भुवनेश्वर, सात अक्टूबर। भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) कै महानिदेशक परमेश शिवमणि बुध के कहिन कि समुद्रीय खोज अउर बचाव (एसएआर) अभियानन कै भविष्य उन्नत तकनीक कै उपयोग, तुरंत सूचना साझा करै अउर अलग-अलग एजेंसी कै बीच बेहतर तालमेल जैसन पहलुअन पर निर्भर करैला।
शिवमणि हियाँ राष्ट्रीय समुद्रीय खोज अउर बचाव (एनएमएसएआर) बोर्ड कै बैठक कै अध्यक्षता करिन। बरस 2002 मां गठित एनएमएसएआर बोर्ड, 46 लाख वर्ग किलोमीटर मां फैले भारतीय खोज अउर बचाव छेत्र मां समुद्रीय अभियानन कै तैयारी कै समीक्षा करै वाली देश कै सर्वोच्च समिति अहै।
शिवमणि कहिन, “समुद्रीय खोज अउर बचाव (एसएआर) अभियानन कै भविष्य उन्नत तकनीकी एकीकरण, तुरंत जानकारी साझा करै अउर अंतर-एजेंसी समन्वय पर टिका अहै।”
उहाँ जहाजियन कै बेहतर निगरानी, आपातकालीन चेतावनी पर तुरंत कदम उठै, आंकड़ा कै विश्लेषण करि कै जमीनी फैसला करै अउर बचाव संसाधनन कै जल्द से जल्द तैनाती पर जोर दीहिन।
तटरक्षक बल प्रमुख इ बात पर भी जोर दीहिन कि पुरान अभियानन अउर बहु-एजेंसी अभ्यासन से मिल अनुभवियन कै सीधे तौर पर मिशन कै तैयारी अउर त्वरित प्रतिक्रिया छमता मां बदला जाना चाही।
तटरक्षक बल द्वारा जारी एक बयान कै अनुसार, बोर्ड कै 24वीं बैठक मां राष्ट्रीय अउर अंतरराष्ट्रीय खोज अउर बचाव ढांचा कै मजबूत करै पर विचार-विमर्श भवा। इ मां माना गवा कि समुद्रीय आपात स्थितियन काउ भौगोलिक सीमा मां बंधी नाहीं होइत, इहिनिम्ते दुनिया भर कै राहत अउर बचाव केंद्रन अउर समुद्रीय सुरक्षा एजेंसी कै बीच बेहतर समन्वय कै जरूरत अहै।
