उत्तरप्रदेशराज्य

राष्ट्रीय पशुधन मिशन क सहारा: सुनील कुमार अब बकरी पालन से कमावत हैं लाखन रुपया

उत्तर प्रदेश एक खेती-किसानी वाला राज्य है, जहाँ गाँव क तरक्की सीधे तौर पर पशुपालन से जुड़ी है। योगी सरकार किसानन क कमाई दुगनी करे के तईं कई बड़की योजना चलावत है। ई कड़ी मा ‘राष्ट्रीय पशुधन मिशन’ (NLM) एक बड़का जरिया बनके उभरा है, जउन भेड़-बकरी अउर मुर्गी पालन के तईं 50 परसेंट (अधिकतम ₹50 लाख) तक क सब्सिडी देवे क काम करत है।

साधारण किसान से सफल बिजनेसमैन क सफर: इटावा जिले के ग्राम नगला कैन्ही के रहइ वाले श्री सुनील कुमार यादव ने ई सरकारी योजना क फायदा उठा के अपनी जिंदगी बदल लीहिन। हाईस्कूल पास सुनील पहिले खाली खेती पर निर्भर रहेन, जेसे परिवार क गुजारा मुश्किल से होत रहा। कमाई बढ़ावे के चक्कर मा उ स्वरोजगार क रास्ता खोजिन अउर उनका बकरी पालन क विचार बउत नीक लाग।

शुरुआत मा रही दिक्कत: साल 2023 मा सुनील खाली 8-10 बकरियन से काम शुरू कीहिन। पहिले अनुभव न होवे के नाते उनका बकरियन क नस्ल पहचानइ, बीमारी अउर बाजार खोजइ मा बउत दिक्कत आई। लेकिन उ हार नाहीं मानिन। ई बीच उनका पशुपालन विभाग से ‘राष्ट्रीय पशुधन मिशन’ के बारे मा पता चला।

वैज्ञानिक ट्रेनिंग अउर सरकारी मदद: पशुपालन विभाग के अफ़सरन ने सुनील क पूरा साथ दीहिस। उनका मथुरा के केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (CIRG) मा खास ट्रेनिंग दिलवाई गई, जहाँ उ बकरियन क खान-पान, बीमारी से बचाव अउर वैज्ञानिक ब्रीडिंग के बारे मा बारीकी से सीखिन।

  • लोन अउर सब्सिडी: यूनियन बैंक (जसवंतनगर) से उनका 8 लाख रुपया क लोन मिला, जेमा सरकार की तरफ से 50 परसेंट क तगड़ी सब्सिडी शामिल रही।

आज क कामयाबी: ई पइसा क सही इस्तेमाल कइके सुनील ने एक आधुनिक शेड बनवावा अउर बकरियन क समय-समय पर सुई (टीकाकरण) लगवावे क ध्यान दीहिन। आज उनकर फार्म इलाके मा एक मिसाल बन चुका है।

  • कमाई: अब उ बकरी क दूध, मांस अउर अच्छी नस्ल के बच्चन क बेच के साल मा करीब 10 लाख रुपया कमावत हैं।
  • रोजगार: सुनील ने गाँव के 4 अउर नौजवानन क नौकरी दीहिस है, जेसे शहर क ओर पलायन रुके मा मदद मिलत है।

सुनील कुमार यादव क ई कहानी ई साबित करत है कि अगर सही जानकारी, वैज्ञानिक ट्रेनिंग अउर सरकारी नीतियों क साथ मिल जाय, तौ एक साधारण किसान भी आत्मनिर्भर बनि सकत है।

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