एनआईए कै एक खास अदालत सन 2021 कै एंटीलिया बम धमकी अउर मनसुख हिरेन हत्या मामला मां पुरान पुलिसकर्मी सचिन वाज़े कै जमानत दे दीहिन। अदालत कहिन कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ ‘गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम’ (UAPA) कै तहत आतंकवाद कै पहिला दरसा मामला साबित करै मां असफल रहा। स्पेशल सेशन जज चकोर एस बाविस्कर कहिन कि रेकार्ड मां अइसन कुछू नाहीं बा जेकरसे इ साबित होइ सकै कि अंबानी परिवार कै कउनो तरीका से डराया-धमकाया गवा रहा।
25 फरवरी, 2021 को दक्खिन मुंबई मां उद्योगपति मुकेश अंबानी कै घर ‘एंटीलिया’ काने विस्फोटक से भरी एक SUV खड़ा मिला रहा। इ SUV कै मालिक, बिज़नेसमैन मनसुख हिरेन, 5 मार्च, 2021 को पड़ोसी ठाणे कै एक खाड़ी मां मुआ पावा गए रहे। अदालत NIA द्वारा कड़ा UAPA कानून लगावै पर सवाल उठाइन। अदालत कहिन कि एजेंसी अंबानी परिवार कै कउनो सदस्य कै बयान दर्ज करै मां नाकाम रहा, जेकरसे इ साबित होइ सकै कि उनके डराया-धमकाया गया रहा।
अदालत का कहिन?
अदालत कहिन कि रेकार्ड मां अइसन कउनो बात नाहीं बा जेकरसे इ अंदाजा भी लगावा जा सकै कि अंबानी परिवार या उनके मां से कउनो का भी कबहूं कउनो तरीका से डराया-धमकाया गवा होइ। अदालत आगे कहिन कि घटना कै कुछ समय बाद से लइके अबहीं तक अंबानी परिवार कै रोजमर्रा कै कामकाज मां “एक मिनट बरे भी” कउनो रुकावट नाहीं आवा।
वाज़े कै खिलाफ आतंकी कनेक्शन कै कउनो सबूत नाहीं
अदालत कहिन कि भले ही प्रॉसिक्यूशन कै दावा रहा कि वाज़े कै मकसद “आतंक फैलाना” रहा या उनके कथित काम से अंबानी परिवार कै मन मां डर पैदा होइ सकत रहा, पै इ दावा का साबित करै बरे रेकार्ड पर कउनो ठोस सबूत नाहीं रहा। अदालत इहो बताइन कि SUV से मिला जिलेटिन कै छड़न मां डेटोनेटर नाहीं रहे, यहिसे उनके धमाका नाहीं होइ सकत रहा।
अदालत मानिन कि इ UAPA कै धारा 15 कै तहत कउनो काम का “आतंकी गतिविधि” मानै बरे जरूरी “साधन” कै श्रेणी मां नाहीं आवत। हिरेन कै मौत कै बारे मां अदालत कहिन कि हालांकि इ हत्या कै मामला रहा, पै इ कउनो आतंकी गतिविधि कै सीधा नतीजा नाहीं रहा। अदालत कहिन कि कथित हत्या भारतीय दंड संहिता (IPC) कै धारा 302 कै तहत एक अलग अपराध अहै, अउर यहिसे इ पर UAPA कै तहत जमानत कै कड़ा शर्त लागू नाहीं होत।
अदालत वाज़े कै जमानत अर्जी मंजूर कर लीहिन अउर उनके 1 लाख रुपिया कै पर्सनल बॉन्ड अउर एक जमानतदार कै साथ रिहा करै कै आदेश दीहिन। प्रॉसिक्यूशन वाज़े अउर दूसर लोगन पर फरवरी अउर मार्च 2021 कै बीच एक “आतंकी गिरोह” बनावै अउर आपराधिक साजिश रचवै कै आरोप लगैहिन अहै।
