
पंचांग के हिसाब से, जेठ महीना के करिया पाख (कृष्ण पक्ष) में आवे वाली एकादशी पर अपरा एकादशी के बरत कीन्ह जात है, जवन कि इ साल 13 मई के पड़त है। इ दिन भगवान विष्णु के मंत्र के जप करे से ढेर सुख, समृद्धि मिलत है और पाप से छुटकारा मिलत है। खास फायदा खातिर आप इ दिन आपन राशि के हिसाब से मंत्र जप सकत हईं।
एकादशी पर राशि के अनुसार मंत्र:
मेष: अपरा एकादशी के पूजा में रउवा ‘ॐ श्री केशवाय नमः’ या ‘ॐ गोविंदाय नमः’ मंत्र के जप करे के चाही।
वृषभ: भगवान विष्णु के पूजा में ‘ॐ श्री हृषीकेशाय नमः’ मंत्र के जप करीं।
मिथुन: मिथुन राशि वाला लोगन के एकादशी के दिन ‘ॐ श्री कृष्णाय नमः’ या ‘ॐ राधिकेशाय स्वाहा’ मंत्र के जप करे के चाही।
कर्क: आप अपरा एकादशी के दिन ‘ॐ श्री अच्युताय नमः’ मंत्र के जप कर सकत हईं।
सिंह: सिंह राशि के लोग एकादशी पर ‘ॐ श्री जनार्दनाय नमः’ मंत्र के जप करीं।
कन्या: आप अपरा एकादशी के शुभ मौका पर ‘ॐ श्री चतुर्भुजाय नमः’ मंत्र के जप कर सकत हईं।
तुला: तुला राशि वाला लोगन के एकादशी पर ‘ॐ श्री माधवाय नमः’ मंत्र के जप करे के चाही।
वृश्चिक: वृश्चिक राशि वाला लोग एकादशी पर ‘ॐ श्री गोविन्दाय नमः’ मंत्र के जप कर सकत हईं।
धनु: रउवा इ दिन ‘ॐ श्री नारायणाय नमः’ मंत्र के जप करे के चाही।
मकर: मकर राशि वाला एकादशी पर ‘ॐ श्री वामनाय नमः’ मंत्र के जप करीं।
कुंभ: आप एकादशी पर भगवान विष्णु के पूजा में ‘ॐ श्री उपेन्द्राय अच्युताय नमः’ मंत्र के जप करके लाभ पा सकत हईं।
मीन: रउवा इ शुभ दिन पर ‘ॐ श्री पद्मनाभाय नमः’ मंत्र के जप करे से खास लाभ मिल सकत है।
कृपा पावे खातिर करीं ये काम:
बरत के दिन भिनसरे उठ के बरत के संकल्प लीं। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के बिधि-बिधान से पूजा करीं। प्रभु श्रीहरि के पंचामृत से अभिषेक करीं और पियर फूल चढ़ाईं। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी के पत्ता चढ़ावे के ना भूलीं। संझवा के बेरा तुलसी के लगे घी के दिया जरूर जराव। इ दिन आपन गूँज (क्षमता) के हिसाब से दान-पुन्य करीं। राति में भजन-कीर्तन करीं और विष्णु सहस्त्रनाम के पाठ करीं।




