
दिल्ली कै एक अदालत शुक्रवार कय रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (WFI) कै पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह कय यौन उत्पीड़न मामला मां बरी कीहे जाय कै खिलाफ चार महिला पहलवानन कै अपील कय जवाब देब खातिर अतिरिक्त समय दीहिन। स्पेशल जज दिग विनय सिंह 28 सितंबर कय सिंह, राज्य सरकार अउर WFI कै पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर कय नोटिस जारी कीहिन रहा। शुक्रवार कय जज सिंह कय जवाब दाखिल करैक खातिर समय दीहिन अउर मामला कै अगिला सुनवाई 28 अक्टूबर खातिर तय कीहिन।
जब अदालत दिल्ली पुलिस से पूछिस कि का ओहू अपील दाखिल करै जा रही अहै, तौ पब्लिक प्रॉसिक्यूटर कहिन कि इ मुद्दा पर अभी कउनो फैसला नाहीं लीवा गवा अहै अउर फैसला कै बारे मां अदालत कय सूचित करैक खातिर 15 दिन कै समय मांगा। जज सिंह कहिन कि एक बार बहस शुरू भइ कै बाद, कार्यवाही ‘इन-कैमरा’ (बंद कमरा मां) होई।
जब इ मामला कै सुनवाई भवा, तौ सिंह कोर्ट मां मौजूद रहें। 3 अगस्त कय, एक मजिस्ट्रेट कोर्ट सबूतन कै कमी हवाला देत हुवे, बीजेपी कै पूर्व सांसद सिंह कय यौन उत्पीड़न मामला मां बरी कै दिहिन रहा। इ मामला छह महिला पहलवान दर्ज कराइ थीं, जवना मां वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट विनेश फोगाट भी शामिल रहीं।
25 सितंबर कय दाखिल एक क्रिमिनल अपील मां सिंह कय बरी होब कै फैसला कय चुनौती दी गवा। पहलवानन कै अपील कै मुजबिक, बरी करैक फैसला कानूने कै हिसाब से सही नाहीं रहा; इ सबूतन कै ‘साफ तौर पर गलत अउर चुनिंदा मूल्यांकन’ पर आधारित रहा, अटकलन अउर अनुमानन पर टिका रहा, अउर इमां ‘कानून कै बाध्यकारी अउर स्थापित सिद्धांत कय लागू नाहीं कीवा गवा रहा।’
