भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शनिवार कै कहिस कि निर्वाचन आयोग कै ताजा बयान एसआईआर मुद्दा पर कांग्रेस अउर राहुल गांधी कै झूठ अउर दुष्प्रचार कै पोल खोलि दिहिन अहै। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद कहिन, “राहुल गांधी झूठ बोलत रहिन अउर दुष्प्रचार करत रहिन। वू एक गंभीर राजनेता नाइ अहैं।”
निर्वाचन आयोग शनिवार कै कहिस कि मतदाता सूची कै विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित सब आदेश तीनू चुनाव आयुक्तन कै मंजूरी कै बाद जारी कीन गवा रहिन, अउर फॉर्म छह मां बदलाव कै उच्चतम न्यायालय बरकरार रखल अहै। फॉर्म 6 कै जरिए मतदाता सूची मां नाम शामिल कीन जात अहैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अउर दुइ चुनाव आयुक्तन कै बीच मतभेद कै लेके जारी विवाद कै बीच आयोग एक बयान मां कहिस कि दुइ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू अउर विवेक जोशी द्वारा कैबिनेट सचिव कै भेजा गवा पत्र आयोग कै कवनो नीतिगत मामला या एकर आईटी विभाग से संबंधित नाइ रहिन, बल्कि निर्वाचन आयोग मां प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी कै कामकाज से संबंधित रहिन।
पूर्ण पीठ कै मंजूरी से जारी एक बयान मां आयोग कहिस कि संबंधित अधिकारी द्वारा जारी कार्य-पुनर्वितरण कै आदेश दुइ चुनाव आयुक्तन कै आदेश कै बाद वास्तव मां लागू नाइ कीन गवा रहिन। साथ ही, उप निर्वाचन आयुक्त (डीईसी) कै तरफ से आईटी प्रभाग कै निगरानी भी कबहूँ वापस नाइ लीन गई रही।
इ मामला पर टिप्पणी करत भवा भाजपा कै वरिष्ठ नेता प्रसाद कहिन, “मीडिया मां आई तथ्यात्मक रूप से गलत एक खबर कै आधार पर विपक्ष, खासकर राहुल गांधी, निराधार अउर बेशर्मी भरा आरोप लगावत रहिन।”
वू कहिन, “निर्वाचन आयोग कै बयान कांग्रेस अउर राहुल गांधी कै पोल खोलि दिहिन अहै।” प्रसाद दूसर विपक्षी दलिन पर भी निशाना साधत भिन कहिन कि ओनका आयोग पर निराधार आरोप लगावै कै बजाय चुनाव जीतै खातिर कड़ी मेहनत करइच चाही।
इ घटनाक्रम इंडियन एक्सप्रेस कै एक खबर कै बाद सामने आवा, जवने मां दावा कीन गवा कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू अउर विवेक जोशी पिछिले 10 महीना मां कम से कम 14 बार ओन फैसला अउर आदेशन पर आधिकारिक रूप से आपत्ति जतिन, जउन ओनकै जानकारी कै बिना जारी कीन गवा रहिन, जबकि एसआईआर कै राष्ट्रीय स्तर पर क्रियान्वयन पूर्ण आयोग कै देखरेख मां होई रहा।
