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	<title>Uncategorized &#8211; Rahasyalok | रहस्यलोक</title>
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	<title>Uncategorized &#8211; Rahasyalok | रहस्यलोक</title>
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		<title>चिकित्सा विभाग की अहम कड़ी हैं फार्मासिस्टः ब्रजेश पाठक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 18:05:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन के द्विवार्षिक प्रांतीय अधिवेशन/निर्वाचन कार्यक्रम में रखे विचार उप मुख्यमंत्री ने कहा- हमारे दरवाजे आपके लिए सदैव खुले लखनऊ।फार्मासिस्ट चिकित्सा विभाग की अहम कड़ी हैं। वे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का एक अभिन्न अंग हैं। फार्मासिस्ट डॉक्टरों द्वारा लिखे गए नुस्खों के अनुसार मरीजों को सुरक्षित और सही दवाएं उपलब्ध कराते &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph">डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन के द्विवार्षिक प्रांतीय अधिवेशन/निर्वाचन कार्यक्रम में रखे विचार</p>



<p class="wp-block-paragraph">उप मुख्यमंत्री ने कहा- हमारे दरवाजे आपके लिए सदैव खुले</p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ।<br>फार्मासिस्ट चिकित्सा विभाग की अहम कड़ी हैं। वे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का एक अभिन्न अंग हैं। फार्मासिस्ट डॉक्टरों द्वारा लिखे गए नुस्खों के अनुसार मरीजों को सुरक्षित और सही दवाएं उपलब्ध कराते हैं। दवाओं के उपयोग, खुराक, दुष्प्रभावों और परस्पर क्रियाओं के बारे में मरीजों को परामर्श देते हैं। आपके लिए हमारे घर और दफ्तर के दरवाजे सदैव खुले हैं।<br>यह कहना है प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का। वे शनिवार को डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन के द्विवार्षिक प्रांतीय अधिवेशन/निर्वाचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट की भूमिका केवल मरीजों को दवा देना ही नहीं वरन मरीजों की सुरक्षा और सही उपचार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में हम लोगों के दायित्व अलग हो सकते हैं लेकिन लक्ष्य हमारा एक ही है। प्रदेश के लोगों को सुरक्षित और उच्च गुणवत्तापरख इलाज उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।<br>डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि फार्मासिस्ट हमारे परिवार का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने नवनिर्वाचित एसोसिएशन के प्रबंधन को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामानाएं दीं। कहा कि हमें संयुक्त रूप से अपने विभाग को प्रदेश और देश में नंबर वन बनाना है। वर्ष 2017 से पहले स्वास्थ्य विभाग की क्या स्थिति थी, यह किसी से छिपा नहीं है। आज हम सभी ने बहुत मेहनत से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है लेकिन मंजिल अभी दूर है। हमें अभी और काम करना है और प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति तक गुणवत्तापरक इलाज पहुंचाना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश</em><br>डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि एसोसिएशन की ओर से जो भी मांग पत्र प्राप्त हुआ है, उनके स्तर जो संभव होगा, उसका प्रस्ताव तैयार कर मांग को जरूर पूरा कराया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने डीजी, हेल्थ को तत्काल ही प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे हर परिस्थिति में एसोसिएशन के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़े हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>इनकी रही उपस्थिति</em><br>कार्यक्रम में महानिदेशक, चिकित्सा डॉ. पवन कुमार अरुण, महानिदेशक, प्रशिक्षण डॉ. रंजना खरे, प्रदेश अध्यक्ष, डीपीआरए जेके सचान, महामंत्री, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, आरके निगम, जेडी, पैरामेडिकल डॉ. सुनील वर्मा, अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद आरके वर्मा, संप्रेक्षक, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद नागेंद्र भूषण पांडेय जी, निदेशक, पैरामेडिकल डॉ. संजू अग्रवाल एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।</p>
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		<title>लखनऊ को मिला म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 17:17:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एलडीए की 5827.9 लाख रूपये की परियोजनाओं का किया लोकार्पण  लखनऊ। लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट बनकर तैयार हो गया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को गोमती नगर के विवेक खण्ड में आयोजित &#8216;गोमतीनगर जनकल्याण महासमिति वार्षिकोत्सव&#8217; में लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित म्यूजियम समेत 5827.9 लाख रूपये की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"> <strong>रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एलडीए की 5827.9 लाख रूपये की परियोजनाओं का किया लोकार्पण </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट बनकर तैयार हो गया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को गोमती नगर के विवेक खण्ड में आयोजित &#8216;गोमतीनगर जनकल्याण महासमिति वार्षिकोत्सव&#8217; में लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित म्यूजियम समेत 5827.9 लाख रूपये की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। </p>



<p class="wp-block-paragraph">    चौक के हुसैनाबाद में 4,973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में निर्मित इस म्यूजियम में अवध की संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि म्यूजियम का निर्माण 4143.22 लाख रूपये की लागत से किया गया है। यह प्रदेश की पहली ऐसी आईकॉनिक बिल्डिंग है, जहां बिना किसी कॉलम या पिलर के सहारे के 45 मीटर लंबा कैंटीलीवर निर्मित किया गया है। म्यूजियम भवन की आकर्षक डिजाइन इस इमारत को एक अलग पहचान देती है।  म्यूजियम में अवध की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। म्यूजियम में विभिन्न तरह की गैलरी विकसित की गयी हैं। जिनके नाम ‘मूल धारा, हुनर का सफर, हस्तशिल्प, सांझी आस्था, गंगा-जमुनी तहजीब, कारीगरी, महफिल-ए-अवध, नृत्यकला, नाट्यशाला, सोच एवं संवाद और जायका-ए-अवध’ हैं। इन गैलरियों के माध्यम से अवध की संस्कृति को जीवंत रूप में दर्शाने का प्रयास किया गया है। म्यूजियम में वीआर गेमिंग एरीना भी बनाया गया है, जो दर्शकों को इतिहास से जोड़ने का नया अनुभव देगा। </p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp;शहर में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा</p>



<p class="wp-block-paragraph">शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस म्यूजियम का निर्माण कराया गया है। यह म्यूजियम लखनऊ की समृद्ध विरासत, कला, शिल्प परंपरा को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी से जोड़ने का काम करेगा। साथ ही स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। उपाध्यक्ष ने बताया कि म्यूजियम सुबह 10ः00 बजे से रात 8ः00 बजे तक खुलेगा। इसमें प्रवेश शुल्क बच्चों के लिए 50 रूपये व व्यस्कों के लिए 100 रूपये निर्धारित किया गया है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp;*नागरिकों को लक्ष्मण मण्डपम की सौगात*&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा एच0ए0एल0 के सी0एस0आर0 फंड से गोमती नगर के विवेक खण्ड में 539.13 लाख रूपये की लागत से 2358 वर्गमीटर क्षेत्रफल में लक्ष्मण मण्डपम्। गणेशगंज स्थित पुराना आर0टी0ओ0 परिसर में 562.32 लाख रूपये की लागत से 930 वर्गमीटर क्षेत्रफल में लक्ष्मण मण्डपम् व ऐशबाग के सुदर्शनपुरी में 132.52 लाख रूपये की लागत से 662 वर्गमीटर क्षेत्रफल में सामुदायिक केन्द्र का निर्माण कराया गया है। इन कम्यूनिटी सेंटर में हाॅल, कमरे, कैंटीन, योगा सेंटर, लाईब्रेरी, क्लीनिक, फिजियोथेरेपी, स्टोर रूम आदि की सुविधा है। माननीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इन तीनों कम्यूनिटी सेंटर का लोकार्पण करके इसे नागरिकों को समर्पित किया।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp;*गोमती नगर में खुला देव वन*&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">एलडीए द्वारा गोमती नगर के विनीत खण्ड में 382.45 लाख रूपये की लागत से देव वन-नक्षत्र वाटिका विकसित की गयी है। लगभग 08 एकड़ क्षेत्रफल में फैले देव वन में 12 राशि नक्षत्रों के प्रतीक पौधों की बाग लगायी गयी है। यहां लोगों की सुविधा के लिए पाथ-वे, योगा हट व बेंच का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा विनीत खण्ड में 68.26 लाख रूपये की लागत से ई-लाईब्रेरी का निर्माण कार्य कराया गया है। रक्षा मंत्री ने इनका भी शुभारंभ किया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुख्यमंत्री से डेनमार्क के राजदूत की भेंट, डिफेंस, ग्रीन एनर्जी व इंफ्रास्ट्रक्चर में साझेदारी पर जोर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 17:31:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[स्वच्छ ऊर्जा, कृषि व इंफ्रास्ट्रक्चर में यूपी-डेनमार्क सहयोग को मिलेगी नई गति लखनऊ। भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों पक्षों के बीच उत्तर प्रदेश में निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग तथा विभिन्न क्षेत्रों में संभावित साझेदारी को लेकर व्यापक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>स्वच्छ ऊर्जा, कृषि व इंफ्रास्ट्रक्चर में यूपी-डेनमार्क सहयोग को मिलेगी नई गति</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों पक्षों के बीच उत्तर प्रदेश में निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग तथा विभिन्न क्षेत्रों में संभावित साझेदारी को लेकर व्यापक और सकारात्मक चर्चा हुई।</p>



<p class="wp-block-paragraph">भेंट के दौरान डेनमार्क के राजदूत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विगत 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए व्यापक परिवर्तन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले भारत में निवेश की चर्चाओं में उत्तर प्रदेश का उल्लेख सीमित रहता था, किन्तु आज यह राज्य निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुका है। उन्होंने प्रदेश की विशाल जनसंख्या, कुशल मानव संसाधन और सुदृढ़ होती आधारभूत संरचना को इसकी प्रमुख ताकत बताते हुए इन उपलब्धियों का श्रेय मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">राजदूत ने उत्तर प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए विशेष रूप से डिफेंस कॉरिडोर में रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में डेनमार्क का समृद्ध अनुभव है और इस क्षेत्र में डेनमार्क की कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश एवं तकनीकी साझेदारी के लिए उत्सुक हैं। इसके साथ ही ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ सेक्टर में डेनमार्क की विशेषज्ञता का उल्लेख करते हुए उन्होंने इस क्षेत्र में भी सहयोग की इच्छा जताई।</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए राजदूत ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सौर ऊर्जा, वेस्ट-टू-एनर्जी एवं हाइड्रोजन टेक्नोलॉजीज को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने इस क्षेत्र में डेनमार्क की कंपनियों की सक्रिय भागीदारी की संभावनाएं व्यक्त कीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जल प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग का उल्लेख करते हुए राजदूत ने बताया कि आईआईटी (बीएचयू) के साथ नदी पुनरुद्धार एवं जल शोधन से संबंधित एक परियोजना पर कार्य चल रहा है, जिसके संबंध में वे शीघ्र ही वाराणसी का दौरा करेंगे। इसके अतिरिक्त, कंप्रेस्ड बायोगैस सहित नवीकरणीय ऊर्जा के अन्य क्षेत्रों में भी डेनमार्क की कंपनियों की रुचि से उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">राजदूत ने शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र को भी सहयोग का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में डेनमार्क की भागीदारी से नॉलेज ट्रांसफर एवं स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, एल्डरली हेल्थ केयर सेक्टर में बढ़ती वैश्विक मांग के दृष्टिगत उन्होंने उत्तर प्रदेश के युवाओं को भाषा प्रशिक्षण एवं आवश्यक कौशल प्रदान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने की इच्छा व्यक्त की। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सहयोग का एक प्रमुख आयाम बताते हुए राजदूत ने कहा कि कृषि-तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में संयुक्त प्रयासों के माध्यम से टिकाऊ कृषि एवं वैल्यू-ऐडेड फूड प्रोडक्ट्स को बढ़ावा दिया जा सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की सबसे तेज़ी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जहां निवेशकों के लिए पारदर्शी नीतिगत वातावरण, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और आधुनिक आधारभूत संरचना उपलब्ध है। उन्होंने डेनमार्क की कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक निवेशक को आवश्यक सहयोग, सरल प्रक्रियाएं और सुरक्षित निवेश वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री ने डिफेंस कॉरिडोर, नवीकरणीय ऊर्जा, वेस्ट-टू-एनर्जी, जल प्रबंधन, स्किल डेवलपमेंट, अवस्थापना विकास एवं हेल्थ केयर जैसे क्षेत्रों में डेनमार्क के साथ साझेदारी को अत्यंत उपयोगी बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की सहभागिता से उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन, तकनीकी हस्तांतरण और सतत विकास को नई गति मिलेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>योगी सरकार की अभ्युदय योजना का कमाल, आरओ/एआरओ परीक्षा में 10 होनहारों के सपने हुए पूरे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 17:26:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयास लगातार रंग ला रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक बार फिर सफलता की नई कहानी लिखते हुए चर्चा में है। हाल ही में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग  द्वारा घोषित आरओ/एआरओ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ।  उत्तर प्रदेश में युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयास लगातार रंग ला रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक बार फिर सफलता की नई कहानी लिखते हुए चर्चा में है। हाल ही में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग  द्वारा घोषित आरओ/एआरओ परीक्षा परिणाम में इस योजना से जुड़े 10 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल कर नाम रोशन किया है। इन सफल अभ्यर्थियों में 9 पुरुष और 1 महिला हैं। यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है। </p>



<p class="wp-block-paragraph">चयनित अभ्यर्थियों में चित्रकूट के दिवाकर सिंह, महोबा के दीपेश कुमार खरे, सहारनपुर के विशेष प्रजापति और मोहित कनौजिया, महोबा के प्रदीप राजपूत, बाराबंकी के संजीत कुमार वर्मा, लखनऊ के मृत्युंजय सिंह, पीलीभीत के अविनाश कुमार, खुशबू पटेल और औरैया के धर्मेंद्र शामिल हैं। सहारनपुर निवासी विशेष प्रजापति की सफलता खास तौर पर प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 37वीं रैंक हासिल की। विशेष प्रजापति ने बताया कि उन्होंने करीब 25 महीनों तक अभ्युदय योजना के तहत तैयारी की, जहां उन्हें उच्च गुणवत्ता की निःशुल्क कोचिंग, अनुशासित और शांत वातावरण के साथ-साथ बेहतर खानपान की सुविधा भी मिली।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>योगी सरकार की अभ्युदय योजना ने बढ़ाया आत्मविश्वास</em><br>विशेष ने कहा कि योगी सरकार की अभ्युदय योजना ने उन्हें न केवल शैक्षणिक रूप से मजबूत किया, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया, जिससे वे पूरी एकाग्रता के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सके। वहीं महोबा के दीपेश कुमार खरे ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी एक नोटिफिकेशन के माध्यम से मिली थी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए धैर्य, निरंतर अभ्यास और अपनी गलतियों से सीखना बेहद जरूरी होता है। दीपेश ने बताया कि उनका चयन होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>सीएम योगी की मंशा के अनुरूप विभाग कर रहा कामः उपनिदेशक</em></p>



<p class="wp-block-paragraph">समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप विभाग पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। हर वर्ष इस योजना से जुड़ने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जो इसकी लोकप्रियता और सफलता का प्रमाण है। उनका लक्ष्य है कि प्रदेश के हर जरूरतमंद और प्रतिभाशाली छात्र तक इस योजना का लाभ पहुंचे। दरअसल, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जाती है। अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और नियमित कक्षाएं इस योजना को खास बनाती हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जनगणना में लगी शिक्षकों की ड्यूटी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 17:20:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा डोईवाला ने खंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रशासन की ओर से 30 से 40 विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाओं, प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापकों की ड्यूटी जनगणना, एसआईआर में लगाई गई है। इससे विद्यालयों में वार्षिक परीक्षाफल, टीसी, नवीन प्रवेश और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा डोईवाला ने खंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रशासन की ओर से 30 से 40 विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाओं, प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापकों की ड्यूटी जनगणना, एसआईआर में लगाई गई है। इससे विद्यालयों में वार्षिक परीक्षाफल, टीसी, नवीन प्रवेश और मिड डे मील योजना प्रभावित हो रही है। वहीं इस मामले में बीईओ डोईवाला शिवानी कौशल ने कहा कि इस समस्या से एसडीएम को अवगत कराकर समाधान निकालने के प्रयास किए जांएगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ज्ञापन देने वालोें में जिला मंत्री रूपक पुरी, संरक्षक संदीप सोलंकी, रघुवीर पुंडीर, अनिल असवाल, सिद्धार्थ शर्मा, राजेश डोभाल, रेणु बडोनी, शैलेंद्र मोहन रतूड़ी, अमित गुप्ता आदि उपस्थित रहे</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के पूर्व प्रबंधक सहित दो को सजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 17:17:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[किसान क्रेडिट कार्ड घोटाले का मामला। देहरादून। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) घोटाले में स्पेशल जज सीबीआई मदन राम की कोर्ट ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के पूर्व प्रबंधक और एक किसान को सजा सुनाई है। पूर्व प्रबंधक को चार साल कैद व 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जबकि, किसान को एक साल की कैद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>किसान क्रेडिट कार्ड घोटाले का मामला।</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph">देहरादून। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) घोटाले में स्पेशल जज सीबीआई मदन राम की कोर्ट ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के पूर्व प्रबंधक और एक किसान को सजा सुनाई है। पूर्व प्रबंधक को चार साल कैद व 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जबकि, किसान को एक साल की कैद व उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बैंक प्रबंधक ने ट्रैक्टर डीलर और किसानों से मिलीभगत कर दो करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया था। खेती की जरूरतों के लिए मिले इस ऋण को दूसरे कामों में प्रयोग में लाया गया जिसमें ट्रैक्टर डीलर के खाते का इस्तेमाल हुआ। सीबीआई से मिली जानकारी के अनुसार मार्च 2017 में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक बाजपुर में हुए इस घोटाले की सीबीआई को शिकायत महाप्रबंधक पूरनचंद ने की थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक रामअवतार सिंह दिनकर, मैसर्स केजीएन ट्रैक्टर्स एंड इक्विपमेंट व अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2014-15 के दौरान दिनकर ने अयोग्य लाभार्थियों को 2.85 करोड़ रुपये का केसीसी लोन दिया। ट्रैक्टर डीलर के साथ मिलीभगत कर इस धनराशि को गैर कृषि उद्देश्यों में ट्रांसफर किया गया जिससे बैंक को 3.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अलावा कृषि टर्म लोन बिना मार्जिन मनी के स्वीकृत किए गए। इसे केसीसी के माध्यम से समायोजित कर पूरी राशि डीलर के खाते में ट्रांसफर कर दी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दिनकर ने मोहम्मद फुरकान, इरशाद हुसैन, अजीत सिंह, मंगल सिंह और श्याम सुंदर सिंह के साथ साजिश कर फर्जी दस्तावेज के आधार पर ऋण स्वीकृत और वितरित किए। इससे बैंक को 55.48 लाख रुपये का और नुकसान हुआ। इस मामले में मोहम्मद फुरकान, इरशाद हुसैन और अजीत सिंह ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया जिससे उन्हें अलग से दोषी ठहराया गया।<br><br>मंगल सिंह की मृत्यु हो गई थी जिससे उसका केस बंद हो गया। इस मुकदमे में सीबीआई ने कुल 36 गवाह पेश किए। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी रामवतार सिंह दिनकर को भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई। जबकि, किसान श्याम सुंदर सिंह को एक साल कारावास की सजा हुई है</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एसआईआर में घटे 2.04 करोड़ मतदाता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 16:46:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2.04 करोड़ मतदाता घट गए। यह स्थिति तब है जब इस दौरान 84 लाख 28 हजार 767 नए नाम बढ़े हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची जारी की। इसमें कुल 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 मतदाता हैं। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ।  प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2.04 करोड़ मतदाता घट गए। यह स्थिति तब है जब इस दौरान 84 लाख 28 हजार 767 नए नाम बढ़े हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची जारी की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसमें कुल 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 मतदाता हैं। इसमें 54.54 प्रतिशत पुरुष हैं, जबकि 45.46 प्रतिशत महिलाएं हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की लखनऊ कैंट सीट पर सबसे ज्यादा 34.18 प्रतिशत नाम कटे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">27 अक्तूबर 2025 को फ्रीज की गई मतदाता सूची में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता थे। उसके बाद 6 जनवरी को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता रह गए। मसौदा सूची में शामिल 1.04 करोड़ मतदाताओं को वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान न हो पाने के कारण और 2.22 करोड़ मतदाताओं को तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस दिए गए।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>350436 मतदाता नहीं दे पाए नोटिसों का संतोषजनक जवाब</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि 6 जनवरी के बाद से मतदाता सूची से 8 लाख 15 हजार 996 नाम सूची से बाहर किए गए। इनमें 3 लाख 50 हजार 436 ऐसे मतदाता थे, जो नोटिसों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अलावा 328350 अपने स्थान से अनुपस्थित या स्थायी रूप से स्थानांतरित मिले। 79076 पहले से कहीं और के मतदाता (ऑलरेडी एनरोल्ड) थे। 55865 की मृत्यु हो चुकी थी। जबकि, 2269 नागरिक न होने और 18 वर्ष से कम होने के कारण बाहर किए गए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूपी में बने सर्वाधिक आयुष्मान कार्ड </title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 00:20:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[ अब तक 19 लाख 81 हजार से अधिक बनाए गए आयुष्मान कार्ड   बरेली प्रथम, आजमगढ़ दूसरे और जौनपुर तीसरे स्थान पर  लखनऊ। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में लाभार्थियों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्ड बनाने के मामले में देशभर में यूपी पहले स्थान पर है। अब तक 19 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"> <strong>अब तक 19 लाख 81 हजार से अधिक बनाए गए आयुष्मान कार्ड </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"> <strong>बरेली प्रथम, आजमगढ़ दूसरे और जौनपुर तीसरे स्थान पर </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में लाभार्थियों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्ड बनाने के मामले में देशभर में यूपी पहले स्थान पर है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अब तक 19 लाख 81 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।&nbsp; अभियान में विशेष रूप से आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी सहायिकाओं एवं उनके परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है। अभियान के दौरान जनपद बरेली ने सर्वाधिक प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि आजमगढ़ दूसरे और जौनपुर तीसरे स्थान पर रहे हैं। जीरो पावर्टी अभियान के अंतर्गत चिन्हित गरीब परिवारों को भी आयुष्मान योजना से जोड़ा जा रहा है, जिसमें बागपत, अमरोहा, सहारनपुर, गाजियाबाद एवं गौतमबुद्ध नगर जैसे जनपदों ने सराहनीय कार्य किया है।&nbsp; साचीज की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्चना वर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 5.70 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिसके माध्यम से करोड़ों परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित वय वंदना योजना के तहत लगभग 26 लाख 55 हजार बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp;30 मार्च तक इस अभियान के अंतर्गत 19 लाख 81 हजार से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। यह अभियान स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से संचालित किया जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जिलों की स्थिति&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; जनपदवार प्रगति में बरेली ने 1,24,096 कार्ड बनाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि आजमगढ़ (1,10,821) दूसरे, जौनपुर (91,954) तीसरे, प्रयागराज (82,862) चौथे और आगरा (79,603) पांचवें स्थान पर रहे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आशा के लिए भी आयुष्मान कार्ड&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग 4.28 लाख आशा कार्यकर्ताओं एवं उनके परिवारों में से 3.30 लाख से अधिक के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि शेष लगभग 1.02 लाख पर कार्य जारी है। इसी प्रकार, 2.17 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं उनके परिवारों में से 1.55 लाख तथा 2.32 लाख आंगनबाड़ी सहायिकाओं एवं उनके परिवारों में से लगभग 1.53 लाख लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&#8212;&#8212;&#8212;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गोरखपुर,कन्नौज और कानपुर डेयरी प्लांट को समय से शुरू करने का निर्देश </title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%9c-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 00:17:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[प्लांट संचालन के लिए अमोनिया गैस अथवा अन्य आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं लखनऊ। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि जनपद गोरखपुर, कन्नौज एवं कानपुर में स्थापित किए जा रहे दुग्ध संयंत्रों का संचालन निर्धारित समयसीमा में हर हाल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>प्लांट संचालन के लिए अमोनिया गैस अथवा अन्य आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि जनपद गोरखपुर, कन्नौज एवं कानपुर में स्थापित किए जा रहे दुग्ध संयंत्रों का संचालन निर्धारित समयसीमा में हर हाल में प्रारंभ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि कन्नौज डेयरी प्लांट का संचालन 30 अप्रैल 2026 तक, गोरखपुर डेयरी प्लांट का 05 मई तक तथा कानपुर डेयरी प्लांट का संचालन 20 मई 2026 तक प्रत्येक दशा में प्रारंभ कर दिया जाए। वह बुधवार को प्लांट की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्लांट संचालन के लिए अमोनिया गैस अथवा अन्य आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं है, इसलिए सभी संयंत्रों का संचालन पूरी क्षमता के साथ सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन दुग्ध संयंत्रों के शीघ्र संचालन से प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण एवं विपणन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम, दुग्ध आयुक्त के. धनलक्ष्मी, डॉ. राम सागर, पीसीडीएफ के समन्वय राम चरण, संजय भारती सहित एनडीडीबी एवं दुग्ध विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title> 40 फीसदी बढ़ा दूध उत्पादन, यूपी नंबर वन</title>
		<link>https://rahasyalok.com/40-%e0%a4%ab%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%a7-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%a8-%e0%a4%af/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 00:16:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[पांच अग्रणी राज्य देश के कुल दूध का करते हैं 54 फीसदी उत्पादन, इसमें अकेले यूपी की हिस्सेदारी 16 फीसद लखनऊ। प्रदेश पहले की तुलना में 40 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन बढ़ गया है।&#160; राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी सबसे सशक्त बनकर उभरा है। देश &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>पांच अग्रणी राज्य देश के कुल दूध का करते हैं 54 फीसदी उत्पादन, इसमें अकेले यूपी की हिस्सेदारी 16 फीसद</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। प्रदेश पहले की तुलना में 40 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन बढ़ गया है।&nbsp; राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी सबसे सशक्त बनकर उभरा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">देश के कुल दुग्ध उत्पादन में पांच अग्रणी राज्यों की 54 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसमें अकेले उत्तर प्रदेश का योगदान 16 फीसदी तक पहुंच गया है। वर्ष 2016-17 में जहां उत्पादन 277 लाख मीट्रिक टन था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 388 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>बड़ी ताकत बनीं ग्रामीण महिलाएं</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इस दुग्ध क्रांति की बड़ी ताकत ग्रामीण महिलाएं बनीं हैं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से लाखों महिलाएं डेयरी गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। प्रदेश के 31 जिलों में महिला समूह प्रतिदिन करीब 10 लाख लीटर दूध का संग्रहण कर रहे हैं और करीब 5000 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुके हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रदेश में पांच प्रमुख दुग्ध उत्पादक कंपनियों के जरिए करीब चार लाख महिला किसान जुड़ीं हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। फरवरी 2026 तक इन कंपनियों का कुल कारोबार पांच हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बुंदेलखंड क्षेत्र में ‘बलिनी एमपीसीएल’, पूर्वांचल में ‘काशी एमपीसीएल’, अवध क्षेत्र में सामर्थ्य एमपीसीएल, गोरखपुर मंडल में ‘श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीसीएल, तराई क्षेत्र में सृजन एमपीसीएल’ से जुड़कर महिलाएं रिकॉर्ड बना रही हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तर प्रदेश की बदल रही तस्वीर</p>



<p class="wp-block-paragraph">पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार के कार्यकाल में पहली बार महिलाओं को इतने बड़े पैमाने पर आर्थिक मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया गया है। दुग्ध उत्पादन में यह रिकॉर्ड वृद्धि न केवल आर्थिक मजबूती का संकेत है, बल्कि उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का भी प्रतीक बन गई है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रतापगढ़ के डॉक्टर का वेतन किया आधा</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a1%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a5%87/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 00:14:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[ब्लड जांच के नाम पर रूपये मांगने के मामले में रिपोर्ट तलब  दो सदस्यीय कमेटी गठित  ​लखनऊ। प्रतापगढ़ जिले के सामुदायिक स्वास्थ्यय केंद्र पट्टी में ब्लड जांच के नाम पर वसूली होने के मामले में अपर मुख्यय सचिव अमित कुमार घोष ने 24 घंटे में सीएमओ से रिपोर्ट तलब की है।। आरोपी चिकित्सक का आधा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>ब्लड जांच के नाम पर रूपये मांगने के मामले में रिपोर्ट तलब</strong> </p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दो सदस्यीय कमेटी गठित </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph"><br>​लखनऊ। प्रतापगढ़ जिले के सामुदायिक स्वास्थ्यय केंद्र पट्टी में ब्लड जांच के नाम पर वसूली होने के मामले में अपर मुख्यय सचिव अमित कुमार घोष ने 24 घंटे में सीएमओ से रिपोर्ट तलब की है।। आरोपी चिकित्सक का आधा वेतन रोक दिया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">​8 अप्रैल को ग्राम उपाध्यायपुर निवासी अजीत कुमार मिश्रा अपने बीमार पिता को पट्टी सीएचसी ले गए थे। आरोप है कि वहां तैनात डॉ. अखिलेश जायसवाल ने अस्पताल की सुविधाओं के बजाय बाहरी लोगों को बुलाकर कक्ष में ही ब्लड सैंपल दिलवाया और जांच के एवज में 2,000 की मांग की। शिकायतकर्ता द्वारा विरोध करने और वीडियो बनाने पर चिकित्सक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। शिकायत के आधार पर ए सी एस अमित कुमार घोष ने आरोपी चिकित्सक का अग्रिम आदेशों तक आधा वेतन अवरुद्ध कर दिया गया है। दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। मामले की विस्तृत रिपोर्ट के लिए डॉ. ए.एन. राय और डॉ. श्याम भार्गव की दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जिसे 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपनी होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">​अपर मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अस्पतालों में मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करें और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर शिकंजा</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a4%b2-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%8f%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 17:56:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[23 हजार से ज्यादा छापे 238 एफआईआर प्रदेश में 92,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.22 लाख किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्धलखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कालाबाजारी के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। 12 मार्च 2026 से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>23 हजार से ज्यादा छापे 238 एफआईआर</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>प्रदेश में 92,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.22 लाख किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध</strong><br>लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कालाबाजारी के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। 12 मार्च 2026 से अब तक पूरे प्रदेश में 23,250 छापेमारी व निरीक्षण किए गए हैं, जिनमें 238 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें 27 मामले एलपीजी वितरकों और 211 अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुए हैं, जबकि 22 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर 249 के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई की गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। राज्य में 12888 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन हजारों किलोलीटर ईंधन की बिक्री हो रही है। वर्तमान में प्रदेश में 92000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.22 लाख किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। ऐसे में आम जनता से अपील की गई है कि घबराकर ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करें।<br>अब तक प्रदेश में 15.94 लाख पीएनजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी की 70 प्रतिशत तक सशर्त आपूर्ति की अनुमति दी है। इसमें होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल जैसी श्रम-आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिक्षामित्रों को 18,000 और अंशकालिक अनुदेशकों को 17,000 मानदेय</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-18000-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a4%95/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 17:30:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[1 अप्रैल 2026 से लागू होगा बढ़ा हुआ मानदेय, मई से मिलेगा लाभ 1.43 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अंशकालिक अनुदेशकों को मिलेगा सीधा फायदा लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में शिक्षामित्रों एवं अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि को स्वीकृति प्रदान की। इस निर्णय से प्रदेश &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>1 अप्रैल 2026 से लागू होगा बढ़ा हुआ मानदेय, मई से मिलेगा लाभ</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>1.43 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अंशकालिक अनुदेशकों को मिलेगा सीधा फायदा</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में शिक्षामित्रों एवं अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि को स्वीकृति प्रदान की। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों शिक्षा कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा तथा शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में 10,000 रुपए निर्धारित किए गए शिक्षामित्रों के मानदेय को बढ़ाकर अब 18,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है। इसी प्रकार अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रूपए से बढ़ाकर 17,000 रूपये प्रतिमाह किया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और मई माह में दिए जाने वाले भुगतान में सम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का मानदेय अब तक समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत केंद्र व राज्य सरकार के 60:40 अनुपात में प्राप्त होता रहा है। मानदेय वृद्धि के फलस्वरूप इन पर आने वाला 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। शेष 13,597 शिक्षामित्र, जिनका भुगतान पूर्णतः राज्य सरकार द्वारा किया जाता है, उनके लिए 119.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार भी राज्य सरकार वहन करेगी। संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्तमान में 24,717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। मानदेय वृद्धि के इस निर्णय से इन अनुदेशकों को भी बड़ी राहत मिलेगी तथा इस पर 217.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि योगी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह निर्णय न केवल शिक्षामित्रों एवं अंशकालिक अनुदेशकों के जीवन स्तर में सुधार लाएगा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>25 लाख युवाओं को निःशुल्क दिए जाएंगे टैबलेट</title>
		<link>https://rahasyalok.com/25-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%96-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%83%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%a6%e0%a4%bf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 17:24:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[मंत्रिपरिषद की बैठक में टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को दी गई स्वीकृति 60 लाख युवाओं को वितरित किए जा चुके हैं टैबलेट व स्मार्ट फोन लखनऊ ।।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं को सरकार की तरफ से बड़ी सौगात देते हुए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph"><em><strong>मंत्रिपरिषद की बैठक में टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को दी गई स्वीकृति</strong></em></p>



<p class="wp-block-paragraph"><em><strong>60 लाख युवाओं को वितरित किए जा चुके हैं टैबलेट व स्मार्ट फोन</strong></em></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ ।।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं को सरकार की तरफ से बड़ी सौगात देते हुए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत युवाओं को निःशुल्क वितरण के लिए 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर टैबलेट वितरित किया जाएगा। </p>



<p class="wp-block-paragraph">वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना में 2000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी, इससे केंद्र सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने बताया कि योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, आइटीआइ और कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़े छात्रों एवं प्रशिक्षुओं को टैबलेट नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे युवा न केवल अपनी पढ़ाई को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकेंगे, बल्कि आगे चलकर रोजगार, स्वरोजगार और विभिन्न सरकारी व गैर-सरकारी योजनाओं में भी इसका लाभ उठा सकेंगे। इस पहल से प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उन्हें डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। साथ ही सेवामित्र पोर्टल पर पंजीकृत कुशल युवाओं को भी इससे सीधा लाभ मिलेगा। इस योजना का पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वर्ष 2021-22 से शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 60 लाख युवाओं को टैबलेट व स्मार्ट फोन वितरित किए जा चुके हैं। गत वर्षों में हुई खरीद को देखते हुए इस वर्ष भी एक टैबलेट की कीमत 12 हजार रुपये आंकी जा रही है। ऐसे में 25 लाख टैबलेट की खरीद में तीन हजार करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>डॉ. आम्बेडकर मूर्ति विकास योजना’ को मिली मंजूरी</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%86%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 17:22:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश कैबिनेट का बड़ा निर्णय लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में सामाजिक न्याय और महापुरुषों के सम्मान की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। प्रदेश सरकार ने ’डॉ. आम्बेडकर मूर्ति विकास योजना’ (जिसे संक्षेप में ’डॉ. आम्बेडकर मूर्ति विकास योजना-21’ भी कहा जा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उत्तर प्रदेश कैबिनेट का बड़ा निर्णय</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में सामाजिक न्याय और महापुरुषों के सम्मान की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। प्रदेश सरकार ने ’डॉ. आम्बेडकर मूर्ति विकास योजना’ (जिसे संक्षेप में ’डॉ. आम्बेडकर मूर्ति विकास योजना-21’ भी कहा जा रहा है) को लागू करने का निर्णय लिया है।<br>इस योजना का मुख्य लक्ष्य बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर सहित उन सभी महापुरुषों और विभूतियों की प्रतिमाओं का सम्मान और रख रखाव करना है, जिन्होंने सामाजिक न्याय और समाज सुधार के लिए अपना जीवन समर्पित किया। योजना के अंतर्गत सरकारी भूमि, नगर निकायों और पंचायतों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं को शामिल किया जाएगा। प्रतिमा स्थलों पर सुरक्षा के लिए छतरी, बाउंड्री वॉल, सौंदर्यीकरण, हरियाली और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य कराए जाएंगे। प्रत्येक प्रतिमा के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत की जाएगी।<br>प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं के लिए प्रति विधानसभा 1 करोड़ रुपये (कुल 403 करोड़ रुपये) का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसका अर्थ है कि प्रत्येक विधानसभा में लगभग 10 प्रतिमाओं का कायाकल्प इसी वित्तीय वर्ष में किया जाएगा।<br>योजना के प्रथम चरण में उन प्रतिमाओं को लिया जा रहा है जो 31 दिसंबर 2025 तक स्थापित हो चुकी हैं। आगामी 14 अप्रैल को प्रदेश की सभी विधानसभाओं में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहाँ स्थानीय जनप्रतिनिधि (सांसद, विधायक, एमएलसी) जनता को इस योजना और चयनित स्थलों के बारे में जानकारी देंगे।<br>योजना में डॉ. आंबेडकर के साथ-साथ संत रविदास, संत कबीरदास, ज्योतिबा फुले और महर्षि वाल्मीकि जैसे सामाजिक न्याय के प्रणेताओं की प्रतिमाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सहायक प्रोफेसर पुनर्परीक्षा 18-19 अप्रैल को</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 17:20:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[6 शहरों के 53 केंद्रों पर होगा आयोजन दो पालियों में होगी परीक्षा, 08 अप्रैल से केंद्र सूचना और 15 अप्रैल से एडमिट कार्ड डाउनलोड प्रयागराज / लखनऊ।। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा सहायक प्रोफेसर (विज्ञापन संख्या-51) चयन पुनर्परीक्षा का आयोजन 18 एवं 19 अप्रैल 2026 को प्रदेश के छह जनपदों आगरा, मेरठ, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"> 6 शहरों के 53 केंद्रों पर होगा आयोजन</p>



<p class="wp-block-paragraph">दो पालियों में होगी परीक्षा, 08 अप्रैल से केंद्र सूचना और 15 अप्रैल से एडमिट कार्ड डाउनलोड</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रयागराज / लखनऊ।।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा सहायक प्रोफेसर (विज्ञापन संख्या-51) चयन पुनर्परीक्षा का आयोजन 18 एवं 19 अप्रैल 2026 को प्रदेश के छह जनपदों आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर एवं वाराणसी में प्रस्तावित 53 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। परीक्षा दोनों दिनों में दो पालियों में आयोजित होगी, जिसमें प्रथम पाली प्रातः 09:30 से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपरान्ह 02:30 से 04:30 बजे तक होगी। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा 18 एवं 19 अप्रैल को विभिन्न विषयों के लिए तिथिवार एवं पालीवार आयोजित की जाएगी। इसमें कला, विज्ञान, वाणिज्य, भाषा एवं अन्य विषयों के अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने अभ्यर्थियों को सूचित किया है कि परीक्षा केंद्र से संबंधित जनपद की अग्रिम सूचना 08 अप्रैल 2026 से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। अभ्यर्थी वेबसाइट https://upessc.up.gov.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से अपनी आवश्यक प्रविष्टियां भरकर संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अग्रिम सूचना प्रवेश पत्र नहीं है। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र 15 अप्रैल 2026 से वेबसाइट पर उपलब्ध होगा, जिसे डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। बिना वैध प्रवेश पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सुलतानपुर रोड से कनेक्ट होगा ग्रीन काॅरिडोर</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a1-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%b9/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 17:17:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[33 करोड़ रूपये से बनेगी 4-लेन सड़क गोमती नगर विस्तार से अर्जुनगंज जाना होगा आसान, 10 लाख की आबादी को मिलेगा लाभ एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने ग्रीन काॅरिडोर के निर्माणाधीन रूट का किया निरीक्षण डालीगंज से पक्का पुल के मध्य 1.5 किलोमीटर लंबे आर0ओ0बी0 का कार्य 15 जून तक पूर्ण करने के निर्देश लखनऊ। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><em> 33 करोड़ रूपये से बनेगी 4-लेन सड़क</em></p>



<ul class="wp-block-list">
<li><em>गोमती नगर विस्तार से अर्जुनगंज जाना होगा आसान, 10 लाख की आबादी को मिलेगा लाभ</em></li>



<li><em>एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने ग्रीन काॅरिडोर के निर्माणाधीन रूट का किया निरीक्षण</em></li>



<li><em>डालीगंज से पक्का पुल के मध्य 1.5 किलोमीटर लंबे आर0ओ0बी0 का कार्य 15 जून तक पूर्ण करने के निर्देश</em></li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। पिपराघाट से शहीद पथ के मध्य आकार ले रहा ग्रीन काॅरिडोर अब सुलतानपुर रोड से भी कनेक्ट होगा। इसके लिए आर्मी लैंड से मरी माता मंदिर तक 4-लेन सड़क बनायी जाएगी। इससे गोमती नगर विस्तार से अर्जुनगंज की ओर जाना आसान होगा और लगभग 10 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मंगलवार को स्थल निरीक्षण करके 4-लेन सड़क का कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिये। उपाध्यक्ष ने बताया कि ग्रीन काॅरिडोर के तृतीय चरण के अंतर्गत पिपराघाट से शहीद पथ के मध्य बंधा एवं सड़क निर्माण, फ्लाईओवर व ब्रिज का कार्य कराया जा रहा है। इस रूट को और अधिक प्रभावी व लोगों के लिए उपयोगी बनाने के उद्देश्य से ग्रीन काॅरिडोर को सुलतानपुर रोड से सीधे कनेक्ट करने का भी कार्य कराया जाएगा। जिसके लिए आर्मी लैंड पर निर्माणाधीन ग्रीन काॅरिडोर से सुलतानपुर रोड स्थित मरी माता मंदिर तक 4-लेन सड़क बनायी जाएगी। लगभग 1800 मीटर लंबी इस सड़क का निर्माण लगभग 33 करोड़ रूपये की लागत से कराया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>नये रूट से बड़ी आबादी को होगा फायदा</em><br>उपाध्यक्ष ने बताया कि 4-लेन सड़क के निर्माण के लिए टेंडर के माध्यम से कार्यदायी संस्था का चयन कर लिया गया है। जल्द ही स्थल पर कार्य शुरू करा दिया जाएगा, जिसके लिए सम्बंधित अभियंताओं को निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि ग्रीन काॅरिडोर से सुलतानपुर रोड के मध्य यह नया रूट बनने से पुलिस मुख्यालय, ओमैक्स, इमार टाउनशिप समेत गोमती नगर विस्तार से अर्जुनगंज की ओर जाना आसान होगा और बड़ी संख्या में लोग लाभन्वित होंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>15 जून तक पूरा होगा डालीगंज आर0ओ0बी0</em><br>ग्रीन काॅरिडोर परियोजना के अंतर्गत पक्का पुल से डालीगंज के मध्य निर्मित किये जा रहे 1.5 किलोमीटर लंबे आर0ओ0बी0/फ्लाईओवर का भी उपाध्यक्ष ने निरीक्षण किया। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि रेलवे से एन0ओ0सी0 प्राप्त हो गयी है। जिस पर उपाध्यक्ष ने 15 जून तक आर0ओ0बी0 का निर्माण पूर्ण कराकर कनेक्टिविटी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। आर0ओ0बी0 चालू होने से खदरा, सीतापुर रोड, चौक, हुसैनाबाद, बसंतकुंज की आबादी को लाभ मिलेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एक अस्पताल ऐसा भी, जिधर घुमाई नजर, सब मिला  चकाचक</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%b0-%e0%a4%98%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%ac-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a4%95/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 07:05:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[स्वास्थ्य महानिदेशक के निरीक्षण में नहीं मिली कोई खामीआरएसएम संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों से लिया फीडबैकलखनऊ। राम सागर मिश्रा सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय। में ओपीडी खत्म होने के बाद ज्यादातर कर्मचारी अपना बचा काम निपटा चुके होते हैं। अंधेरा बढ़ रहा था। 7.45 बजे अधीक्षक सहित अन्य डॉक्टर अगले दिन की प्लानिंग में लगे थे।इसी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><br><strong>स्वास्थ्य महानिदेशक के निरीक्षण में नहीं मिली कोई खामी</strong><br><strong>आरएसएम संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों से लिया फीडबैक</strong><br>लखनऊ। राम सागर मिश्रा सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय। में ओपीडी खत्म होने के बाद ज्यादातर कर्मचारी अपना बचा काम निपटा चुके होते हैं। अंधेरा बढ़ रहा था। 7.45 बजे अधीक्षक सहित अन्य डॉक्टर अगले दिन की प्लानिंग में लगे थे।इसी बीच लकदक गाड़ियां पहुंचती हैं।<br>पता चला कि दलबल के साथ स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण पहुंचे हैं। वह औचक निरीक्षण पर हैं। गेट से इंट्री करते ही वह इमरजेंसी वार्ड में घुसते हैं। वहां तैनात डॉ. अभिषेक से मरीजों के उपचार और देखभाल की जानकारी लेते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं और इलाज की गुणवत्ता भी जांचते हैं। उसके बाद वे महिला जनरल वार्ड, पीडियाट्रिक, मेडिसिन, पैथोलॉजी समेत दूसरे विभागों का जायजा लेते हैं। वह कमियं ढूंढते हैं, लेकिन कोई कमी उन्हें नजर नहीं आती। वह मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डा. वीके शर्मा से भी व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हैं। </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://divyvichar.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0009-1024x768.jpg" alt="" class="wp-image-957" srcset="https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0009-1024x768.jpg 1024w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0009-300x225.jpg 300w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0009-768x576.jpg 768w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0009-1536x1152.jpg 1536w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0009.jpg 1600w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><br>डा. शर्मा जवाब देते हैं कि कोशिश रहती है कि किसी भी दिन कोई समस्या न दिखे। डॉक्टर और कर्मचारी हमेशा ड्यूटी पर मुस्तैद नजर आए। ताकि मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके। </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://divyvichar.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0011-1024x768.jpg" alt="" class="wp-image-959" srcset="https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0011-1024x768.jpg 1024w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0011-300x225.jpg 300w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0011-768x576.jpg 768w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0011-1536x1152.jpg 1536w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0011.jpg 1600w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">वार्ड से लेकर पैथोलॉजी तक देखा <br>महानिदेशक ने  पैथोलॉजी, आईसीयू सहित अन्य स्थानों की भी जानकारी देते हैं। जिधर भी नजर घुमाते हैं, व्यवस्था चकाचक मिलने से वह खुश नजर आए। वह डॉक्टरों से बात करते हैं और नर्सिंग कर्मियों से भी। सभी एक स्वर से किसी तरह की समस्या नहीं होने की बात बताते हैं। महानिदेशक की यह मुस्कुराहट अन्य कर्मचारियों में काम का जज्बा बढ़ाती है। कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने डा. शर्मा के साथ लगातार मेहनत की। इस का नतीजा है कि आज महानिदेशक को किसी तरह की कमियां नहीं मिली हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://divyvichar.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0010-1024x768.jpg" alt="" class="wp-image-960" srcset="https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0010-1024x768.jpg 1024w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0010-300x225.jpg 300w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0010-768x576.jpg 768w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0010-1536x1152.jpg 1536w, https://rahasyalok.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0010.jpg 1600w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
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			</item>
		<item>
		<title>पॉलीटेक्निक में वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए प्रवेश शुरू, 30 से आवेदन</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%aa%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 18:02:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थाओं में संचालित डिप्लोमा पाठ्यक्रमों हेतु कामगारों (WORKING PROFESSIONALS) के लिये सत्र 2026-27 में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन फार्म परिषद की वेबसाइट www.jeecup.admissions.nic.in पर उपलब्ध हैं। सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों हेतु ऑनलाइन आवेदन शुल्क रू0 300/- प्रति अभ्यर्थी जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों हेतु आवेदन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थाओं में संचालित डिप्लोमा पाठ्यक्रमों हेतु कामगारों (WORKING PROFESSIONALS) के लिये सत्र 2026-27 में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन फार्म परिषद की वेबसाइट www.jeecup.admissions.nic.in पर उपलब्ध हैं। सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों हेतु ऑनलाइन आवेदन शुल्क रू0 300/- प्रति अभ्यर्थी जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों हेतु आवेदन शुल्क रू0 200/- प्रति अभ्यर्थी निर्धारित है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद, उ०प्र० के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने की अन्तिम तिथि 30.04.2026 निर्धारित है। प्रवेश हेतु इच्छुक अभ्यर्थी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट द्वारा ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश हेतु ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त आवेदनों पर ही विचार किया जायेगा। प्रवेश हेतु अन्य कोई माध्यम मान्य नही होगा। विस्तृत जानकारी हेतु परिषद की वेबसाइट www.jeecup.admissions.nic.in अथवा दूरभाष संख्या-0522-2630106, 2630695, 2630667, 2636589 पर सम्पर्क कर सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बारिश से परेशान किसानों के बीच पहुंचें प्रशासनिक अधिकारी: मुख्यमंत्री</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 17:49:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री का निर्देशः फसलों के नुकसान का आकलन कराएं और मुआवजा दिलाएं जिलाधिकारी किसानों के पास पहुंचकर जानें परेशानी, शासन स्तर पर प्रमुख सचिव (कृषि) व राहत आयुक्त निरंतर बनाएं समन्वयः मुख्यमंत्री लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई जनपदों में शनिवार को फिर हुई असमय बारिश से किसानों को होने वाली परेशानी के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><em><strong>मुख्यमंत्री का निर्देशः फसलों के नुकसान का आकलन कराएं और मुआवजा दिलाएं</strong></em></p>



<p class="wp-block-paragraph"><em><strong>जिलाधिकारी किसानों के पास पहुंचकर जानें परेशानी, शासन स्तर पर प्रमुख सचिव (कृषि) व राहत आयुक्त निरंतर बनाएं समन्वयः मुख्यमंत्री</strong></em></p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>लखनऊ</em>।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई जनपदों में शनिवार को फिर हुई असमय बारिश से किसानों को होने वाली परेशानी के बारे में जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में यह प्रयास करें कि आपदा का असर किसानों पर न्यूनतम हो। जनहानि, पशुहानि, घायलों व चोटिलों को 24 घंटे में दिया जाए मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करें। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम के कारण किसानों की बर्बाद हुई फसल के नुकसान का आकलन कर संपूर्ण जानकारी एकत्र करें और उन्हें जल्द से जल्द राहत दिलाएं। राजस्व, कृषि विभाग व बीमा कंपनी फसल नुकसान का तत्काल संयुक्त सर्वे कराकर शासन को अवगत कराएं, जिससे किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाया जा सके।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर प्रतिकूल परिस्थिति में प्रदेशवासियों के साथ निरंतर खड़ी है। निरंतर बारिश से भी किसानों की फसल प्रभावित हो रही है, इससे नुकसान होने वाली फसल का मुआवजा दिलाया जा रहा है। शनिवार को फिर हुई बारिश से भी फसल को जो नुकसान हुआ है, उसका भी जल्द से जल्द आकलन करा लिया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के हित में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और निरंतर सुनिश्चित करें कि अन्नदाता को कोई परेशानी न हो।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि निरंतर फील्ड में रहें, वस्तुस्थिति का जायजा लें और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराएं, जिससे किसानों को समय पर उचित सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव (कृषि) व राहत आयुक्त से कहा कि फील्ड में कार्यरत अधिकारियों से सीधा संपर्क करें और समन्वय बनाएं। सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, जिससे राहत कार्य भी समय से हो सके।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>किसान भी शासन/प्रशासन को उपलब्ध कराएं जानकारी</em><br>किसान भी अपनी नुकसान हुई फसल की जानकारी शासन/प्रशासन को उपलब्ध कराएं। जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया है और उनके फसल की क्षति हुई है। फसल कटकर खलिहान में रखी हो और इसका नुकसान हुआ हो तो यह फसल 14 दिन तक बीमा से कवर्ड है। ऐसे किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री 14447 नंबर पर समस्या दर्ज करा सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूरिया, डीएपी उपलब्धता  के लिए राज्य सप्लाई प्लान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 16:38:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[सहकारी समितियों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर, निजी क्षेत्र का 35% कोटा प्रस्तावित लखनऊ। योगी सरकार ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए अप्रैल 2026 के लिए एक व्यापक और सुव्यवस्थित सप्लाई प्लान तैयार किया है। इस योजना का उद्देश्य राज्य में किसी भी प्रकार की खाद कमी की स्थिति को रोकना &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><em><strong>सहकारी समितियों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर, निजी क्षेत्र का 35% कोटा प्रस्तावित</strong></em></p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>लखनऊ</em>।  योगी सरकार ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए अप्रैल 2026 के लिए एक व्यापक और सुव्यवस्थित सप्लाई प्लान तैयार किया है। इस योजना का उद्देश्य राज्य में किसी भी प्रकार की खाद कमी की स्थिति को रोकना और कृषि कार्यों को सुचारु बनाए रखना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">राज्य सरकार द्वारा जारी इस रणनीति के तहत यूरिया, डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) और एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) जैसे प्रमुख उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। कृषि विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिले में मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति समय से पहले सुनिश्चित की जाए, ताकि बुवाई और फसल की बढ़वार के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके साथ ही प्रदेश के समस्त उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं आवश्यकतानुसार अन्य विभागों के कार्मिकों की ड्यूटी लगाकर पारदर्शिता के साथ वितरण किया जाए। उर्वरकों की जमाखोरी कर कृत्रिम अभाव करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। गैर कृषि क्षेत्रों में उर्वरकों के डायवर्जन यथा-प्लाईवुड इण्डस्ट्रियल, पशु आहार निर्मित इकाइयों पर सघन निगरानी रखी जाए। फसल में संस्तुति / संतुलित मात्रा में (अधिकतम यूरिया 07 बोरी एवं डी०ए०पी०-05 बोरी प्रति हेक्टेयर) उर्वरकों का प्रयोग करने के साथ-साथ उर्वरकों का अग्रिम भण्डारण न करने के सम्बन्ध में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाए। अन्तर्राष्ट्रीय / अन्तर्राज्यीय सीमावर्ती जनपदों में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की सघन निगरानी रखी जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस योजना में सहकारी समितियों की भूमिका को और मजबूत करने की बात कही गई है। सरकार ने सहकारी संस्थाओं के माध्यम से खाद वितरण की हिस्सेदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे पारदर्शिता और सुगमता दोनों में सुधार होगा। वहीं, निजी क्षेत्र की भागीदारी को संतुलित रखते हुए उन्हें लगभग 35 प्रतिशत कोटा देने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि सप्लाई चेन प्रभावी बनी रहे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">खाद वितरण की निगरानी के लिए सरकार ने सख्त मॉनीटरिंग व्यवस्था लागू की है। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से खाद की उपलब्धता और वितरण पर नजर रखी जाएगी। इस सुनियोजित रणनीति से किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होगी, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। यह पहल राज्य के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>फॉर्मर रजिस्ट्री से ही मिलेगी मूल्य समर्थन योजना का लाभ</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%bf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Apr 2026 09:46:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[रबी विपणन के लिए तूर, चना, मसूर एवं लाही-सरसों की खरीद के लक्ष्यों का आवंटन लखनऊ। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विभागीय अधिकारियों के साथ रबी विपणन वर्ष 2026-27 (रबी 2025-26 मौसम) में खरीद व्यवस्था की समीक्षा की । तय हुआ कि मूल्य समर्थन योजना का लाभ फार्मर रजिस्ट्री कराने के बाद ही किसानों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>रबी विपणन के लिए तूर, चना, मसूर एवं लाही-सरसों की खरीद के लक्ष्यों का आवंटन </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><br>लखनऊ। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विभागीय अधिकारियों के साथ रबी विपणन वर्ष 2026-27 (रबी 2025-26 मौसम) में खरीद व्यवस्था की समीक्षा की । तय हुआ कि मूल्य समर्थन योजना का लाभ फार्मर रजिस्ट्री कराने के बाद ही किसानों को मिल सकेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बैठक में बताया गया कि मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत विभिन्न फसलों की खरीद का निर्देश जारी कर दिया गया है। तूर (अरहर-खरीफ), चना, मसूर एवं लाही-सरसों की अधिकतम अनुमन्य मात्रा के खरीद के लिए केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों के मध्य लक्ष्यों का विभाजन सुनिश्चित कर दिया गया है। इस वर्ष इन फसलों की खरीद की कार्यवाही 07 अप्रैल, 2026 से होगी<br>प्रदेश में केंद्रीय क्रय एजेंसियों के मध्य लक्ष्यों का आवंटन 80:20 के अनुपात में किया गया है। इसके तहत नैफेड को कुल लक्ष्य का 80 प्रतिशत और एनसीसीएफ को 20 प्रतिशत हिस्सा आवंटित किया गया है। इसके अंतर्गत नैफेड को प्रदेश के 55 जनपदों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि एनसीसीएफ को 20 जनपदों का आवंटन किया गया है। नैफेड द्वारा तूर का 91,024 मीट्रिक टन, चना का 1,79,200 मीट्रिक टन, मसूर का 5,41,600 मीट्रिक टन और लाही-सरसों का 4,24,000 मीट्रिक टन क्रय किया जाएगा। वहीं एनसीसीएफ को तूर के लिए 22,756 मीट्रिक टन, चना 44,800 मीट्रिक टन, मसूर 1,35,400 मीट्रिक टन और लाही-सरसों 1,06,000 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है। इस प्रकार कुल स्वीकृत लक्ष्य तूर के लिए 1,13,780, चना के लिए 2,24,000, मसूर के लिए 6,77,000 तथा लाही-सरसों के लिए 5,30,000 मीट्रिक टन निर्धारित है।<br>बैठक के दौरान कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रवींद्र, निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>20 साल पुराने ट्रांसफार्मर को हटा कर नया लगाने की मांग</title>
		<link>https://rahasyalok.com/20-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%b0/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Apr 2026 09:44:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[अभियंता संघ ने कार्रवाई का किया विरोध​लखनऊ। राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ ने कहा कि पुराने ट्रांसफार्मर की बार बार मरम्मत कराया जा रहा है। अब मरम्मत के बजाय 20 साल पुराने ट्रांसफार्मर के स्थान पर नए लगाए जाए। अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई न की जाए। अब तक हुई कार्रवाई वापस ली जाए। इस संबंध &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><br><strong>अभियंता संघ ने कार्रवाई का किया विरोध<br>​लखनऊ। राज्य विद्युत परिषद अभियंता </strong>संघ ने कहा कि पुराने ट्रांसफार्मर की बार बार मरम्मत कराया जा रहा है। अब मरम्मत के बजाय 20 साल पुराने ट्रांसफार्मर के स्थान पर नए लगाए जाए। अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई न की जाए। अब तक हुई कार्रवाई वापस ली जाए। इस संबंध में संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गुर्जर ने विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजे गए पत्र में बताया कि वितरण ट्रांसफार्मरों की बार बार मरम्मत में लाखों रुपए खर्च होते हैं। ऐसे में ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए निर्धारित आई एस 2026 और आई एस 1180 जैसे राष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाए। कई वर्कशॉप में आधुनिक टेस्टिंग मशीनों और योग्य तकनीकी कर्मचारियों का अभाव है। इसे पूरा किया जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">​अभियंताओं का कहना है कि एक ही ट्रांसफार्मर का बार-बार वर्कशॉप जाना विभाग के बजट पर बोझ डाल रहा है। जहाँ एक ट्रांसफार्मर की लाइफ 15-20 साल होनी चाहिए। इससे अधिक समय वालों को हटा कर नया लगाया जाए।दो बार से अधिक किसी भी ट्रांसफार्मर को रिपेयर ना किया जाए उसके स्थान पर नया ट्रांसफार्मर रखा जाए। ट्रांसफार्मर डैमेज के नाम पर बिना किसी जांच के निर्दोष अभियंताओं पर कार्रवाई ना की जाए तथा की गई कार्रवाइयों को वापस लिया जाए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिप्रा ने बढ़ाया परिवार का मान </title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Apr 2026 06:05:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[असिस्टेंट कमिश्नर बनने पर मोहल्ले में मनाया जश्न  लखनऊ।। राजधानी लखनऊ के&#160; केसरी खेड़ा वार्ड के विक्रम नगर निवासी शिप्रा ने पूरे जिले का मान बढ़ाया है। वह यूपीपीसीएस परीक्षा पास कर कमर्शियल टैक्स विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर चयनित हुई हैं। विक्रम नगर निवासी उमाशंकर यादव की पुत्री शिप्रा यादव&#160; शुरू से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph">असिस्टेंट कमिश्नर बनने पर मोहल्ले में मनाया जश्न </p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ।। राजधानी लखनऊ के&nbsp; केसरी खेड़ा वार्ड के विक्रम नगर निवासी शिप्रा ने पूरे जिले का मान बढ़ाया है। वह यूपीपीसीएस परीक्षा पास कर कमर्शियल टैक्स विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर चयनित हुई हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विक्रम नगर निवासी उमाशंकर यादव की पुत्री शिप्रा यादव&nbsp; शुरू से ही मेहनती रहीं है। उन्होंने&nbsp; यूपीपीसीएस की तैयारी की। इस वर्ष परीक्षा पास कर ली हैं।&nbsp; उनका चयन असिस्टेंट कमिश्नर&nbsp; कमर्शियल टैक्स के पद पर हो गया है। शिप्रा के चयन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़&nbsp; गई।&nbsp; शिप्रा के पिता एचएएल से रिटायर कर्मचारी हैं । इस दौरान केसरी खेड़ा वार्ड के पार्षद देवेन्द्र सिंह यादव (जीतू) परिवार से मिले और बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिप्रा का चयन होने से राजधानी के बच्चों में प्रतियोगी परीक्षा को लेकर उत्साह बढ़ा है। उम्मीद है कि भविष्य में शिप्रा की तरह ही अन्य बच्चे भी तैयारी करेंगे और उच्च स्तरीय परीक्षा पास करके प्रशासनिक अधिकारी बनेंगे।&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सिलाई, किराना दुकानदारों को वाणिज्यिक के बजाय घरेलू कनेक्शन की मिले अनुमति: वर्मा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Mar 2026 17:59:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग और सरकार से की मांग लखनऊ। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विद्युत नियामक आयोग और राज्य सरकार से मांग की है कि अपने घर के आंशिक हिस्से में दुकान करने वालों को लगता राहत दी जाए। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश में लगभग 15 से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"> <strong><br>उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग और सरकार से की मांग </strong><br>लखनऊ। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विद्युत नियामक आयोग और राज्य सरकार से मांग की है कि अपने घर के आंशिक हिस्से में दुकान करने वालों को लगता राहत दी जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश में लगभग 15 से 20 लाख घरेलू विद्युत उपभोक्ता ऐसे हैं, जो अपनी आजीविका चलाने के लिए अपने घर के एक हिस्से में छोटे व्यवसाय (जैसे- सिलाई, किराना, मोबाइल रिपेयरिंग, आदि) संचालित करते हैं। विद्युत विभाग ऐसे उपभोक्ताओं के विरुद्ध अभियान चलाकर उनके कनेक्शन को वाणिज्यिक श्रेणी में परिवर्तित कर रहा है। कई स्थानों पर बिजली चोरी के मुकदमे भी दर्ज किए जा रहे हैं। यह गलत है। ग्रामीण इलाके में यह कार्य करने वाले लोग किसी तरह से अपनी आजीविका चला रहे हैं। घर में एक कनेक्शन पहले से मौजूद है तो उन्हें वाणिज्यिक श्रेणी में न बदला जाए।, क्योंकि वे सीमित संसाधनों में अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। वर्ष 2019 में उपभोक्ता परिषद द्वारा इस संबंध में एक प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, जिसमें यह मांग की गई थी कि ऐसे उपभोक्ताओं पर कठोर राजस्व निर्धारण न करते हुए नियमों में शिथिलता प्रदान की जाए। इस पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली कंपनियों से रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसमें पावर कॉर्पोरेशन की ओर से यह सुझाव दिया गया था कि 2 किलोवाट तक और 200 यूनिट तक खपत वाले ग्रामीण उपभोक्ताओं को कुछ शर्तों के साथ घरेलू श्रेणी में रखा जा सकता है। फिर भी इस विषय पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। परिषद अध्यक्ष ने मांग की कि इस मामले में त्वरित निर्णय लिया जाए। इससे न केवल लाखों परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.<br></p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>संविदा कर्मियों की छंटनी के बाद अभियंताओं के निलंबन की तैयारी : समिति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Mar 2026 17:39:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[संघर्ष समिति ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनलखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाया है। समिति पदाधिकारियों ने कहा है कि सैकड़ों संविदा कर्मियों को सेवा से हटाने के बाद अब 1 अप्रैल से बड़े पैमाने पर अभियंताओं और जूनियर इंजीनियरों के निलंबन की तैयारी की जा रही &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>संघर्ष समिति ने दी उग्र आंदोलन की चेतावन</strong><br>लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाया है। समिति पदाधिकारियों ने कहा है कि सैकड़ों संविदा कर्मियों को सेवा से हटाने के बाद अब 1 अप्रैल से बड़े पैमाने पर अभियंताओं और जूनियर इंजीनियरों के निलंबन की तैयारी की जा रही है।<br>संघर्ष समिति का आरोप है कि प्रबंधन अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए भय का वातावरण बनाकर निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन की इन उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों से आने वाली गर्मी में प्रदेश की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर सकती है जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।<br>संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों को मनमाने ढंग से हटाया गया है। प्रदेश में यह संख्या लगभग 25,000 तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। लखनऊ के लेसा क्षेत्र में ही इस माह 340 संविदा कर्मियों को सेवा से बाहर किया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या ऑपरेटिंग स्टाफ की है जिसका बिजली व्यवस्था पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है।<br>संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा हाल ही में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निलंबन के लिए कम से कम 5 अधीक्षण अभियंताओं, 15 अधिशासी अभियंताओं तथा अनुपातिक संख्या में सहायक अभियंताओं और जूनियर इंजीनियरों की सूची तैयार की जाए और 01 अप्रैल की दी जाय। संघर्ष समिति ने इस आदेश को “तानाशाहीपूर्ण” करार देते हुए कहा कि यह कदम ऊर्जा निगमों में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा कर रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">संघर्ष समिति ने कहा कि प्रबंधन की इन कार्यवाहियों से ऊर्जा क्षेत्र में औद्योगिक अशांति का वातावरण बन रहा है, जिसका सीधा असर आगामी भीषण गर्मी में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उत्पीड़न की कार्यवाही तत्काल नहीं रोकी गई और हटाए गए संविदा कर्मियों को पुनः बहाल नहीं किया गया, तो बिजली कर्मी व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि नवरात्र और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के दौरान अल्प वेतनभोगी संविदा कर्मियों को हटाना अत्यंत संवेदनहीन और दुर्भाग्यपूर्ण कदम है। संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मी उत्पीड़न और निजीकरण के विरोध में अपना आंदोलन जारी रखेंगे और इसे और तेज करेंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मेडिकल कॉलेजों में होंगे पोस्टमार्टम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Mar 2026 17:38:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[फोरेंसिक शिक्षा को मिलेगा बढ़ावालखनऊ। प्रदेश में फोरेंसिक चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की नई रणनीति अपनाई गई है। अब हर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम होगा। यह कार्य फॉरेंसिक विभाग की निगरानी में होगा। चिकित्सा पशिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने सभी प्रधानाचार्य को दिशा निर्देश भेजा है राजकीय चिकित्सालयों, चिकित्सा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>फोरेंसिक शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा</strong><br>लखनऊ। प्रदेश में फोरेंसिक चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की नई रणनीति अपनाई गई है। अब हर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम होगा। यह कार्य फॉरेंसिक विभाग की निगरानी में होगा। चिकित्सा पशिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने सभी प्रधानाचार्य को दिशा निर्देश भेजा है</p>



<p class="wp-block-paragraph">राजकीय चिकित्सालयों, चिकित्सा संस्थानों, राजकीय एवं स्वशासी मेडिकल कॉलेजों तथा निजी मेडिकल कॉलेजों को नई व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। पोस्टमार्टम कार्य आधुनिक शव-विच्छेदन गृहों में ही कराया जाएगा। फॉरेंसिक मेडिसिन के पठन-पाठन को सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सा शिक्षकों एवं रेजिडेंट चिकित्सकों को शव-विच्छेदन प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाएगा। इसके अंतर्गत मानकीकृत एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं से युक्त निजी मेडिकल कॉलेजों में भी, शासनादेशों की शर्तों के अधीन, पोस्टमार्टम के दौरान शिक्षण गतिविधियों को अनुमति दी जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">निजी मेडिकल कॉलेजों को मिलेंगे लावारिस शव<br>यह भी सुनिश्चित किया गया है कि निजी मेडिकल कॉलेजों को केवल उत्तर प्रदेश शरीर रचना परीक्षण अधिनियम-1956” के प्रावधानों के अनुरूप लावारिस शव ही उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, राजकीय एवं स्वशासी चिकित्सा संस्थानों में सभी प्रकार के शव परीक्षण चिकित्सा शिक्षकों एवं रेजिडेंट्स की सहभागिता से किए जा सकेंगे।<br>निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि पोस्टमार्टम का समस्त कार्य पूर्व की भांति यू.पी. मेडिकल मैनुअल में निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार संबंधित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी की देखरेख में किया जाएगा। जिन मेडिकल कॉलेजों में नियमित फॉरेंसिक संकाय उपलब्ध है, वहां पोस्टमार्टम की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के शिक्षकों को सौंपी जाएगी तथा न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करने का दायित्व भी उन्हीं का होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पोस्टमार्टम के लिए बनेगी कमेटी<br>जिन जनपदों में मेडिकल कॉलेज अथवा पोस्टमार्टम हाउस उपलब्ध हैं, वहां जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति थानों का आवंटन सुनिश्चित करेगी, जिससे शवों को बिना किसी भ्रम के संबंधित संस्थानों तक सीधे भेजा जा सके।<br>गंभीर एवं जघन्य अपराधों अथवा बोर्ड द्वारा कराए जाने वाले पोस्टमार्टम के मामलों को निजी मेडिकल कॉलेजों को संदर्भित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में फॉरेंसिक विशेषज्ञों को मेडिकल बोर्ड में शामिल किया जाएगा। जहां उपलब्ध हों, वहां डिस्ट्रिक्ट मेडिको-लीगल एक्सपर्ट को मेडिकल बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जाएगा।<br>पोस्टमार्टम की रिपोर्टिंग एवं रिकॉर्डिंग की जिम्मेदारी पूर्ववत मुख्य चिकित्साधिकारी की होगी, जबकि संस्थानों में किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्टिंग संबंधित फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। निजी मेडिकल कॉलेजों में पोस्टमार्टम कार्य प्रारंभ करने से पूर्व, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा निरीक्षण किया जाएगा तथा शासन को संस्तुति प्रस्तुत की जाएगी, जिसके आधार पर अंतिम अनुमोदन प्रदान किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मोदी ,योगी युग महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम काल : डॉ. निर्मल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:39:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[महिला सशक्तिकरण पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुआ गोष्ठी का आयोजन लखनऊ। यूपी दैवीय आपदा प्रबंधन एवं जांच समिति के सभापति व सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर रहीं हैं । वे बेखौफ कभी भी कहीं भी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>महिला सशक्तिकरण पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुआ गोष्ठी का आयोजन</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph"><br>लखनऊ। यूपी दैवीय आपदा प्रबंधन एवं जांच समिति के सभापति व सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर रहीं हैं । वे बेखौफ कभी भी कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं। पिछली सरकार यानि सपा के शासनकाल का नाम सुनकर आज भी महिलाएं सहम जाती हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा की सौ फीसदी गारंटी है जबकि सपा सरकार में गुंडों, भूमाफियाओं और अपराधियों की सुरक्षा की गारंटी थी। डॉ. निर्मल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण पर आयोजित संगोष्ठी /संवाद को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर कहा कि मोदी और योगी युग महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम काल है । उन्होंने कहा कि महिलाओं के विकास के लिए केन्द्र सरकार ने जो भी योजनाएं बनाईं हैं राज्य की योगी सरकार इन सभी योजनाओं का सौ फीसद लाभ यूपी की सभी महिलाओं को दे रही है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत शत प्रतिशत बालिकाओं को शिक्षित करने के लक्ष्य को योगी सरकार पूरा कर रही है।<br>उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला ,सौभाग्य योजना , स्वच्छ भारत मिशन, स्टैंड अप इंडिया योजना का लाभ देने के साथ ही उनके जीवन-यापन के लिए पेंशन व अन्य आर्थिक सहयोग दे रही है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर हो रहीं हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं का लाभ यूपी की योगी सरकार प्राथमिकता के आधार पर महिलाओं को मुहैया करा रही है। इससे यूपी में महिलाएं आत्मनिर्भर बन रहीं हैं और इनके लिए रोजगार की भी कई योजनाएं सरकार चला रही है। जिसका लाभ उठाकर महिलाएं कुटीर उद्योगों से जुड़ रहीं हैं। डॉ. निर्मल ने कहा कि एक महिला के आत्मनिर्भर होने से एक परिवार आत्मनिर्भर होता है। योगी सरकार महिलाओं के साथ ही राज्य को भी आत्मनिर्भर बना रही है।<br><br></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पद संभालते ही अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री</title>
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		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:15:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून। स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिलने के अगले ही दिन मंत्री सुबोध उनियाल चुपचाप दून अस्पताल पहुंच गए। मरीजों की समस्या जानने के लिए वो कतार में खड़े हो गए। तभी सुरक्षाकर्मियों की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। इसके बाद अधिकारियों में खलबली मच गई। प्राचार्य डॉ. गीता जैन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph">देहरादून। स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिलने के अगले ही दिन मंत्री सुबोध उनियाल चुपचाप दून अस्पताल पहुंच गए। मरीजों की समस्या जानने के लिए वो कतार में खड़े हो गए। तभी सुरक्षाकर्मियों की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। इसके बाद अधिकारियों में खलबली मच गई। </p>



<p class="wp-block-paragraph">प्राचार्य डॉ. गीता जैन अपनी ओपीडी छोड़कर आनन-फानन माैके पर पहुंचीं। अधिकारियों से वार्ता के दाैरान फायर एनओसी ने मिलने पर मंत्री ने नाराजगी जताई। साथ ही आईजी फायर सर्विस को फोन कर जल्द से जल्द एनओसी की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। एक दिन पूर्व ही धन सिंह रावत से स्वास्थ्य मंत्रालय हटाकर सुबोध उनियाल को साैंपा गया है। इसके अगले ही दिन सुबोध उनियाल एक्शन में दिखे। दोपहर करीब डेढ़ बजे वो बिना प्रोटोकाल दून अस्पताल की व्यवस्था देखने पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों को भी इसकी भनक नहीं लगने दी। सामान्य तरीके से टीकाकरण केंद्र और लैब रिपोर्टिंग सेंटर में जाकर मरीजों के साथ खड़े हो गए। इससे पहले कि स्वास्थ्य मंत्री समस्याओं को समझ पाते सुरक्षाकर्मियों ने वॉकीटॉकी से सभी तलों पर इसकी सूचना प्रसारित कर दी</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>रोडवेज में 250 चालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू</title>
		<link>https://rahasyalok.com/%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-250-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[RahashyaLok]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:13:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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					<description><![CDATA[पहले दिन 27 ने दिया बस चलाने का ट्रायल लखनऊ। रोडवेज में संविदा बस चालकों की भर्ती प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई। अवध बस स्टेशन परिसर में आयोजित रोजगार मेले के पहले दिन 30 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। जांच के दौरान तीन आवेदन निरस्त कर दिए गए। 27 अभ्यर्थियों को बस चलाने के ट्रायल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">पहले दिन 27 ने दिया बस चलाने का ट्रायल </p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। रोडवेज में संविदा बस चालकों की भर्ती प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई। अवध बस स्टेशन परिसर में आयोजित रोजगार मेले के पहले दिन 30 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। जांच के दौरान तीन आवेदन निरस्त कर दिए गए। 27 अभ्यर्थियों को बस चलाने के ट्रायल के लिए बुलाया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ परिक्षेत्र के लिए यह भर्ती प्रक्रिया तीन दिनों तक चलेगी। इस दौरान कुल 250 पदों पर संविदा चालकों की भर्ती की जानी है। आवेदन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लिए जा रहे हैं और मौके पर ही दस्तावेजों की जांच कर योग्य अभ्यर्थियों को अगले दिन ट्रायल के लिए बुलाया जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
