मुम्बई, छह अक्टूबर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस प्रश्नपत्र लीक होए के आरोप के बीच महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के पहिले अउर मौजूदा अध्यक्षन तौ सदस्यन के कामकाज के जांच खातिर एक समिति बनावे के प्रस्ताव रखे अहैं। सूत्रन मंगलवार के बताईं कि फडणवीस इ सिफारिश राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा का भेजी हैं। इ कदम आयोग के कामकाज मा कथित अनियमितता अउर परीक्षा से जुड़ा विवाद के लेके एमपीएससी अभ्यर्थी के विरोध प्रदर्शन के बीच उठाई गवा अहै।
सूत्रन के मुताबिक, मुख्यमंत्री प्रस्ताव दिहिन अहै कि समिति के अध्यक्षता उच्च न्यायालय के कउनो सेवानिवृत्त न्यायाधीश का सौंपी जाव अउर ऊ तीन महीना के भीतर आपन रिपोर्ट सौंप दें। समिति के निष्कर्ष के आधार पर आगे के कार्रवाई की जानी चाही। इ सिफारिश संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत की गई अहै, जौन लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अउर सदस्यन का हटावे अउर निलंबित करे से संबंधित अहै।
एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफा के मांग समेत अलग-अलग मांग के लेके पुणे मा छह दिन से प्रदर्शन जारी अहै, जौनका विभिन्न वर्गन के समर्थन मिल रहा अहै। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सात या आठ अक्टूबर का अभ्यर्थी से मिलै के संभावना अहै।
महाराष्ट्र सरकार एमपीएससी के सचिव महेंद्र उत्तमराव हरपालकर के प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति समाप्त कर दिहिन रहा। एमपीएससी छात्रन के एक प्रतिनिधिमंडल के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद सरकार 30 सितंबर का कहिस कि अभ्यर्थी के मांग के अनुरूप संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत एमपीएससी के पहिले अउर मौजूदा अध्यक्ष अउर सदस्यन के कामकाज के न्यायिक जांच तीन महीना के भीतर की जाई।
