
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) कै प्रवक्ता आनंद दुबे पार्टी की मौजूदा राजनीतिक दिशा से मतभेद बतावत इस्तीफा दइ दीहिन अहै आउर पार्टी के हिंदुत्व की मूल विचारधारा से ‘‘दूर जाए’’ कय लेके चिंता भी जटाइन अहै।
दुबे कय शिवसेना (उबाठा) के विधायक आदित्य ठाकरे का करीबी सहयोगी आउर पार्टी के प्रमुख उत्तर भारतीय चेहरों में से एक मानि जात रहा। ऊ राष्ट्रीय आउर महाराष्ट्र से जुड़े कई मुद्दों पर संगठन के रुख की आलोचना भी कीहिन। दुबे कहिन कि ऊ उन वैचारिक सिद्धांतों से समझौता करै के इच्छुक नाहीं अहैं, जौन उनके राजनीतिक सफर का दिशा दीहिन रहा।
सोमवार का इस्तीफा देय के बाद पत्रकारों से बात करत भवा दुबे कहिन कि बाल ठाकरे की शिवसेना का निर्माण हिंदुत्व के आधार पर भवा रहा जौन पार्टी का एक अलग राजनीतिक पहचान दीहिन रहा।
ऊ कहिन, ‘‘शिवसेना की ऐतिहासिक पहचान हिंदुत्व, मराठी अस्मिता आउर बालासाहेब ठाकरे की वैचारिक विरासत से जुड़ा रहा अहै। पार्टी की मौजूदा राजनीतिक स्थिति आउर मेरी अपनी वैचारिक प्रतिबद्धताओं के बीच बढ़त मतभेदों के कारण हमारे लिए पार्टी के आधिकारिक रुख का व्यक्त करब कठिन होइ गवा अहै।’’
दुबे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) की कांग्रेस आउर उनके नेता राहुल गांधी के साथ बढ़त राजनीतिक नजदीकी पर भी सवाल उठाइन। ऊ कहिन कि राजनीतिक गठबंधन कवनो पार्टी की बुनियादी विचारधारा आउर स्वतंत्र पहचान की कीमत पर नाहीं होइच चाही।
कुछ उद्योगपतियों के सत्तारूढ़ व्यवस्था के करीब होए के आरोपों का लेके भी ऊ शिवसेना (उबाठा) की आलोचना कीहिन। दुबे कहिन कि मुकेश अंबानी आउर गौतम अडाणी से जुड़े कारोबार समेत भारतीय कंपनियों के निवेश, आर्थिक योगदान आउर रोजगार सृजन संबंधी गतिविधियों कय आकलन तथ्यों आउर एकसमान मानकों के आधार पर करै चाही।
ऊ कहिन कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आउर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना तथ्यों तथा नीतिगत मतभेदों पर आधारित होय चाही।
