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Indian Air Force Day पर आसमान मां भारत कै दहाड़, PM Modi अउर Air Chief Marshal AP Singh कै बयानों दुश्मनों को बुरी तरह हिला डाला

भारतीय वायुसेना आज अपना 94वां वायुसेना दिवस पूरे गौरव अउर सैन्य ताकत के प्रदर्शन कै साथ मनावा। गाजियाबाद कै हिंडन वायुसैनिक अड्डे पर आयोजित भव्य समारोह मां देश एक बार फिर उस ताकत कै देखੱ, जौन दशकों से भारतीय आसमान कै रक्षा कीन्हिस है अउर जरूरत पड़ने पर दुश्मन कै घर मां घुसकर जवाब देय कै सामर्थ्य साबित किहिस है।

समारोह मां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह साफ शब्दों मां कहिन कि भारतीय वायुसेना हर चुनौती से निपटे कै खातिर पूरी तरह तैयार बा अउर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ओकर तेज अउर प्रभावी युद्धक क्षमता कै प्रमाण दीहिन बा। वायुसेना प्रमुख कहिन कि दुनिया कै हालिया संघर्षों यह स्पष्ट कइ दिहिस है कि आधुनिक युद्ध मां वायु शक्ति कवनो देश कै राष्ट्रीय हितों अउर सुरक्षा कै रक्षा कै प्राथमिक माध्यम बन चुका बा।

उन्हुई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कै उल्लेख करत हुए कहिन कि भारतीय वायुसेना एह अभियान मां जौन गति से युद्धक कार्रवाई कीन्हिस, ओकर युद्धक तैयारी अउर क्षमता कै साबित किहिस बा। 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होय जा रहे ए.पी. सिंह वायुसेना प्रमुख के रूप मां अपने कार्यकाल कै अपने जीवन कै सबसे बड़ा सौभाग्य बतइन।

हिंडन वायुसैनिक अड्डे पर समारोह कै शुरुआत शानदार सैन्य परेड से भवा। तीनों सेनाओं कै प्रमुखों, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों अउर पूर्व वायुसेना प्रमुखों कै मौजूदगी आयोजन कै गरिमा बढ़ाइन। वायुसेना प्रमुख ए.पी. सिंह 1960 कै दशक कै एक पुरानी कार से परेड स्थल पहुंचिन, जबकि तीन हेलीकॉप्टरों ‘ध्वज’ संरचना मां उड़ान भरकर आसमान मां भारतीय वायुसेना कै शक्ति कै प्रदर्शन किहिन।

समारोह मां देश कै अग्रिम पंक्ति कै युद्धक विमानों अउर हेलीकॉप्टरों दुश्मनों कै खातिर स्पष्ट संदेश दीहिन। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई अउर जगुआर जैसे लड़ाकू विमान, एलसीएच प्रचंड अउर एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टरों कै साथ महत्वपूर्ण हथियार प्रणालियां अउर वायु रक्षा प्रणालियां प्रदर्शित कीन गेईं। यह सिर्फ सैन्य साजो-सामान कै प्रदर्शनी नाई रहा, बल्कि बदलते युद्धक्षेत्र मां भारत कै तैयारियों अउर तकनीकी क्षमता कै प्रत्यक्ष प्रदर्शन रहा।

उधर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वायु योद्धाओं, पूर्व सैनिकों अउर उनके परिवारों को बधाई देत हुए कहिन कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय वायु योद्धाओं कै साहस, सटीकता अउर युद्धक तैयारी कै प्रदर्शित किहिस बा। उन्हुई आपदा अउर मानवीय संकटों कै दौरान वायुसेना कै महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित कीन्हिस।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी कहिन कि भारत को अपने वायु योद्धाओं पर गर्व बा अउर देश उनके साहस तथा आसमान की रक्षा कै संकल्प को सलाम करत बा। उन्हुई खास तौर पर कहिन कि भारतीय वायुसेना दुश्मन को सिर्फ हथियारों से नाई, बल्कि आंकड़ों अउर मानवरहित विमानों से भी चौंकाने मां सक्षम बा। प्रधान मंत्री कहिन कि पिछले एक दशक मां दुनिया कै बेहतरीन तकनीकों को भारतीय वायुसेना अउर सशस्त्र बलों तक पहुंचाइ गे बा अउर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कै हर क्षण भारतीय सैन्य शक्ति कै क्षमता कै प्रमाण बा।

8 अक्टूबर कै दिन इसलिए भी ऐतिहासिक बा काहेंकि 1932 मां एही दिन भारतीय वायुसेना कै स्थापना भवा रहा। शुरुआत मां यह ब्रिटिश शाही वायुसेना कै सहायक शाखा रहा अउर 1933 मां ओकर पहला परिचालन दस्ता बना। 1945 मां ओकर नाम के साथ ‘शाही’ शब्द जुड़वा, जिसे 1950 मां भारत कै गणराज्य बनने के बाद हटा दिहा गवा।

आज यही शक्ति ‘नभः स्पृशं दीप्तम्’ यानी ‘गौरव कै साथ आसमान को छुओ’ कै संकल्प कै साथ भारत कै सुरक्षा कै प्रहरी बनी बा। ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन कैक्टस, ऑपरेशन पूमलाई अउर अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तक भारतीय वायुसेना कै यात्रा सिर्फ इतिहास नाई, बल्कि भारत कै बढ़ते सैन्य आत्मविश्वास कै कहानी बा।

आज कै संदेश बिल्कुल साफ बा। भारत युद्ध नाई चाहत, लेकिन अगर युद्ध थोपा गवा तो भारतीय वायुसेना आसमान से ऐसा जवाब देय कै क्षमता रखत है, जिसे दुश्मन लंबे समय तक याद रखी।

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