
जोतिस शास्त्र मा मानि जात है कि जउं कउनो मनई की कुंडली मा गरहन (ग्रहों) से जुड़ा कउनो दोष होय, तौ ओका जिंदगी मा बड़ी भाग-दौड़, मन के तनाव अउर काम-धंधा मा अड़चन झेलय का परत है। ई दोषन के बुरा असर का कम करै बदे वास्तु शास्त्र मा कुछ खास पेड़-पौधा बतावा गा हिन, जिनका घर मा लगावै से आपकौ बड़ा फायदा मिल सकत है।
शमी के पौधा से जुड़ा नियम
हिंदू धरम मा शमी के पौधा का सनी (शनि) अउर राहू के दोष का सांत करै बदे बहुत असरदार माना गवा है। अइसन मा आप घर के खास दुआरे (मुख्य द्वार) के लगे शमी के पौधा लगाय सकत हउ। शनिचर के दिन ई पौधा के नीचे सरसो के तेल के दीया जरूर बारय का चाही। वास्तु के हिसाब से, शमी के पौधा का हमेशा घर के बाहरे, जइसे कि बालकनी, छत या बगइचा मा लगावय का चाही। एका भूलि के भी घर के भीतर ना लगाव।
राहू-केतू के दोष से मिलिहइ राहत
सनातन धरम मा तुलसी के पौधा का बहुतै मान-समान दीन जात है। आप एका घर के उत्तर या उतिरा-पुरुब (ईशान कोण) दिशा मा लगाय सकत हउ, जेहसे घर के बलाय (नकारात्मकता) दूरि भागति है। जोतिस शास्त्र मा तुलसी से जुड़े कुछ उपाय बहुतै गुनकारी बतावा गा हिन, जेहसे आप कई तरह के ग्रह दोष से छुटकारा पाय सकत हउ। तुलसी के पौधा मा चांदी के नाग-नागिन के जोड़ा गाड़ि के रोज पूजा करय का चाही, एसे राहू-केतू के दोष खतम होइ जात हैं। एका साथै सुख-सान्ति बदे रोज तुलसी मा जल चढा़उ अउर संझा के टेम घीव के दीया जरूर बारउ।
ई पेड़-पौधा भी हइँ फायदेमन्द
वास्तु के हिसाब से, सर्पगंधा के पौधा काल सरप-दोष से बचाव बदे बहुतै अचरज भरा माना जात है। एका घर के खास दुआरे, पूरब, उत्तर या दक्खिन-पूरब मा लगावय का चाही। एसे राहू के बुरा असर के साथै-साथै सांपन के डर भी कम होइ जात है। जउं घर मा जगह होय तौ नीम के पेड़ लगावब बड़ा सुभ (शुभ) माना गवा है। एसे भी राहू-केतू के खराव असर का कम करै मा मदद मिलत है। एका साथै अपामार्ग के पौधा राहू के दोषन का कम करै अउर मन की सान्ति देवै मा मददगार होत है।
धतूरा या बेलपत्तल के पौधा
काल सरप-दोष से पीछा छुड़ावय का सबसे बड़ उपाय भगवान सिव (शिव) की पूजा है। यहै नाते, घर के अंगना मा बेलपत्तल (बेलपत्र) या करिया धतूरा के पौधा लगाय के रोज पानी चढ़ावय से भोला बाबा अउर नाग देवता खुश होत हिन। जेहसे राहू अउर केतू के दोष से भी राहत मिलत है। एका हमेशा घर के उत्तर-पूरब (ईशान कोन) मा ही लगावय का चाही।
ई सावधानियां जरूर राखउ
आपकौ ई पौधा लगावै का फल तभै मिलि सकत है, जब एका सही दिसा मा लगाव। पौधा लगावै के साथै-साथै ओकर सेवा-टहल करब भी बहुतै जरूरी है। एका साथै घर मा सूखा या काँटा वाला पौधा (गुलाब का छोड़ि के) नाहीं राखय का चाही, काहे से ई घर मा कलह अउर बुरा असर बढ़ावत हिन। ई पौधा कबहूँ सूखय या मुरझाय नाहीं चाही, काहे से घर मा राखा सूखा पौधा राहू का अउर ज्यादा तगड़ा (बलवान) बनाय देत है।




