उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार के दिन वाराणसी में ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ मा बोलत भये काशी अउर सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व क जोर देइके बतवाइन अउर इहन का भारत के सभ्यतागत चेतना क अमर ज्योति क खंभा बताइन। उ कहिन कि इतिहास में दुनु मंदिरन पर बहुत हमला भवा है अउर सनातन धर्म का मिटावे क हर कोसिस नाकाम रही है। मुख्यमंत्री कहिन कि आज क इ कार्यक्रम भारत के आध्यात्मिक परंपरा, भारतीय सांस्कृतिक चेतना अउर राष्ट्रीय आत्मसम्मान के फेर से जगावे क पुकार है। सोमनाथ संकल्प महोत्सव इसी राह मा एक छोटा सा कोसिस है। इतिहास हमका एक साफ संदेश देत है कि सनातन संस्कृति पर हमला होइ सकत है, लेकिन इ का कबहूँ हरावा नाहीं जाइ सकत।
धुरंधर 2 क ऐतिहासिक कमाई जारी, यूपी मा कृष्णावतारम पार्ट 1 भवा टैक्स फ्री।
बार-बार भये आक्रमणन पर बात करत भये उ कहिन कि सोमनाथ पर 17 बार हमला करिके एकर महिमा का मिटावे क कोसिस कीन गय रहा। इ गलतफहमी रही कि मूरत तोड़िके अउर मंदिर लूटिके भारत क आत्मा का भी खत्म कीन जाइ सकत है। मोहम्मद गोरी से लइके मुगलन तक, कई बाहरी हमलावरन हमारी आध्यात्मिक अउर सांस्कृतिक पहचान का मिटावे क कोसिस कीन। औरंगजेब पुरान काशी विश्वनाथ मंदिर का गिराइ दिहिस अउर उहँवा गुलामी के निशानी एक ढांचा खड़ा कइ दिहिस। लेकिन उ सब भारत के आत्मा का कबहूँ नाहीं तोड़ पाय। उ आगे कहिन कि उ इ समझे मा नाकाम रहिन कि सनातन धर्म सिर्फ मंदिर के चहारदीवारी के भीतर नाहीं बसत, बल्कि इ तौ भारत के चेतना मा बसत है। अउर भारत के चेतना आत्मा का शाश्वत अउर अमर मानत है। जे सनातन धर्म का मिटावे क कोसिस कीन, उ खुद धूल मा मिल गय हैं।
आधुनिक मंदिर फेर से बनावे क प्रोजेक्टन पर चर्चा करत भये, आदित्यनाथ कहिन कि सोमनाथ मंदिर का फेर से बनवाव अउर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर क विकास भारत मा बड़का सांस्कृतिक जागरण क निशानी है।
यूपी कैबिनेट विस्तार: योगी सरकार क मंत्रिमंडल विस्तार, जाट नेता भूपेंद्र चौधरी लीहिन मंत्री पद के शपथ।
आजादी के बाद के चाहत पर बात करत भये, मुख्यमंत्री सांस्कृतिक आजादी क सपना सच कइवे क श्रेय सरदार वल्लभभाई पटेल का दिहिन। उ कहिन कि आजादी के बाद, भारत के जनता मा इ गहरी चाहत रही कि देस सिर्फ राजनीतिक रूप से आजाद न होय, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी मुक्त होय। इ चाहत का आवाज देवे वाले आदमी भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल रहे। उ समंदर किनारे स्थित सोमनाथ महादेव मंदिर क जीर्णोद्धार क संकल्प लिहन। बाधा अउर विरोध के बाद भी, उ आगे बढ़ात रहिन। सोमनाथ क फेर से बनाव सिर्फ एक मंदिर क बनाव नाहीं रहा, बल्कि इ गुलामी से आजादी अउर राष्ट्र के आत्मसम्मान क फेर से बहाली क ऐलान रहा।
उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध अउर बड़ी घटना क हर अपडेट खातिर पढ़ा ‘उत्तर प्रदेश लेटेस्ट न्यूज इन हिंदी’ सिर्फ प्रभासाक्षी पर।
(इही प्रकार के कंटेंट का दोहराव यहाँ भी है…)