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भारत मां सोना के चस्का बरकरार, पहिली तिमाही मां 10% मांग बढ़िके 151 टन पहुँची

लखनऊ। देस मां ई साल जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान सोना के मांग साल भर के हिसाब से 10 फीसदी बढ़िके 151 टन होइ गय। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) बुधइत का आपन रिपोर्ट जारी कइके ई जानकारी दिहिस अहै। रिपोर्ट मां बतावा गवा है कि ई बढ़ोत्तरी के सबसे बड़ी वजह सोना के दाम मां जबरदस्त उछाल के बीच निवेश बरे मांग मां आई तगड़ी बढ़त अहै। अब सोना खरीदे के तरीका बदलत लागत अहै, जहवाँ गहना के जगह निवेश बरे खरीदारी खूब तेजी से बढ़ रही अहै।

डब्ल्यूजीसी कहिस कि तिमाही के दौरान सोना के बिस्किट (छड़), सिक्का अउर ईटीएफ (ETF) के जरिया निवेश के मांग 54 फीसदी बढ़िके 82 टन होइ गय। ई बढ़त गहना के मांग मां आई गिरावट का काफी हद तक पूरा कइ दिहिस। तिमाही के दौरान गहना के मांग पर दबाव रहा अउर ई साल दर साल के हिसाब से 19 फीसदी घटिके 66 टन रहि गय। दाम ज्यादा होय के असर खास कइके ओन्हन लोगन पर परा अहै जे दाम बढ़तै हाथ खइंच लेत हीं।

डब्ल्यूजीसी पूरा साल बरे सोना के मांग 650-750 टन के बीच रहय के अंदाजा लगाय अहै, जबकि पिछिला साल ई 712 टन रही। पिछिला कुछ महीना मां सोना के बढ़िते दाम ग्राहकन के बजट का बिगाड़ि दिहिस अहै। डब्ल्यूजीसी के ‘2026 के पहिली तिमाही मां स्वर्ण मांग रुख’ शीर्षक वाली रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 के पहिली तिमाही मां देस मां कुल सोना के मांग 137 टन रही।

पइसा (वैल्यू) के हिसाब से देखी जाय तौ, 2026 के जनवरी-मार्च तिमाही मां मांग लगभग दुगुनी होइके सालाना आधार पर 99 फीसदी बढ़ी अउर रिकॉर्ड 2,27,500 करोड़ रुपया (25 अरब डॉलर) तक पहुँचि गय। डब्ल्यूजीसी के क्षेत्रीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत) सचिन जैन पीटीआई-भाषा से कहिन, “2026 के पहिली तिमाही मां भारत क सोना बाजार मात्रा के रुझान अउर दाम के बढ़त के बीच भारी अंतर देखावत अहै, जउन रिकॉर्ड दाम अउर बदलत ग्राहकन के पसंद के नाते अहै।”

ओन्हन आगे बतावा कि कुल मांग 151 टन रही, जउन 2025 के पहिली तिमाही के तुलना मां 10 फीसदी ज्यादा अहै, जबकि मूल्य के लिहाज से मांग लगभग दुगुनी होइके 99,900 करोड़ रुपया होइ गय, जउन साल दर साल 99 फीसदी के बढ़त देखावत अहै। घरेलू सोना के दाम (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर) 2026 के पहिली तिमाही मां साल भर के हिसाब से 81 फीसदी बढ़िके औसतन 1,51,108 रुपया प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचि गय, जबकि पिछिला साल इहै समय मां ई 83,375 रुपया रहा।

सोना के बिस्किट अउर सिक्का के मांग 34 फीसदी बढ़िके 62 टन होइ गय, जउन 2013 के बाद पहिली तिमाही के सबसे ऊंचा स्तर अहै। मूल्य के हिसाब से ई मांग 142 फीसदी बढ़िके 94,100 करोड़ रुपया होइ गय, जउन परम्परागत गहना-प्रधान बाजार से हटिके एक्कौ नया रुझान देखावत अहै।

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