गुजरात सीआईडी-अपराध शनिचर कय तीन तथाकथित राजनीतिक संगठननि कै खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कीहिन। इन पर वित्त वर्ष 2022 से 2025 कै बीच कथित तौर पर ‘चुनावी चंदा घोटाला’ कै जरिये सरकारी खजाना कै 314 करोड़ रुपिया कय नुकसान पहुँचावय कै आरोप लगाया गवा अहै। राज्य कै अपराध जाँच विभाग (सीआईडी) आणंद स्थित स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी (एसएपी), अहमदाबाद स्थित सत्यवादी रक्षक पार्टी (एसआरपी) अउर गरीब कल्याण पार्टी (जीकेपी) कै खिलाफ अलग-अलग मामला दर्ज कीहिन। इन दलनि कथित तौर पर करदाताओं से चंदा लीन्ह अउर अपना कमीशन काटै कै बाद बाकी रकम वापस कइ दीन्ह।
चूँकि राजनीतिक दलनि कय दीन्ह गए चंदे पर आयकर से छूट होत अहै, इहाँ से दानदाता स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) कै बदले मिली रसीद देखावइ कै कर मां छूट कै दावा कर सकत रद्दे। सीआईडी अधिकारी बताइन कि इ प्राथमिकी आयकर विभाग कै शिकायत पर दर्ज की गई अहै। तीनों दलनि कै पदाधिकारीनि कै अलावा कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) कय भी आरोपी बनावा गवा अहै। सीआईडी अधिकारी दावा करैत हैं कि तीनों दलनि कै आरोपी पदाधिकारी कथित तौर पर स्वीकार कीन्ह कि ऊ कर चोरी मां मदद करै कै उद्देश्य से ही इन दलनि कै गठन कीन्ह रद्दे। मामला मां अभी तक कौनो गिरफ्तारी नाहीं भवा अहै।
आयकर विभाग कै शिकायत कै अनुसार, एसएपी, ओकर पदाधिकारी, एक कर सलाहकार अउर एक सीए 519 करोड़ रुपिया कै फर्जी चंदा अउर 155 करोड़ रुपिया कै कर चोरी से जुड़े मामला मां शामिल अहैं। एक अन्य प्राथमिकी मां अहमदाबाद स्थित जीकेपी कै अध्यक्ष, सचिव अउर कोषाध्यक्ष समेत नौ लोगन तथा तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) कय 62 करोड़ रुपिया कै कर चोरी मां संलिप्तता कय लेकर नामजद कीन्हा गवा अहै। तीसरी प्राथमिकी एसआरपी कै तीन पदाधिकारीनि अउर एक कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटेंट कै खिलाफ दर्ज की गई अहै। उन पर 124.5 करोड़ रुपिया कै वित्तीय नुकसान कै साजिश रचै कै आरोप अहै।
प्राथमिकी कै अनुसार, तीनों दलनि कै बैंक खाता मां चंदा जमा कीन्हा गवा। इ कै बाद फर्जी खरीद या खर्च देखावय कै नकली बिल कै आधार पर धनराशि निकाली गई। प्राथमिकी कै अनुसार, इ कै बाद दल अपना कमीशन काटकर बाकी नकदी दानदातानि कय वापस कइ देत रद्दे। प्राथमिकी मां कहा गवा अहै कि इन दलनि कथित तौर पर मिलीभगत कइ कै निर्वाचन आयोग कय झूठी योगदान रिपोर्ट सौंपी, जवईसे उनकय मिले चंदे कै 30 प्रतिशत राशि कै बराबर वित्तीय नुकसान सरकारी खजाना कय भवा।
आरोपी सीए कथित तौर पर इन संस्थाननि अउर कुछ मुखौटा कंपनी कै खाता कय खातिर फर्जी ऑडिट रिपोर्ट तैयार कीन्ह। सीआईडी अधिकारी बताइन कि मामला कै आगे कै जाँच जारी अहै।
