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IIT बॉम्बे पहुंचिन रामदास अठावले, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर कार्रवाई की उठाइिन मांग

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले शुक्रवार कै IIT पवई पहुंचिन अउर पिछलेस हफ्ता IIT बॉम्बे कै छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या की “बारीकी से जांच” की मांग कीिन। उहाँ IIT प्रशासन से साहिल वाकोडे आत्महत्या मामला कै बारे मां जानकारी लीहिन। उहाँ प्रशासन कै संग उ हॉस्टल कै दौरा भी कीहिन जहवां साहिल वाकोडे आत्महत्या कीने रहा। अठावले साहिल की मौत कै जिम्मेदार लोगन कै खिलाफ कार्रवाई की मांग कीिन।

रामदास अठावले कहिन कि IIT बॉम्बे कै छात्र साहिल वाकोडे की मौत कै जिम्मेदार लोगन कै खिलाफ कार्रवाई होनी चाही। उहाँ कहिन कि CCTV फुटेज मां जौन कुछउ सामने आवा अहै, उकर जांच होनी चाही। उहाँ प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला कै खिलाफ कार्रवाई की मांग कीिन अउर कहिन कि अगर जांच मां प्रोफेसर डूला दोषी पावा जात हैं, तौ उनके गिरफ़्तार कीया जाना चाही।

अठावले कै कहब अहै कि उनका लागत अहै कि साहिल का नस्लभेदी टिप्पणियों से परेशान कीया गवा रहा। अठावले कहिन कि उनका लागत अहै कि साहिल वाकोडे का नस्लभेदी टिप्पणियों से परेशान कीया गवा रहा अउर इहे वजह से उ आत्महत्या कीने रहा होई। हालांकि, इ मामला की जांच चल रही अहै।

अठावले कहिन कि उ इ मामला का केंद्र सरकार अउर HRD मंत्री कै सामने भी उठैहीं। उहाँ कहिन कि पिछलेस दुई सालन मां IIT पवई मां चार छात्रिन आत्महत्या कीने हैं, जेमां से तीन अनुसूचित जाति या दलित समुदाय से रहे। अठावले सवाल कीहिन कि दलित समुदाय कै छात्र आत्महत्या काहें कर रहे हैं। उहाँ IIT प्रशासन अउर रेक्टर से इ मामला की आंतरिक जांच करै अउर जांच मां दोषी पावे जाइन वाले प्रोफेसरन या संबंधित लोगन कै खिलाफ सख्त कार्रवाई करै की मांग कीिन।

अठावले पूछिन कि कुछ IIT प्रोफेसर डूला कै समर्थन कस कर रहे हैं। उहाँ IIT डायरेक्टर से इ भी पूछिन कि कुछ IIT प्रोफेसर डूला कै समर्थन कस कर रहे हैं अउर जांच पूरी भवा बिना उकर समर्थन मां रैली कस निकाल रहे हैं। उहाँ कहिन कि उनके ऊपर कार्रवाई होनी चाही।

IIT बॉम्बे कै दौरा करै के बाद मंत्री कहिन, “IIT मां एडमिशन पावे वाला कोनो भी छात्र बहुत होशियार अउर काबिल होत अहै। साहिल की मौत की ढंग से जांच होनी चाही अउर जिम्मेदार लोगन कै खिलाफ कार्रवाई होनी चाही।”

अठावले कहिन, “जौन तरीका से उ आत्महत्या कीने अहै, उसे लागत अहै कि इकर पीछे कोनो बड़का वजह होई सकत अहै। होई सकत अहै कि कोनो उकर अपमान कीने होय अउर उनका इ चरम कदम उठावै का मजबूर कीने होय।”

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