YSRCP यूथ विंग कै राज्य अध्यक्ष औ पूर्व MLA जक्कम्पूडी राजा कहिन कि गठबंधन सरकार उ ‘विलेज औ वार्ड सचिवालय’ सिस्टम का सुनियोजित तरीका से कमजोर करत अहै, जेका पूरा देश मा पहचान मिला रहा।
उ कहिन कि चंद्रबाबू नायडू चुनाव कै दौरान वॉलंटियर्स का 10,000 रुपिया मानदेय देय कै वादा करिन, ओनकै वोट हासिल करिन औ फेर वॉलंटियर सिस्टम का खतम कै दिहिन। उ कहिन कि वॉलंटियर्स कै बाद अब सचिवालय कर्मचारियन का निशाना बनाया जात अहै।
उ आगे कहिन कि सरकार का YS जगन मोहन रेड्डी से जुड़ सिस्टम से परेशानी बा, ठीक वैसेइ जैसे नाम बदले कै बावजूद लोग आरोग्यश्री का YSR से जोड़कर देखत हें।
राजा कहिन कि सचिवालय कै इमारत औ YSRCP कै समय कै प्रतिनिधियों कै नाम वाली पट्टिकाएं भी दुश्मनी कै एक और वजह बन गवा अहैं।
उ कहिन कि GO नंबर 11 कै वजह से काम कै बोझ बहुत बढ़ गवा अहै; कर्मचारियन का छुट्टी कै दिन भी काम करै का पड़त अहै औ आधी रात तक वीडियो कॉन्फ्रेंस मा शामिल होय का पड़त अहै। उ एह दबाव का हार्ट अटैक औ ब्रेन स्ट्रोक से होय वाली मौतन से जोड़िन औ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कै दौरान महिला कर्मचारियन के साथ पुलिस कै बर्ताव कै निंदा करिन।
उ कहिन कि मेहरारूअन का ओनकै बार पकड़कर घसीटा गवा औ पुलिस कै गाड़ी मा भरा गवा।
उ कहिन कि राज्य का अंबेडकर कै संविधान कै बजाय “रेड बुक संविधान” कै तहत चलाया जात अहै।
उ कहिन कि YS जगन सरकार कोविड संकट कै बावजूद लगभग 1.15 लाख कर्मचारियन का रेगुलर करिन, 2022 PRC कै तहत 22,460 रुपिया बेसिक पे तय करिन औ जॉब चार्ट दीहिन, जबकि गठबंधन सरकार खाली 4,000 से 5,000 कर्मचारियन का ही रेगुलर कीन अहै।
उ कर्मचारियन कै शिकायत का दूर न करै खातिर मंतरियन औ कलेक्टरन कै आलोचना करिन औ पढ़ा-लिखा सचिवालय कर्मचारियन कै बारे मा अपमानजनक बात कहै वाले मीडिया चैनल कै निंदा करिन।
राजा दुई नोशनल इंक्रीमेंट, प्रमोशन कै साफ तरीका, काम कै बोझ कम करै औ BLO ड्यूटी व पेंशन बांटै कै जिम्मेदारी से राहत कै मांग करिन।
लंबी ड्यूटी कै बाद CI अहमद अली कै मौत कै जिक्र करत भवा उ कहिन कि काम कै ज्यादा दबाव कै वजह से उ अधिकारी कै जान चलि गवा औ विरोध करत कर्मचारियन के खिलाफ केस दर्ज करै पर सवाल उठाइन।
उ आगे कहिन कि सोशल मीडिया पर आलोचना करै वाले के खिलाफ केस दर्ज कीन जात अहै, जबकि सरकार कै पक्ष मा बोलै वाले इन्फ्लुएंसर पर जनता कै पइसा खर्च कीन जात अहै।
उ DSC मा भवा गड़बड़ी कै CBI जांच कै मांग करिन औ कहिन कि कामकाज का लेके जनता कै गुस्सा आवै वाले स्थानीय निकाय चुनाव मा देखाई देई।
