तेलंगाना विधानसभा गेट पर महिला BRS विधायकन कै साथ बदसलूकी, हाई कोर्ट DGP का पुलिस पहचान करै कय आदेश दीहिन अहै।
BRS पार्टी कै लीगल टीम के मुताबिक, तेलंगाना हाई कोर्ट मंगलवार का DGP CV आनंद का अइसे पुलिस अधिकारियन कै पहचान करै कय निर्देश दीहिन, जेन विधानसभा सत्र के पहिले दिन विधानसभा गेट पर विरोध प्रदर्शन कै बेरा महिला BRS विधायकन के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करिन रहा। BRS विधायकन हाई कोर्ट मां शिकायत कीन्हिन कि विधानसभा गेट पर विरोध प्रदर्शन कै बेरा पुलिस अधिकारियन उनके साथ बदसलूकी कीन्हिन।
BRS पार्टी कै लीगल टीम बातइत भवा कि याचिका पर सुनवाई करत भवा हाई कोर्ट तेलंगाना के DGP का इ घटना मां शामिल कथित पुलिस अधिकारियन कै पहचान करै कय निर्देश दीहिन। BRS कै लीगल टीम के अनुसार, इ याचिका विरोध प्रदर्शन कै बेरा महिला BRS विधायकन के साथ कथित दुर्व्यवहार का लइके पुलिस के खिलाफ दाखिल की गवा रहा। इ मामला विधानसभा सत्र के पहिले दिन तेलंगाना विधानसभा गेट पर BRS विधायकन द्वारा कीन गवा विरोध प्रदर्शन से जुड़ा अहै।
इहै से पहिले, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी विधानसभा सत्र मां कथित तौर पर बाधा डालै खर्तिन BRS कै आलोचना कीन्हिन रहा। ऊ आरोप लगइन कि विपक्ष सत्र का रोकै कै साजिश रचित रहा, काहेकि उनके डर रहा कि जमीन से जुड़ल मुद्दन पर बहस कै बेरा उनके गलत काम सामने आइजइहीं।
विधानसभा मां ’22 A प्रतिबंधित सूची’ पर बहस कै बेरा, मुख्यमंत्री BRS पर सदन मां हंगामा करै कै आरोप लगइन। उनके डर रहा कि सरकारी जमीनन की लूट, फीस की वापसी, सूखा की स्थिति अउर कुछ लोगन द्वारा कीन गवा तंत्र-मंतर जैसे मुद्दा बहस खर्तिन उठ सकत अहैं।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी BRS सदस्यन कै कड़ी आलोचना कीन्हिन काहेकि ऊ स्पीकर कै समर्थन नइकीन्हिन, जबकि स्पीकर विपक्ष के सदस्यन द्वारा चेयर (अध्यक्ष) के खिलाफ अपशब्द कहै के बादो उनके सदन मां शामिल होवै कै अनुमति दीहिन रहा। BRS विधायकन पुलिस के साथ बदसलूकी कीन्हिन, अर्धनग्न होइके विरोध प्रदर्शन कीन्हिन अउर इहाँ तक कि स्पीकर कै अपमानौ कीन्हिन।
स्पीकर उनके सत्र मां शामिल होवै कै अनुमति इ उम्मीद के साथ दीहिन रहा कि BRS विधायक स्पीकर से माफी मांगिहीं अउर लोगन से जुड़ल मुद्दन पर बहस मां हिस्सा लीहीं। एकर बजाय, BRS विधायकन सदन मां हंगामा कीन्हिन अउर स्पीकर का उनके निलंबित करै परा।
स्पीकर कै सम्मान करै सदस्यन खर्तिन एक परंपरा अहै। स्पीकर इहै सदन मां हर सदस्य के अधिकारन कै रक्षा करैथैं।
