कांग्रेस विधायक बीके हरिप्रसाद सोमवार कय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कय ‘महिषासुर’ कहि कय संबोधित करेन अउर भाजपा पय इ आरोप लगाइन कि ऊ क्षेत्रीय दलन् कय कमजोर करत हय अउर आपन ही संगठन कय नेतान् कय किनारे करत हय। एएनआई से बात करत भये हरिप्रसाद कहेन कि, “यही महिषासुर कय देखि लीं, इ अकाली दल कय खत्म कय दिहिस, शिवसेना कय खत्म कय दिहिस, जनता दल कय खत्म कय दिहिस, एआईएडीएमके कय खत्म कय दिहिस, अउर एनसीपी कय भी खत्म कय दिहिस। इ का बात करत हय? अगर इनका लागत हय कि कांग्रेस कउनो के साथ धोखा करे हय, तौ इ शुरुआत सबसे पहिले खुद से कयहीं। जे मनई आडवाणी कय सफाया कय दिहिस, ओही सब विरोधी कय सफाया कय दिहिस, अउर संजय जोशी इकर सबसे बड़का उदाहरण अहय। ऊ पकड़े गएन अउर उंकर पूरा राजनीतिक करियर बर्बाद कय दिहिस।”
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कांग्रेस पय अन्य दलन् कय नष्ट करे कय आरोपन् कय बचाव करत भये ऊ आगू कहेन कि, “कांग्रेस कय उदारता, लोकतंत्र में कांग्रेस कय विश्वास अउर संविधान में कांग्रेस कय निष्ठा ही वह कारण अहय कि सब क्षेत्रीय दल फलीं-फूलिन। हम कबहूँ कउनो कय नष्ट नइहीं करेन। कांग्रेस कबहूँ अइसन नइहीं करेन। कांग्रेस पारदर्शिता अउर सच्चा लोकतंत्र में विश्वास रखत हय।”
तेल संकट अउर आर्थिक नियंत्रण कय उपायन् कय लेके प्रधानमंत्री कय हालिया टिप्पणियन कय आलोचना करत भये हरिप्रसाद आरोप लगाइन कि पश्चिम एशिया कय हालत कय बारे में विपक्ष कय नेता राहुल गांधी कय चेतावनी कय बावजूद सरकार सही समय पय कदम नइहीं उठा पाई। हरिप्रसाद आगू कहेन, “पूरा दुनिया जानत रही कि पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से ही संकट मँडरात रहा, जबकि मोर नेता अउर विपक्ष कय नेता राहुल गांधी जी तबहीं सरकार कय इ संकट कय बारे में चेताय रहेन। भाजपा उंकर बात कय गंभीरता से नइहीं लिहिस। अब, लगभग सब जानत रहेन कि चुनाव चार महीना से चलत हय। इ मोगैम्बो दुनिया में चलत संकट पय कबहूँ कछू नइहीं बोलिस। पूरा चुनाव भर, ऊ बस जिम्मेदारी लेय कय बात करेन अउर कहेन कि ऊ पूरा देश कय जिम्मेदारी नइहीं ले सकत, लेकिन ऊ जनता से अपील करेन कि सोना न खरीदैं, पेट्रोलियम सामान कय कम इस्तेमाल करैं अउर विदेश यात्रा न करैं।”
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ऊ प्रधानमंत्री मोदी पय चुनाव खर्तिन पूरा देश घूमे, शासन कय दरकिनार करे अउर आरएसएस कय सौंपे कय आरोप लगाइन। ऊ कहेन, “इन चार महीना में ऊ का करत रहेन? पूरा देश घूमत रहेन, झालमुरी देखत रहेन, सिक्किम में फुटबॉल देखत रहेन, हुगली नदी पय जात रहेन, मंदिरन में दर्शन करत रहेन, तौ शासन कहाँ रहा? ऊ पूरा शासन अउर सरकार आरएसएस कय सौंप दिहे अहय, अउर आरएसएस संविधान अउर लोकतंत्र से चुनी गई सरकारन के साथ-साथ चुनाव आयोग अउर अदालत जइसन संवैधानिक संस्था न कय भी खत्म करे पय तुला अहय। आरएसएस हर जगह हावी अहय। इनके आरएसएस कय सलाह देवय चाही, अउर सलाह देवय से पहिले इनके खुद इकर पालन करेक चाही।”