
नई दिल्ली कै एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (DCP) मंजीत श्योराण 9 अक्टूबर कै कहिन कि प्रदर्शनन कै कवरेज करत समय पत्रकारन का प्रदर्शनकारियन तें कुछ दूरी बनाइ रखै चाही। ऊ आरोप लगाइन कि कुछ मीडियाकर्मी प्रदर्शनन मां शामिल होइ जाटेन अहैं अउर पुलिस कै काम मां बाधा डालटेन अहैं। श्योराण कहिन कि कुछ प्रदर्शनकारी एक दिन पत्रकार बनिक आवत अहैं अउर दूसरे दिन प्रदर्शनकारी बनिक। हम उनसे लगातार अपील करटेन अहैं कि वे प्रदर्शनकारियन तें थोरी दूरी बनाइ रखैं अउर दूर से ही कवरेज करैं। लेकिन फेरौ, वे बीच मां आ जाटेन अहैं अउर हमार काम मां रुकावट डालटेन अहैं।
पत्रकारिता कै भूमिका पय जोर देत हुए दिल्ली पुलिस ‘X’ पय पोस्ट करिन कि पत्रकारिता कै आपन भूमिका अहै; पत्रकारिता का दबाया नाई जाइ सकत अहै। एक अधिकारी 5 अक्टूबर कै पुष्टि करिन कि इके पहिले, 4 अक्टूबर कै खुद का पत्रकार बतावै वालिन तीन महतारी शिकायत दरज कराइन। ऊ आरोप लगाइन कि 3 अक्टूबर कै ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) कै खिलाफ भवा विरोध प्रदर्शन कै दौरान हिरासत मां लीन्हे जावै पय दिल्ली पुलिस कै अधिकारियों अउर कर्मचारियों उनके साथ बदसलूकी करिन।
दिल्ली पुलिस ‘X’ पय जानकारी दीहिन, “03-10-26 का नई दिल्ली इलाका मां विरोध प्रदर्शन कै दौरान, कानून-व्यवस्था बनाए रखै कै स्थिति मां, तीन महिला पत्रकारन पुलिस अधिकारियों पय यौन उत्पीड़न कै आरोप लगाइन। नई दिल्ली जिला का उनके शिकायतें मिलि गई अहैं।” डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) नेहा यादव आगे कहिन कि सांझ करिब 6 बजे, खुद का पत्रकार बतावै वालिन तीन महतारी शिकायत दरज कराइन। ऊ आरोप लगाइन कि हिरासत मां लीन्हे जावै कै दौरान दिल्ली पुलिस कै अधिकारियों अउर कर्मचारियों उनके साथ बदसलूकी करिन। उनके शिकायत दरज करि लीन्हा गवा अहै, मेडिकल जांच होइ चुका अहै अउर मामला क्राइम ब्रांच का सौंप दीन्हा गवा अहै।
इहै बीच, 8 अक्टूबर कै राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) एक मीडिया रिपोर्ट कै स्वतः संज्ञान लिहिन। इ रिपोर्ट मां आरोप लगावा गवा रहा कि 3 अक्टूबर कै नई दिल्ली कै जंतर-मंतर पय भवा विरोध प्रदर्शन कै दौरान दिल्ली पुलिस कै कर्मियों तीन महिला पत्रकारन कै यौन उत्पीड़न करिन। एक बयान मां NHRC कहिन कि अगर समाचार रिपोर्ट मां दीन्हा गवा जानकारी सच अहै, तौ इ मानवाधिकारन से जुड़ेड गंभीर चिंता कै मुद्दा अहै। आयोग दिल्ली पुलिस कमिश्नर का नोटिस जारी करिक इ मामला पय दुइ हफ्ता कै भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगा अहै।
