
महाराष्ट्र खाद्य अउर औषधि प्रशासन (एफडीए) कै आयुक्त तुकाराम मुंढे अपने तबादला कै अटकलन कय खारिज करत हुए कहिन अहै कि वह अपने पद पर बने हुए हैं अउर असुरक्षित खाद्य पदार्थन तथा घटिया दवन के खिलाफ कार्रवाई जारी रही। वरिष्ठ प्रशासनिक सेवा अधिकारी (आईएएस) कै संभावित तबादला कै चर्चा कै बीच मुंढे यह स्पष्टीकरण दीहिन अहै। अपने प्रशासनिक करियर के दौरान उनका कई बार तबादला होइ चुका अहै।
तबादला कै अटकलें उ समय सामने आईं, जब राज्य सरकार रविवार कै महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) कय ओर से आयोजित परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक अउर अनियमितता कै जांच खातिर गठित पांच सदस्यीय समिति में मुंढे कय सचिव नियुक्त करिन।
मुंढे सोमवार रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहिन, ‘ना, मोके एफडीए से स्थानांतरित ना कीन गवा अहै।’
उ कहिन, ‘हम महाराष्ट्र एफडीए के आयुक्त के रूप में काम कर रहा हूं। असुरक्षित, घटिया अउर मिलावटी खाद्य पदार्थन तथा नकली एवं घटिया दवन के खिलाफ हमार लड़ाई जारी अहै।’
एफडीए में मुंढे कै कार्यकाल लोगन कय बहुत ध्यान आकर्षित कीन अहै। उपभोक्ता खाद्य सुरक्षा नियमन के उल्लंघन के खिलाफ विभाग कै तेज कीन गई कार्रवाई कै स्वागत करिन अहै, जबकि रेस्तरां अउर खाद्य कारोबार से जुड़े कुछ लोग अपने प्रतिष्ठानन के खिलाफ की गई कार्रवाई कै विरोध करिन अहै।
एफडीए कथित तौर पर असुरक्षित अउर मिलावटी उत्पाद के बिक्री या इस्तेमाल सहित विभिन्न उल्लंघन कय लेके भोजनालयन अउर खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानन कै निरीक्षण, छापेमारी अउर प्रवर्तन कार्रवाई तेज करिन अहै। विभाग खाद्य सुरक्षा नियमन कय लागू करे कै अभियान के तहत लाइसेंस अउर नियम के अनुपालन से जुड़ी समस्या कय लेके भी प्रतिष्ठानन के खिलाफ कार्रवाई कीन अहै।
जहां उपभोक्ता जवाबदेही अउर खाद्य सुरक्षा पर जोर दिए जाने कै स्वागत करिन अहै, वहीं विभाग कै कुछ कार्रवाई कै रेस्तरां संचालक विरोध करिन अहै। प्रवर्तन से जुड़े कुछ कदम कय अदालत में चुनौती भी दीहिन गवा अहै, जिससे एफडीए कै नियामक कार्रवाई के कुछ पहलू न्यायिक समीक्षा के दायरे में आए हैं।
इन घटनाक्रम के कारण विभाग में मुंढे कै कार्यकाल विशेष रूप से चर्चा में रहा अहै। एफडीए कै कार्रवाई अभियान से खाद्य सुरक्षा नियमन के अनुपालन अउर भोजनालय के संचालन के तरीका पर लोगन कै ध्यान बढ़ा अहै।
एमपीएससी परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक कै जांच करे वाली समिति में मुंढे कै नियुक्ति भर्ती आयोग के कामकाज कय लेके भवा विरोध प्रदर्शन के बाद भवा अहै। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पिछला सप्ताह समिति कै घोषणा करत हुए कहिन था कि यह महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के मौजूदा अउर पूर्व अध्यक्षन तथा सदस्यन के कार्यकाल कै जांच करी।
