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मालवीय नगर अग्निकांड: शेफ की एक भूल बन गई 21 जनों का काल, मेन पावर कट होत ही कमरा बने ‘मौत का चैंबर’

दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड में 21 जनों के मरे के बाद पुलिस लगातार आग लागै के कारण खोजै में जुटी है। एही जांच के बीच एक बहुतै हैरान करै वाला खुलासा सामने आवा है। हादसा के बखत किचन में मौजूद मुख्य शेफ केशव नेगी के पुलिस शनिवार के लगभग छह घंटा तक लम्बी पूछताछ के बाद हिरासत में ले लीन है। शेफ पुलिस के जो कुछ बताईस, उसे साफ हो गया है कि ई हादसा इतना भयानक कइसे भवा।

इलेक्ट्रिक स्टोव में ब्लास्ट से भड़की आग
दिल्ली पुलिस के सूत्रन के मुताबिक, शेफ नेगी बताईस कि बुधवार की भोर जब उ किचन में काम करत रहा, तभे इलेक्ट्रिक स्टोव चालू करत ही ओहमें एक जोरदार धमाका भवा। एही ब्लास्ट के साथ ही पूरी रसोई में भीषण आग लाग गई। लपट इतनी तेज रही कि देखत ही देखत आग पूरी बहुमंजिला इमारत में फैल गई।

एक गलती और जाम हो गए सारे दरवाजा
जांच में जो सबसे चौंकावै वाली बात सामने आई है, उ ई है कि आग और धुआं देख के शेफ नेगी बहुतै घबराइ गवा। अपनी जान बचाय के चक्कर में उ बिना सोचे-समझे पूरे होटल की मेन पावर सप्लाई बंद कर दीस और खुद हुंवा से भाग निकला। पुलिस के शक है कि जइसे ही होटल की बिजली कटी, इमारत का ‘इलेक्ट्रॉनिक डोर लॉकिंग सिस्टम’ यानी कमरा और रास्ता के ऑटोमैटिक दरवाजा पूरी तरह ठप हो गए। लाइट जात ही ई सब लॉक जाम हो गए और भीतर ठहरे हुए मेहमान कमरा के भीतर ही फंस के रह गए।

लापरवाही की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस
जांच अधिकारी मानत हैं कि अगर इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम काम करत होत, त लोग समय रहते इमरजेंसी गेट से बाहर भाग सकत रहे। लेकिन बिजली कटै से बाहर निकलै के सारे रास्ता बंद हो गए और दम घुटै और जरै की वजह से इतने जनों की जान चली गई। फिलहाल, दिल्ली पुलिस ई बात की बारीकी से जांच करत है कि ई पूरे हादसा में होटल मैनेजमेंट और स्टाफ की लापरवाही किस हद तक रही।

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