बिहिपार चुनाव आयोग कै खिलाफ INDIA गठबंधन कै विरोध-प्रदर्शन तिसरका दिन मां प्रवेश करि गवा, जिकै मां विपक्षी नेताओं मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) मां कथित अनियमितता कै लइके मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़ा की मांग करिन। कांग्रेस नेता राहुल गांधी कहिन कि विपक्ष के सांसदों कै पिछला दुइ दिनन से विरोध प्रदर्शन करै से रोका जा रहा अहै। उ कहिन कि करिब 300 सांसद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करै चाहत अहैं, मुला आरोप अहै कि उनके लोंगनि के साथ मारपीट की गवा। गांधी आगे कहिन कि जेने “भारत पर कब्जा” कर लीन अहै, उनके सजा दी जाई।
ई बीच भाजपा कै ओर से भी पलटवार की गवा। बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी कहिन कि का सड़कन पर हंगामा करि कै राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट मां भरोसा न होवै कै संकेत दइ रहें अहैं? का उनके डर अहै कि सुप्रीम कोर्ट मां चल रहा मामला तथ्यन के आधार पर एतना कमजोर अहै कि उनके लोंगनि के बीच एक खास नैरेटिव बनावै की जरूरत महसूस होइ रहा अहै? का राहुल गांधी सड़कन पर अराजकता फैलाइ कै भारतीय लोकतंत्र के संवैधानिक तंत्र का डरावै की कोशिश करइ रहें अहैं? आखिर, सुप्रीम कोर्ट सड़कन पर भीड़ जमा होवै के आधार पर अपना फैसला नाई सुनावत; वह तथ्यन के आधार पर मामला तय करत अहै।
उ कहिन कि इ सच्चाई से निराश होई कै, देश के 40 से ज्यादा पूर्व जज आज एक खुला पत्र लिखिन अहैं, जिकै मां बतावा गवा अहै कि कैसे कांग्रेस पार्टी देश के संवैधानिक तंत्र के प्रति अविश्वास पैदा करै की कोशिश कर रही अहै… अगर उनके लोकतंत्र के बारे मां थोड़िको समझ अहै, तौ उनके इकर जवाब दै चहिए: जब कोई मामला सुप्रीम कोर्ट मां विचाराधीन होवै, तौ का उनके—राहुल गांधी कै—कोर्ट पर भरोसा नाइ बा? का उनके मामला एतना कमजोर अहै? या फिर उ सड़कन पर विरोध-प्रदर्शन के जरिए कोर्ट पर दबाव बनावै और अविश्वास दिखावै की कोशिश करइ रहें अहैं?
इकरसे पता चलत अहै कि पिछला तीन दिनन से राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा की अगुवाई मां कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध-प्रदर्शन की आड़ मां गुंडागर्दी और अराजकता फैलाइ कै कोशिश काहे करइ रहें अहैं।
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत एवं मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘‘आपराधिक साजिश’’ के तहत देश का ‘‘हाईजैक’’ करै कै आरोप लगावत हुये लोकसभा मां विपक्ष के नेता राहुल गांधी कहिन कि इ लोंगनि का न्याय के कटघरे मां लाना हमार गारंटी अहै। राहुल जोर दै कै कहिन, ‘‘इ लोंगनि का न्याय के कटघरे मां लाया जाई और इ इंडिया गठबंधन की गारंटी अहै।’’
राजघाट की ओर विपक्षी नेताओं के मार्च से पहिले राहुल गांधी कहिन कि करिब 300 सांसद शांतिपूर्ण धरना दै चाहत अहैं, मुला उनके प्रदर्शन के खातिर आगे बढ़ै से रोका जा रहा अहै। उ आरोप लगान कि प्रदर्शन के पहलका दिन उनके निर्वाचन आयोग के कार्यालय के पास रोक दीहिन गवा, जबकि दूसरका दिन जंतर-मंतर जावै से रोका गवा और ‘‘हमार लोंगनि का मारा गवा।’’
