एआईएमआईएम कै अध्यक्ष अउर हैदराबाद कै सांसद असदुद्दीन ओवैसी केंद्रीय संचार मंत्रालय से हैदराबाद जनरल पोस्ट ऑफिस (GPO) कै दरजा ‘ग्रुप A’ से घटाकर ‘ग्रुप B’ करै अउर इके हैदराबाद सिटी डिवीज़न में मिलावे कै प्रस्ताव का वापस लेवै कै अपील कीन अहै।
संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्र शेखर का लिखे गए पत्र में, ओवैसी हैदराबाद GPO का एक स्वतंत्र ‘ग्रुप A’ पोस्ट ऑफिस कै तौर पर बनाए रखै कै मांग कीन। ऊ एकरे ऐतिहासिक महत्व, भारी कामकाज अउर हैदराबाद कै लोगन का डाक सेवाएँ दै में एकरे अह्मियत पर जोर दीहिन।
ओवैसी कहिन कि हैदराबाद GPO एक सदी पुरानी संस्था अहै अउर शहर कै डाक नेटवर्क में इ हमेशा अह्म भूमिका निभावत रहा। ऊ GPO में तेलंगाना कै फिलाटेलिक ब्यूरो (डाक टिकट संग्रह केंद्र) के होवै का भी जिक्र कीहिन अउर कहिन कि एकरे प्रशासनिक दरजा पर कोनो भी फैसला लेवै से पहिले एकरे संस्थागत महत्व पर विचार कीन जाए।
AIMIM अध्यक्ष केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से अपील कीन कि ऊ GPO कै ऐतिहासिक महत्व अउर हुवाँ दी जाने वाली सेवायन कै मात्रा अउर प्रकार का ध्यान में रखत हुए इ प्रस्ताव पर फिर से विचार करें। ऊ केंद्र सरकार से हैदराबाद GPO का एक स्वतंत्र ‘ग्रुप A’ संस्थान कै तौर पर बनाए रखै कै आग्रह कीहिन।
हैदराबाद GPO कै दरजा कै मुद्दा पहिले भी प्रशासनिक अउर कानूनी विवाद कै विषय रहा अहै। 2021 में सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) कै सामने भई कार्यवाही में, रिकॉर्ड्स में हैदराबाद GPO का ‘ग्रुप A’ से घटाकर ‘ग्रुप B’ करै कै प्रस्ताव कै जिक्र रहा। इ प्रस्ताव बदले हुए नियमन कै आधार पर कीन गए संस्थान कै रिव्यू से जुड़ा रहा।
ट्रिब्यूनल कै सामने रखे गए रिकॉर्ड्स कै अनुसार, विभाग ‘ग्रुप A’ कै दरजा बनाए रखै खातिर 11,000 पॉइंट्स कै जरूरत कै आकलन कीन रहा, जबकि उ समय हुए रिव्यू में 7,343 पॉइंट्स ही पावा गवा रहा। संस्थान कै रिव्यू में अतिरिक्त स्टाफ पदन् कै भी पहचान कीन गई रही, अउर विभाग कर्मचारीयन का दूसरे पोस्टल डिवीज़न में भेजै कै प्रस्ताव दीहिन रहा। इ आंकड़ा पहिले हुए संस्थान कै रिव्यू से संबंधित अहै अउर जरूरी नाहीं कि इ हैदराबाद GPO कै मौजूदा काम कै बोझ या स्टाफ कै स्थिति का दरसावत हों।
