
दिल्ली हाई कोर्ट सोमबार कै राष्ट्रीय राजधानी मां जंतर-मंतर कय विरोध प्रदर्शन कै जगह कय तौर पय बन्द करै कय आरोपन से जुड़िन एक याचिका पय मंगर कै सुनवाई करै पय सहमति जताई। एक वकील कोर्ट कय बताई कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनन कय रोका जाइ रहा अहै काहेकि अधिकारियन एकर बरेई कोउ वैकल्पिक जगह तय नाहीं कीन्ह।
कोर्ट एक अउर याचिका पय मंगर कै सुनवाई करै पय सहमति जताई, जेहमां आरोप लगावा गवा कि वीकेंड पय भवा विरोध प्रदर्शन मां “बाहरी लोग” घुस आयिन अउर प्रदर्शनकारियन कय परेशान कीन्ह। विरोध प्रदर्शन कै जगह से जुड़िन याचिका पय तत्काल सुनवाई पय बिचार करत भये बेंच कही कि ई मामला सुप्रीम कोर्ट कै बिचाराधीन भी अहै।
ई मामला एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे अउर जस्टिस संजय शर्मा कै बेंच कै सामने राखा गवा। जब वकील सोमबार कै इहय पय तुरंत सुनवाई कै मांग कीन्ह, तौ कोर्ट कही, कल। सुप्रीम कोर्ट भी ई मामला कय देखत अहै। एतना ही नाहीं, सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार से भी अपना हलफनामा दाखिल करै कय कहे अहै। जब सुप्रीम कोर्ट ई मामला कय देखत अहै, तौ हमारय कय ई देखब पड़ी कि हम इहय पय किस हद तक दोबारा बिचार करइ सकत हटी। एहसे, इहय कय कल कै बरे रखत हटी।
मामला कै जिक्र करइ वाल वकील बेंच से कहिन कि “बोलै कै आजादी कय काफी हद तक दबावा गवा अहै अउर एकर बहुत बड़ा असर भवा अहै।” वकील आगे कहिन आज जंतर-मंतर भी बन्द अहै। प्रशासन कानून के मुताबिक विरोध-प्रदर्शन करै कै बरे कोउ अउर जगह तय नाहीं कीन्ह। आज शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनन कय दबावा जाइ रहा अहै। ई निश्चित रूप से एक काला दिन होई। हम 1975 मां भी अइसहे देखे रद्दी।
10 अउर 11 अक्टूबर कै सैकड़ों लोग सड़कन पय उतरिन। ई विरोध प्रदर्शन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कीन्ह, जेहमां वोटर लिस्ट कै ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (विशेष गहन समीक्षा) मां कथित गड़बड़ियन कै आरोप लगावा गवा।
कुल मिलाइ कै, हाई कोर्ट मंगर कै वीकेंड पय भवा विरोध प्रदर्शनन से जुड़िन दुइ याचिकाअन पय सुनवाई करै वाला अहै: एक याचिका जंतर-मंतर कय विरोध प्रदर्शन कै जगह कय तौर पय बन्द करै कै कथित मामला पय अहै, अउर दूसरी याचिका इहय आरोप पय अहै कि प्रदर्शनकारियन कय बाहरी लोगन परेशान कीन्ह।
