भारतीय जनता पार्टी कै नेती स्मृति ईरानी मंगरवार कै कांग्रेस नेत्तृत्व कै कड़ा विरोध करिन। उ कहिन कि कांग्रेस आपन चुनावी हार पय विचार करै कै बजाय संवैधानिक संस्थावन कै कमजोर करत अहै अउर भारत कै चुनाव आयोग कै निष्पक्षता पय सवाल उठाइ रही अहै।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस मा ईरानी वोटर लिस्ट मा बदलाव अउर उहें अपडेट करै कै बारें मा विपक्ष कै हालिया टिप्पणी कै निंदा करिन। उ परधानमंत्री नरेंद्र मोदी कै इ विचार कै जिक्र करिन कि लोकतंत्र मा राजनीतिक विरोध तौ होत अहै, मुला अहम लोकतांत्रिक संस्थावन पय हमला नाइ होइच चाहीं।
ईरानी कहिन कि परधानमंत्री मोदी बार-बार कहिन अहै: उनकै आलोचना करौ, उनकै ऊपर हमला करौ, मुला इ हमला कै संवैधानिक संस्थावन अउर भारत कै लोकतंत्र पय हमला मा न बदला जाय। हालाँकि, कांग्रेस नेत्तृत्व भारत कै संवैधानिक ढांचा कै तहस-नहस करै मा कौनो कसर नाइ छोड़ि रहा अहै।
वोटर लिस्ट अपडेट मा 13.3 करोड़ एंट्री कै बारें मा कांग्रेस कै दावन पय बात करतै भए, उ बताइन कि चुनाव आयोग बूथ लेवल अधिकारियन द्वारा डुप्लीकेट अउर मृत वोटरान कै हटावै बरे कीन्ह गए घर-घर जाइ कै वेरिफिकेशन कै प्रक्रिया पय एक अधिकारी स्पष्टीकरण जारी कीन्ह रहा।
ईरानी वोटर लिस्ट कै ठीक करै कै विरोध मा विपक्ष कै इरादुन पय सवाल उठाइते पूछिन कि अगर वोटर लिस्ट मा डुप्लीकेट नाम या मृत लोगन कै नाम अहै, तौ कांग्रेस पार्टी काहें चाहत अहै कि मृत लोगन कै नाम दुबारा जोड़ा जाय? कांग्रेस पार्टी काहें चाहत अहै कि डुप्लीकेट एंट्री बनी रहै?
उ हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल अउर कर्नाटक जैसे राज्यन मा कांग्रेस कै रवैया पय भी सवाल उठाइन, जहॉ गैर-बीजेपी सरकारें सत्ता मा अहैं। उ पूछिन कि का पार्टी उ इलाकन मा भी चुनाव आयोग बरे उहै पैमाना अपनावत अहै?
कांग्रेस द्वारा आजादी से पहिले कै लाहौर अधिवेशन कै जिक्र करै कै खारिज करतै भए, ईरानी इंडियन नेशनल कांग्रेस कै शुरुआत कै जिक्र करिन अउर औपनिवेशिक हितन कै रक्षा बरे एकर गठन मा ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ. ह्यूम कै भूमिका कै उजागर करिन।
उ कहिन कि ब्रिटिश साम्राज्य कै रक्षा बरे बनाई गई कांग्रेस पार्टी आज भारत कै चुनाव आयोग पय हमला करत अहै… इहें से ज्यादा शर्मनाक बात अउर का होइ सकत अहै।
