
केरल उच्च न्यायालय मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) कै नेता अउर केरलम कै पूरब मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का बड़का झटका देत भवा कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़ल कथित घूस मामला मां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कै रिपोर्ट कै आधार पर उनके अउर दूसर लोगन के खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी कानून कै तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करै कै शुक्रवार का हुकुम दिहिन अहै।
अदालत कै इ हुकुम राज्य मां राज करै वाली कांग्रेस कै अगुवाई वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार खातिर भी झटका अहै काहेकि उच्च न्यायालय ईडी कै रिपोर्ट मां लगावा गवा आरोपन कै सुरुवाती जांच खातिर विशेष जांच दल (एसआईटी) बनावै कै सरकार कै फैसला का ‘अवैध’ बतावत रद्द कर दिहिन अहै।
न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन कहिन, ‘इ मामला मां प्राथमिकी दर्ज किए बिना ईडी कै रिपोर्ट मां लगावा गवा आरोपन कै जांच खातिर विशेष दल बनावै कै सरकार कै फैसला अवैध अहै, एहसे इ रद्द कइ जात अहै।’
अदालत तिरुवनंतपुरम स्थित सतर्कता अउर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) कै निदेशक का हुकुम दिहिन कि ऊ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) कै धारा 66(2) कै तहत ईडी से मिला जानकारी कै आधार पर ओकर रिपोर्ट मां नामजद संदिग्धन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कै तहत तुरंत प्राथमिकी दर्ज करैं।
अदालत बिना कोनो देरी कै प्राथमिकी दर्ज करै अउर वीएसीबी कै सक्षम अधिकारीन से आरोपन कै जांच कराके जल्द से जल्द आखिरी रिपोर्ट दाखिल करै कै हुकुम भी दिहिन अहै।
उच्च न्यायालय इ हुकुम भी दिहिन कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) या विशेष जांच दल कै मुखिया, जेकरे लगे ईडी कै ओर से दी गई जानकारी अहै, प्राथमिकी दर्ज करै खातिर ओका तुरंत वीएसीबी का सौंपै।
अदालत वीएसीबी का प्राथमिकी दर्ज करकै कानून कै मुताबिक आगे कै कार्रवाई करै कै हुकुम दिहिन अहै। अदालत कहिन, ‘इ मामला मां ईडी का हुकुम दी जात अहै कि ऊ सब जरुरु दस्तावेज तुरंत तिसरका प्रतिवादी (वीएसीबी) का सौंपै। तिसरका प्रतिवादी प्राथमिकी दर्ज करै कै बाद जांच खातिर जरुरु दूसर कागजात भी मांग सकत अहै।’
न्यायमूर्ति बदरुद्दीन इ हुकुम वकील के. एम. शाहजहां कै याचिका मंजूर करत भवा दिहिन अहै। याचिकाकर्ता दलील दिहिन रहा कि पुलिस का प्रवर्तन निदेशालय कै रिपोर्ट मां लगावा गवा आरोपन पर सुरुवाती जांच करै कै बजाय प्राथमिकी दर्ज करै काचाहिए।
ईडी अदालत मां दावा किहिन रहा कि राज्य पुलिस का सौंपी गई ओकर रिपोर्ट कै आधार पर विजयन, उनके बिटिया वीणा टी. अउर वीणा कै पति पी. ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा सकत अहै। ईडी इ दलील भी दिहिन रहा कि ओकर रिपोर्ट का सुरुवाती जांच रिपोर्ट माना जा सकत अहै अउर ओकर आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जा सकत अहै।
हलांकि, राज्य सरकार इ दलील कै विरोध करत भवा कहिन रहा कि एजेंसी कै ओर से सौंपी गई रिपोर्ट प्राथमिकी दर्ज करै खातिर काफी नाहीं अहै अउर ओकरे खातिर सुरुवाती जांच जरुरु अहै।
एहि बीच, माकपा नेता अउर राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास कहिन कि पार्टी इ मामला कै कानूनी अउर राजनीतिक, दुनू स्तर पर मुकाबला करै कै फैसला किहिन अहै। ऊ कहिन कि अदालत का सीएमआरएल से जुड़ल सब लेनदेन कै जांच करै चाहिए काहेकि भाजपा नेता शोन जॉर्ज कै जारी की गई एक सूची कै मुताबिक, संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) कै कई वरिष्ठ नेतामन का भी खनन कंपनी से कथित तौर पर रूपया मिल रहा।
ब्रिटास दिल्ली मां पत्रकारन से कहिन, ‘हम ईडी समेत केंद्रीय एजेंसीमन कै इस्तेमाल करके विजयन का निशाना बनावै कै खिलाफ राजनीतिक अउर कानूनी लड़ाई लड़ब।’
माकपा कै वरिष्ठ नेता एम. वी. जयराजन भी अइखे जैसे विचार राखत भवा तिरुवनंतपुरम मां पत्रकारन से कहिन कि विजयन के खिलाफ इ एक झूठा मामला अहै। ऊ कहिन कि अइसन मामला मां अदालत उन लोगन कै पक्ष भी सुनत अहै, जे ओकर हुकुम से प्रभावित होइ सकत अहैं।
जयराजन कहिन, ‘इ मामला मां प्राथमिकी दर्ज करै कै हुकुम देवै से पहिले प्रभावित पक्षान का नाहीं सुना गवा अहै।’ ऊ इ आरोप भी लगाइन कि ईडी सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला मां फर्जी सबूत अउर बयान तैयार किहिन अहै।
माकपा कै प्रदेश सचिवालय कै सदस्य पी. जयराजन दावा किहिन कि विजयन का निशाना बनावै खातिर ‘राजनीतिक साजिश’ रची गई अहै अउर ओकरे तहत ईडी केरलम कै पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का चिट्ठी लिखकर पूरब मुख्यमंत्री अउर उनके परिवार कै सदस्यन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करै का कहिन अहै।
ऊ कहिन कि हुकुम पास करै से पहिले विजयन, वीणा अउर रियास कै पक्ष सुना जाना चाहिए रहा। ऊ कहिन कि पार्टी इ मामला कै राजनीतिक अउर कानूनी, दुनू स्तर पर मुकाबला करिहै।
उहें, भाजपा नेता शोन जॉर्ज पत्रकारन से कहिन कि अदालत कै हुकुम से ओ बात सही साबित भवा अहै जे ऊ अउर भाजपा लम्बा समय से कहत चला आवत अहैं। ऊ कहिन, ‘विजयन अब विधानसभा मां नेता प्रतिपक्ष बनै रहै लायक नाहीं अहैं, एहसे उनकर इस्तीफा देइ देना चाहिए।’
केरलम मां कांग्रेस कै अगुवाई वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार हाल ही मां ईडी कै ओ चिट्ठी कै आधार पर पुलिस जांच कै हुकुम दिहिन रहा जेहमां राज्य पुलिस प्रमुख से विजयन, वीणा अउर रियास के खिलाफ जांच करै का कहा गवा रहा।
ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) कै तहत आपन जांच अउर छापा के दौरान जमा की गई ‘सबूतान’ कै आधार पर मामला दर्ज करै कै मांग किहिन अहै। एजेंसी आरोप लगावा अहै कि सीएमआरएल ‘सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) परामर्श सेवा’ कै आड़ मां वीणा कै अब बंद हो चुकी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ का फर्जीवाड़ा करके 2.78 करोड़ रुपया कै भुगतान किहिन रहा।
