लखनऊ, छह अक्टूबर: उत्तर प्रदेश मां राज्यसभा चुनाव कै खातिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कै आठ उम्मीदवारन मंगलवार का अपना नामांकन दाखिल करिन। इ बीच, विपक्षी समाजवादी पार्टी 16 अक्टूबर का होनिहार द्विवार्षिक चुनाव मां तीसरा उम्मीदवार ना उतारे कै संकेत दीहिन हैं।
भाजपा कै आठों उम्मीदवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अउर पार्टी कै अन्य वरिष्ठ नेताहन कै मौजूदगी मां निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा कै समच्छ नामांकन पत्र दाखिल करिन। इन उम्मीदवारन मां अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से उत्तर प्रदेश कै मंत्री धर्मपाल सिंह (लोध), ओबीसी प्रकोष्ठ कै राज्य प्रमुख प्रकाश पाल (पाल) अउर श्रुति गंगवार (कुर्मी), अनुसूचित जाति से विद्यासागर सोनकर अउर प्रियंका रावत, ब्राह्मण समुदाय से राधाकांत ओझा अउर गोपी कृष्ण पांडे तथा क्षत्रिय समुदाय से राम प्रताप सिंह चौहान शामिल अहैं।
निर्वाचन अधिकारी वर्मा ‘पीटीआई-भाषा’ से कहिन, ‘‘सब उम्मीदवारन नामांकन पत्र कै दो-दो सेट दाखिल करिन हैं। हर एक सेट कै साथ प्रस्तावक कै तौर पर 10 विधायकन कै हस्ताक्षर अहैं।’’
समाजवादी पार्टी कै वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव अउर रिलायंस इंडस्ट्रीज कै अधिकारी धनराज परिमल नाथवानी पहिले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं। हालाँकि, अइसन अटकलें रहीं कि समाजवादी पार्टी मुकाबला करावे कै खातिर तीसरा उम्मीदवार उतार सकत है, लेकिन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कै जरिए इ पर स्थिति साफ कर दीहिन।
यादव ‘एक्स’ पर पोस्ट मां कहिन, ‘‘अब हमार ध्यान तीन पर नाहीं, बल्कि 403 पर अहै।’’ यादव मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार कै खिलाफ विपक्ष कै विरोध प्रदर्शन मां शामिल होवे कै खातिर नई दिल्ली मां अहैं।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कहिन, ‘‘बात साफ अहै। सपा 2027 कै उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव मां हार मान लीहिन अहै।’’
मंगलवार का राज्यसभा कै 10 सीट कै खातिर नामांकन दाखिल करे कै आखिरी दिन अहै। अगर अंतिम समय मां कोई बदलाव ना भवा तौ सब 10 उम्मीदवारन कै निर्विरोध चुने जावे कै संभावना अहै।
भाजपा कै सब उम्मीदवार पहिले विधानसभा कै सामने स्थित पार्टी कार्यालय पहुँचिन। हुहाँ ऊ उत्तर प्रदेश कै प्रभारी विनोद तावड़े समेत पार्टी कै वरिष्ठ नेताहन से मिलिन। इकै बाद ढोल-नगाड़े अउर उत्साहपूर्ण माहौल कै बीच ऊ नामांकन दाखिल करे कै खातिर रवाना भवा।
भाजपा कै आठ उम्मीदवारन मां दुइ महिलाहन का प्रतिनिधित्व दीहिन गवा है। इकै जरिए भाजपा जातिगत अउर क्षेत्रीय संतुलन साधे कै एक सुनियोजित प्रयास करिन है। इकै संकेत मिलत है कि 2027 मां उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावन से पहिले इ नाम बहुत मंथन कै बाद तय कीहिन गए हैं।
नामांकन दाखिल करे कै बाद प्रकाश पाल कहिन, ‘‘भाजपा कै उम्मीदवारन कै चयन बतावत है कि खाली भाजपा ही वास्तव मां ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कै सम्मान करत है। सपा कै ‘पीडीए’ कै विमर्श पूरी तरह फर्जी अहै अउर 2027 कै विधानसभा चुनाव इ बात का साबित कर दिहइ।’’
