उत्तर प्रदेश के भगवाधारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कय गोड़ छुए रहेन अउर उनके शपथ ग्रहण मा योगी जी अपना भगवा पटका उनके गरे मा डाले रहेन, तबै ई बात तय होई गई रही कि बंगालौ उत्तर प्रदेश की नाईं सांस्कृतिक पुनर्जागरण के डगर पर चलइ वाला अहै। बंगाल मा हू दंगाई अउर उपद्रवी मनइन कय इलाज यूपी जइसनै होई। कोलकाता के जेहि थाने पर दंगाइन हमला करइ कय कोशिश कीन रहा, उहाँ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुदै पहुँचेन अउर पुलिस बल कय हौसला बढ़ावत भए दंगाइन अउर उपद्रवियन के खिलाफ &#8216;जीरो टालरेंस&#8217; (कतई ढील न देइ) कय नीति अपनावै का कहेन। मुख्यमंत्री अधिकारी कहेन कि पुलिस पहिले ममता दीदी के गुंडन से डेरात रही, लेकिन अब समइ बदल चुका अहै।</p>
<p>शुभेंदु सरकार के बड़के फैसिलन मा साल २०२१ के चुनावन के बाद राज्य मा भई राजनीतिक हत्यान अउर हिंसक घटनान कय सबई फाइलन का खोलब हू सामिल अहै, जेकरे मारे ममता दीदी एतनी डेराय गईं कि करिया कोट पहिर के हाईकोर्ट पहुँच गईं अउर २०२१ कय हिंसा से ध्यान भटकावै बरे २०२६ के चुनावन के बाद भई कुछ छोट-मोट घटनान का सनसनीखेज बतावै कय बेकार कोशिश कीन। जब उहइ कोर्ट परिसर से बाहर निकरइ लागीं तब वकीलन कय एक बड़े झुंड ओका घेर लीस अउर चोर-चोर कय नारा लगायस। बंगाल मा अब सीबीआई अउर ईडी जइसन केंद्रीय जांच एजेंसिन कय जाब मुमकिन होई गवा अहै, जेसे उहाँ ६९ सालन मा भए घोटालन कय जांच मा तेजी आई। ईडी टीएमसी के बड़के नेता मनइन का हिरासत मा लय हू चुकी अहै।</p>
<p>शुभेंदु अधिकारी के १४५ एकड़ जमीन बीएसएफ का देइ के ऐतिहासिक फैसिले से बांग्लादेशी घुसपैठ कय रोक-थाम मा बड़ी सफलता मिलइ कय आस अहै काहे से बांग्लादेश से सटी बंगाल कय लम्बी खुली सीमा से बांग्लादेशी अउर रोहिंग्या घुसपैठिए असानी से घुसि आवत रहेन। अब सीमा पर तेजी से बाड़ लगावै कय काम होई। बंगाल मा मुस्लिम तुष्टिकरण बरे धरम के आधार पर चलइ वाली सबई योजना बंद कय दीन्ह गय अहैं। नई सरकार वोटबैंक के पुरान तौर-तरीका का ढाहे के एजेंडा पर आगे बढ़ चुकी अहै। बंगाल कैबिनेट धरम के आधार पर चलाई जा रही सबई आर्थिक मदद वाली योजनन का पूरी तहर से बंद करइ कय फैसला लीस अहै। ई सिरिफ एक प्रशासनिक फैसला नाय अहै बल्कि बंगाल कय राजनीतिक दिसा बदलइ वाला वैचारिक बदलाव अहै। चुनावी बिसात पर इमामन, मुअज्जिनन अउर पुरोहितन बरे सुरू कीन गय महीनावार भत्ता पूरी तरह से बंद कय दीन्हा गवा अहै।</p>
<p>बंगाल के खेल मंत्री निशिथ प्रामाणिक कोलकाता के युवा भारती क्रीड़ांगन परिसर मा लगी अउर लोगो वाली फुटबालर कय आधी मूरती का तोड़े कय हुकुम दीहिन अहै, बंगाल सरकार कय अलग-अलग वेबसाइटन से हू ओका हटावा जा रहा अहै। दिसंबर २२ मा अर्जेंटीना के फुटबॉलर मेसी के कार्यक्रम मा मची भगदड़ अउर कुप्रबंधन कय जांच कीन जाई। उ घटना कय फाइल खोले कय हुकुम जारी होई चुका अहै। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अउर बाकी सबई साथी मंत्री ई बात लगातार कहत अहैं कि जेहि मनइन बंगाल का लूटा अउर जनता के मन मा डर पैदा कीन, उन सब पर काररवाई जरूर कीन जाई।</p>
<p>बंगाल मा अब आयुष्मान भारत योजना समेत केंद्र सरकार कय तमाम कल्याणकारी योजनन के लागू होइ कय रास्ता साफ होई रहा अहै। भाजपा बंगाल कय मेहरारू मनइन से कीन गवा वादा हू पूरा करब सुरू कय दीस अहै। आवइ वाली १ जून २०२६ से मेहरारू मनइन का ३००० रुपिया कय महीनावार मदद वाली &#8216;अन्नपूर्णा योजना&#8217; का हू मंजूरी देय दीन्ह गय अहै। बंगाल कय मेहरारू मनइन का बस मा मुफ्त सफर कय सुबिधा हू मिलइ जा रही अहै। सरकारी नौकरन के साथ कीन गवा सातवें वेतन आयोग कय वादा हू पूरा होइ जा रहा अहै। बंगाल मा पड़ोसी राजिन से ट्रकन कय आवइ-जाइ के बखत १०० रुपिया से लय के १००० रुपिया तक कय जेहि कटमनी (कमीशन) कय वसूली टीएमसी के गुंडे करत रहेन, उनके गैर-कानूनी टोल नाका बंद करइ के हुकुम आय चुके अहैं। बंगाल कय आलू अब पूरे भारत मा जाई। बंगभूमि पर वंदेमातरम कय गूंज अउर जयश्रीराम कय नारा सुनाई देय रहा अहै। बंगाल बदलाव के डगर पर चल पड़ा अहै। डर पर भरोसा कय जीत होई रही अहै। &#8211; मृत्युंजय दीक्षित</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>डबल गेम खेल रही कांग्रेस का मायावती कीनिन आउट, उत्तर प्रदेश के ई राजनीतिक हलचल सबहीं का चौंकाय देहिस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 May 2026 17:12:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[आवइ वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावन का देखत भए, कांग्रेस एक बार फिरि से बसपा प्रमुख मायावती के नगीचे जाए क रणनीति बनाउब सुरू कइ दिहिस है। काहे से कि कांग्रेस ई समइया समाजवादी पार्टी के साथे गठबंधन मा है, तइहीं ओकर बड़े नेता खुलिके मायावती से संपर्क नाहीं कइ पावत रहे। अइसे मा कांग्रेस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आवइ वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावन का देखत भए, कांग्रेस एक बार फिरि से बसपा प्रमुख मायावती के नगीचे जाए क रणनीति बनाउब सुरू कइ दिहिस है। काहे से कि कांग्रेस ई समइया समाजवादी पार्टी के साथे गठबंधन मा है, तइहीं ओकर बड़े नेता खुलिके मायावती से संपर्क नाहीं कइ पावत रहे। अइसे मा कांग्रेस से जुड़े कुछु दलित नेताइन के जरिया मायावती तक पहुंचे क कोसिस कीन गइ, मुला मायावती ई कोसिस का पूरी तरे से फेल कइ दिहिन। लखनऊ मा बने अपने आवास पर पहुंचे कांग्रेस नेताइन का उ मिलइ क समइ तक नाहीं दिहिन। ई घटनाक्रम उत्तर प्रदेश क राजनीति मा नवा संकेत दइ दिहे है।</p>
<p>दरअसल मंगर क संझा कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम अउर कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया मायावती से मिलइ खातिर उनके आवास पर पहुंचि गए। बतावा गा कि उनके साथे कुछु अउर दलित नेता भी रहे। मुला ओन्हन का मायावती से मिलइ क समइ नाहीं मिला अउर पूरी कोसिस बेकार होइ गइ। बाद मा कांग्रेस नेतृत्व खुद का ई घटनाक्रम से अलग देखावै क कोसिस कीस अउर दुनू नेताइन का नोटिस जारी कइ दिहिस। पार्टी एका बिना मंजूरी अउर निजी मुलाकात बताइके राजनीतिक नुकसान का कम करइ क कोसिस कीस.</p>
<p><strong>ब्राह्मण अपमान पर मायावती क सपा पर बड़ हमला, कहिन- अखिलेश यादव तुरंत माफी मांगें</strong></p>
<p>कांग्रेस खातिर ई स्थिति तइहीं अउर असहज होइ गइ काहे से कि ओही समइया राहुल गांधी रायबरेली अउर अमेठी के दौरा पर रहे अउर दलित समाज से जुड़े कार्यक्रमान मा हिस्सा लेत रहे। हम आपन का याद कराइ देई कि राहुल गांधी पहिलेव सबके सामने ई बात मानि चुके हैं कि पिछले विधानसभा चुनावन के समइ उ मायावती का गठबंधन क प्रस्ताव दिहे रहे। राहुल गांधी ईहू कहे रहे कि उ मायावती का मुख्यमंत्री पद तक क पेशकश करे रहे, मुला बसपा प्रमुख ई प्रस्ताव ठुकराइ दिहिन रहा। एकरे पाछू कांग्रेस समाजवादी पार्टी के साथे हाथ मिलाइ लिहिस अउर लोकसभा चुनावन मा ई गठबंधन का ठीक-ठाक नीक परिणाम मिला।</p>
<p>अब जइसे-जइसे विधानसभा चुनाव नगीचे आवत हैं, कांग्रेस के भीतर फिरि से ई सोच मजबूत होत देखात है कि बसपा का साथे लाए बिना भाजपा के खिलाफ बड़ सामाजिक समीकरण बनाउब कठिन होइ। मुला ई कोसिस अइसे समइया भइ जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार ई कहत हैं कि उनका ई समइ क गठबंधन आगेव जारी रही। लखनऊ मा आयोजित एक कार्यक्रम मा अखिलेश यादव साफ कहेन कि आवै वाले चुनावन मा भी सहयोगिन के साथे गठबंधन बना रही अउर ओकर आधार सीट क सौदेबाजी नाहीं बल्कि जीत क लक्ष्य होइ। उ कहेन कि समाजवादी पार्टी गठबंधन चलाउब जानत है अउर उ कबहू अपने सहयोगिन का धोखा नाहीं दिहिस।</p>
<p>अखिलेश क ई बयान सीधे तौर पर कांग्रेसो खातिर एक संदेस माना गा, काहे से कि राजनीतिक गलियारा मा लगातार ई चर्चा चलत रही कि कांग्रेस कउनो दूसर राजनीतिक विकल्प खोजत है। ओहर, कांग्रेस नेताइन क मायावती से मिलइ क फेल कोसिस ई अटकलन का अउर तेज कइ दिहिस। कांग्रेस कइती से सफाई दीन गइ कि ई खाली एक सिस्टाचार भेंट रही अउर नेता लोग मायावती के सेहत क हाल-चाल जानइ खातिर जाए क फैसला करे रहेन। मुला राजनीतिक जानकार एका अइसेन सहज बात मानइ का तैयार नाहीं हैं। बिसेस कइके तब, जब कांग्रेस नेतृत्व एतनी तेजी से नोटिस जारी कइके दूरी बनावै क कोसिस कीस। एसे साफ संकेत मिलत है कि पार्टी का ई डर रहा कि समाजवादी पार्टी ई घटनाक्रम का सक की नजर से देखि सकत है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश क राजनीति मा ई बात क भी चर्चा है कि कांग्रेस सत्ता अउर राजनीतिक मौकन खातिर साथी बदलइ मा कबहूँ देर नाहीं लगावत। हालही मा भा तमिलनाडु विधानसभा चुनाव एकर उदाहरण माना जात है। चुनाव के टेम कांग्रेस द्रमुक के साथे खड़ी रही, मुला जइसे ही नतीजा आवा तइसे ही सत्ता क संभावना देखत भए उ तेजी से पाला बदल के टीवीके के साथे गठबंधन कइ लिहिस अउर ओकर सरकार मा भी सामिल होइ गइ। अइसे मा उत्तर प्रदेश मा भी कांग्रेस क ई समइ क सरगर्मी का खाली औपचारिक राजनीतिक संपर्क मानब आसान नाहीं है।</p>
<p>कुल मिलाइके देखा जाय त कांग्रेस नेताइन क मायावती से ई फेल मुलाकात उत्तर प्रदेश क राजनीति मा नई हलचल पैदा कइ दिहे है। कांग्रेस भले ही एका निजी कोसिस बताइके पाछू हटे क कोसिस करत होय, मुला ई साफ देखात है कि विधानसभा चुनाव से पहिले विपक्षी राजनीति के भीतर नवा समीकरण क खोज सुरू होइ चुकी है। ओही कइती मायावती बिना कुछु कहे ई साफ संदेस देइ दिहिन है कि उ हाल-फिलहाल कउनो राजनीतिक संदेस या दबाव मा आवै वाली नाहीं हैं। -नीरज कुमार दुबे</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तपती धरती, झुलसत जिन्दगी: जनता के आघू लू (हीटवेव) कै चुनौती</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%a4%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%9d%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%b8%e0%a4%a4-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%9c/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 May 2026 17:12:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[साल 2026 कै गरमी खाली कौनों मौसम कै बदलाव नाहीं अहै, बल्कि मानुस सभ्यता के आघू ठाढ़ भवा एक गंभीर चेतावनी अहै। अप्रैल-मई के महीना मा भारत समेत दक्खिन एसिया के कइयौ हिस्सा मा जेहि तरन रिकॉर्ड तोड़ लू (हीटवेव) चली, ओसे ई साफ होइ गवा अहै कि जलवायु परिवर्तन अब कौनों भविस्स कै संकट &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>साल 2026 कै गरमी खाली कौनों मौसम कै बदलाव नाहीं अहै, बल्कि मानुस सभ्यता के आघू ठाढ़ भवा एक गंभीर चेतावनी अहै। अप्रैल-मई के महीना मा भारत समेत दक्खिन एसिया के कइयौ हिस्सा मा जेहि तरन रिकॉर्ड तोड़ लू (हीटवेव) चली, ओसे ई साफ होइ गवा अहै कि जलवायु परिवर्तन अब कौनों भविस्स कै संकट नाहीं, बल्कि आजु कै डरावनी हकीकत अहै। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र अउर मध्य भारत के कइयौ इलाकन मा तापमान 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचि गवा। कइयौ सहरन मा बिजली कै मांग सारा रिकॉर्ड तोड़ि दिहिस। सड़कन पर सन्नाटा छाए लाग, मजूरन कै काम-धंधा ठप होइ गवा अउर लरिका-बच्चन, बूढ़-पुरनिया अउर गरीब मनइन के आघू आपन प्रान बचावै कै आफत आइ खड़ी भई।</p>
<p>ई संकट अचानक नाहीं आवा अहै। ई दसन सालन से कुदरत के साथे कीन गय बेढंगे व्यवहार, बिना सोचे-समझे सहर बसावै, जंगलन के कटान, प्राकृतिक चीजन के अंधाधुंध इस्तेमाल अउर सुबिधाभरी जिनगी जियै कै नतीजा अहै। कुदरत हमका बार-बार इसारा दिहिस, पै तरक्की कै अंधी दउड़ मा हम ओका अनसुना कइ दीन्हा। आजु ओही अनदेखी चेतावनियां हम्रे आघू भयंकर लू बनके ठाढ़ अहैं।</p>
<p>लू कै सबसे बड़ कारन खाली बढ़त तापमान नाहीं अहै, बल्कि तरक्की कै उ मॉडल अहै जेने धरती की प्राकृतिक ढाल को कमजोर कइ दिहिस। जंगल सदियन से धरती कै कुदरती एयर कंडीशनर रहे अहैं। उ सबई कार्बन डाइऑक्साइड सोखत रहेन, वाष्पोत्सर्जन से माहौल मा ठंडक रखत रहेन अउर पानी बरसइ कै चक्खर के संतुलित रखत रहेन। पै ई बड़े दुख कै बात अहै कि तरक्की के नाम पर जंगलन का तेजी से उजाड़ा गवा। हर साल लाखन हेक्टेयर जंगल खतम होत जा रहेन अहैं। ओकर नतीजा ई भवा कि स्थानीय स्तर पर तापमान बढ़ि गवा, हवा कै नमी कम होइ गइ, पानी बरसइ कै ढंग बिगड़ गवा अउर गरम हवा कइयौ दिनन तक चलै लागी।</p>
<p>आजु सहर &#8220;कंक्रीट के जंगल&#8221; बन चुके अहैं। बड़े-बड़े सहरन मा हरियाली सिमिटत जात अहै अउर ओकरी जगह सीमेंट, डामर अउर सीसा कै ऊंची-ऊंची इमारतें लेत जात अहैं। ओसे &#8220;अर्बन हीट आइलैंड&#8221; कै असर तेजी से बढ़ा अहै। सहर अब आपन आस-पड़ोस के गांवन के तुलना मा कइयौ डिग्री जादा गरम होइ चुके अहैं। कंक्रीट दिनभर सुरुज देव कै ताप सोखत अहै अउर रात मा ओका धीरे-धीरे छोड़त अहै। जेकरे कारन रातियों मा खूब गरमी रहत अहै अउर तन-मन का रत्ती भर चैन नाहीं मिल पावत।</p>
<p>दिल्ली, मुंबई, जयपुर अउर लखनऊ जइसन सहरन मा रात कै तापमान पहिले के मुकाबला मा लगातार बढ़त जात अहै। गरीब बस्तियन मा हालत अउर गंभीर अहै। हुआं न तउ हरियाली अहै, न पूरा पानी मिलत अहै अउर न ठंडा रखै कै कौनों साधन अहै। टीन कइ छत वाले घर दिन मा भट्ठी नियर तपत अहैं। ई गरमी कै मार अमीर-गरीब के भेद का अउर गहरा कइ देति अहै। अमीर मनई तउ एसी अउर बंद कमरन मा आराम पाइ जात अहैं, पै मजूर, रिक्शा चलावै वाले, ठेला वाले अउर मकान बनावै मा लाग मजूर खुले आसमान के नीचे झुलसत रहत अहैं।</p>
<p>दुख कै बात ई भी अहै कि गरमी से बचे कै सबसे बढ़िया साधन एयर कंडीशनर खुदै आफत का बढ़ावै वाला बनत जात अहै। एक एसी कमरा का तउ ठंडा कइ देत अहै, पै बाहर ओतने ही गरम हवा छोड़त अहै। ओकरे साथे बिजली कै खपत बढ़ति अहै, जेकर बहुत बड़ा हिस्सा आजु भी कोयला से बनै वाली बिजली से आवत अहै। एसी से निकरै वाली गैसें वातावरण मा ग्रीनहाउस प्रभाव का अउर बढ़ावा देति अहैं। ई तरह एक अइसा कुचक्र बन गवा अहै &#8211; गरमी बढ़त अहै, एसी कइ मांग बढ़त अहै, गैसों कै निकरब बढ़त अहै अउर फिर गरमी अउर जादा बढ़ि जात अहै।</p>
<p>मौसम कै ई बदलाव खाली तापमान बढ़इ तक नाहीं सीमित अहै। ई खेती-किसानी, अनाज कै सुरक्षा, सेहत अउर देस कै माली हालत (अर्थव्यवस्था) पर भी गहरा असर डालत अहै। बिगियानिकन के खोज से पता चला अहै कि बढ़त गरमी अउर बेमौसम कै बदलाव के कारन गेहूँ, धान अउर दूसरी फसलन कै पैदावार पर खराब असर पड़त अहै। गरम हवायें पेड़-पौधन के बढ़त का रोक देति अहैं, पानी कै सोतन का सुखाए देति अहैं अउर माटी कै उपजाऊ ताकत का कमजोर कइ देति अहैं। जउं यही तरन बात रही तउ आवे वाले सालन मा खाय-पीए कै आफत (खाद्य संकट) भी गहराइ सकत अहै।</p>
<p>लोगन के सेहत पर भी ओकर बुरा असर साफ दिखात अहै। लू लगब, डिहाइड्रेशन (पानी कै कमी), हीट stroke (स्ट्रोक), दिल कै बीमारी अउर दिमागी तनाव जइसन मुसीबतें बढ़त जा रही अहैं। अस्पतालन मा गरमी से बीमार भये मरीजन कै भीर लागत अहै। सबसे जादा खतरा बूढ़-पुरनिया, लरिका-बच्चन, गर्भवती मेहरारू अउर बाहर काम करै वाले मजूरन का अहै।</p>
<p>गरमी कै ई संकट समाज अउर इंसानियत के लिए भी एक बड़ी आफत बन सकत अहै। पानी कै सोतन के सूखै, खेती-किसानी मा घाटा अउर जियै के साधन बिगड़ै से बहुत बड़े पैमाने पर लोगन का आपन घर-बार छोड़के दूसरी जगह जाय (पलायन) का मजबूर होय का पड़ी। जीव-जन्तु अउर पेड़-पौधन (जैव विविधता) पर भी ओकर गम्भीर असर पड़त अहै। कइयौ जानवर अउर पेड़-पौधे आपन प्राकृतिक घर खोवत जा रहे अहैं। हजारन प्रजातियन के बचै पर संकट मँडरात अहै।</p>
<p>अइसन समै मा सरकारन कै जिम्मेदारी बहुतै बढ़ि जात अहै। खाली रेड अलर्ट अउर ऑरेंज अलर्ट जारी कइ देब काफी नाहीं अहै। लू (हीटवेव) का देस कै बड़ी आफत (राष्ट्रीय आपदा) मानके लम्बे समै कै नीति बनावै कै जरूरत अहै। सबसे पहिले सहरन मा &#8216;हीट एक्शन प्लान&#8217; का नीक तरन लागू करै का पड़ी। हर सहर मा हरियाली बढ़ावै, पानी बचावै, छायादार रस्ता, सरकारी पियाऊ अउर ठंडक देइ वाले केंद्रन कइ व्यवस्था करब जरूरी अहै। स्कूल, कॉलेज अउर दफ्तरन के समय मा बदलाव करत समै उ इलाका कै तापमान ध्यान मा रखै का चाही। दुपहरी कै कड़क धूप मा मजूरन से काम करावै कै समय कम कीन जाय अउर उनके आराम करै अउर पानी पीए कै पुख्ता इंतजाम कीन जाय।</p>
<p>सरकार का मकान बनावै के नियमन मा भी बदलाव लावै का पड़ी। हमार पुरान ढंग कै बनावट &#8211; हवादार घर, अँगना, माटी कै दीवाल अउर खपरैल, छतन पर हरियाली अउर कुदरती हवा आवे-जाय के रस्ता का बढ़ावा देवे का चाही। सीसा कै चमकत इमारतन अउर गरमी सोखै वाले मकानन पर फिर से विचार करै कै जरूरत अहै। “कूल रूफ” तकनीक (छत का ठंडा रखै कै तरीका), पानी बरसावै कै पानी बटोरब (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) अउर सौर ऊर्जा से चलै वाले एसी-पंखन का बढ़ावा दीन जाय।</p>
<p>जंगल बचाउब अउर पेड़ लगाउब खाली कौनों दिखावटी काम नाहीं, बल्कि पूरे देस कै प्राथमिकता होय का चाही। सहरन मा छोटे जंगल (माइक्रो फॉरेस्ट), पार्क अउर हरी-भरी गलियां बनाई जायं। पानी कै सोतन अउर पुरान ताल-तलइयन का फिर से जिन्दा कीन जाय काहे से कि उ सबई ओस-पास कै तापमान का काबू मा रखै मा बहुत मददगार होत अहैं।</p>
<p>पै खाली सरकारें ई लड़ाई नाहीं जीत सकतीं। आम मनइन का भी आपन फर्ज समझै का पड़ी। हमका आपन सुख-सुबिधा वाली जिनगी जियै के तरीका पर फिर से विचार करै का पड़ी। पानी कै हिसाब से इस्तेमाल, बिजली बचाउब, पेड़ लगाउब, सरकारी बस-ट्रेनन कै इस्तेमाल अउर आपन आस-पड़ोस के पर्यावरण का बचाउब अब कौनों मनमर्जी कै काम नाहीं, बल्कि पूरे समाज कै जिम्मेदारी अहै।</p>
<p>हमरे देस मा पहिले पियाऊ लगौब, छांवदार बिस्राम घर बनौब अउर पानी पिलावै कै बहुत सुघर परंपरा रही। गरमी मा बटोहियन का पानी पिलाउब बहुत धरम कै काम माना जात रहा। आजु ओही परंपरा का फिर से जगावै कै जरूरत अहै। समाज, धरम करम कै संस्थाएं अउर मदद करै वाली संस्थाएं (एनजीओ) मिलके पानी सेवा अउर गरमी से राहत देवे कै अभियान चलाइ सकतीं।</p>
<p>गरमी अउर पानी कै किल्लत का राजनीति कै खेल बनावै के बजाय मिलजुल के हल निकालै कै रास्ता खोजे का पड़ी। पानी के बटवारा पर झगड़ा अउर स्वार्थ कै राजनीति आवे वाले कल का अउर कठिन बनाइ देई। जरूरत अहै कि पानी कै इंतजाम, पर्यावरण कै सुरक्षा अउर मौसम के बदलाव से लड़इ का पूरे देस कै एक राय कै मुद्दा बनाया जाय।</p>
<p>साल 2026 कै ई झुलसावै वाली गरमी हमका होसियार कइ रही अहै कि जउं हम अबहूँ कुदरत के साथे तालमेल नाहीं मिलाएन तउ आवे वाले सालन मा हालत अउर भयावह होइ जाई। धरती कै तापमान अउर बढ़ी, पेड़-पौधे अउर जीव-जन्तु खतम होइ जइहैं, खाय-पीए कै आफत मचि जाई अउर इंसानी जिनगी अउर कठिन होइ जाई। ई समय कुदरत से लड़इ कै नाहीं अहै, बल्कि ओकरे साथे मिलके चलइ कै अहै। हमका तरक्की कै अइसा रास्ता चुने का पड़ी जेहि मा पर्यावरण, मानुस कै जिनगी अउर आवै वाला भविस्स सुरक्षित रहि सकै। नाहीं तउ उ दिन दूर नाहीं जब सुरुज कै तपिस खाली परेशानी नाहीं, बल्कि हम्रे वजूद कै संकट बन जाई।</p>
<p>&#8211; ललित गर्ग<br />लेखक, पत्रकार अउर स्तंभकार</p>
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		<title>आखिर दुनिया, भारत कइ विकास जात्रा क हिस्सा काहे बने चाहत हवै? समुझियै</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 May 2026 17:09:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[दुनिया आजु भारत कइ विकास जात्रा क हिस्सा एही बरे बने चाहत हवै, काहे से भारत अब सिरिफ “बड़ा बाजार” नाहीं रहि गवा अहै, बल्कि ई देस अब पूरी दुनिया कइ राजनीति, अर्थव्यवस्था, तकनीक, सुरक्षा औ मानव संसाधन क एक बड़ा औ निर्णायक केंद्र बनत जात हवै। खास बात ई हवै कि अब ई केतनेउ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दुनिया आजु भारत कइ विकास जात्रा क हिस्सा एही बरे बने चाहत हवै, काहे से भारत अब सिरिफ “बड़ा बाजार” नाहीं रहि गवा अहै, बल्कि ई देस अब पूरी दुनिया कइ राजनीति, अर्थव्यवस्था, तकनीक, सुरक्षा औ मानव संसाधन क एक बड़ा औ निर्णायक केंद्र बनत जात हवै। खास बात ई हवै कि अब ई केतनेउ मामलन मा अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस-जर्मनी-यूके जइसन यूरोपीय देसन से होड़ो लेवै लाग अहै.</p>
<p><strong>पहिला, दुनिया क भारत मा सब ले बड़ा बाजार देखात हवै:</strong> भारत दुनिया क सब ले ढेर आबादी वाला देस हवै। हियाँ तेजी से बढ़त मध्यम वर्ग, डिजिटल उपभोक्ता औ भारी युवा शक्ति दुनिया भर कइ कंपनियन क अपनी कइती खींचत हवै। एही कारन तकनीक, ई-कॉमर्स, ऑटोमोबाइल, रक्षा, सेमीकंडक्टर औ ऊर्जा कइ क्षेत्रन मा भारी विदेशी निवेश आवत हवै।</p>
<p><strong>दूसरा, चीन कइ बिकल्प क रूप मा भारत:</strong> अमेरिका औ चीन कइ तनातनी औ सप्लाई चेन क संकट के बाद दुनिया “चाइना प्लस वन” रणनीति अपनावत हवै। केतनीउ बहुराष्ट्रीय कंपनियां अब अपनी उत्पादन औ निवेश क बड़ा हिस्सा भारत मा ले आवै चाहत हवैं, काहे से ऊ सब भारत क एक थिर (स्थिर) लोकतांत्रिक, कानूनी औ भारी श्रम-आधारित अर्थव्यवस्था मानत हवैं।</p>
<p><strong>तीसरा, भारत कइ डिजिटल क्रांति दुनिया क प्रभावित करेस:</strong> यूपीआई, आधार, डिजिटल गवर्नेंस, स्टार्टअप इकोसिस्टम औ एआई आधारित सेवा भारत क “डिजिटल पावर” बनाय दिहेन हवैं। काहे से दुनिया अब भारत कइ डिजिटल मॉडल क कम खरचा मा औ बड़े पैमाना पर लागू होय वाली व्यवस्था क रूप मा देखत हवै। एही बरे भारत कइती दुनिया क झुकाव एकदम स्वाभाविक हवै।</p>
<p><strong>चौथा, भारत पूरी दुनिया कइ थिरता क नवा खंभा बनत जात हवै:</strong> आजु दुनिया बहुध्रुवीय व्यवस्था कइती बढ़त हवै। अइसन बखत मा भारत कइ संबंध अमेरिका सेउ हवै, रूस सेउ हवै, औ यूरोप, जापान, खाड़ी देसन औ अफ्रीका सेउ हवै। इहै संतुलित कूटनीति भारत क “भरोसेमंद ताकत” बनावत हवै। एही बरे जादातर देस भारत क संगे रणनीतिक साझेदारी बढ़ावै चाहत हवैं।</p>
<p><strong>पांचवाँ, भारत क युवा मानव संसाधन दुनिया कइ जरूरत हवै:</strong> यूरोप, जापान औ केतनेउ बिकसित देसन मा बूढ़ लोगन कइ तादाद बढ़त जात हवै। एकरे उलट भारत क पास भारी युवा कार्यबल हवै। आईटी, स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग, एआई औ सेवा क्षेत्र मा भारतीय प्रतिभा पूरी दुनिया कइ अर्थव्यवस्था क चलावै मा बड़ी भूमिका निभावत हवै।</p>
<p><strong>छठवाँ, रक्षा औ सामरिक ताकत क बढ़त असर:</strong> भारत तेजी से रक्षा उत्पादन औ तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ावत हवै। ब्रह्मोस मिसाइल, रक्षा कॉरिडोर, अंतरिक्ष कार्यक्रम औ समुद्री ताकत भारत क सामरिक नजरिया से बहुत जरूरी बनाय दिहे हवै।</p>
<p><strong>सतवाँ, भारत “ग्लोबल साउथ” कइ आवाज बन गवा हवै:</strong> अफ्रीका, एशिया औ विकाससील देसन क लागत हवै कि भारत पच्छिम औ चीन—दोनो से अलग एक संतुलित रास्ता (मॉडल) देखाय सकत हवै। जी-20, ब्रिक्स औ दुनिया भर कइ बड़-बड़ मंचन पर भारत कइ भूमिका लगातार बढ़त जात हवै।</p>
<p><strong>अठवाँ, निवेश करइ वालन क भारत मा लंबा समय क मौका देखात हवै:</strong> दुनिया कइ बड़ी-बड़ी कंपनियां समुझत हवैं कि अगिले 20-25 बरिसन तक भारत तेजी से बढ़त अर्थव्यवस्था रहिही। इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, एआई, हरित तकनीक औ विनिर्माण मा भारी मौका मौजूद अहैं।</p>
<p>लेकिन चुनौतियां भी कम नाहीं अहैं। भले ही दुनिया भारत मा मौका देखत हवै, पै संगे-संगे कुछ चिंताओ हवैं: बेरुजगारी, समाजी असमानता, पढ़ाई-लिखाई औ दवाई-बिरो (शिक्षा औ स्वास्थ्य) कइ गुणवत्ता, न्यायिक औ प्रशासनिक कामन मा देरी, राजनीतिक ध्रुवीकरण, औ बुनियादी ढांचा कइ असमानता। यदि भारत इन चुनौतियन क नीक तान संभारि लेत हवै, तौ 21वीं सदी मा ऊ सिरिफ एक बड़ी अर्थव्यवस्था नाहीं, बल्कि पूरी दुनिया कइ व्यवस्था क प्रभावित करइ वाली महाशक्ति बन सकत हवै।</p>
<p>&#8211; कमलेश पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार औ राजनीतिक विश्लेषक</p>
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		<title>आखिर दुनिया, भारत क विकास यात्रा क हिस्सा काहे बनय चाहत अहै? समुझें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 May 2026 17:03:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[दुनिया आजु भारत क विकास यात्रा क हिस्सा एहि बरे बनय चाहत अहै, काहे से भारत अब सिरिफ “बड़ा बाजार” नाहीं रहि गवा अहै, बल्कि ई देस अब वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, तकनीक, सुरक्षा अउर मनई संसाधन क एक निर्णायक केंद्र बनत जात अहै। खास बात ई अहै कि अब ई कई मामलन मा अमेरिका, रूस, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दुनिया आजु भारत क विकास यात्रा क हिस्सा एहि बरे बनय चाहत अहै, काहे से भारत अब सिरिफ “बड़ा बाजार” नाहीं रहि गवा अहै, बल्कि ई देस अब वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, तकनीक, सुरक्षा अउर मनई संसाधन क एक निर्णायक केंद्र बनत जात अहै। खास बात ई अहै कि अब ई कई मामलन मा अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस-जर्मनी-यूके जइसन यूरोपीय देसन से होड़ो लेवै लाग अहै।</p>
<p><strong>पहिला, दुनिया का भारत मा सबसे बड़ा बाजार देखात अहै:</strong> भारत दुनिया क सबसे बड़ी आबादी वाला देस अहै। हियाँ तेजी से बढ़त मध्यम वर्ग, डिजिटल उपभोक्ता अउर भारी युवा शक्ति वैश्विक कंपनियन का अपनी ओर खींचत अहै। एही कारन तकनीक, ई-कॉमर्स, ऑटोमोबाइल, रक्षा, सेमीकंडक्टर अउर ऊर्जा क्षेत्रन मा भारी विदेशी निवेश आवत अहै।</p>
<p><strong>दूसरा, चीन क विकल्प के रूप मा भारत:</strong> अमेरिका-चीन क तनातनी अउर सप्लाई चेन क संकट के बाद दुनिया “चाइना प्लस वन” रणनीति अपनावत अहै। कइयौ बहुराष्ट्रीय कंपनियां अब उत्पादन अउर निवेश क बड़ा हिस्सा भारत मा भेजै चाहत अहैं, काहे से भारत का एक थिर लोकतांत्रिक, कानूनी अउर भारी श्रम-आधारित अर्थव्यवस्था माना जात अहै।</p>
<p><strong>तीसरा, भारत क डिजिटल क्रांति दुनिया का प्रभावित करेस:</strong> यूपीआई, आधार, डिजिटल गवर्नेंस, स्टार्टअप इकोसिस्टम अउर एआई आधारित सेवन भारत का “डिजिटल पावर” बनाय दिहे अहै। काहे से दुनिया अब भारतीय डिजिटल मॉडल का कम खरच मा अउर बड़े पैमाने पर लागू होय वाली व्यवस्था क रूप मा देखत अहै, एहि बरे भारत कइती उनका झुकाव स्वाभाविक अहै।</p>
<p><strong>चौथा, भारत वैश्विक स्थिरता क नया खंभा बनत अहै:</strong> आजु दुनिया बहुध्रुवीय व्यवस्था कइती बढ़त अहै। अइसन समय मा भारत अमेरिका से भी संबंध रखत अहै, रूस से भी, अउर यूरोप, जापान, खाड़ी देसन अउर अफ्रीका से भी। इहै संतुलित कूटनीति भारत का “भरोसेमंद ताकत” बनावत अहै। एहि बरे जादेतर देस भारत क साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ावय चाहत अहैं।</p>
<p><strong>पचवां, भारत क युवा मनई संसाधन दुनिया क जरूरत अहै:</strong> यूरोप, जापान अउर कइयौ विकसित देसन मा बुढ़वन क आबादी बढ़त जात अहै। एकरे उलट भारत क पास भारी युवा कार्यबल अहै। आईटी, सेहत, इंजीनियरिंग, एआई अउर सेवा क्षेत्र मा भारतीय प्रतिभा वैश्विक अर्थव्यवस्था का चलावै मा महत्वपूर्ण भूमिका निभावत अहै.</p>
<p><strong>छठा, रक्षा अउर सामरिक ताकत क बढ़त असर:</strong> भारत तेजी से रक्षा उत्पादन अउर तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ावत अहै। ब्रह्मोस मिसाइल, रक्षा कॉरिडोर, अंतरिक्ष कार्यक्रम अउर समुद्री ताकत भारत का सामरिक नजरिया से महत्वपूर्ण बनाय दिहे अहै।</p>
<p><strong>सातवां, भारत “ग्लोबल साउथ” क आवाज बन गवा अहै:</strong> अफ्रीका, एशिया अउर विकासशील देसन का लागत अहै कि भारत पश्चिम अउर चीन- दुनहुन से अलग एक संतुलित मॉडल देइ सकत अहै। जी-20, ब्रिक्स अउर अंतरराष्ट्रीय मंचन पर भारत क भूमिका लगातार बढ़त जात अहै।</p>
<p><strong>अठवां, निवेश करै वालन का भारत मा लंबे समय क मौका दिखात अहै:</strong> दुनिया क बड़ी कंपनियां समुझत अहैं कि अगले 20-25 बरिसन तक भारत तेजी से बढ़त अर्थव्यवस्था रहिहै, अउर इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, एआई, हरी तकनीक अउर विनिर्माण मा भारी मौका मौजूद अहैं।</p>
<p>लेकिन चुनौतियन भी कम नाहीं अहैं। भले ही दुनिया भारत मा मौका देखत अहै, पै साथ ही कुछ चिंता भी अहैं: बेरोजगारी, सामाजिक असमानता, पढ़ाई अउर सेहत क गुणवत्ता, अदालती अउर प्रशासनिक देरी, राजनीतिक ध्रुवीकरण, अउर बुनियादी ढांचा क असमानता। जउ भारत इन चुनौतियन का संतुलित ढंग से संभाल लेत अहै, तउ 21वीं सदी मा ऊ सिरिफ एक बड़ी अर्थव्यवस्था ही नाहीं, बल्कि वैश्विक व्यवस्था का प्रभावित करै वाली महाशक्ति बन सकत अहै।</p>
<p>&#8211; कमलेश पांडेय<br />वरिष्ठ पत्रकार अउर राजनीतिक विश्लेषक</p>
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		<title>आखिर दुनिया, भारत कय विकास जात्रा क हिस्सा काहे बनइ चाहत अहै? समुझइँ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 May 2026 16:53:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[दुनिया आजु भारत कय विकास जात्रा क हिस्सा इहइ नाते बनइ चाहत अहै, काहें से कि भारत अब खाली एक्कय “बड़ा बाजार” नाहीं रहि गवा है, बल्कि ई देस अब वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, तकनीक, सुरक्षा अउर मानव संसाधन क एक निर्णायक केंद्र बनत जात अहै। खास बात ई अहै कि अब ई कई मामलन मा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दुनिया आजु भारत कय विकास जात्रा क हिस्सा इहइ नाते बनइ चाहत अहै, काहें से कि भारत अब खाली एक्कय “बड़ा बाजार” नाहीं रहि गवा है, बल्कि ई देस अब वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, तकनीक, सुरक्षा अउर मानव संसाधन क एक निर्णायक केंद्र बनत जात अहै। खास बात ई अहै कि अब ई कई मामलन मा अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस-जर्मनी-यूके जइसन यूरोपीय देसन से बराबरी क टक्कर लेइ लाग अहै.</p>
<p><strong>पहिला, दुनिया कय भारत मा सबसे बड़ा बाजार देखात अहै:</strong> भारत दुनिया मा सबसे ढेर आबादी वाला देस अहै। इहाँ तेजी से बढ़त मध्यम वर्ग, डिजिटल उपभोक्ता अउर बड़हन युवा शक्ति वैश्विक कंपनियन कय अपनी ओर खींचत अहै। इहइ कारन तकनीक, ई-कॉमर्स, ऑटोमोबाइल, रक्षा, सेमीकंडक्टर अउर ऊर्जा के क्षेत्रन मा भारी विदेशी निवेश आवत अहै.</p>
<p><strong>दूसरा, चीन के विकल्प के रूप मा भारत:</strong> अमेरिका-चीन तनाव अउर सप्लाई चेन के संकट के बाद दुनिया “चाइना प्लस वन” नीति अपनावत अहै। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां अब उत्पादन अउर निवेश कय बड़ा हिस्सा भारत मा ले आवइ चाहत अहीं, काहें से कि भारत कय एक स्थिर लोकतांत्रिक, कानूनी अउर बड़हन श्रम-आधारित अर्थव्यवस्था माना जात अहै.</p>
<p><strong>तीसरा, भारत कय डिजिटल क्रांति दुनिया कय प्रभावित करेस:</strong> यूपीआई, आधार, डिजिटल गवर्नेंस, स्टार्टअप इकोसिस्टम अउर एआई पर आधारित सेवा सभन मिलि कय भारत कय “डिजिटल पावर” बनाय दिहिन अहै। काहें से कि दुनिया अब भारतीय डिजिटल मॉडल कय कम लागत अउर बड़े पैमाने पर लागू होय वाली व्यवस्था के रूप मा देखत अहै, इहइ नाते भारत की ओर ओकर झुकाव स्वाभाविक अहै.</p>
<p><strong>चौथा, भारत वैश्विक स्थिरता क नया खंभा बनत जात अहै:</strong> आजु दुनिया बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़त अहै। अइसन समइ मा भारत, अमेरिका सेउ संबंध रखत है, रूस सेउ, यूरोप, जापान, खाड़ी देसन अउर अफ्रीका सेउ। इहइ संतुलित कूटनीति भारत कय “भरोसेमंद ताकत” बनावत अहै। इहइ नाते ढेर सारे देस भारत के साथे रणनीतिक साझेदारी बढ़ावइ चाहत अहीं.</p>
<p><strong>पचवां, भारत कय युवा मानव संसाधन दुनिया कय जरूरत अहै:</strong> यूरोप, जापान अउर कइयौ विकसित देसन मा बूढ़ लोगन कय आबादी बढ़त जात अहै। एकरे उलट भारत के लगे बड़हन युवा कार्यबल अहै। आईटी, स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग, एआई अउर सेवा क्षेत्र मा भारतीय प्रतिभा वैश्विक अर्थव्यवस्था कय चलावै मा बड़ी भूमिका निभावत अहै.</p>
<p><strong>छठवां, रक्षा अउर सामरिक ताकत कय बढ़त प्रभाव:</strong> भारत तेजी से रक्षा उत्पादन अउर तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ावत अहै। ब्रह्मोस मिसाइल, रक्षा कॉरिडोर, अंतरिक्ष कार्यक्रम अउर समुद्री ताकत भारत कय सामरिक नजरिया से बहुत जरूरी बनाय दिहे अहै.</p>
<p><strong>सतवां, भारत “ग्लोबल साउथ” कय अवाज बन गवा अहै:</strong> अफ्रीका, एशिया अउर विकासशील देसन कय लागत अहै कि भारत पच्छिम अउर चीन- दूनौ से अलग एक संतुलित मॉडल देइ सकत अहै। जी-20, ब्रिक्स अउर अंतरराष्ट्रीय मंचन पर भारत कय भूमिका लगातार बढ़त जात अहै.</p>
<p><strong>अठवां, निवेशकों कय भारत मा लंबा समइ कय मौका देखात अहै:</strong> दुनिया कय बड़हन कंपनियां बूझत अहीं कि अगलें 20-25 बरिसन तक भारत तेजी से बढ़त अर्थव्यवस्था रहिहै, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, एआई, हरित तकनीक अउर विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) मा बड़हन मौका मौजूद अहैं.</p>
<p>लेकिन चुनौतियौ कम नाहीं अहीं। भले ही दुनिया भारत मा मौका देखत अहै, पै साथे-साथे कुछ चिंता कय बातौ अहैं: जइसे बेरोजगारी, सामाजिक असमानता, शिक्षा अउर स्वास्थ्य कय गुणवत्ता, न्यायिक अउर प्रशासनिक देरी, राजनीतिक ध्रुवीकरण, अउर बुनियादी ढांचा कय असमानता.</p>
<p>जदि भारत इन चुनौतियन कय ठीक ढंग से सम्हार लेत अहै, तउ 21वीं सदी मा ई खाली एक्कय बड़ी अर्थव्यवस्था नाहीं, बल्कि पूरी दुनिया कय व्यवस्था कय प्रभावित करइ वाली महाशक्ति बनइ सकत अहै। &#8211; कमलेश पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार अउर राजनीतिक विश्लेषक</p>
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		<title>मसूरी के जगह बांग्लादेश का अब लाहौर नीक लागै लाग है, भारत के बजाय पाकिस्तान मा अपने अफ़सरन का ट्रेनिंग दियवावत हंय तारिक रहमान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 May 2026 08:08:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[बांग्लादेश मा नई सरकार आवै के बाद लाग रहा कि मुहम्मद युनूस वाली गलती नाहीं दुहराई जइहें अउर चीन व पाकिस्तान के खेमा मा जाइ के बजाय ढाका का झुकाव भारत के कइती ही रही, बाकि अइसा होत देखात नाहीं है। हम आप का बताइ देइ कि ताज़ा मामला मा बांग्लादेश अपने अफ़सरन के ट्रेनिंग &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बांग्लादेश मा नई सरकार आवै के बाद लाग रहा कि मुहम्मद युनूस वाली गलती नाहीं दुहराई जइहें अउर चीन व पाकिस्तान के खेमा मा जाइ के बजाय ढाका का झुकाव भारत के कइती ही रही, बाकि अइसा होत देखात नाहीं है। हम आप का बताइ देइ कि ताज़ा मामला मा बांग्लादेश अपने अफ़सरन के ट्रेनिंग के बरे भारत के मसूरी मा स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के जगह पाकिस्तान के लाहौर मा स्थित सिविल सर्विसेज अकादमी का चुनेस है। इ कदम दक्खिन एशिया की बदलती कूटनीतिक राजनीति अउर बांग्लादेश की नई विदेश नीति का संकेत माना जात है।</p>
<p>हम आप का बताइ देइ कि लगभग एक दशक से बांग्लादेशी अफ़सरन के बरे मसूरी ट्रेनिंग का मुख्य केंद्र रहा। साल 2014 मा शेख हसीना सरकार के दौरान बांग्लादेश के लोक प्रशासन मंत्रालय अउर भारत के राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के बीच समझौता भा रहा। ओकरे बाद 2019 अउर 2024 मा भी नया समझौता भवा। 2019 से 2024 के बीच भारत मा 1019 से ज़्यादा बांग्लादेशी सिविल सेवकन का ट्रेनिंग दीन गयी, जबकि कुल मिलाइके लगभग 2500 अफ़सर भारत मा ट्रेनिंग लिहिन। बाकि अब पहिली दइयां 12 बांग्लादेशी अफ़सर 4 से 21 मई तक लाहौर मा ट्रेनिंग लेत हंय अउर एका पूरा खरचा पाकिस्तान सरकार उठावत है।</p>
<p>इ बदलाव अइसन समय मा भवा है जब शेख हसीना के सत्ता से बाहर होइ के बाद ढाका अउर इस्लामाबाद के बीच रिस्ता तेज़ी से मजबूत होत हंय। हाल ही मा बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबायद इस्लाम अउर पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री सैयद मोहसिन रज़ा नकवी के बीच भई बैठक मा दुनो देसन ने व्यापार, खेल, संस्कृति, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक अउर डिजिटल नवाचार जइसन क्षेत्रन मा सहयोग बढ़ावै पर जोर दीन। दुनो कइती से दक्खिन एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) का फिर से चालू करै अउर क्षेत्रीय संपर्क मजबूत करै की ज़रूरत भी दुहराई गयी।</p>
<p>जानकारन का मानब है कि बांग्लादेश अब अपनी विदेश नीति मा ढेर रणनीतिक आज़ादी देखावै चाहत है। नई राजनीतिक व्यवस्था के बाद ढाका भारत पर बहुतै ज़्यादा निर्भरता से बचै की कोसिस करत है अउर पाकिस्तान व चीन जइसन देसन के साथ भी तालमेल बनावै की फिराक मा है। यही कारन है कि नई सरकार भारत के साथ रिस्ता बनइले रहत हुए दूसर विकल्प के कइती भी बढ़त है। हालांकि बांग्लादेश अउर भारत दुनो इ समझत हंय कि आपसी टकराव लंबे समय तक उनके हक मा नाहीं है। इही वजह से दुनो देसन के बीच सैन्य सहयोग, आर्थिक संपर्क अउर राजनयिक बातचीत फिर से सुरू करै की कोसिस भी होइ रही है।</p>
<p>फिर भी दुनो देसन के बीच का अविश्वास पूरी तइयां खतम नाहीं भवा है। शेख हसीना का भारत मा रहब बांग्लादेश की राजनीति मा लगातार विवाद का बिषय बना है। ढाका मा इ बात पक्की होत जा रही है कि भारत बांग्लादेश की अंदरूनी राजनीति मा ज़रूरत से ज़्यादा असर बनइले राखै चाहत है। खास करिके जवान लोगन मा राष्ट्रवाद अउर राजनीतिक आज़ादी की भावना पहिले से ज़्यादा मजबूत भई है। भारत विरोधी भावना अब खाली वैचारिक मुद्दा नाहीं रहि गय, बल्कि घरेलू राजनीतिक पहचान का हिस्सा बनत जात है।</p>
<p>सीमा मैनेजमेंट, गैरकानूनी तस्करी, प्रवासन अउर पानी के बंटवारा जइसन पुरान विवाद भी अब तक हल नाहीं होइ पाइन। तीस्ता जल समझौता कइयौ सालन से अटका है अउर जलवायु परिवर्तन के कारन आगू इ विवाद अउर गंभीर होइ सकत है। हालांकि पच्छिम बंगाल की राजनीति मा भवा बदलाव के बाद कुछ जानकारन का भरोसा है कि इ दिशा मा नई पहल मुमकिन है। एकरे बावजूद आर्थिक रिस्ता दुनो देसन के बीच मजबूती बनावै मा खास भूमिका निभावत हंय। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था बहुत हद तक भारतीय बाज़ार अउर सप्लाई चेन पर निर्भर है, जबकि भारत के पूरब के राज्यन के बरे बांग्लादेश का इलाका व्यापार अउर संपर्क के लिहाज़ से बहुत ज़रूरी है। यही आर्थिक निर्भरता हर तनाव के बावजूद रिस्तन का पूरी तइयां टूटे से बचावत रही है।</p>
<p>इही बीच, चीन भी बांग्लादेश की विदेश नीति मा तेज़ी से अपना असर बढ़ावत है। माना जात है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान अपनी पहिली द्विपक्षीय विदेश यात्रा चीन का करि सकत हंय। चीन पहिले ही बांग्लादेश के साथ अपने रिस्तन का नई ऊंचाई पर पहुँचला बताय चुका है। एसे साफ इशारा मिलत है कि ढाका अब बहुध्रुवीय कूटनीति अपनावत हुए भारत, चीन अउर पाकिस्तान के बीच बैलेंस बनावै की कोसिस करत है। देखा जाय तौ दक्खिन एशिया की बदलती राजनीति मा बांग्लादेश का इ नया रुख खाली एक देस की विदेश नीति का बदलाव नाहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र मा ताकत के बैलेंस के नये दौर की सुरुआत माना जात है। आवै वाले समय मा इ देखब बहुत ज़रूरी होई कि भारत अउर बांग्लादेश अपने पुरानी रिस्तन का नई राजनीतिक हकीकत के साथ कइसन तालमेल बैठावत हंय।</p>
<p><strong>भारत अउर बांग्लादेश के रिस्तन मा मोदी कूटनीति</strong></p>
<p>खैर, जानकारन का मानब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति का सबसे मजबूत पच्छ इ रहा है कि भारत ने तमाम राजनीतिक उतार-चढ़ाव अउर तनाव के बावजूद बांग्लादेश के साथ बातचीत अउर सहयोग के रस्ता कबहूँ पूरी तइयां बंद नाहीं कीन। चाहे बिजली सहयोग होय, व्यापार, संपर्क परियोजना, सुरक्षा साझेदारी या मानवीय मदद, भारत ने हर मुस्किल समय मा ढाका का साथ दीन है। दूसर कइती चीन अउर पाकिस्तान की नीति का दक्खिन एशिया मा अक्सर अपने फ़ायदे अउर मौकापरस्ती से जुड़ा माना जात रहा है।</p>
<p>चीन निवेश अउर बुनियादी ढांचा के ज़रिये असर बढ़ावै की कोसिस करत है, जबकि पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के रिस्तन का इतिहास भी कइयौ संवेदनशील पन्ना से जुड़ा रहा है। अइसन मा आवै वाले समय मा बांग्लादेश का इ एहसास होइ सकत है कि भरोसा मंद अउर निस्वार्थ साथी के रूप मा भारत का महत्व सबसे ज़्यादा है। बाकि सवाल इ भी है कि जब तक ढाका इ हकीकत का पूरी तइयां समझी, तब तक कहीं रणनीतिक अउर कूटनीतिक तौर पर बहुत देर न होइ जाय।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>का राघव चड्ढा से आप क मोहभंग होइगा? अब संसद मा नाहीं मिली मौका! अशोक मित्तल का मिला उप-नेता पद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[test test1]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 15:10:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[जानकारी बरे बताइ दी कि आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा का डिप्टी लीडर पद से हटाय दिहिस है। पार्टी राज्यसभा सचिवालय का यहि बारे मा एक पत्र भेजिस है। अब अशोक मित्तल राज्यसभा मा आम आदमी पार्टी कइँती से उपनेता होइहैं। आम आदमी पार्टी राज्यसभा सचिवालय का सूचना दिहिस है कि सांसद राघव चड्ढा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जानकारी बरे बताइ दी कि आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा का डिप्टी लीडर पद से हटाय दिहिस है। पार्टी राज्यसभा सचिवालय का यहि बारे मा एक पत्र भेजिस है। अब अशोक मित्तल राज्यसभा मा आम आदमी पार्टी कइँती से उपनेता होइहैं।</p>
<p>आम आदमी पार्टी राज्यसभा सचिवालय का सूचना दिहिस है कि सांसद राघव चड्ढा का संसद मा बोलै बरे समय नाहीं दीन जाय। एकरे अलावा, आम आदमी पार्टी राज्यसभा सचिवालय का एक पत्र सौंपि के सांसद अशोक मित्तल का पार्टी क उप-नेता बनावै क अरजी दिहिस है।</p>
<p><strong>आप सूत्रन क जानकारी:</strong> आम आदमी पार्टी राज्यसभा सचिवालय का बताय दिहिस है कि सांसद राघव चड्ढा का संसद मा बोलै क मौका न दीन जाय। अउर, आम आदमी पार्टी राज्यसभा सचिवालय का सांसद अशोक मित्तल का पार्टी क उप-नेता नियुक्त करै बरे पत्र दइ दिहिस है&#8230;</p>
<p><strong>मोबाइल उपभोक्ता मनई का मिलै डाटा रोलओवर क सुबिधा &#8211; राघव चड्ढा</strong></p>
<p>आम आदमी पार्टी (आप) क सांसद राघव चड्ढा पिछलें दिनन मा राज्यसभा मा टेलीकॉम कंपनिन क डाटा खरच करै क तरीका पर सवाल उठायेन रहा। ऊ कहे रहे कि जौन डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नाहीं कइ पावत हैं, ऊ खतम नाहीं होय के चाही, बलुक अगले दिन बरे बचा रहय के चाही।</p>
<p>अबहीं तौ रोज मिलै वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खतम होइ जात है, जबकि एकरे बरे मनई पहिले ही पइसा दइ चुकि रहत हैं। यहि नाते एकर फायदा कंपनिन का नाहीं, बलुक ग्राहकन का मिलै के चाही। चड्ढा सलाह दिहिन रहा कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीना रिचार्ज मा छूट दीन जाय अउर ग्राहकन का डाटा रोलओवर क सुबिधा मिलै।</p>
<p>ऊ इहौ कहे रहे कि मनई का आपन बचा हुआ डाटा दूसर मनई का भेजै क अधिकार भी मिलै के चाही। आप सांसद अमेरिका, यूरोप, नीदरलैंड अउर ऑस्ट्रेलिया क उदाहरण देत भए कहेन कि हुवाँ अइसन सुबिधा पहिले से मौजूद है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कौन होगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री </title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 17:09:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[पर्यवेक्षक के रूप में शिवराज सिंह चौहान पहुंचे पटना  पटना। बिहार की सियासत इस समय बेहद अहम मोड़ पर खड़ी है। यहां नए मुख्यमंत्री चयन की कवायद शुरू हो गई है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 तारीख तक इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है। इस संभावित बदलाव &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>पर्यवेक्षक के रूप में शिवराज सिंह चौहान पहुंचे पटना </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">पटना। बिहार की सियासत इस समय बेहद अहम मोड़ पर खड़ी है। यहां नए मुख्यमंत्री चयन की कवायद शुरू हो गई है </p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 तारीख तक इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है। इस संभावित बदलाव के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बिहार की कमान किसके हाथ में जाएगी।  चर्चा है कि इस बार मुख्यमंत्री पद भारतीय जनता पार्टी के खाते में जा सकता है, जबकि जेडीयू को उपमुख्यमंत्री पद से संतुष्ट होना पड़ सकता है। </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सामाजिक न्याय, जाति जनगणना और ओबीसी अधिकारों को लेकर कांग्रेस का ऐलान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 17:35:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[यूपी में मनोज यादव के नेतृत में चलेगा ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दिलाने का अभियान  महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर कांग्रेस ओबीसी विभाग ने लिए कई संकल्प लखनऊ। लखनऊ के इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग द्वारा देश के इतिहास में सामाजिक क्रांति के अगुआ महात्मा ज्योतिबा फुले  के 200वीं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">यूपी में <strong>मनोज यादव के नेतृत में चलेगा ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दिलाने का अभियान </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर कांग्रेस ओबीसी विभाग ने लिए कई संकल्प </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। लखनऊ के इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग द्वारा देश के इतिहास में सामाजिक क्रांति के अगुआ महात्मा ज्योतिबा फुले  के 200वीं जयंती को वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस &#8221; के रूप में मनाया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम  में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी वर्गो को उनकी आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी वाले भागीदारी न्याय आंदोलन की अगुआई करने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे  और नेता प्रतिपक्ष लोकसभा राहुल गाँधी  का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के सभी नेताओं कार्यकर्ताओं को ओबीसी की जातिगत जनगणना, ओबीसी महिलाओं की सभी लोकसभा सीटों में आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी के लिए गाँव गाँव, चौराहे चौराहे पर कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की ।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जय हिन्द  ने बताया कि डॉ. अम्बेडकर  के गुरु महात्मा ज्योतिबा फुले जी ने पिछड़े दलित आदिवासी समाज को शिक्षित और सक्षम बनाने के लिए जीवन भर त्याग और संघर्ष किया, अनिल जय हिन्द ने सरकार को चेताया कि महिलाओं को उनके हिस्सेदारी से वँचित करने की मनुवादी सोंच के खिलाफ कांग्रेस पार्टी आंदोलन करेगी।साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं कार्यकर्ताओं के लिए राहुल गाँधी जी के सन्देश भी पढ़ कर सुनाया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://divyvichar.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0028-1024x682.jpg" alt="" class="wp-image-1042" srcset="https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0028-1024x682.jpg 1024w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0028-300x200.jpg 300w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0028-768x512.jpg 768w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0028-1536x1023.jpg 1536w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0028.jpg 1600w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">कांग्रेस ओबीसी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा है आज नई शुरुआत हुई है। उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग की महिलाओं को आरक्षण में हिस्सेदारी दिलाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। महिलाओं को जागरूक करके भाजपा सरकार की मनमानी पर रोक लगाई जाएगी और आगामी चुनाव में उसे सत्ता से बेदखल किया जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम में आए सभी नेताओं कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि समता मूलक समाज की स्थापना के लिए हमें इसी तरह एकजुटता और धैर्य से काम करने की जरूरत है। ताकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा&nbsp; ने जिस भरोसे के साथ उत्तर प्रदेश संगठन में सामाजिक न्याय के मूल्यों की नींव रखी थीं,उसे निश्चित तौर पर पूरा किया जा सके।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://divyvichar.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-1024x682.jpg" alt="" class="wp-image-1044" srcset="https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-1024x682.jpg 1024w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-300x200.jpg 300w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-768x512.jpg 768w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-1536x1023.jpg 1536w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029.jpg 1600w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph">तेलंगाना के मंत्री का सम्मान&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम में तेलंगाना कांग्रेस सरकार में परिवहन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर को जनगणना को वैज्ञानिक तरीके से कराने के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार को तेलंगाना मॉडल अपना कर पिछड़ों को देश के सभी संस्थाओं -संसाधनों में आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी देकर उनके साथ न्याय करना चाहिए। कांग्रेस महासचिव/ उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय ने कार्यक्रम की ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछड़ों को जोड़ने के लिए पार्टी पूरी तरह प्रतिबद्ध है,आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी सुनिश्चित किया जायेगा। झारखण्ड प्रभारी के. राजू ने राहुल गाँधी जी के भागीदारी के मुद्दे को उत्तर प्रदेश में मज़बूत करने के लिए पिछड़ा वर्ग विभाग, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सराहना किया। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, संसद राकेश राठौर, राजेंद्र पाल गौतम,&nbsp;आराधना मिश्रा (नेता, कांग्रेस विधानमंडल दल), रवि प्रकाश वर्मा (पूर्व सांसद), वीरेंद्र चौधरी विधायक, अजय कुमार लल्लू (कांग्रेस महासचिव प्रभारी ओड़िसा ),जितेन्द्र बघेल (राष्ट्रीय सचिव ), शाहनवाज़ आलम (राष्ट्रीय सचिव ), सुशील पासी (राष्ट्रीय सचिव ),पूर्व मंत्री मसूद अहमद,अनिल यादव,मनोज यादव, देवेंद्र निषाद, डॉ. राहुल राजभर, प्रतिभा अटल पाल,जितेंद्र पटेल,ममता राजपूत, डॉ. राजकुमार मौर्या,राहुल राय प्रजापति,सूर्यकेश विश्वकर्मा,संकल्प नंदन आदि मौजूद रहे।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भाजपा ने बनाया प्रीपेड पीड़ित: अखिलेश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 12:04:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के कहर की वजह से उत्तर प्रदेश में पीड़ित लोगों की एक नई श्रेणी बन गई है, जिसका नाम है ‘प्रीपेड पीड़ित’। ‘प्रीपेड पीड़ित’ का मतलब ये है कि जो लोग बिजली के प्रीपेड मीटर लगाकर बैठे हैं वो &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के कहर की वजह से उत्तर प्रदेश में पीड़ित लोगों की एक नई श्रेणी बन गई है, जिसका नाम है ‘प्रीपेड पीड़ित’। ‘प्रीपेड पीड़ित’ का मतलब ये है कि जो लोग बिजली के प्रीपेड मीटर लगाकर बैठे हैं वो स्मार्ट मीटर की ख़ामियों की वजह से बिजली कट जाने पर अंधेरे और गर्मी का संकट झेलने को मजबूर हैं।<br>अखिलेश यादव ने कहा कि जब बिजली खाते में बिजली के इस्तेमाल करने से पहले ही पैसा जमा हो जाता है तो फिर सरकार और कंपनी जनता को क्यों परेशान कर रही है। बिजली कंपनियों को तो पैसा पहले ही मिल जाता है, फिर उन्हें आम जनता की चिंता करने की क्या पड़ी है। बेचारी जनता दर-दर भटकने पर मजबूर है लेकिन सरकार और कंपनियाँ के सामने कोई सुनवाई नहीं है क्योंकि वो पहले से ही मिलीभगत करके पैसे कमा के बैठी हैं।<br> अखिलेश यादव ने कहा कि सच तो ये है कि भाजपा राज में अब जनता ‘उपभोक्ता’ नहीं रह गई है, ‘उपभुगता’ हो गई है क्योंकि वो हेराफेरी से बनी भाजपा सरकार के दुष्परिणामों को ‘भुगतने’ पर मजबूर है। इसी कारण पीडीए की संख्या भी लगातार बढ़ रही है क्योंकि हम हमेशा कहते हैं और आज भी कह रहे हैंः जो पीड़ित, वो पीडीए।<br> अखिलेश यादव ने कहा कि अब पीडीए में जुड़े ये नये ‘प्रीपेड पीड़ित’ कह रहे हैं कि चिंता न करें, बुरे दिन जानेवाले हैं। पीड़ित सरकार आएगी, सबको बिजली दिलवाएगी।<br></p>
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		<title>एकजुट होकर कांग्रेस को आगे बढ़ाएं, तभी बदलाव होगा- मीरा कुमार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 17:27:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[नई पीढ़ी के लिए मिसाल है जगजीवन राम का जीवन और संघर्षलखनऊ। पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम की जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेश मुख्यालय में आयोजित समारोह में कांग्रेस की नीतियों, दलितों की एकजुटता और भविष्य की तस्वीर पर मंथन हुआ। अपील की गई कि एकजुट होकर कांग्रेस के साथ आएं, तभी बदलाव दिखेगा। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>नई पीढ़ी के लिए मिसाल है जगजीवन राम का जीवन और संघर्ष</strong><br>लखनऊ। पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम की जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेश मुख्यालय में आयोजित समारोह में कांग्रेस की नीतियों, दलितों की एकजुटता और भविष्य की तस्वीर पर मंथन हुआ। अपील की गई कि एकजुट होकर कांग्रेस के साथ आएं, तभी बदलाव दिखेगा। </p>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने ने लखनऊ की तहजीब की तारीफ की। आए हुए कांग्रेसजनों का स्वागत किया। कानपुर को अपना ननिहाल बताते हुए खुद के रिश्तों की दुहाई दी। जगजीवन राम के जीवन और संघर्ष की कहानी सुनाते हुए भावुक हो गईं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"> उन्होंने कहा कि छुआ-छूत, ऊंच-नीच की भावना समाज रूपी पेड़ में अमर बेल की तरह लिपटी हुई है, जो समाज को कमजोर कर रही है। हमें इससे ऊपर उठकर देश के विकास के लिए एकजुट होना होगा। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की तारीफ करते हुए कहा कि तकनीकी गड़बड़ी न होती तो वह सांसद होते। कहा कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है। यूपी के कांग्रेस से बड़ी उम्मीद है। भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह उद्घोष और सैलाब कांग्रेस को ऊर्जा देगा। उन्होंने कहा कि वह कई देशों में जा चुकी हैं, लेकिन वहां सामाजिक न्याय की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसे में भारत में ही यह समस्या क्यों है, इस पर सभी को विचार करने की जरूरत है। आजादी मिले कई साल बीच गए हैं, लेकिन अभी अमीरी- गरीबी की खांई नहीं पटी है। अंग्रेज जाते वक्त बंटवारा करके पाकिस्तान बनवा दिया और हिंदुस्तान के समाज<br>को बांट दिया। उन्होंने जगजीवन राम से जुड़े संस्मरण बताएं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कांग्रेस से जुड़ रहे युवाओं की ताकत भाजपा को सत्ता से बेदखल करेगी। 2027 का चुनाव कांग्रेस के हक में होगा। यह चुनाव कांग्रेस को बहुमत देगा। इस चुनाव के बाद कांग्रेस का वनवास खत्म होगा। प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय ने कहा कि जगजीवन राम का जीवन साहस और अटूट संकल्प सिखाता है। जगजीवन राम के विचारों पर चलते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी समतामूलक समाज के निर्माण में लगे हैं। मैके पर संसद तनुज पूनिया, उज्जवल रमण सिंह, अंशुल अभिजीत, मनोज यादव, अनामिका यादव, शिव पांडेय, सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। संचालन मनीष हिंदवी ने किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दलित ही नहीं ब्राह्मण समाज पर भी संकट- प्रो रतन लाल</strong><br>मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो0 रतन लाल ने जगजीवन राम के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि स्व अटल बिहारी बाजपेई ने सरकारी कर्मचारियों की पेंशन छीन ली और वर्तमान सरकार नौकरी छीनने पर अमादा है। सरकारी नौकरियों में<br>सर्वाधिक संख्या सवर्णों की रही है और नौकरी और पदों की संख्या कम होने से नुकसान भी इसी वर्ग के लोगों का है। उन्होंने सवाल किया कि जब नौकरियां कम होंगी तो ब्राह्मण समाज क्या करेगा? इसलिए दलित ही नहीं ब्राह्मण समाज को<br>भी सावधान होना होगा। भाजपा कभी भी ब्राह्मण समाज की हितैषी नहीं है। इंदिरा गांधी ने दलित ही नहीं ब्राह्मण समाज के लिए भी कार्य किया है।</p>



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<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="681" data-id="939" src="https://divyvichar.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260404-WA0013-1024x681.jpg" alt="" class="wp-image-939" srcset="https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260404-WA0013-1024x681.jpg 1024w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260404-WA0013-300x200.jpg 300w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260404-WA0013-768x511.jpg 768w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260404-WA0013-1536x1021.jpg 1536w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260404-WA0013.jpg 1600w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
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<p class="wp-block-paragraph">आज कांग्रेस कार्यालय में दिखाई जाएगी फिल्म<br>कार्यक्रम में उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम के जीवन पर आधारित तथा राहुल गांधी द्वारा सामाजिक न्याय के लिए किए जा रहे संघर्षों पर आधारित दो लघु<br>फिल्मों का प्रसारण किया गया। इस फिल्म को रविवार को सभी कांग्रेस कार्यालय में दिखाया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>इनका हुआ सम्मान</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम के तृतीय सत्र सम्मान समारोह में पूर्व सांसद श्पी0एल0 पुनिया,  बृजलाल खाबरी,  कमल किशोर कमांडो, श्रीमती ओमवती देवी, ए0पी0 गौतम, पूर्व विधायक  धीरेन्द्र प्रसाद,  फूल कुँवर,  इन्दल रावत, श्रीमती मीता गौतम,  भगवती प्रसाद चौधरी, गयादीन अनुरागी,  राधे श्याम कनौजिया तथा सामाजिक एवं बौद्धिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे महानुभाव एच0 एल0 दुसाध,  ज्ञान प्रकाश जख्मी,  अमित नायब, महेश चंद देवा भाई, सुश्री विद्या गौतम,  सुनील राम को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर मुख्य अतिथि श्रीमती मीरा कुमार जी द्वारा सम्मानित किया गया।</p>



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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="681" data-id="941" src="https://divyvichar.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260404-WA0014-1024x681.jpg" alt="" class="wp-image-941" srcset="https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260404-WA0014-1024x681.jpg 1024w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260404-WA0014-300x200.jpg 300w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260404-WA0014-768x511.jpg 768w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260404-WA0014-1536x1021.jpg 1536w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260404-WA0014.jpg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
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		<title>कई नेता निशाने पर आतंकियों ने किया खुलासा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 16:46:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ।। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए पाकिस्तान से संचालित एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया के विभिन्न हैंडल्स के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में रहकर देश के महत्वपूर्ण संस्थानों, रेलवे संपत्तियों और राजनीतिक व्यक्तियों को निशाना बनाने की साजिश &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><em>लखनऊ</em>।। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए पाकिस्तान से संचालित एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया के विभिन्न हैंडल्स के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में रहकर देश के महत्वपूर्ण संस्थानों, रेलवे संपत्तियों और राजनीतिक व्यक्तियों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था। एटीएस ने समय रहते कार्रवाई कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी साजिश को विफल करने में सफलता प्राप्त की है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">एटीएस को प्राप्त खुफिया जानकारी के अनुसार, एक गिरोह पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था और उनके निर्देश पर देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। गिरोह का मुख्य काम देश के महत्वपूर्ण संस्थानों की रेकी कर संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान भेजना और योजनाबद्ध तरीके से सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना था। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और सिग्नल के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स, कई कट्टरपंथी समूहों और अफगानिस्तान के कुछ नंबरों से भी जुड़े हुए थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस गिरोह का मुख्य सदस्य साकिब उर्फ डेविल (25 वर्ष) पुत्र शकील अहमद निवासी ग्राम अगवानपुर थाना परीक्षितगढ़, मेरठ बताया गया है। उसके साथ मेरठ निवासी अरबाब (20), राम विहार, गौतम बुद्ध नगर निवासी विकास पहलावत उर्फ रौनक (27) तथा लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू (19) भी इस साजिश में शामिल थे। ये सभी आरोपी पैसों के लालच में देश के विभिन्न शहरों में महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी करते थे और उनकी जानकारी तथा वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजते थे। पाकिस्तानी हैंडलर इन्हें टेलीग्राम, इंस्टाग्राम के माध्यम से “ओसामा बिन लादेन”, “फरुतुल्ला गोरी”, “कश्मीर मुजाहिद्दीन”, “गजवा-ए-हिंद” तथा धर्म के आधार पर वाहन जलाने के लिए उकसाते थे और षडयंत्र रचते थे।<br>एटीएस के अनुसार, गिरोह के सदस्य रेलवे सिग्नल बॉक्स, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों और अन्य संवेदनशील ठिकानों पर आगजनी और विस्फोट की साजिश रच रहे थे। इनका मकसद देश में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा करना तथा आर्थिक नुकसान पहुंचाना था। आरोपियों ने गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों में कई स्थानों पर रेकी भी की थी। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों द्वारा कुछ स्थानों पर आगजनी की छोटी घटनाएं भी अंजाम दी गई थीं, जिनके वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे जाते थे। इसके बदले में उन्हें क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान किया जाता था। पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा उन्हें गूगल लोकेशन भेजकर टारगेट तय किए जाते थे और धार्मिक उन्माद फैलाकर उन्हें हिंसक गतिविधियों के लिए उकसाया जाता था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">2 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। लेकिन एटीएस टीम ने समय रहते मौके पर पहुंचकर सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से ज्वलनशील पदार्थ से भरा एक कैन, सात स्मार्टफोन, 24 पर्चे और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। इस संबंध में एटीएस थाना, लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम 1967 की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एटीएस की इस कार्रवाई से एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हुई है, जिससे प्रदेश में संभावित बड़े नुकसान को टालने में सफलता हासिल की गई और देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त गिरोह का भी पर्दाफाश हुआ है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>असम को नहीं बनने देंगे लव जेहाद व लैंड जेहाद की धरतीः योगी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 16:35:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[असम के बरपेटा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने की जनसभा  बारपेटा (असम)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन अप्रैल को&#160; असम के चुनावी रण में उतरे। एनडीए उम्मीदवार दीपक कुमार दास के पक्ष में बारपेटा में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व यूडीएफ पर जमकर निशाना साधा।&#160; सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>असम के बरपेटा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने की जनसभा</strong> </p>



<p class="wp-block-paragraph">बारपेटा (असम)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन अप्रैल को&nbsp; असम के चुनावी रण में उतरे। एनडीए उम्मीदवार दीपक कुमार दास के पक्ष में बारपेटा में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व यूडीएफ पर जमकर निशाना साधा।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस चुनाव के पहले ही मैदान छोड़कर भाग गई, जबकि यूडीएफ को भी बंगाल की खाड़ी में फेंकने का समय आ गया है। उन्होंने असमवासियों से एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का आह्वान किया और कहा कि घुसपैठियों को बाहर करना है और असम की डेमोग्राफी को बदलने नहीं देना है। एनडीए का संकल्प है कि असम को लव जेहाद-लैंड जेहाद की धरती नहीं बनने देंगे। यहां घुसपैठ नहीं होने देंगे। कांग्रेस व यूडीएफ की घुसपैठियों के जरिये डेमोग्राफी बदलने की साजिश सफल नहीं होने देंगे। एक-एक घुसपैठी को चिह्नित कर यहां से बाहर करने की भी व्यवस्था हो रही है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">असम में घुसपैठ की जननी है यूडीएफ, कांग्रेस उसकी सहयोगी</p>



<p class="wp-block-paragraph">सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने तय किया है कि असम को घुसपैठ का अड्डा नहीं बनने देंगे और दंगाइयों को निकाल बाहर करेंगे। कांग्रेस व यूडीएफ को जब भी अवसर मिला, इन्होंने भारत व भारतीयता को अपमानित किया। यूडीएफ असम में घुसपैठ की जननी है। घुसपैठियों के बल पर असम की सत्ता पर कब्जा करना चाहती है। कांग्रेस उनकी सहयोगी बनकर असम की संस्कृति से खिलवाड़ कर रही है। वहीं एनडीए सरकार असम की सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण करते हुए हर घुसपैठिए को बाहर कर डेमोग्राफी को चेंज करने की साजिश को विफल कर रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सीएम योगी ने असम को गौरव की धरा बताया, कहा- मेहनत, परिश्रम व पुरुषार्थ से चाय की चुस्की को दुनिया तक पहुंचाया*</p>



<p class="wp-block-paragraph">सीएम ने असमवासियों को रंगोली बिहू उत्सव की शुभकामना दी। उन्होंने असम को भारत के गौरव की धरा बताया और कहा कि हर भारतवासी यहां मां कामाख्या के दर्शन करने आता है। यहां की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व समृद्ध परंपरा ने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में महती भूमिका का निर्वहन किया है। वैष्णव परंपरा में श्रीमंत शंकर देव व माधव देव की पावन धरा ने नई ऊंचाई के साथ इसे एकता, भक्ति व मानवता के संदेश की भूमि के रूप में परिवर्तित किया है। असम का काजीरंगा नेशनल पार्क राइनो के साथ जैव विविधता के लिए जग विख्यात है। अहोम राजवंश ने इसी पावन धरा में विदेशी आक्रांताओं के छक्के छुड़ाकर अहोम की समृद्ध संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक ले जाकर भारत की रक्षा में योगदान दिया था। अहोम राजवंश के महान नायक लचित बोरफुकन का अदम्य साहस, शौर्य व पराक्रम भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा रहा है। असम ने मेहनत, परिश्रम व पुरुषार्थ से चाय की चुस्की को दुनिया तक पहुंचाया। असम अब चाय के साथ चिप के उत्पादन की केंद्रभूमि भी बन रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कांग्रेस के लोग एक खानदान का रखते थे ध्यान, अटल जी व मोदी जी ने असम के लाल को दिया भारत रत्न</p>



<p class="wp-block-paragraph">सीएम योगी ने तंज कसा कि कांग्रेस सरकार में भारत रत्न केवल एक खानदान के लोगों को प्राप्त होता था। असम के संगीत व संस्कृति की पहचान भूपेन हजारिका को कांग्रेस ने भारत रत्न नहीं दिया। उन्हें 2019 में मोदी सरकार ने और गोपीनाथ बोरदोलोई को 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने भारत रत्न दिया। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व की एनडीए सरकार ने संस्कृति, परंपरा व विरासत को आगे बढ़ाया। एनडीए सरकार सुरक्षा, सुशासन व सेवा के माध्यम से बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ गांव, गरीब, किसान, महिला व नौजवान तक पहुंचा रही है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेतृत्व की सरकारों ने 60 वर्षों तक असम में अराजकता, दंगा, कर्फ्यू, घुसपैठ को बढ़ावा देकर सुरक्षा में सेंध लगाई और विरासत को अपमानित किया। कांग्रेस को मां कामाख्या कॉरिडोर, काजीरंगा नेशनल पार्क में राइनो संरक्षण, असम व पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी याद नहीं आई। आज पूर्वोत्तर राज्यों में सड़क, रेल, एयरपोर्ट व इनलैंड वाटरवे की बेहतरीन कनेक्टिविटी है और यहां इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, एम्स, आईआईटी, आईआईएम का निर्माण हो रहा है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">जहां भी एनडीए सरकार, वहां विकास व विरासत का सम्मान</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से संवाद करते हुए कहा कि देश में जहां-जहां एनडीए सरकार है, पीएम मोदी के नेतृत्व में वहां-वहां विकास और विरासत का सम्मान है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामजन्मभूमि के लिए आंदोलन चला। असम से भी रामभक्त जाते थे, नारा लगाते थे कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। लेकिन, कांग्रेस ने कहा कि राम तो हुए ही नहीं। उसके सहयोगी दलों ने भी राम के अस्तित्व को नकारा, लेकिन जब यूपी में डबल इंजन सरकार बनी तो 500 वर्ष की तमन्ना पूरी हुई और अयोध्या में भव्य राममंदिर बन गया।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">यूपी में धर्मस्थल से नहीं आती चिल्लाने की आवाज</p>



<p class="wp-block-paragraph">सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज दंगा, कर्फ्यू और माफिया मुक्त है। नो कर्फ्यू, नो दंगा, वहां सब है चंगा। यूपी की सड़कों पर कोई नमाज नहीं पढ़ सकता। वहां धर्मस्थलों से चिल्लाने की आवाज नहीं आती है। यदि किसी ने दंगा करने का दुस्साहस किया तो उसकी प्रॉपर्टी जब्त कर दलितों, गरीबों, जनजाति समुदाय में बांट दी जाती है। घुसपैठियों या दंगाइयों का कोई अधिकार नहीं होता। कांग्रेस व यूडीएफ ने असम की संस्कृति के साथ खिलवाड़ किया। घुसपैठियों को बसाकर डेमोग्राफी बदलने और असमवासियों के हक, राशन, मकान व जमीन पर जबरन कब्जे का काम किया। अब एक-एक घुसपैठिए को चिह्नत कर बाहर करने की व्यवस्था हो रही है। इसके साथ ही एनडीए की डबल इंजन सरकार पीएम मोदी के नेतृत्व में विरासत के रूप में मां कामाख्या कॉरिडोर के निर्माण को आगे बढ़ा रही है तो दूसरी ओर हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम सरकार विकास कार्य कर रही है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">एनडीए ही कर सकती है विकास, कांग्रेस-यूडीएफ के पास न विजन, न कार्य करने की क्षमता</p>



<p class="wp-block-paragraph">सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 9 वर्ष से डबल इंजन सरकार है। वहां एक भी दंगा नहीं हुआ। यूपी में डबल इंजन सरकार विकास और गरीब कल्याण के कार्यों को बढ़ा रही है। उज्ज्वला योजना कनेक्शन, भरपूर बिजली, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख रुपये तक का लाभ, युवाओं को नौकरी व रोजगार, गरीबों के लिए फ्री राशन की सुविधा दी जा रही है। असम के चाय बागान में काम करने वाले श्रमिकों को स्पेशल पैकेज देकर सम्मानजनक रूप से आगे बढ़ाने का कार्य केवल भाजपा व एनडीए सरकार ही कर सकती है, क्योंकि कांग्रेस व यूडीएफ के पास विजन और कार्य करने की क्षमता नहीं है। ये केवल भारत की सुरक्षा में सेंध लगा रहे हैं। योगी ने असमवासियों से अपील की कि इन्हें सेंध लगाने की छूट नहीं देनी है।</p>
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		<title>किसान परेशान, सरकार मस्त: अखिलेश यादव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:10:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ।।सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में किसान बर्बाद हो गया है और आलू उत्पादकों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि आगरा, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, इटावा और एटा समेत कई जिलों में किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ।।सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में किसान बर्बाद हो गया है और आलू उत्पादकों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि आगरा, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, इटावा और एटा समेत कई जिलों में किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि किसानों ने आलू की खुदाई तक नहीं कराई और ट्रैक्टर से फसल जोत दी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">गोमती नगर स्थित लोहिया पार्क में डॉ. राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार ने आलू खरीद का वादा किया था, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया कि इसके लिए कितना बजट तय किया गया। अखिलेश यादव ने निवेश को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एमओयू के जरिए हुए निवेश में कितना जमीन पर उतरा, किस औद्योगिक नीति के तहत निवेश आया और कितने लोगों को रोजगार मिला, इसका जवाब सरकार दे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>यूपी में कानून-व्यवस्था की हत्या हो गई: अखिलेश यादव </title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Mar 2026 13:38:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[गोरखपुर में हत्यारों को कौन बचा रहा है महिलाओं के लिए पहले की समाजवादी पेंशन योजना फिर चलायी जाएगी- अखिलेश  लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। यूपी में कानून-व्यवस्था की हत्या हो गयी है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>गोरखपुर में हत्यारों को कौन बचा रहा है </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>महिलाओं के लिए पहले की समाजवादी पेंशन योजना फिर चलायी जाएगी- अखिलेश </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। यूपी में कानून-व्यवस्था की हत्या हो गयी है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के क्षेत्र में खुलेआम हत्यायें हो रही है। भाजपा सरकार पुलिस से राजनीतिक काम लेगी तो कानून-व्यवस्था कभी नहीं ठीक हो सकती है। भाजपा सरकार में हथेली गर्म, पुलिस नर्म की स्थिति है।  भाजपा की सरकारें जहां-जहां है वहां बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं है। कानून-व्यवस्था बर्बाद है। भ्रष्टाचार सबसे ज्यादा है।  </p>



<p class="wp-block-paragraph">समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर की घटना को लेकर भाजपा के ही सांसद ने कहा कि हत्यारों को बचाया गया तो राज्य सभा में नंगा कर देंगे। आखिर कौन दोषी है ?</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp;गोरखपुर में पीड़ित की बेटी के आरोप लगता है सच हैं।&nbsp; आरोपी को थाने से छोड़ दिया। तहरीर से नाम हटा दिया गया। केवल गोरखपुर में ही नहीं वाराणसी में छात्र की खुलेआम हत्या हो गयी। बदायूं की घटना में मां ने बताया कि कई बार शिकायत की गयी थी कि जान को खतरा है लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मथुरा में संत की हत्या हो गयी। प्रशासन क्या कर रहा था?</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; श्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार को हटाए बिना कानून-व्यवस्था नहीं सुधर सकती है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। एक विभाग में हजारों करोड़ का टेंडर बांट दिया गया है। लखनऊ में इस सरकार ने ग्रीन कारिडोर नहीं, बर्बाद कॉरिडोर बनाया हैं, उसके डिजाइन में खामियां है। ग्रीन कॉरिडोर में हर चौराहे पर पुलिस लगानी पड़ेगी। उद्घाटन के बाद ही कॉरिडोर धंस गया। ग्रीन कॉरिडोर में पैदल चलने के लिए कोई जगह नहीं है। कॉरिडोर का डिजाइन मानकों के विपरीत है। यह कॉरिडोर कभी ग्रीन नहीं होगा, इस पर टैªफिक कभी साफ-सुथरा नहीं रहेगा। सड़क पर टर्न है। सात हजार करोड़ की लागत से ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जबकि इतने में 6 और आठ लेन की सड़क बन सकती थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। रसोई गैस सिलेण्डर लापता है। गैस सिलेण्डर के लिए लाईनें लगी है। झांसी में भाजपा नेताओं ने गैस सिलेण्डर का ट्रक गायब कर दिया। पूरी ट्रक का सिलेण्डर चोरी कर लिया। आधे सिलेण्डर खाली मिले हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए भाजपा ने अभी से अधिकारियों की सेटिंग शुरू कर दी है। बंगाल में भाजपा चाहे जो कर ले, चाहे जितने अधिकारी बदल दें वहां ममता बनर्जी जी फिर चुनाव जीतेंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में महिलाओं के रानी लक्ष्मी बाई सम्मान योजना शुरू की गयी थी। उसमें बहादुरी और हुनर के लिए बेटियों को सम्मानित किया गया। इसी तरह से यश भारती के जरिए देश विदेश में महत्वपूर्ण योगदान करने वाले यूपी के विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में कवि, साहित्यकार, खिलाड़ी, संगीतकार, अन्य क्षेत्र के लोगों को सम्मानित किया था। उन्हें सम्मान राशि भी देना शुरू किया था। समाजवादी पेंशन दिया जा रहा था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; इस सरकार ने इन योजनाओं को बंद कर दिया। समाजवादी पार्टी के सरकार बनने पर पुनः समाजवादी पेंशन शुरू की जाएगी। महिलाओं को विशेष सम्मान देकर नारी समृद्धि सम्मान योजना में हर साल 40 हजार रुपये देंगे। महिलाओं के लिए पहले की समाजवादी पेंशन योजना फिर चलायी जाएगी। साथ ही 40 हजार रुपये विशेष सम्मान राशि देंगे।&nbsp; &nbsp;&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; #सपा#अखिलेश #गोरखपुर #भाजपा #समाजवादीपार्टी #ग्रीन कारीडोर#योजना #सिलेंडर #समाजवादीपेंशन।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title> भूमाफिया की भूमिका में है भाजपा: अखिलेश यादव </title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Mar 2026 16:17:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[हर स्तर पर बेईमानी और लूट लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकर भूमाफिया की भूमिका में है। जमीनों पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जें हो रहे है। इस सरकार ने भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। हर स्तर पर बेईमानी और लूट चरम &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>हर स्तर पर बेईमानी और लूट</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकर भूमाफिया की भूमिका में है। जमीनों पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जें हो रहे है। इस सरकार ने भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। हर स्तर पर बेईमानी और लूट चरम पर है। हर विभाग में भारी भ्रष्टाचार हैं। कानून व्यवस्था जर्जर हो चुकी है। अपराधी खुलेआम हत्याएं कर रहे हैं। इस सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय लखनऊ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आए समर्थकों को सम्बोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पिछले नौ सालों में भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बर्बाद कर दिया है। उत्तर प्रदेश के बजट को लूटा जा रहा है। किसानों को फसलों का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। बिचौलिए हावी हैं। अवैध कारोबार, अवैध खनन और अवैध व्यापार तेजी से बढ़ा है। नौ सालों में उत्तर प्रदेश की जो तबाही हुई है, उससे जनता का जीवन दूभर हो गया है। किसान, नौजवान, महिलाएं संकट में है। मंहगाई, बेरोजगारी लगातार बढ़ती जा रही है। पढ़े-लिखे नौजवानों स्नातकों तक को नौकरी नहीं मिल रही है। सड़कों के निर्माण और पीडब्लूडी के कार्यों में भारी कमीशनखोरी है। प्रदूषण के कारण नदियों का पानी जहरीला हो रहा है। नदियों की स्थिति खराब है। भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बदनाम कर दिया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; श्री यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के कारनामों से त्रस्त है। जनता परिवर्तन के लिए तैयार है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता लोगों के घर-घर जाकर 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए जुट जाएं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; समाजवादी पार्टी की सरकार में सभी को न्याय, सम्मान, अवसर मिलेगा। सामाजिक न्याय के राज की स्थापना होगी। किसानों के फसलों का सही मूल्य मिलेगा। मंडियां स्थापित होंगी। विकास के रुके हुए सारे कार्य पूरे होंगे। भाजपा सरकार और सत्ता संरक्षित अपराधियों की अराजकता खत्म होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; इस अवसर पर अखिलेश यादव से बड़ी संख्या में नेताओं-कार्यकर्ताओं ने भेंटकर 2027 में&nbsp; अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया। बबेरू से आए श्रीराम भवन चन्द्रवंशी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में जो विकास कार्य हुए थे और जो सड़कें बनवायी गयी&nbsp; थी, वे आज भी उसी तरह से मजबूत हैं। भाजपा सरकार में कोई काम नहीं हुआ। सड़कों की हालत जर्जर होती जा रही है। सड़कों की स्थिति यह है कि जहां-तहां सड़कें बनती है और बनते ही उखड़ती जा रही है। जनहित में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना जरूरी है।&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर व हनुमानगढ़ी में किया दर्शन-पूजन</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 10:49:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म/अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे सीएम योगी, श्रीरामलला के चरणों में झुकाया शीश सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की भी ली जानकारी अयोध्या। गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><em><strong>एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे सीएम योगी, श्रीरामलला के चरणों में झुकाया शीश</strong></em></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की भी ली जानकारी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>अयोध्या</em>।  गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के चरणों में शीश झुकाया। उन्होंने श्रीराम मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। यहां से निकल कर मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीरामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगत कराया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>मुख्यमंत्री ने संतों से भी की मुलाकात, पूछा कुशलक्षेम</em></p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में संतों से भी मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री यहां सबसे पहले महंत प्रेमदास जी महाराज से मिले। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अन्य संतों से भी मिलकर उनका हालचाल जाना। इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर रामकथा पार्क हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री/कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभानु पासवान, अमित सिंह चौहान, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय आदि मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद  के आशीर्वाद से होगा नकली संतों का अंत: अखिलेश</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%b6%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 10:46:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म/अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिले अखिलेश यादव  लखनऊ।। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिलने पहुंचे। दोनों की करीब 20 मिनट बातचीत हुई। बाहर निकले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि&#160; शंकराचार्य से आशीर्वाद और ज्ञान लेने हम लोग यहां पहुंचे हैं। पूजनीय शंकराचार्य का आशीर्वाद मिलने से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिले अखिलेश यादव </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ।। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिलने पहुंचे। दोनों की करीब 20 मिनट बातचीत हुई। बाहर निकले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि&nbsp; शंकराचार्य से आशीर्वाद और ज्ञान लेने हम लोग यहां पहुंचे हैं। पूजनीय शंकराचार्य का आशीर्वाद मिलने से नकली संतों का अंत होने जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होनें कहा कि समाजवादी सरकार थी तो उस समय गाय की सेवा को लेकर हम लोगों ने बहुत फैसले लिए। भविष्य में भी जो कुछ कर सकते हैं गाय की सेवा के लिए वह करेंगे। इस प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से सरकार ही नहीं चल रही। आर एस एस&nbsp; की जो बैठक हुई है उसमें सुनने में आया है कि दोनों डिप्टी सीएम को डपट के बाहर निकाल दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के गलत फैसले की वजह से आज लोगों को लकड़ी पर खाना बनाना पड़ रहा है, घरों में चूल्हे तैयार करने पड़ेंगे। एलपीजी जो नहीं उपलब्ध हो पा रही है इसकी पूरी जिम्मेदार भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>13 को लखनऊ आएंगे राहुल गांधी,</title>
		<link>https://rahasyalok.com/13-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b2%e0%a4%96%e0%a4%a8%e0%a4%8a-%e0%a4%86%e0%a4%8f%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%b2-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 10 Mar 2026 15:59:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[कांशीराम की जयंती को सामाजिक परिवर्तन दिवस के रूप में मनाएगी कांग्रेस लखनऊ। बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर आयोजित परिवर्तन दिवस में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद रहेंगे। वह पार्टी नेताओं को संकल्प दिलाएंगे। कांग्रेस पिछड़े, दलित एवं अल्पसंख्यक वोटबैंक को अपने खेमे में करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>कांशीराम की जयंती को सामाजिक परिवर्तन दिवस के रूप में मनाएगी कांग्रेस</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर आयोजित परिवर्तन दिवस में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद रहेंगे। वह पार्टी नेताओं को संकल्प दिलाएंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कांग्रेस पिछड़े, दलित एवं अल्पसंख्यक वोटबैंक को अपने खेमे में करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के जन्म दिन से कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग परिवर्तन प्रतिज्ञा संवाद एवं संविधान चर्चा कार्यक्रम चला रहा है। अल्पसंख्यक विभाग और अनुसूचित जाति विभाग की ओर से भी अलग- अलग जिलों में विभिन्न तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अब कांग्रेस ने 13 मार्च को बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती को समारोहपूर्वक बनाने का फैसला लिया है। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कांशीराम जयंती समारोह एवं बहुजन संवाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हिस्सा लेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयंसिंह, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, अनुसूचित विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="474" height="467" src="https://divyvichar.com/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1773156539858.jpg" alt="" class="wp-image-743" srcset="https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1773156539858.jpg 474w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1773156539858-300x296.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 474px) 100vw, 474px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कांग्रेस ही लड़ेगी दलितों, पिछड़ों के हक की लड़ाई- मनोज</strong><br>कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि दलितों, पिछड़ों के हक की लड़ाई को लेकर कांशीराम ने पूरे देश में मुहिम शुरू की थी। उनके न रहने पर बसपा अपने मुहिम से भटक गई है। कांग्रेस ने संकल्प लिया है कि उनकी म‌ुहिम को आगे बढाया जाएगा। दलित, पिछड़ों को उनका हक दिलाया जाएगा। यही वजह है कि कांग्रेस की ओर से कांशीराम जयंती समारोह को भव्य तरीके से मनाया जा रहा है। जयंती समारोह में प्रदेशभर से जुड़े नेताओं को आगे के संघर्ष के लिए राहुल गांधी संकल्प भी दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्ता संरक्षण में दलितों एवं मजदूरों के हक पर डाका डाला जा रहा है। उनके लिए चलाई जा रही योजनाओं में मनमानी हो रही है। भ्रष्टाचार चरम पर है। एटा में सीडीओ द्वारा आंगनबाड़ी भर्ती में रिश्वत मांगने का वीडियो जारी होना भी सरकारी भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रहा है। प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के जन्मदिन पर शुरू हुआ अभियान निरंतर चलता रहेगा। पिछड़ा वर्ग विभाग की ओर से मंडलवार बैठकें लगातार चल रही हैं। अब इसे विधानसभा क्षेत्रवार शुरू किया जाएगा।<br><br></p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कांग्रेस विधायक की विधायकी रद्द, राम निवास होंगे विधायक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 10 Mar 2026 06:11:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्वालियर। मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव ग्वालियर हाईकोर्ट ने शून्य (रद्द) घोषित कर दिया है। हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी और तथ्यों को छुपाने के आधार पर यह निर्णय लिया है। मुकेश &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph">ग्वालियर। मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव ग्वालियर हाईकोर्ट ने शून्य (रद्द) घोषित कर दिया है। हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी और तथ्यों को छुपाने के आधार पर यह निर्णय लिया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ यह याचिका भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छुपाई थी। कोर्ट ने याचिका के तथ्यों को सही पाया और माना कि जानकारी छुपाना चुनाव नियमों का उल्लंघन है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रामनिवास रावत घोषित हुए विजयपुर के विधायक</p>



<p class="wp-block-paragraph">चुनाव शून्य घोषित करने के साथ ही हाईकोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। चुनाव के दौरान दूसरे नंबर पर रहने वाले&nbsp;भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक घोषित कर दिया गया है।&nbsp;इस फैसले के बाद अब विजयपुर सीट पर भाजपा का प्रतिनिधित्व हो गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चरम पर: अखिलेश </title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 16:55:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[समाजवादी पार्टी को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रही भाजपा  लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार माफियाओं की सरकार है। यह सबसे अराजक और इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार है। भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण महंगाई चरम पर पहुंच गई है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">समाजवादी पार्टी को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रही भाजपा </p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार माफियाओं की सरकार है। यह सबसे अराजक और इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार है। भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण महंगाई चरम पर पहुंच गई है। यह सरकार टैक्स लगाकर मंहगाई बढ़ाती जा रही है। आज ही एलपीजी गैस के दाम 60 रूपये बढ़ गये है। जब किसी चीज की मंहगाई एक बार बढ़ जाती है तो वह कम नहीं होती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; शनिवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में&nbsp; अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा समाजवादी पार्टी को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रही है। समाजवादी पार्टी को बदनाम करने के लिए एक गाना लांच कराया गया है। समाजवादी पार्टी की तरफ से उस गाने पर एफआईआर लिखायी जाएगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी को बदनाम करने वाले गाने पर कार्रवाई की मांग की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का विजन विकास, नौकरी, रोजगार है। समाजवादी सरकार में हमने देश का सबसे बेहतरीन आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे बनाया। शानदार मुख्यमंत्री कार्यालय लोकभवन बनाया। विश्व स्तरीय कैंसर संस्थान और गोमती नदी पर देश का सबसे अच्छा रिवरफ्रंट बनाया।&nbsp; लेकिन भाजपा और उसके लोग समाजवादी पार्टी को बदनाम करने के लिए षडयंत्र करते रहते है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा थर्मल पावर प्लांट लगाये गये। एटा, ललितपुर, कानपुर, झांसी, सोनभद्र में थर्मल पावर प्लांट लगाया गया। बिजली के उत्पादन, वितरण और ट्रांसमीशन में बड़े काम हुए। भाजपा सरकार ने अपने नौ साल के कार्यकाल में बिजली का एक भी पावर प्लांट नहीं लगाया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी विदाई से पहले जापान घूमने गये थे, लेकिन क्यूटो देखने नहीं गये। जो मुख्यमंत्री ट्रेन की बढ़ती रफ्तार देखकर ताली बजाये वह क्या विकास कर सकता है? उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सबका साथ से पीडीए सरकार बनाकर सभी को सामाजिक न्याय दिलायेगी ओर सामाजिक न्याय के राज की स्थापना करेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;चुनाव आयोग को लेकर&nbsp; अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग झूठा है। अगर समाजवादी पार्टी ने इतना शोर न मचाया होता तो भाजपा ने हर विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वोट कटवाने की तैयारी की थी। चुनाव आयेाग बताए कि इतनी बड़ी संख्या में प्रिन्टेड फार्म 7 कहां से आए थे? सुल्तानपुर में वोट कटवाने के लिए नंदलाल की दस्तखत किसने किया था। सरोजनी नगर में दशरथ के नाम से बड़ी संख्या में वोट कौन कटवा रहा था? क्या चुनाव आयोग ने इन मामलों की जांच की और क्या कोई कार्रवाई की गयी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp;अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की सरकार संवेदनहीन है। ये अमानवीय लोग हैं। सरकार होली मनाती रही और जनता दर्शन में अपनी फरियाद लेकर आये एक व्यक्ति की मौत हो गयी। किसी ने उसे पूछा तक नहीं है। शंकराचार्य जी को लेकर एक सवाल के जवाब में&nbsp; अखिलेश यादव ने कहा कि पूज्यनीय शंकराचार्य जी एक संस्था और विचार है। भाजपा सरकार ने शंकराचार्य जी का अपमान किया। उन्हंे जिस तरह से अपमानित किया गया और झूठे आरोप लगाए गए उससे शंकराचार्य जी के साथ सनातन धर्म को भी बदनाम किया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; एक अन्य सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि खाड़ी देशों में गये जितने भी भारतीय अपने देश वापस आना चाहते हैं, सरकार की जिम्मेदारी हैं उन्हें वापस लाये। उन्होंने कहा कि यह संकट की बात है कि भारत की विदेश नीति भी विदेश के लोग तय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति क्या होगी यह भारत सरकार और भारत के लोग तय करेंगे, कोई दूसरा देश नहीं तय कर सकता है। रूस से तेल आयात को लेकर श्री यादव ने कहा कि रूस हमारा पुराना मित्र है, हम लोकसभा में भी यह मुद्दा उठायेंगे। अगर रूस से सस्ता तेल मिल रहा है तो सरकार रूस से और तेल आयात करे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक&nbsp; शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड तोड़ दिए है। भाजपा सरकार के कारनामें को उत्तर प्रदेश के साथ पूरा देश जान गया है। भाजपा के लोग अन्याय, अत्याचार कर रहे हैं। प्रदेश के बजट को लूटा जा रहा है। बजट का पैसा विकास कार्यों पर नहीं खर्च हो रहा है। बजट का 70 फीसदी ये लोग खुद ले रहे हैं। बाकी इंजीनियर, ठेकेदार बांट लेते हैं। उत्तर प्रदेश के इतिहास में इतनी लूट किसी सरकार में नहीं हुई है। यह लुटेरी सरकार हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को गांव-गरीब के बीच जाकर पीड़तों, शोषितों को एकजुट करना है। समाजवादी पार्टी के पक्ष में माहौल बन रहा है। इस बार यूपी में भाजपा का पता नहीं चलेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद&nbsp; लाल बिहारी यादव, पूर्व कैबिनेट मंत्री&nbsp; राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ डॉ. राजपाल कश्यपसमेत अन्य लोग मौजूद रहे।&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>केशव प्रसाद मौर्य के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, चारों तरफ धुएं से घिरे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 06:23:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[बड़ा हादसा टला, कौशाम्बी जा रहे थे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ बड़ी अनहोनी टल गई। उनके हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी लैंडिंग लेनी पड़ी। जब तक हेलिकाप्टर लैंड करता तब तक वे पूरी तरह से धुएं से घिर गए थे। डिप्टी सीएम केशव मौर्य लखनऊ से कौशांबी जा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">बड़ा<strong> हादसा टला, कौशाम्बी जा रहे थे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ बड़ी अनहोनी टल गई। उनके हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी लैंडिंग लेनी पड़ी। जब तक हेलिकाप्टर लैंड करता तब तक वे पूरी तरह से धुएं से घिर गए थे। </p>



<p class="wp-block-paragraph">डिप्टी सीएम केशव मौर्य लखनऊ से कौशांबी जा रहे थे। उनका हेलीकॉप्टर <strong>लामार्टिनियर ग्राउंड</strong> से उड़ान भरकर कौशांबी के लिए रवाना हुआ था। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी समस्या के संकेत मिले और उसमें से धुआं निकलता दिखाई दिया। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को वापस <strong>अमौसी एयरपोर्ट</strong> पर उतार दिया। हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग के बाद डिप्टी सीएम केशव मौर्य समेत उसमें सवार सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। हेलीकॉप्टर की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धुआं निकलने की वजह क्या थी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रदेश के अस्पतालों में 8,689 डॉक्टरों के पद खाली, चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था </title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 08:39:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[राजधानी से लेकर गांव तक डॉक्टर नदारद — वंशराज दुबे। लखनऊ। आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने प्रदेश की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘स्वस्थ उत्तर प्रदेश’ का दावा पूरी तरह सफेद झूठ साबित हो रहा है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>राजधानी से लेकर गांव तक डॉक्टर नदारद — वंशराज दुबे।</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने प्रदेश की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘स्वस्थ उत्तर प्रदेश’ का दावा पूरी तरह सफेद झूठ साबित हो रहा है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के 8,689 पद खाली पड़े हैं और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का भी भारी अभाव है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp;इसका सीधा असर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और जिला अस्पतालों पर पड़ रहा है, जहां मरीजों को इलाज के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है और कई बार डॉक्टरों की अनुपस्थिति में उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। वंशराज दुबे ने कहा कि भाजपा सरकार एक तरफ प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने का दावा करती है, लेकिन हकीकत यह है कि राजधानी लखनऊ से लेकर सुदूर गांवों तक सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी है। 8,600 से अधिक पदों का खाली होना यह बताता है कि भाजपा सरकार के लिए जनता के स्वास्थ्य की कोई प्राथमिकता नहीं है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण गरीब मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जहां उनसे मनमाने तरीके से पैसे वसूले जाते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े खुद सरकार की पोल खोल रहे हैं। विभाग में लेवल-2 के 7,240 पदों में से 5,497 पद खाली हैं, जबकि लेवल-3 के 5,199 पदों में केवल 2,007 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। यही नहीं, वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर भी भारी कमी है। संयुक्त निदेशक के 2,555 पदों में से 1,330 पद खाली, एडिशनल डायरेक्टर के 70 पदों में से 58 पद रिक्त, जबकि डिप्टी डायरेक्टर (सर्जन) के 970 पदों में से 157 पद खाली हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर मैनपावर संकट से जूझ रही है। दुबे ने कहा कि डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने 2,391 डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें 601 विशेषज्ञ डॉक्टर और 1,790 एमबीबीएस डॉक्टरों के पद शामिल थे। इसके लिए आवेदन भी लिए गए और जनवरी में इंटरव्यू भी आयोजित हुए, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी भर्ती का परिणाम घोषित नहीं हुआ और पूरी प्रक्रिया मेरिट व पारदर्शिता के विवाद में उलझ गई। इससे यह साफ हो गया है कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें कोर्ट-कचहरी के चक्कर कटवाने में ज्यादा दिलचस्पी रखती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार में सीएम पद के चार प्रमुख दावेदार </title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Mar 2026 18:42:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[नित्यानंद राय और सम्राट चौधरी के बीच कांटे की टक्कर  पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन करते ही नए सीएम के चेहरे पर निगाहें लगी हैं। यहां चार प्रमुख दावेदार बताए जा रहे हैं। लेकिन सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय के बीच खड़ा मुकाबला माना जा रहा है। इस बात &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>नित्यानंद राय और सम्राट चौधरी के बीच कांटे की टक्कर </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन करते ही नए सीएम के चेहरे पर निगाहें लगी हैं। यहां चार प्रमुख दावेदार बताए जा रहे हैं। लेकिन सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय के बीच खड़ा मुकाबला माना जा रहा है। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि भाजपा अपने इतिहास को दोहराते हुए मध्य प्रदेश और राजस्थान की तरह कोई ऐसा चेहरा सामने लाती है जिस पर अभी तक किसी का ध्यान ही नहीं गया है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्यसभा जाने का फैसला किया है। बिहार में पहली बार बीजेपी का सीएम होगा। इसलिए&nbsp;&nbsp;कई बड़े नेताओं के नाम सीएम पद की रेस में चल रहे हैं।&nbsp;केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पटना में रुके रहने से चर्चाओं का बाजार सरगर्म है।&nbsp;बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए दिलीप जायसवाल,&nbsp;संजीव चौरसिया, सम्राट चौधरी और&nbsp; नित्यानंद राय के नाम की चर्चा हो रही है। इसके अलावा भी कई अन्य नाम के कयास लगाए जा रहे हैं।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मजबूती यह है कि वह उप मुख्यमंत्री हैं। ओबीसी वर्ग के कुशवाहा समाज से आते हैं।&nbsp;नीतीश कुमार के साथ सरकार में काम करने का अनुभव भी हासिल किया है।&nbsp;केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ओबीसी के यादव समाज से आते हैं और पिछले छह वर्षों से केंद्र में गृहमंत्री अमित शाह के जूनियर मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं।&nbsp;इन्हें लालू प्रसाद यादव के विकल्प के रूप में भाजपा आगे कर सकती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बिहार की राजनीति में यादव वोट बैंक पर परंपरागत रूप से लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव दबदबा है। तीसरे दावेदार बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल का नाम भी चर्चा में है। वह ओबीसी वैश्य समुदाय से आते हैं।। चौथे दावेदार पांच बार के विधायक संजीव चौरसिया है । वह है भी ओबीसी समाज के तहत आने वाली&nbsp;तमोली जाति से आते हैं।&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बंगाल के राज्यपाल का इस्तीफा, नौ नए राज्यपाल नियुक्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Mar 2026 18:04:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार में नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के इस्तीफे से बढ़ी सियासी हलचल नई दिल्ली। बिहार के राज्यपाल के इस्तीफे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को देर शाम कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के राजभवनों में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राष्ट्रपति ने पश्चिम बंगाल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>बिहार में नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के इस्तीफे से बढ़ी सियासी हलचल </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">नई दिल्ली। बिहार के राज्यपाल के इस्तीफे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को देर शाम  कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के राजभवनों में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"> राष्ट्रपति ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही कई राज्यों में नौ राज्यपाल और उपराज्यपालों की नियुक्ति भी की गई है। इस फैसले के तहत अलग-अलग राज्यों में जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। नए आदेश के बाद कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व अधिकारियों को महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों की जिम्मेदारी दी गई है। राष्ट्रपति की ओर से जारी आदेश के अनुसार हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को अब तेलंगाना का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इसके अलावा बिहार में पूर्व सैन्य अधिकारी जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को राज्यपाल बनाया गया है। नागालैंड में नंद किशोर यादव को नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बढ़ सकती हैं बसपा विधायक उमाशंकर के करीबियों की मुश्किलें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Mar 2026 17:45:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र के कई नेता निशाने पर लखनऊ।।बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह के कई करीबियों की मुश्किलें बढ़ सकती है। वाराणसी , जौनपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र के कई नेता निशाने पर है। आयकर विभाग इनकी कुंडली खंगाल रहा है। बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर बीते दिनों आयकर विभाग के छापों &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र के कई नेता निशाने पर </p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ।।बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह के कई करीबियों की मुश्किलें बढ़ सकती है। वाराणसी , जौनपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र के कई नेता निशाने पर है। आयकर विभाग इनकी कुंडली खंगाल रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर बीते दिनों आयकर विभाग के छापों के बाद जांच में कई अहम खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि सोनभद्र और मिर्जापुर में खनन के करीब 80 फीसद बेनामी पट्टे उमाशंकर सिंह के करीबियों को दिए गए थे। करीबियों की फर्मों के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन भी हो रहा था। छापे के दौरान इससे संबंधित दस्तावेज मिलने के बाद आयकर विभाग अब बैंक खातों की जांच में जुट गया है ताकि खातों में भेजी गई रकम के जरिये उमाशंकर के करीबियों पर शिकंजा कसा जा सके। वहीं दूसरी ओर राजधानी निवासी खनन कारोबारी इश्तियाक के ठिकानों से भी आयकर विभाग को तमाम ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो खनन के कारोबार से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा कई माफिया को बांटने से जुड़े हैं। अब इन दस्तावेजों की जांच के बाद जिन माफिया को बतौर वसूली करोड़ों रुपये दिए जाते थे, उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा। जांच में यह भी सामने आया है कि इश्तियाक पर पूर्वांचल के एक बड़े माफिया का वरदहस्त था। </p>
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