चंडीगढ़, छह अक्टूबर। पंजाब विधानसभा चुनाव मां कुछ ही महीना शेष बा अउर इही बीच नशा कै समस्या एक बेर फेर राजनीतिक विमर्श कै केंद्र मां आ गई अहै। विपक्षी दलिन नशे कै समस्या का खतम करै मां कथित तौर पर असफल रहै कय लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर हमला बोलिन अहै। मुख्यमंत्री भगवंत मान कै नेतृत्व वाली सरकार हालांकि, अपने नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ का रेखांकित करत भवा दावा किहिन कि इकै तहत नशा तस्करी मां शामिल करिब 80,000 लोगन का गिरफ्तार कीन गवा अउर भारी मात्रा मां मादक पदार्थ बरामद कीन गय। साथ ही, ऊ विपक्षी दलिन पर ‘संकीर्ण राजनीतिक लाभ’ कै खातिर पंजाब का ‘बदनाम’ करै कै कोसिस करै कै आरोप लगइन।
अइसन पहिली बेर नाहीं अहै जब विधानसभा चुनाव से पहिले नशा कै मुद्दा सामने आवा होय। पिछला एक दशक से अधिक समय से विपक्षी दल लगातार नशे कै समस्या का सरकार का घेरै कै प्रमुख मुद्दामां शामिल करत चले आ रहें हैं। हालांकि, राज्य कै पूर्ववर्ती सरकारन लोगन का नशे कै समस्या से मुक्तिििि दिलावै कै वादा करत रहीं हैं। वर्ष 2027 कै विधानसभा चुनाव से पहिले विपक्षी दलिन सोशल मीडिया पर प्रसारित नशे कै आदी लोगन कै वीडियो अउर कथित तौर पर नशे कै अधिक मात्रा लेबैसे भई मौतन कै तस्वीरन का हवाला देत भवा इमुद्दा का एक बेर फेर प्रमुखता से उठाय कै कोसिस कीन अहै, जइसे संकट कै गंभीरता का रेखांकित कीन जाइ सकै। विपक्षी दल भगवंत मान सरकार का नशे कै समस्या का लेकर घेर रहें हैं अउर आरोप लगा रहें हैं कि सरकार इका रोकै मां ‘पूरी तरह असफल’ रही अहै।
पंजाब मां विधानसभा चुनाव अगला साल कै सुरुवाती मां प्रस्तावित अहै। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नशा कै समस्या का अपने चुनाव अभियान कै प्रमुख मुद्दा बनाइन अहै। पार्टी अपने 13 दिवसीय ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ निकलिस, जोन 117 विधानसभा क्षेत्रन से होकर करिब 4,000 किलोमीटर चली। भाजपा कै शीर्ष नेतृत्व राज्य कै सबंध 117 विधानसभा सीट पर अकेले चुनाव लड़ै कै तैयारी मां अहै। यात्रा कै दौरान पार्टी नेता नशा से प्रभावित परिवारन से बातचीत कीन। इन्हिन मां से कई परिवार अपने बिटवन अउर पतियों कै ‘चिट्टा’ कै गिरफ्त मां आवै कै बात कहिन। ‘चिट्टा’ शब्द कै इस्तेमाल आम तौर पर सिंथेटिक नशीला पदार्थ कै खातिर कीन जात अहै। कई परिवार दावा कीन कि उनके इलाका मां ‘चिट्टा’ खुलाआम उपलब्ध अहै अउर इकै बिक्री रोकै कै खातिर तत्काल कदम उठवै कै मांग कीन।
इ अभियान कै राजनीतिक महत्व कै अंदाजा इही बात से लगावा जाइ सकत अहै कि भाजपा कै राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 18 सितंबर का पठानकोट मां इकै शुरुआत कीन, जबकि 30 सितंबर का जालंधर मां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कै रैली कै साथ इकै समापन भवा। शाह दावा कीन कि आप सरकार कै ‘खराब शासन’ कै कारण पंजाब नशा कै गंभीर समस्या से जूझ रहा अहै। ऊ कहिन कि अगर भाजपा 2027 कै विधानसभा चुनाव मां सत्ता मां आवै तौ उनके पार्टी 31 दिसंबर, 2029 तक पंजाब का ‘चिट्टा’ मुक्त करइ देइ। ऊ कहिन रहे कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव केवल ‘नशा मुक्त पंजाब’ कै मुद्दा पर लड़ई।
भाजपा कै नशा विरोधी यात्रा पर प्रतिक्रिया देत भवा मुख्यमंत्री भगवंत मान नशा कै समस्या का लेकर पंजाब का ‘बदनाम’ करै कै आरोप लगइन अउर भाजपा से गुजरात तथा अन्य भाजपा शासित राज्यन मां नशीला पदार्थ कै आपूर्ति पर रोक लगवै का कहिन। अकाली दल, कांग्रेस अउर अन्य विपक्षी दलिन पर निशाना साधत भवा मान कहिन कि अतीत मां आपराधिक तत्वन का ‘संरक्षण’ देवै वालन का सरकार कै कार्यवाही पर सवाल उठवै कैव कोई नैतिक अधिकार नाहीं अहै। मान साथ ही नशीला पदार्थ कै आपूर्ति पर रोक लगवै अउर कानून-व्यवस्था बनाय रखवै कै खातिर पुलिस कै सराहना कीन। ऊ नशा का जड़ से खतम करै कै खातिर पुलिस मां 10,000 नया भर्ती कै घोषणा भी कीन अउर कहिन कि राज्य ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ कै अंतिम अउर निर्णायक लड़ाई लड़ रहा अहै।
पुलिस कै अनुसार, इ अभियान कै तहत 60,000 से अधिक प्राथमिकी दर्ज कीन गय अउर करिब 80,000 नशा तस्करन का गिरफ्तार कीन गवा। पुलिस तीन हजार 800 किलोग्राम से अधिक हेरोइन कै अलावा अफीम, चूरा पोस्त अउर गांजा भी बरामद कीन।
कांग्रेस नशा कै समस्या का लेकर केंद्र अउर आप सरकार दुनू से सवाल कीन अहै। कांग्रेस पार्टी कै कहना अहै कि नशा कै समस्या का केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नाहीं कीन जाइ चाही। गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा कहिन कि पंजाब मां नशा कै समस्या एक गंभीर मुद्दा अहै। रंधावा कहिन कि इका राजनीतिक रंग देवै कै बजाय केंद्र अउर पंजाब सरकार का मिलकै काम करै चाही तथा इकरा निपटै कै खातिर ठोस कदम उठवै चाही।
शिरोमणि अकाली दल कै नेता अउर बठिंडा कै सांसद हरसिमरत कौर बादल ‘मावां-धीयां इंसाफ यात्रा’ सुरु कीन। ऊ कहिन कि पंजाब कै माता अउर बिटियन अब नशा कै खिलाफ लड़ै अउर अपने बच्चा का इ अभिशाप से बचवै मां असफल आम आदमी पार्टी (आप) का सत्ता से हटवै कै खातिर एकजुट होइ गए अहैं। खडूर साहिब कै सांसद अमृतपाल सिंह कै नेतृत्व वाला अकाली दल वारिस पंजाब दे भी दावा कीन कि केवल वही पंजाब से नशा कै समस्या का खतम करइ सकत अहै। पार्टी कहिन कि राज्य कै कोई भी सरकार अब तक नशा का खतम नाहीं कर पाइ अहै।
