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Election Commission पय DK Shivkumar कै बड़ा हमला, CEC कै गिरफ्तारी औ SIR रद्द करै कै मांग

कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार शनिवार कै दिन मतदाता सूची कै विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कय लेकर कांग्रेस कै विरोध प्रदर्शन मां सामिल भइलन औ निर्वाचन आयोग पय कड़ा निशाना साधत आरोप लगइन कि ऊ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कै ‘‘इशारा पय काम करत अहै’’ अउर सत्ताधारी दल कै साथ मिलिकै ‘‘वोट चोरी’’ करत अहै।

शिवकुमार कांग्रेस कर्नाटक इकाई कय ओर से फ्रीडम पार्क मां आयोजित विरोध प्रदर्शन कय संबोधित करत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप करै कै आग्रह करिन। ऊ आयोग कय भंग करै, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार कय गिरफ्तार करै, ‘‘अवैध रूप से कराए गए’’ चुनाव कय रद्द करै अउर जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया कय रोकिकै एकीकरण नए सिरे से करावै कै मांग करिन।

कांग्रेस नेता औ कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार कै इस्तीफा अउर गिरफ्तारी कै मांग कय लेकर जोरदार प्रदर्शन करिन। एह दौरान ऊ सबहाथिन मां तख्ती लिहिकै आयोग कै खिलाफ नारा लगावत विरोध जतइन। पार्टी कै कई वरिष्ठ नेता एह प्रदर्शन मां हिस्सा लिहिन, जेहमां पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया औ वीरप्पा मोइली, कांग्रेस प्रदेश इकाई अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद, कांग्रेस सचिव गोपीनाथ पलानीअप्पन, मंत्री औ विधायक सामिल रहिन।

कांग्रेस नेता ‘इंडियन एक्सप्रेस’ कय एक खबर कै हवाला देत आरोप लगइन कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू औ विवेक जोशी पिछला 10 महिनामां कम से कम 14 बार अइसन फैसला औ आदेश पय आपत्ति जतइन, जउन उनकर जानकारी कै बिना जारी कीन गा रहा। ऊ आरोप लगइन कि एसआईआर प्रक्रिया कै कारन बड़का संख्या मां मतदाता कै नाम सूची से हटाई गा या फिर अलग श्रेणी मां राखी गा।

शिवकुमार आरोप लगइन, “आयोग भाजपा कै कठपुतली बन गवा अहै। गरीब मतदाता औ प्रशासन कै आलोचना करनिहारन कै नाम कै निशाना बनावा जात अहै। ऊ सब भाजपा कै साथ मिलिकै वोट चोरी मां भागीदार बन चुका अहैं।”

ऊ कहिन कि संविधान कै तहत आयोग कय स्वायत्तता दी गई अहै पर ओकर शक्ति कै दुरुपयोग होइ रहा अहै। मुख्यमंत्री कहिन, “ज्ञानेश कुमार मुख्य ‘चुनाव’ आयुक्त नाहीं बल्कि मुख्य ‘चयन’ आयुक्त अहैं। जनता एह अन्याय कै खिलाफ आवाज उठाइ। केंद्र कय संसद सत्रु बुलैकै एह मुद्दा पय जल्द से जल्द चर्चा करै चाही।”

शिवकुमार अब तक भवा एसआईआर कय रद्द करै औ मतदाता सूची कय नए सिरे से पुनरीक्षण करवावै कै मांग करिन। ऊ केंद्र सरकार पय निशाना साधत आरोप लगइन कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आयोग मां ‘‘कठपुतलियन’’ कै नियुक्ति कीन अहैं।

हालांकि मुख्यमंत्री दावा करिन कि अब दुइ अउर निर्वाचन आयुक्त आपन अंतरात्मा कै अनुसार काम कीन अहैं औ कुमार कै फैसला कै खिलाफ ‘‘विद्रोह’’ कीन अहैं। ऊ कहिन, “यहू तोहार (मोदी कै) फैसला कै खिलाफ उठ खड़ा होवै कै एगो मिसाल अहै।”

शिवकुमार बताइन कि कर्नाटक कै आबादी लगभग सात करोड़ अउर 5.54 करोड़ पंजीकृत मतदाता अहैं, पर एसआईआर कै बाद छपा मसौदा मतदाता सूची मां 4.46 करोड़ नाम ही सामिल अहैं। सूची मां गड़बड़ी कय लेकर 30-40 लाख लोगन कय नोटिस धरी गा अहै।

मुख्यमंत्री कहिन, “हम एक मजबूत चुनावी व्यवस्था कै खातिर लड़त अहैं। एसआईआर विरोधी आंदोलन कय गाँव-गाँव तक पहुँचावा जाई।”

सिद्धरमैया ज्ञानेश कुमार कय तुरंत पद से हटाइकै उनकर खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करै कै मांग करिन। ऊ आरोप लगइन कि आयोग स्वतंत्र औ निष्पक्ष ढंग से काम नाहीं करत अहै।

पूर्व मुख्यमंत्री कहिन, “अगर आयोग स्वतंत्र रूप से काम नाहीं करी तौ लोकतंत्र खुद नाहीं बचि सकत। यहू लोकतंत्र कै अस्तित्व कै सवाल अहै।” सिद्धरमैया कहिन कि अगर यहू साबित होइ जाव कि आयोग कै सदस्यन संवैधानिक प्रावधान कै उल्लंघन कीन अहैं तौ संविधान संरक्षक कै रूप मां राष्ट्रपति मुर्मू कय जरूर हस्तक्षेप करै चाही।

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