
पितृ पक्ष का हिंदू धरम मां पितरहन का समर्पित समय माना जात अहै। इ दौरान तर्पण अउर श्राद्ध करि कै पुरर्जन का प्रसन्न कीन जात अहै। इ पूरी अवधि मां लोग अपने पुरर्जन के आत्मा की शांति अउर तृप्ति बरे विधि-विधान से श्राद्ध अउर पिंडदान करत हैं। अइसन मान्यता अहै कि जो लोग इ 16 दिनन मां पुरर्जन बरे श्राद्ध करम करत हैं उनके जीवन के सबहि कष्ट दूर होत हैं। कई बार मन मां एक सवाल आवत अहै कि अगर किसी मनई की म्रित्यु पितृ पक्ष के दौरान होइ जाव, त का ओका मोक्ष की प्राप्ति होत अहै? म्रित्यु के कई रहस्य के बारे मां गरुड़ पुराण मां कई बात लिखिन अहैं जिके बारे मां जान लीना जरूरी होत अहै। आवा अइसने एक रहस्य का जानी इहाँ।
का पितृ पक्ष मां म्रित्यु से खुलत हैं मोक्ष के द्वार?
गरुड़ पुराण मां मोक्ष पावे बरे सबसे ज्यादा जरूरी अच्छा करम का बतावा गावा अहै। केवल किसी विशेष तिथि या पक्ष मां म्रित्यु होय से मोक्ष नाहीं मिलत अहै। मोक्ष पावे बरे करम, जीवन मां कीन गए धार्मिक कारज अउर भक्ति भी जरूरी होत अहै। पितृ पक्ष का समय विशेष रूप से पितरहन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करे के होत अहै अउर उनके निमित्त करम करे के अवसर माना जात अहै। अइसन कहब पूरी तरह से सही नाहीं कि इ अवधि मां म्रित्यु होय से ही मोक्ष मिलत अहै।
पितृ पक्ष मां म्रित्यु होय पर श्राद्ध के नियम
यदि किसी मनई की म्रित्यु पितृ पक्ष के दौरान होत अहै, त ओकर अंतिम संस्कार के वही नियम लागू होत हैं, जो अन्य समय मां होत हैं। इ दौरान अन्य पुरर्जन के श्राद्ध की मनाही होत अहै अउर तीन साल तक घर मां कोनो भी श्राद्ध करम नाहीं होत हैं। म्रित्यु के बाद मृतक बरे सबहि संस्कार कीन जात हैं जिवमां तेरहवीं संस्कार का प्रमुख माना जात अहै।
यदि म्रित्यु पितृ पक्ष के दौरान भवा अहै, त उस मनई का श्राद्ध सामान्यतः ओकर म्रित्यु की तिथि के अनुसार ही तीन साल बाद अन्य पुरर्जन के साथ मिलान के बाद कीन जात अहै। श्राद्ध मां तर्पण, पिंडदान अउर ब्राह्मण भोज जैसे करम कीन जात हैं अउर अन्य नियमन का पालन भी श्रद्धा से कीन जात अहै।
पितृ पक्ष मां म्रित्यु होय के मतलब इ नाहीं अहै कि मृत मनई का श्राद्ध नाहीं कीन जाइब, लेकिन मृतक का श्राद्ध उस समय से आरंभ होत अहै जब उनका अन्य पुरर्जन के साथ मेल होइ जात अहै। धार्मिक परंपरा मां गरुड़ पुराण का म्रित्यु अउर ओकर बाद की अवस्था का समझे वाला महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जात अहै। ओमां बतावा गावा अहै कि पितृ पक्ष मां किसी मनई की म्रित्यु से मोक्ष का कोनो संबंध नाहीं अहै।



