
मंगरुवार कै कांग्रेस महासंसार जयराम रमेश मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार कै ऊपर बहुत तगड़ा हमला बोलिन। ऊ पच्छिम बंगाल कै मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा वोटर एनरोलमेंट (मतदाता पंजीकरण) कै बारे मां जारी प्रेस नोट के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) कै ऊपर ‘बेशर्मी’ कै आरोप लगइन। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ कै एक पोस्ट मां, रमेश कथित ऑफिशियल कागजात शेयर करिन अउर आरोप लगइन कि ECI कै हालिया हरकत राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान भई अनियमिततन कै सिलसिला अहै।
रमेश लिखिन कि विधानसभा चुनाव कै बेशर्मी से धोखाधड़ी कइके BJP कै झोली मां डाले के बाद, CEC इ प्रेस नोट जारी करवइन अहै। ऊ आगे कहिन कि ज्ञानेश कुमार कै बेशर्मी कै कउनो हद नइयां बा। पच्छिम बंगाल कै मुख्य निर्वाचन अधिकारी कै कार्यालय 12 अक्टूबर कै एक प्रेस नोट जारी करिन। इमा कहा गवा अहै, “भारत निर्वाचन आयोग कै निर्देश कै अनुसार, पच्छिम बंगाल राज्य कै 24 जिला निर्वाचन अधिकारी (DEOs) एक एक्टिव अभियान शुरू करिन हयै तनिक इ पक्का कीन्ह जा सके कि कउनो पात्र मतदाता सूची मां जोड़े से छूट न पावे।”
नोट मां आगे कहा गवा अहै कि पूरा राज्य मां स्पेशल कैंप लगावा जा रहा अहै अउर “अगर कउनो मनई कै कउनो शिकायत बा, तौ ऊ संबंधित BLO, AERO, ERO या DEO से बेझिझक मिल सकत हयै।” कांग्रेस नेता कै टिप्पणी विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन अउर ECI के बीच बढ़ती दरार कै इशारा करत अहै; पार्टी अक्सर हाल के चुनाव संचालन मां पक्षपात अउर प्रशासनिक नाकामी कै आरोप लगावत रही अहै।
इ बीच, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री मंगरुवार कै लोकसभा मां विपक्ष कै नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अउर ‘इंडिया’ गठबंधन कै नौ दूसर नेता द्वारा दाखिल रिट याचिका मां 14 कमी बताइन। इ याचिका भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची कै चलनिहार ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) कै कुछ पहलू कै चुनौती देय खातिर दाखिल कीन्ह गवा रही।
खास बात इ अहै कि रजिस्ट्री याचिकाकर्तन से इ बारे मां भी सफाई मांगिस कि रिट याचिका मां प्राइवेट मनई – CEC ज्ञानेश कुमार अउर दुइ EC, SS संधू अउर विवेक जोशी – कै प्रतिवादी के रूप मां काहें शामिल कीन्ह गवा अहै।
