पुलिस जम्मू जिला मां इंटरनेशनल बार्डर कै पास हथियार अउर ड्रग्स कय खेप एयर-ड्रॉप करै वाले पाकिस्तान से जुड़े एक नेटवर्क कय पर्दाफ़ाश करिन अहै।उनुई बताइन कि इ मामले मां तीन लोगन कय गिरफ़्तार कीन गवा अहै।
इ कथित माड्यूल कै ख़िलाफ़ चलाए गए आपरेशन कै तहत भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बार्डर कै पास अरनिया से एक पिस्तौल, दुइ मैगज़ीन, चार ज़िंदा कारतूस, ५०० ग्राम हेरोइन अउर ५०० ग्राम अफ़ीम बरामद कीन गवा।
सूत्रन कै मुताविक, आरोपी कय ड्रोन कै ज़रिए तस्करी करके भेजी गई दुइ खेप मिल रही अउर शक अहै कि वह पाकिस्तान मां माजूद हैंडलर्स कै संपर्क मां अहै।
पाकिस्तानी आतंकवादी कय मारे जाए कै कुछ दिनन बाद इ घटनाक्रम सामने आवा अहै।
इ घटनाक्रम पाकिस्तान कै एक बड़े आतंकवादी कय मारे जाए कै कुछ दिनन बाद भवा अहै।
माना जाइत अहै कि वह पाकिस्तान सेना कै खास ‘स्पेशल सर्विसेज़ ग्रुप’ (SSG) कै पूर्व कमांडो रहा अउर मध्य कश्मीर कै बडगाम जिला कै यूसमर्ग मां सेना कै एक ऊंचे इलाक़े मां चलाए गए आपरेशन मां मारा गवा रहा।
वह मोहम्मद आसिफ़, उर्फ़ हाशिम मूसा रहा, जो इ इलाक़े मां पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) कै मुख्य आपरेशनल कमांडर रहा अउर २०२५ कै पहलगाम आतंकवादी हमला कै मास्टरमाइंड्स मां से एक रहा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार, ३० सितंबर कय जारी एक बयान कै मुताविक, उसकै मारे जाए कै साथ ही, २०२२ से जम्मू-कश्मीर मां सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा कै चार वरिष्ठ कमांडरों कै पूरा समूह ख़त्म होइ गवा अहै।
इ कमांडर कई बड़े हमलन कै ज़िम्मेदार रहे, जवने मां हालन हमला (अगस्त २०२३), DKG हमला (दिसंबर २०२३), कंडी हमला (मई २०२३), शाहसीतार हमला (मई २०२४), शिव खोरी हमला (जून २०२४), गगनगीर हमला (अक्टूबर २०२४), बूटापाथरी हमला (अक्टूबर २०२४) अउर बैसारन हमला (अप्रैल २०२५) शामिल अहैं।
