उत्तरप्रदेश

वृन्दावन पहुँचिन डिप्टी सीएम केशव, बांकेबिहारी के कीन्ह दर्शन

उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बुधवार क वृन्दावन पहुँचिन, जहाँ ऊ विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मन्दिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन कइके आशीर्वाद लीन्ह। मन्दिर के सेवायतन अउर पण्डितन उप-मुख्यमंत्री क अंगवस्त्र ओढ़ावइ अउर माला पहिरावइ के उनका स्वागत कीन्ह। एह दौरान भाजपा के स्थानीय विधायक, वरिष्ठ पदाधिकारी अउर भारी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

बांकेबिहारी के दर्शन कइके उप-मुख्यमंत्री कलेक्ट्रेट सभागार पहुँचिन, जहाँ ऊ प्रशासनिक अधिकारीन के साथ कानून-व्यवस्था अउर विकास कामन के समीक्षा बैठक कीन्ह। एकरे बाद ऊ गौग्राम परखम पहुँचिन।

गौग्राम परखम में विकास पर जोर

गौग्राम परखम पहुँचि के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कहिन कि आने वाले समय में इ केंद्र सिर्फ उत्तर प्रदेश के ही नाहीं, बल्कि पूरे भारत के एक महत्वपूर्ण अनुसंधान केंद्र बनी। ऊ एह प्रकल्प क अउर आगे बढ़ाय के खातिर समाजसेवी लोगन से आगे आवै के अपील कीन्ह। गौग्राम परखम पहुँचि के उप-मुख्यमंत्री अउर महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि रिमोट दाबि के समिति के अलग-अलग प्रकल्पों क लोकार्पण कीन्ह।

‘गौ माता के सेवा जरूरी’

उप-मुख्यमंत्री कहिन कि मथुरा आय के एकादशी के दिन बांके बिहारी के दर्शन करब परम सौभाग्य के बात है। बिहारी जी के कृपा से इ प्रकल्प अउर आगे बढ़ि। ऊ कहिन कि हम लोग हमेशा इ नारा लगाय हैं कि ‘गाय नाहीं कटै देब, देश नाहीं बंटै देब’। अब गौ माता के गला पर खंजर नाहीं चलि सकत, लेकिन गौ माता के पालन-पोषण भी बहुत जरूरी है। ऊ कहिन कि पहिले हर घर में पहली रोटी गाय के बनत रही, लेकिन अब किसान गाय से फायदा होवत है तबहिं तक पालिथें अउर फायदा न होय पर छोड़ि देत हैं। अइसन नाहीं करै का चाही, गाय हमेशा उपयोगी है।

अशोक सिंघल के प्रति श्रद्धांजलि

ऊ बताइन कि अइसन केंद्र बहुत पहिले प्रयागराज के घूसी में बनाय गा रहा, लेकिन समय के मुश्किलन के चलते अब ऊ बहुत छोट रूप में चलत है। मगर आज इ केंद्र देखि के बहुत खुशी भई कि घूसी में जवन काम पूरा नाहीं होय पाय रहा, ऊ अब इहाँ होई। ऊ कहिन कि अशोक सिंघल जी के नाम पर इहाँ बनल परिसर उनका सच्ची श्रद्धांजलि है। ऊ राम जन्मभूमि आंदोलन में बहुत बड़ भूमिका निभाइन। गौमाता के दूध, गौमूत्र अउर गोबर के उपयोगिता पर इहाँ जवन शोध अउर अनुसंधान चलत है, ऊ बहुत प्रशंसनीय है।

अंत में प्रधानमंत्री के अपील पर ऊ कहिन कि देश में तेल, गैस, पैसा सब कुछ है, लेकिन एह संकट के समय में हम अपना का योगदान देइ सकत अही, इ हमका सोचै का चाही। पत्रकारन से बात करत ऊ कहिन कि एह प्रकल्प के खातिर जवन भी सहयोग हमसे होई, ऊ हम जरूर करब।

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