धर्म/अध्यात्म

जमीन पर भूलिकैय ना रखै इ पबित्र चीजिन, ना तौ छा जाइ कंगाली अउर बास्तु दोष!

बास्तु सास्त्र एक पुरान भारतीय ग्यान अउर कला अहै, जउन भवनन, घरन, मंदिरन अउर दूसर संरचनाइन क बनावट, निर्माण अउर अस्थान स जुड़ल ऊर्जा मां संतुलन बनावै क काम करत अहै। जीवन मां सुख-सानी, समृद्धि अउर तरक्की पावैक बरे सकारात्मक ऊर्जा क होना बहुत जरूरी अहै। हमार रोजमर्रे क जिनगी मां काम आवै वाली कुछ खास बस्तुइन क लेकेउ बास्तु सास्त्र मां नियम बतावा गवा अहै, जेकरे मुतिकब कुछ खास चीजिन क भूलिकैय सीधा जमीन पर ना रखै चाही। यदि आप इ चीजिन क जमीन पर रख देत हव, तौ आपक बास्तु दोष क समस्या क सामना करै पर्‍या सकत अहै।

सिवलिंग अउर सालिग्राम
हिंदू धरम अउर बास्तु सास्त्र क मुतिकब घर मां स्थापित सिवलिंग या सालिग्राम क भूलिकैय जमीन पर ना रखै चाही। अउसा करब असुभ अउर अनादर माना जात अहै। हिंदू दरसन मां इ दुनु चीज बहुत पबित्र मानी जात अहै, इहिकै बरे इन्हं पूजा क बेदी पर ही रखै चाही। एकर अलावा गंदा हाथिन स छुवै स भी बचै चाही।

देबी-देबताइन क बिग्रह
घर मां स्थापित देबी-देबताइन क मूरति धार्मिक नजरिया स बहुत महत्वपूर्ण मानी जात अहै। मूरति क सीधा जमीन पर रखब अछुद्ध अउर अपमान माना जात अहै। अउसा मां कभुओ मंदिर क साफ-सफाई करत समउअ भी पूजा कक्ष मां स्थापित देवता क मूरति या चित्र क हमेसा पूजा क साफ बेदी पर राखै। अगर आपके पास पूजा क बेदी ना होय तौव ओहू क किसो साफ कपड़ा क ऊपर राखै।

संस, दीपक अउर यंत्र
पूजा मां इस्तेमाल होए वाले संस, दीपक अउर यंत्र क भूलिकैय जमीन पर ना रखै चाही। अउसा करब धार्मिक नजरिया स अपमान समझा जात अहै। दरअसल संस क भगवान बिस्नु क प्रतीक माना जात अहै, जबकि दीपक अगिन देवता क प्रतीक अउर सीयंत्र क देबी-देबताइन क ऊर्जा क केंद्र माना जात अहै। इ सब बस्तुइन क सीधे तौर पर जमीन पर रखै स जातक क धन क हानि क भी सामना करै पर्‍या सकत अहै।

धार्मिक पुस्तक अउर जपमाल
बास्तु सास्त्र अउर धार्मिक सिद्धांतन क मुतिकब, भगबद्गीता, रामायण, पुरान अउर दूसर अन्य धार्मिक ग्रंथन क कभुओ भूलिकैय फरसा पर ना रखै चाही। इकरे बजाय इन्हं साफ कपड़ा, पुस्तक सटैंड या अलमारी मां रखै ज्यादा निक माना जात अहै। किताबिन क साफ-सुथरा अउर सुरच्छित रखैक आदत धार्मिक समान क साथ-साथ ओकर देखरेख करब भी बहुत जरूरी अहै। एकर अलावा तुलसि अउर पूजा क फूल, कपूर, चंदन अउर गोरोचन, रतन, सोना अउर पबित्र सामग्री क भूलिकैय जमीन पर ना रखै चाही। अउसा करै स धन-धान्य मां कभुओ कमी ना आवत अहै।

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