कांग्रेस गुरुवार कै ECINET ऐप मां कथित कमी कै लेकर BJP पर निशाना साधिन अउर कहिन कि इ बात बिल्कुल साफ होत जात अहै कि इसे नई दिल्ली मां सत्ताधारी पार्टी कै मुख्यालय से ही सब तरह कै नाम हटावे अउर जोड़े कै प्रक्रिया कै केंद्रित करे कै मकसद से बनावा गवा रहा।
कांग्रेस कै कम्युनिकेशन इंचार्ज अउर महासचिव जयराम रमेश X पर एक मीडिया रिपोर्ट कै स्क्रीनशॉट शेयर करिन। इ रिपोर्ट मां एक सिक्योरिटी रिसर्चर कै हवाले से कहा गवा कि उ जुलाई मां ही भारत कै चुनाव आयोग (ECI) अउर देश कै साइबर-सिक्योरिटी एजेंसी, CERT-In को आयोग कै वोटर-सर्विसेज वेबसाइट अउर ECINET ऐप मां मौजूद कमी कै बारे मां चेतावनी दीहिन रहा।
X पर अपनी पोस्ट मां रमेश कहिन कि आज सबेरे एक प्रमुख अखबार रिपोर्ट दीहिन कि 8 जुलाई, 2026 को एक सिक्योरिटी रिसर्चर ECINET मां कई कमी कै बारे मां चुनाव आयोग कै ध्यान आकर्षित करिन रहा। लेकिन उनकै कई चिंता मां से सिर्फ एक पर 6 अक्टूबर, 2026 को ध्यान दीहिन गवा, जब ECI चारो तरफ से आलोचना अउर हमला कै सामना करत रहा।
रमेश आरोप लगिन कि इ बात बिल्कुल साफ होत अहै कि ECINET कै नई दिल्ली मां BJP हेडक्वार्टर से ही सब तरह कै नाम हटावे या जोड़े कै काम कै सेंट्रलाइज करे के खातिर बनावा गवा रहा।
कांग्रेस नेता कहिन कि दिलचस्प बात इ अहै कि इ रिसर्चर वही युवा अहै जौन कुछ महीना पहिले CBSE कै IT सिस्टम कै पोल खोल दिहिन रहा, जौन वजह से मंत्री प्रधान कै भविष्य तय होइ गवा रहा। अब प्रधानमंत्री कै बारी अहै।
रमेश कै इ टिप्पणी उस विवाद के बीच आई अहै जौन ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ कै उ रिपोर्ट कै बाद शुरू भवा, जौन मां बतावा गवा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू अउर विवेक जोशी पिछले 10 महीना मां कम से कम 14 बार उन फैसला अउर आदेश पर आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताईहिन, जौन ज्यादातर ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (विशेष गहन समीक्षा) प्रक्रिया से जुड़े रहे।
अपने दो आयुक्तों द्वारा उठाए गए सवाल कै कारण आलोचना कै सामना करत चुनाव आयोग (EC) कहिन कि किसी भी संस्था मां अलग-अलग राय अउर विचार-विमर्श होना सामान्य बात अहै, अउर आयोग कै सभी आदेश पूरी कानूनी मान्यता प्राप्त अहैं तथा वे स्थापित कानूनी प्रक्रिया कै अनुसार ही जारी किए जात अहैं।
