मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कै मेरठ अउर वाराणसी कय दौरा टाल दीवा गवा अहै। चुनाव आयोग कै वरिष्ठ सूत्रन बताईं कि इ फैसला 21 सितंबर कय लीवा गवा रहा अउर एकर चुनाव आयोग कै भीतर मतभेदन कै खबरन से कोनो लेना-देना नाहीं अहै। सूत्रन बताईं कि उत्तर प्रदेश कै इ दोनों शहरन कै जिला अधिकारीयन कय ईमेल से इकर जानकारी दी गई रही।
उनका कहब रहा कि लॉजिस्टिकल अउर स्थानीय कारन कै साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त कै आधिकारिक कार्यक्रमन मां बदलाव कै वजह से इ दौरन कै समय बदला गवा अहै।
चुनाव आयोग कै फैसलाನ್ पर विवाद
इ घटनाक्रम चुनाव आयोग कै भीतर असहमति कै खबरन कै बीचसामने आवा अहै। इंडियन एक्सप्रेस कै एक जांच मां कहा गवा अहै कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू अउर विवेक जोशी अक्टूबर 2025 अउर अगस्त 2026 कै बीच मतदाता सूची से जुड़़े फैसलाನ್ पर 14 बार आपत्ति दरग कराईं। इमा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR), वोटर लिस्ट मां नाम जोड़े अउर हटाए, अपील अउर कमीशन कै वोटर डेटा सॉफ्टवेयर तक पहुंच से जुड़े फैसला शामिल रहे।
उ दौरान तीन सदस्यन वाले कमीशन संयुक्त रूप से प्रेस ब्रीफिंग करब जारी रखै। संधू अउर जोशी उ कार्यक्रमन मां अपनी आपत्ति नाहीं उठाईं।
एक अलावा, इकोनॉमिक टाइम्स कै रिपोर्ट के मुताबिक, कमीशन 2024 कै साइकल के बाद से वोटर लिस्ट कै स्पेशल समरी रिविजन (SSR) नाहीं कीहिन अहै। इ प्रक्रिया कै तहत नए योग्य वोटर, जिकरमां 18 साल कै होवे वाले लोग भी शामिल अहैं, अपना नाम रजिस्टर करवा सकत अहैं। कांग्रेस इ देरी कै आलोचना कीहिन अहै।
आयोग टाने कै वजह बताई
सूत्रन बताईं कि अइसे कार्यक्रमन मां 1,000 तक युवा शामिल हो सकत अहैं, एहिसे इकर समय मौसम, स्थानीय हालात अउर उपलब्ध साधनन पर निर्भर करत अहै। मुख्य चुनाव आयुक्त कै भूटान दौरे कै वजह से भी कुछ कार्यक्रम टाल दीवा गए रहे।
इ खबर पर प्रतिक्रिया देत हुए कि एक दौरे पर 1.5 करोड़ रुपया तक कै खरचा आ सकत अहै, सूत्रन कहिन कि इ खरचा तभी होत अहै जब कोनो कार्यक्रम आयोजित कीवा जात अहै। आयोग कै सूत्रन बताईं कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड अउर लद्दाख कै दौरा भी टाल दीवा गवा अहै।
हिमाचल प्रदेश कै कार्यक्रम टूरिस्ट सीजन अउर परीक्षा कै वजह से टाला गवा। उत्तराखंड मां युवाधन के साथ बातचीत कै कार्यक्रम SIR पूरा होवे के बाद होई, जबकि लद्दाख कै कार्यक्रम मानसरोवर मां भई आपदा के बाद टाल दीवा गवा।
