
बे ऑफ़ बंगाल इनिशिएटिव फ़ॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (BIMSTEC) कै गृह मंत्रियों की पहिली बैठक सुरू होइ गवा बा। भारत कै गृह मंत्री अमित शाह कै अध्यक्षता मां होत रहे इ BIMSTEC बैठक मां नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, श्रीलंका अउर थाईलैंड जैसे सदस्य देश शामिल अहैं। गृह मंत्रियों की बैठक से पहिले, गृह मंत्रालयों के सचिवों की एक बैठक भवा। भारत मां नेपाल दूतावास बताइन कि इ बैठक मां गृह मंत्रियों की बैठक मां पेश कीन जाने वाले एजेंडे पर चर्चा कीन गवा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहिन कि पहिली BIMSTEC गृह मंत्रियों की बैठक की मेज़बानी करना भारत के लिए बहुत गर्व अउर सौभाग्य की बात अहै। एक तरह से, BIMSTEC क्षेत्रीय एकीकरण, आर्थिक सहयोग अउर सामूहिक सुरक्षा के लिए एक ज़रूरी मंच बन गवा बा। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ भारत आज आगे बढ़ रहा बा। हम हमेशा शांति, सह-अस्तित्व अउर मानव कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। आज भी हम इनके लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत कभी भी किसी देश पर हमला करने या उन पर अपना दबदबा बनाने मां विश्वास नहीं कीन बा। भारत हमेशा हर देश की संप्रभुता अउर क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने अउर मतभेदों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने मां विश्वास करता रहा बा।
ऊ कहिन कि 4 अप्रैल 2025 को छठे BIMSTEC शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहिन रहे कि BIMSTEC हमार लिए न केवल एक क्षेत्रीय मंच अहै, बल्कि समावेशी विकास अउर सुरक्षा का एक मॉडल भी अहै। इहे सोच का आगे बढ़ाते हुए, गृह मंत्रियों के तौर पर आज हमार इ ज़िम्मेदारी अहै कि हम अपने सहयोग को एक व्यावहारिक व्यवस्था मां बदलें, ताकि हमारे नागरिकों की सुरक्षा अउर हमारी एजेंसियों की क्षमता मज़बूत हो सकै।
मंगलवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) केंद्र अउर राज्य प्रशासन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ तानाशाही वाले तरीके अपनाने का आरोप लगाइन। पार्टी कहिन कि दिल्ली अउर मुंबई मां छात्रों, महिलाओं अउर पत्रकारों के खिलाफ़ पुलिस की कार्रवाई से पूरे देश मां अशांति का माहौल बन गवा बा। अपने मुखपत्र ‘सामना’ मां छपे एक संपादकीय मां, उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अउर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना कीन। पार्टी पुलिस की कथित ज्यादतियों पर उनकी चुप्पी को लेकर इ आलोचना कीन। संपादकीय मां दावा कीन गवा कि प्रदर्शनों से निपटने के तरीके गृह युद्ध जैसे हालात पैदा कर दीहिन बा अउर साथ ही प्रशासन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग करने का आरोप भी लगाइन बा।
