राष्ट्रीय

दिल्ली में कुकुर के काटै के बढ़त आतंक से निपटै की तैयारी, एमसीडी (MCD) 1.2 लाख एंटी-रेबीज वैक्सीन खरीदी

दिल्ली में कुकुर के काटै के बढ़त आतंक से निपटै की तैयारी, एमसीडी (MCD) 1.2 लाख एंटी-रेबीज वैक्सीन खरीदी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रेबीज से बचाव के इलाज का दायरा बढ़ावे के खातिर, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अगिला दू बरिस में रेबीज के टीका के 1.2 लाख शीशी खरीदे की तैयारी करत है। ई जानकारी अधिकारियन सोमबार के दिहिन। अधिकारियन के मुताबिक, निगम अगला दू साल में रेबीज के टीका के 1.2 लाख शीशी खरीदे खातिर टेंडर निकाल दिहे है। इनका मकसद ई है कि राजधानी के सरकारी अस्पताल अउर स्वास्थ्य केंद्रन में कुकुर या अउर जानवरन के काटै से पीड़ित लोगन का बिना कवनो रुकावट के इलाज मिल सके।

टेंडर के कागज के हिसाब से, एमसीडी के अस्पताल प्रशासन बिभाग ई खरीदारी करत है अउर एकर कुल खर्चा लगभग 2.52 करोड़ रुपिया आवे के अनुमान है। नगर निगम बताइस है कि ई टीका एमसीडी के चलावल जात 280 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्रन में भेजा जइहें, जवने में अस्पताल, डिस्पेंसरी, जच्चा-बच्चा केंद्र अउर मोबाइल क्लिनिक शामिल हैं। निगम ईहो बताइस कि उनके सप्लाई विभाग के देखरेख में चलत 25 से ज्यादा खास ‘एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन’ (एआरवी) केंद्रन में भी ई टीका भेजै जइहें।

सरकारी आंकड़ा के मुताबिक, द्वारका, बिजवासन अउर रोहिणी समेत अलग-अलग जगहन पर निगम कम से कम 20 पशु जन्म नियंत्रण केंद्र चलावत है। अधिकारियन के अनुमान है कि साल 2025 में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कुकुर के काटै के लगभग 60,000 से 70,000 केस दर्ज भये रहे।

विस्तृत जानकारी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रेबीज से बचाव के इलाज का दायरा बढ़ावे के खातिर, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अगिला दू बरिस में रेबीज के टीका के 1.2 लाख शीशी खरीदे की तैयारी करत है। ई जानकारी अधिकारियन सोमबार के दिहिन। अधिकारियन के मुताबिक, निगम अगला दू साल में रेबीज के टीका के 1.2 लाख शीशी खरीदे खातिर टेंडर निकाल दिहे है। इनका मकसद ई है कि राजधानी के सरकारी अस्पताल अउर स्वास्थ्य केंद्रन में कुकुर या अउर जानवरन के काटै से पीड़ित लोगन का बिना कवनो रुकावट के इलाज मिल सके।

टेंडर के कागज के हिसाब से, एमसीडी के अस्पताल प्रशासन बिभाग ई खरीदारी करत है अउर एकर कुल खर्चा लगभग 2.52 करोड़ रुपिया आवे के अनुमान है। नगर निगम बताइस है कि ई टीका एमसीडी के चलावल जात 280 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्रन में भेजा जइहें, जवने में अस्पताल, डिस्पेंसरी, जच्चा-बच्चा केंद्र अउर मोबाइल क्लिनिक शामिल हैं। निगम ईहो बताइस कि उनके सप्लाई विभाग के देखरेख में चलत 25 से ज्यादा खास ‘एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन’ (एआरवी) केंद्रन में भी ई टीका भेजै जइहें।

सरकारी आंकड़ा के मुताबिक, द्वारका, बिजवासन अउर रोहिणी समेत अलग-अलग जगहन पर निगम कम से कम 20 पशु जन्म नियंत्रण केंद्र चलावत है। अधिकारियन के अनुमान है कि साल 2025 में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कुकुर के काटै के लगभग 60,000 से 70,000 केस दर्ज भये रहे।

Related Articles

Back to top button