धर्म/अध्यात्म

वट सावित्री पुजवा मा बरगद का जरूर चढ़ावा ई 4 चीज, सुहागिन मेहरारुन बदे अहै बहुतै खास

हिंदू धरम मा सुहागिन मेहरारुन बदे वट सावित्री बरत कै बहुतै बड़ महत्व अहै। जेठ महीना कै उमावस का मनावा जाय वाला ई तिउहार पति के लम्बी उमिर, नीक सेहत अउर गृहस्थी मा सुख-शांति कै प्रतीक आय। ई दाईं ई पावन बरत सोमार, 16 मई का रखा जाई। आवा जानल जाय कि ई दिन पुजवा मा आप कउन-कउन चीज चढ़ाय के लाभ पाय सकत हय।

काहे खास अहै ई बरत?

धरम-करम के मानब के मुताबिक, इहे दिन माता सावित्री आपन पक्का इरादा अउर पतिव्रत धरम के दम पर जमराज का उनके पति सत्यवान के प्रान लौटावै पर मजबूर कइ दिहे रहीं। माना जाथै कि जमदेव बरगद (वट) के पेड़ के नीचे ही सत्यवान का फिर से जियाय दिहे रहेन। इहै मारे ई दिन खास तौर से वट बिरवा कै पूजा का साक्षात परमेसर कै अराधना मानवा जाथै।

ई चीज जरूर चढ़ावा

वट सावित्री बरत के दिन वट बिरवा कै पूजा मा सूती कपड़ा, लाल फूल, सेनुर, कच्चा सूत, अच्छत (न टूटल चावल), जनेऊ, चन्दन अउर पान-सुपारी चढ़ावै का चाही। एकरे बाद पेड़ के लगे घीव कै दीया जलावा अउर आपन सरद्धा के हिसाब से, पेड़ के चारों ओर 7 या 108 बार फेरी लगावत भवा कच्चा सूत या मौली (लाल/पीयर धागा) लपेटा। अइसन करै से मेहरारू-पति के संबन्ध मजबूत होत हंय।

माता सावित्री का चढ़ावा सिंगार

बरत के दौरान सिरिफ पेड़ के ही नाहीं, बल्कि माता सावित्री कयौ नीक मन से पूजा करै का चाही। माता का सेनुर, कुमकुम, मेंहदी, चूड़ी अउर बिन्दी जइसन सिंगार कै सामान जरूर चढ़ावा। मान्यता अहै कि माता सावित्री का सुहाग कै सामान चढ़ावै से बरती मेहरारू का ‘अखंड सौभाग्य’ कै असीरवाद मिलथै।

ई भोग लगावा

वट सावित्री बरत मा वट बिरवा के साथे-साथ सावित्री-सत्यवान अउर जमराज कै भी पूजा कीन जाथी। ई दिन भिगोवा चने (चने कै दाल) कै बहुतै महत्व अहै, एका सावित्री अउर सत्यवान का अरपित करा। पूजा मा 5 तरह के रितु फल (जइसन आम, जामुन, केला, तरबूज, खरबूज, नारियल पानी) भी जरूर सामिल करा। एकरे साथै आप पुजवा मा गुड़ से बनी मिठाई या गुड़ कै मीठी पूरी भी चढ़ाय सकत हय।

ई काम करब न भुलायब

पुजवा के बाद बरगद के फल या कोपल (नया पत्ता) का परसाद के रूप मा लिहब बहुत फलदायी मानवा जाथै। एकरे साथै वट बिरवा के नीचे बैठ के सावित्री-सत्यवान कै कथा जरूर बांचा या सुना, तबै आपन बरत पूरा मानवा जाई। चूंकि ई दाईं ई बरत सनीचर के दिन पड़त अहै, जेका सनीदेव कै दिन मानवा जाथै, इहै मारे ई दिन सनीदेव कै पूजा से भी आपकौ गजब लाभ देखै का मिल सकथै।

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