राष्ट्रीय

चुनाव आयोग पै राहुल गांधी कै वार: चुनावी प्रक्रिया बर्बाद, जवाब देय से काहे डरत बाड़े CEC?

आकाशवाणी भवन परिसर मां खड़े होकर, लोकसभा मां विपक्ष के नेता राहुल गांधी फेर से सरकार अउर चुनाव आयोग पै निशाना साधि अहै। ऊ कहिन कि लोकतंत्र इ खत्म होइ गवा अहै काहेकि पूरा देश जानत अहै कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत अउर ज्ञानेश कुमार मिलिकै चुनावी प्रक्रिया कै बर्बाद करि दीहिन अहैं। देश इ बात समझि गवा अहै। एक तरह से, नरेंद्र मोदी अउर अमित शाह देश पै कब्जा करि लीहिन अहैं, अउर हम संविधान अउर लोकतंत्र कै बचावै कै कोसिस करत अहैं। विपक्ष के ३०० सांसद ओय चुनाव आयोग से मिलब चाहत अहैं जेके स्वतंत्र अउर निष्पक्ष मान जाइत अहै। हम सवाल पूछब चाहत अहैं—बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश अउर महाराष्ट्र के बारे मां। ऊ जवाब नइअ देना चाहत अहैं। अगर ऊ वोट नाइ चुराये होते, तौ ऊ हमसे मिलब कै खातिर एक मिनट मां तैयार होइ जाते।

उन्हين कहिन कि हम पुलिस से कहिन, ‘हम पहिले वूहि ठाँव बैठे रहे। आप हमार वूहि ठाँव से हटाइ दीन्ह। अब हम इहाँ आए अहैं, अउर आप हमार इहाँ सेउ हटाइब चाहत अहैं।’ हम बस पुलिस से इ पूछत अहैं—ठीक अहै, अगर आप हमार इहाँ से हटाइब चाहत अहैं, तौ हटाइ दीव—मगर बस हमार इ बता दीव: इ देश मां हम कहूँ बैठ सकत अहैं? हम बस कहूँ बैठब चाहत अहैं। हम पुलिस से विनय पूर्वक पूछिन: कृपा करिकै हमार बताव कि हम कहूँ बैठ सकत अहैं? का हम इंडिया गेट पै बैठ सकत अहैं? का हम जंतर-मंतर पै बैठ सकत अहैं? का हम सड़क पै बैठ सकत अहैं? हम कहूँ बैठ सकत अहैं? बस कोनो ठाँव बता दीव, अउर हम वूहि ठाँव बैठ जाब।

इ से पहिले राहुल गांधी कहिन कि विपक्ष देश के लोकतांत्रिक संस्थानन कै कमजोर करब मां सामिल कोनो भी आदमी कै माफ नाइ करी। ऊ मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पै निशाना साधिते कहिन कि ऊ ‘निर्वाचन सदन’ के बाहर रोके गए लगभग ३०० संसदन से मिलब से डरत रहे। पत्रकारन से बात करत हुए राहुल गांधी सवाल उठाइन कि अगर संवैधानिक अधिकारी चुने गए प्रतिनिधिमन से बात करब से मना करत अहैं, तौ भारतीय लोकतंत्र कै का हाल होइ।

राहुल गांधी कहिन कि कुछ देर पहिले, लोकसभा अउर राज्यसभा के लगभग ३०० सांसद इहाँ आए रहे। हम चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार अउर उनके दुइ सहयागियन से मिलब चाहत रहे। पुलिस हमार इहाँ रोक लिहिस। हम देश के प्रतिनिधि अहैं; हम देश के आवाज कै प्रतिनिधित्व करत अहैं। हमार नाइ पता कि ३०० संसदन कै काहे रोका गवा, अउर ओकरे बाद हमार इहाँ बैठाइ दीन्हा गवा अहै। चुनाव आयोग इहाँ से मुसकिल से ५० गज की दूरी पै अहै, मगर ऊ हमार जाए नाइ देत अहैं… हम कोनो कै माफ नाइ करब।

इ बीच भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद राहुल गांधी पै निशाना साधि अहैं। ऊ कहिन कि ऊ देश मां अराजकता फैलाब चाहत अहैं। राहुल गांधी दिल्ली के सबसे संवेदनशील इलाकन मां से एक मां बैठिकै अराजकता फैलावत अहैं। बात बहुत साफ अहै: राहुल गांधी, उनके पार्टी के अध्यक्ष अउर दूसर लोग बैलेट पेपर (मतपत्र) वापस लावै कै मांग करत अहैं। ओकर मतलब इ अहै कि काहेकि ऊ ईमानदार तकनीक के इस्तेमाल करिकै चुनाव नाइ जीत सकत अहैं, एहिसे ऊ बूथ कैप्चरिंग के जरिए जीतब चाहत अहैं।

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