राष्ट्रीय

मोदी कैबिनेट के तीन बड़े फैसला: खेती-पाती अउर बिजली व्यवस्था खातिर मिलल बड़ी सौगात

देक: मोदी कैबिनेट रबी फसलन क MSP बढ़ावे, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर अउर दिल्ली मा स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम खातिर मंजूरी दय दीहिस अहै।

केंद्रीय कैबिनेट बुधवार का खेती-पाती, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर अउर सहरन मा आवाजाही से जुड़ल तीन बड़े फैसलन पर मुहर लगाय दीहिस। एहमा साल 2027-28 के मार्केटिंग सीजन खातिर रबी के फसलन के ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ (MSP) मा बढ़ोतरी, 1.86 लाख करोड़ रुपय के ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-3’ योजना अउर दिल्ली खातिर 1,789.52 करोड़ रुपय के टेक्नोलॉजी वाला ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शामिल अहै। रबी MSP मा गेहूं खातिर 25 रुपय से लय के कुसुम खातिर 675 रुपय प्रति क्विंटल तक क बढ़ाव कीन गा अहै।

रबी फसलन क MSP मा भारी बढ़ाव

कैबिनेट 2027-28 मार्केटिंग सीजन खातिर कुल 6 रबी फसलन के MSP मा बढ़ोतरी का हरी झंडी दे दीहिस। सरकार क कहब अहै कि एह कदम से किसानन का फसल क सही दाम मिली अउर ऊ फसलन मा बदलाव (विविधिकरण) खातिर प्रोत्साहित होइहैं। कुसुम मा सबसे ढेर 675 रुपय क बढ़ोतरी भई अहै, जेसे एकर MSP अब 7,215 रुपय होइ गय अहै। अइसई, सरसों (रेपसीड) क MSP 413 रुपय बढ़ के 6,613 रुपय, मसूर क 390 रुपय बढ़ के 7,390 रुपय, चना क 83 रुपय बढ़ के 5,958 रुपय, जउ (जौ) क 136 रुपय बढ़ के 2,286 रुपय अउर गेहूं क MSP 25 रुपय बढ़ के 2,610 रुपय प्रति क्विंटल होइ गय अहै।

सरकार कहिस कि नई MSP साल 2018-19 के बजट मा कीन गय उहई वादा के मुताबिक अहै, जेहमा MSP का लागत क कम से कम डेढ़ गुना (1.5 गुना) रखे क बात कही गई रही।

ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-3 क मंजूरी

कैबिनेट ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर योजना के तीसरे चरन का भी मंजूरी दय दीहिस अहै। एह योजना पर कुल 1,86,405 करोड़ रुपय खरच कीन जाई। एकर मुख्य लक्ष्य राज्यन के भीतर बिजली क ट्रांसमिशन सिस्टम का मजबूत करब अहै, ताकि राज्यन अउर केंद्र शासित प्रदेशन मा 135 GW तक रिन्यूएबल एनर्जी क सप्लाई आसान होय सकै। ई योजना का साल 2032-33 तक पूरा करे क लक्ष्य अहै। एहमा 50,000 करोड़ रुपय क खरचा 50 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम लगावे मा कीन जाई। केंद्र सरकार एह योजना खातिर 54,082 करोड़ रुपय क मदद करी।

दिल्ली मा लागब AI वाला ट्रैफिक सिस्टम

दिल्ली के सड़किन पर भीड़भाड़ कम करे खातिर कैबिनेट 1,789.52 करोड़ रुपय के ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (ITMS) का मंजूरी दीहिस। एकर मकसद ‘रियल-टाइम डेटा’ अउर टेक्नोलॉजी क इस्तेमाल कइके सड़कन क बेहतर ढंग से मैनेज करब अहै। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव बतइन कि ई सिस्टम दिल्ली के ट्रैफिक का स्मार्ट बनाई। ई प्रोजेक्ट 42 खास ट्रैफिक कॉरिडोर का कवर करी अउर दू साल के भीतर तीन चरन मा पूरा कीन जाई।

एह सिस्टम मा ‘अडैप्टिव सिग्नल’ क इस्तेमाल कीन जाई, जे सड़क पर ट्रैफिक के हाल के हिसाब से सिग्नल क टाइमिंग खुदई बदल देइहैं। साथ ही, ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के जरिये एम्बुलेंस अउर इमरजेंसी गाड़िन का रास्ता देवे मा भी आसानी होइ।

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