
भुवनेश्वर, नौ अक्टूबर – समाज सुधारक अउर कवि ‘उत्कलमणि’ गोपबंधु दास कै 149वीं जयंती पर सुक्खुर कै दिन पूरा ओडिशा मां उनके भावभीनी श्रद्धांजलि दी गवा, अउर इ अवसर पर राज्यभर मां भवा स्मृति कार्यक्रमन मां अलग-अलग राजनीतिक दल कै नेता बढ़-चढ़कर हिस्सा लेहिन।
ओडिशा कै राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति गोपबंधु दास कै नमन करत कहिन कि स्वतंत्रता संग्राम मां उनका योगदान, निस्वार्थ जनसेवा अउर उड़िया भाषा अउर साहित्यक समृद्ध करेक ‘‘उनकर प्रयास उनके लोगन कै स्मृतियन मां हमेशा अमर रखी।’’
विधानसभा परिसर मां भवा मुख्य समारोह मां विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उपमुख्यमंत्री के.वी. सिंह देव अउर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कै प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल समेत कईयन प्रमुख नेता पंडित गोपबंधु दास कै प्रतिमा पर फूल चढ़ाइन।
मुख्यमंत्री माझी सोशल मीडिया पर पोस्ट करत लिखिन, “स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक अउर निस्वार्थ सेवा कै प्रतीक उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास कै जयंती पर उनके विनम्र श्रद्धांजलि। स्वतंत्र ओडिशा प्रांत कै गठन कै आंदोलन मां उनका योगदान अउर जनकल्याण खातिर उनका आजीवन समर्पण आवै वारे पीढ़ियन कै प्रेरित करत रही।”
उहैं, नेता प्रतिपक्ष अउर बीजू जनता दल (बीजद) कै अध्यक्ष नवीन पटनायक कहिन, “सेवा अउर त्याग कै प्रतीक उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास कै जयंती पर हम उनके सादर नमन करत हन। देश कै स्वतंत्रता संग्राम कै गति दैवक साथ-साथ सामाजिक सुधार, पत्रकारिता अउर उड़िया साहित्यक क्षेत्र मां उनका अतुलनीय योगदान अमूल्य बा। उनके स्थापित आदर्श हमार खातिर हमेशा प्रेरणाक स्रोत बनीरहीं।”
कांग्रेस कै प्रदेश अध्यक्ष भक्त चरण दासउ भुवनेश्वर स्थित गोपबंधु चौक पहुँचिक समाज सुधारक कै प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करिन। उ कहिन, “जनसेवा, समाज सुधार अउर आम जनता कै कल्याण खातिर समर्पित उनका जीवन भावी पीढ़ियन कै मार्गदर्शन करत रही। शिक्षा, पत्रकारिता अउर सामाजिक उत्थान कै क्षेत्र मां उनका अमूल्य योगदान हमेशा याद रखा जाई।”
पंडित गोपबंधु दास कै जन्म नौ अक्टूबर 1877 का पुरी जिला मां भवा रहा। प्रसिद्ध बंगाली रसायनशास्त्री अउर शिक्षाविद् प्रफुल्ल चंद्र राय ओडिशा कै लोगन कै निस्वार्थ सेवा खातिर दास का ‘उत्कलमणि’ (ओडिशा कै रत्न) कै उपाधि दीहिन रहा। उ 1920 मां ओडिशा मां कांग्रेस कै पहिला प्रदेश अध्यक्ष बनिन अउर 1928 तक इ पद पर रहिन। लम्बी बीमारी के बाद 17 जुलाई 1928 का उनका निधन होइ गवा।
