विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन बुधवार कै बइठक मां ‘‘वोट चोरी’’ अउर मतदाता सूची कै विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सप् जुड़ी कथित अनियमितता के खिलाफ एकजुट होइके संकल्प लिहिन। देशव्यापी अभियान चलाए अउर निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक विपक्षी सांसद के मार्च निकाले के फैसला कीन गवा। साथे-साथ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जगह मतपत्र से चुनाव करावै कै मांग कीन गवा।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का ‘‘चोर अउर डाकू’’ बतावत उनका इस्तीफा के मांग करिन, जबकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी कहिन कि इ गठबंधन के नेता के ‘‘निजी प्रतिबद्धता’’ बा कि लोकतंत्र का नष्ट करै वाला का सजा जरूर मिलै।
गठबंधन के 19 घटक दल के नेता तीन घंटा से ज्यादा समय तक मंथन के बाद छह-सूत्री साझा कार्ययोजना पर सहमति जताहिन। इ योजना के तहत आगामी दो से आठ अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकलि। इ के साथे छह अक्टूबर का विपक्षी सांसद निर्वाचन आयोग तक मार्च करिहिन। विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरा हफ्ता मां राष्ट्रपति से मुलाकात के खातिर समय मांगिहिन।
विपक्षी दल के तरफ से पांच बड़ी रैली आयोजित होइ अउर एक नवंबर का दिल्ली मां विशाल रैली भी आयोजित होइ। विपक्षी नेता उच्चतम न्यायालय से अनुरोध करिन कि ऊ एसआईआर अउर चुनाव संबंधी सब लंबित मामला के जल्दी निपटारा करै।
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) के इ बइठक मां कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश अउर के. सी. वेणुगोपाल के साथे अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी सहित विभिन्न विपक्षी दल के नेता शामिल भइलें।
बइठक मां विपक्ष के दु प्रमुख दल आम आदमी पार्टी अउर द्रमुक शामिल नाहीं भइलें। हालांकि, उनका कहब बा कि ऊ इ गठबंधन के हिस्सा नाहीं होइके के बाद भी इ मामला मां वैचारिक रूप से साथ अहैं।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश मां अपना राज्यसभा उम्मीदवार के नामांकन के कारन इ बइठक मां शामिल नाहीं होइ पाइन। हालांकि, पार्टी के रामपुर से लोकसभा सदस्य मोहिबुल्ला नदवी अउर मुजफ्फरनगर से सांसद हरेंद्र मलिक बइठक मां पार्टी के प्रतिनिधित्व करिन। बाद मां अखिलेश यादव ‘एक्स’ पर पोस्ट करिकै कहिन कि ‘इंडिया’ गठबंधन एकजुट बा।
खरगे बइठक के बाद कहिन कि सब नेता खुलकर अपना विचार रखिन अउर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अउर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ऑनलाइन माध्यम से अपना सुझाव साझा करिन। खरगे आरोप लगइन कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अउर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह निर्वाचन आयोग का ‘‘कठपुतली’’ के तरह इस्तेमाल करत अहैं अउर विपक्षी दल के अनुसार चुनाव मां ‘‘वोट के चोरी’’ कीन जात बा।
उ कहिन कि विपक्ष इ के खिलाफ मजबूती से आवाज उठइ। राहुल गांधी कहिन कि ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल भारतीय संविधान के ‘‘सामूहिक रक्षक’’ अउर ऊ मिलकर इ सुनिश्चित करिहिन कि लोकतंत्र का नुकसान पहुंचाइकै वाला का सजा मिलै। बइठक के बाद ऊ कहिन कि उनका उम्मीद बा कि विपक्षी दल आवेवाला कुछ महिना मां देश मां महत्वपूर्ण बदलाव लइआहिन।
ममता बनर्जी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलित अउर उनका ‘‘चोर अउर डाकू’’ करार देत उनका तत्काल इस्तीफा के मांग करिन। बनर्जी आरोप लगइन कि चुनाव प्रक्रिया मां ‘‘वोट चोरी’’ कीन गवा अउर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ईवीएम जलाईकै सबूत नष्ट करै के कोशिश कीन गवा।
वाम दल भी निर्वाचन आयोग के खिलाफ आंदोलन का केवल ‘इंडिया’ गठबंधन तक सीमित नाहीं रखै के अपील करिन। माकपा महासचिव एम ए बेबी कहिन कि आंदोलन मां सब गैर-राजग दल के साथ-साथ नागरिक समाज, कलाकार, लेखक अउर प्रमुख हस्ती का भी शामिल कीन जाव।
बेबी ‘पीटीआई-भाषा’ से कहिन कि वाम मोर्चा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाला निर्वाचन आयोग के कथित गलत कामकाज के खिलाफ आंदोलन का व्यापक जन आंदोलन मां बदलै चाहत बा।
भाकपा नेता पी. संदोष कुमार कहिन कि वाम दल आंदोलन का तेज करै चाहत अहैं अउर उम्मीद करत अहैं कि ‘इंडिया’ गठबंधन के बाहेर के पार्टी भी इ मां शामिल होइहिं। उ कहिन कि कुमार के इस्तीफा ही ‘‘एकमात्र समाधान’’ बा। संदोष कुमार कहिन कि राज्य स्तर पर ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंदिता होइ सकत बा, लेकिन इ से व्यापक मुद्दा पर सहयोग प्रभावित नाहीं होइचाहिए।
‘इंडिया’ गठबंधन के बइठक मां कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, ममता अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार), शिवसेना (उबाठा), राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जम्मू अउर कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शामिल भइलें।
इ के अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (एम), मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके), विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, केरल कांग्रेस (जे) अउर ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के प्रतिनिधि भी हिस्सा लिहिन। इ दल के अलावा, निर्दलीय राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल भी इ बइठक के हिस्सा बनिन।
‘इंडिया’ गठबंधन के बइठक ओहि समय भइल बा, जब कुछ दिन पहिले ही अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के खबर मां दावा कीन गवा रहा कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू अउर विवेक जोशी देश भर मां मतदाता सूची के ‘एसआईआर’ के दौरान नाम जोड़े अउर हटाए जाने समेत कई मुद्दा पर आपत्ति जतैहिन रहा।
दूसरी तरफ, निर्वाचन आयोग कहिस कि विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग मत होब सामान्य प्रक्रिया के हिस्सा बा अउर ओकर सब फैसला स्थापित वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप बा।
