धर्म/अध्यात्म

पूजा माँ दीया क बुझब माना जात है अपसगुन, जानैं का रहत है एकर मतलब

सनातन धरम माँ पूजा के टेम दीया बारब बहुत जरूरी माना जात है। अइसा न करै से पूजा अधूरी मानी जात है अउर भगत का पूरा फल नाहीं मिलत है। दीया अंजोर, गियान अउर अच्छाई क प्रतीक आय। धरम-करम के हिसाब से, पूजा माँ दीया बारै से आर्थिक लाभ अउर मन का सांति मिलत है। एकरे साथै खराब साया क नास होत है।

पूजा के बीच माँ दीया कै बुझब अक्सर चिंता क बात बन जात है। सास्तरन अउर पुरानन के हिसाब से, दीया क बुझब अपसगुन माना जात है, तौ आवा जानब जाय कि एका काहे अपसगुन मानत हैं अउर एका का संकेत मिलत है।

दीया बुझै पर मिलत हैं ई संकेत

धरम की बातन के हिसाब से, पूजा के बीच माँ दीया क बुझब अपसगुन है। एसे काम माँ रुकावट आइ सकत है। एकरे अलावा ई भी माना जात है कि पूजा के टेम तोहार मन भटकत अहै। यहि नाते कहत हैं कि पूजा माँ मन लगाउब बहुतै जरूरी अहै। पूजा माँ दीया कै बुझब खराब साया या बास्तु दोस क ईसारा माना जात है।

बहुत लोग ई मानत हैं कि दीया बुझब पुरखन क नाराजगी क भी संकेत होइ सकत है। अइसा पूजा माँ कउनो चूक होइ जाइ से होत है। दीया क बुझब ई बात भी बतावत है कि पूजा कै तरीका या सामान माँ कउनो कमी रहि गयी है। यहि नाते पूजा से पहिले सब सामान बटोरि ले अउर नियम कायदे नीक से जानि ले।

दीया बुझि जाय तौ जरूर करैं ई उपाय

जउन पूजा के बीच तोहार दीया बुझि जाय, तौ बिल्कुलो परेशान न होइ। माफी मांगैं- दीया बुझै पर अपने इस्ट देवता से अनजाने माँ भइ गलती क माफी मांगि लें। एकरे बाद उ दीया का फिर से बारैं। भगवान क सुमरिन करैं। ई बीच अपने देवता क मंतर या ‘ॐ नमः शिवाय’ क सच्चे मन से जप करैं।

कपूर जरूर बारैं- दीया बुझै पर अगर तोहरे मन माँ कउनो खराब ख्याल आवत अहैं, तौ मंदिर माँ कपूर बारि दें। अइसा मानत हैं कि कपूर क महक से आसपास क खराब हवा खतम होइ जात है अउर सुभ ऊर्जा आवत है।

Related Articles

Back to top button