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जेल मां बंद प्रदर्शनकारी फोन पर की अपनी मंगेतर से शादी

मध्य ईरान कै शहर इस्फहान मां प्रदर्शनकारी अलीरेजा सेपाही कै फांसी दे दी गई। जनवरी मां भवा विरोध-प्रदर्शनों कै बाद गिरफ्तार कीन गवा रहा। जुलाई मां दिल का दौरा पड़ै कै कारण उनकय सबके सामने फांसी नहीं दी गई। इ बीच मां उ अपनी मंगेतर से शादी कै लिन। लेकिन 5 अक्टूबर कै सबेरै उ पल आ ही गवा जिकर 25 वर्षीय अलीरेजा कय महीनों से डर रहा। उनकय मध्य ईरान कै शहर इस्फहान मां फांसी दे दी गई। फांसी दीए जाने से ठीक पहिले उनकै वकील फोन पर एक समारोह कै जरिए उनकै पार्टनर 22 वर्षीय महशाद काशानी से उनकै शादी करवाएस रहा। महशाद कय भी विरोध प्रदर्शनों कै कारण जेल मां डार दी गई रहा।

अब तक 34 लोगन कय दी जा चुकी अहै फांसी

अधिकारियों कै अनुसार, उनकय इस्फहान कै अलीखानी स्क्वायर पर भवा विरोध प्रदर्शनों कै मामले मां इस्फहान कै सेंट्रल जेल मां एक अउर आदमी 21 वर्षीय अलीरेजा रायसी कै साथ फांसी दी गई। इ प्रदर्शनन मां चार पुलिस अधिकारी मारेइ गए रहें। मिजान एजेंसी कै अनुसार, उनकय एक हथियारबंद गुट कै सदस्य होय अउर राष्ट्रीय सुरक्षा कय खतरा मां डारै कै दोषी ठहराइ गवा रहा। नॉर्वे स्थित एनजीओ ईरान ह्यूमन Rights (IHR) कै अनुसार, ईरान इ विरोध प्रदर्शनन कै सिलसिला मां अब तक 34 लोगन कय फांसी दीहिन अहै। इ प्रदर्शन 8-9 जनवरी कय अपने चरम पर रहें। मानवाधिकार समूह कहत अहैं कि इ प्रदर्शनन कय कड़ी कार्रवाई करके दबा दी गवा, जिकर मां हजारन लोग लोग मारेइ गए अउर साथै इंटरनेट भी बंद कर दी गवा रहा।

हर दिन मौत कै डर

अलीरेजा सेपाही कय कथित घटना कै कुछ ही दिनन बाद 10 जनवरी कय उनकै महतारी कै साथ गिरफ्तार कीन गवा रहा। उनकै महतारी अभी भी जेल मां अहैं अउर पांच साल कै सजा काट रहल अहैं। अमेरिका कै मानवाधिकार संगठन अब्दोररहमान बोरौमंद सेंटर कै अनुसार, उनकै खिलाफ चलाइ गवा मामला मां प्रक्रिया से जुड़ल गंभीर कमी रहें। इमा बचाव पक्ष कै सबूतन कय नजरअंदाज करब भी शामिल रहा, जैसे कि उ फुटेज जिकर मां लागत रहा कि घटना कै समै उू इलाका मां मौजूद नाहीं रहें। इ मामला मां सेपाही समेत कुल 12 लोगन कय मौत कै सजा सुनाई गई रहा।

आईएचआर कै अनुसार, 19 जुलाई कय जेल मां दुइ लोगन कय फांसी दी गई रहा, जबकि 28 जुलाई कय अलीखानी स्क्वायर मां सबके सामने सिपाही कय उनकै चचेरे भाई अबोलफजल समेत दुइ लोगन कै साथ फांसी दी जानी रहा। ईरान मां मानवाधिकारन पर यूएन कै स्पेशल रिपोर्टर माई सातो कहिन, लेकिन फांसी दीए जाने से कुछ समय पहिले ही उनकय दिल का दौरा पड़ा अउर अस्पताल पहुंचाई गए। बाकी दुइ लोगन कय सबके सामने फांसी दे दी गई। उ आगे कहिन, कुछ दिनन बाद उनकय अस्पताल से छुट्टी मिल गई अउर उ जेल लौटि आए, जहियां उ हर दिन फांसी कै डर मां जी रह रहें, जब तक कि उ घड़ी आ नाहीं गवा।

गैर मौजूदगी मां शादी

इस्फहान कै रिवोल्यूशनरी कोर्ट उनकै अपील कै अर्जी खारिज कर दिहिस अउर रिश्तेदारन कय आखिरी मुलाकात खर्तिन बोलाई गए लेकिन सेपाही कै मन मां एक आखिरी योजना रहा। उनकै वकील काशानी कै साथ एक ऑडियो कॉल कै इंतजाम करिन। काशानी इस्फहान कै ही एक दूसर जेल मां बंद रहीं। इ कॉल कै मकसद मरै से पहिले शादी कै धार्मिक रस्मी पूरा करब रहा, जिकर खर्तिन दुनौ जनै कै पिता मंजूरी दे दिहिन रहें।

जेल अधिकारी जोड़ा कय आखिरी बार आमने-सामने मिलै कै इजाजत दै से मना कर दिहिन। अब्दोर्रहमान बोरूमंद सेंटर कै को-फाउंडर रोया बोरूमंद कहिन, वकीलन कय शायद उम्मीद रहा कि शादी से सजा-ए-मौत मां देरी होई सकत अहै लेकिन अधिकारी कहत रहें कि मंगेतर कै कैदी से कोई रिश्ता नाहीं अहै अउर उ आमने-सामने शादी कै रस्म नाहीं होइ दीहिन। उ आगे कहिन, उनकै शादी भवा, लेकिन उ आमने-सामने नाहीं रहें। कानूनी तौर पर शादी भवा, लेकिन इ जेल कै अंदर दुनौ लोगन कै मौजूदगी मां नाहीं भवा। सातो कहिन कि उनकय फांसी दीए जाने कै बाद भी उनकै परिवार खर्तिन दुख कै सिलसिला चलत रहा, काहेकि उनकै लाश दफनाइ खर्तिन इस्फहान नाहीं भेजी गई, बल्कि हुंवा से लगभग 200 किलोमीटर दूर काशान भेज दी गई।

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