
हिंदू धरम मा वैशाख पुन्यू (पूर्णिमा) क विशेष महत्व अहै। एका बुद्ध पुन्यू के नांव से भी जानल जात है। धरम-करम के मनौती के हिसाब से, ई दिन दान, असनान अउर धियान करे से कइयउ जनम के पापन क नास होइ जात है। वैशाख क महीना भगवान विष्नु क बहुतै पियारा अहै, एहते ई दिन भई छोटकी गलती भी माई लछमी क नराज कइ सकत अहै, जेसे घर मा दरिद्रता क वास होइ सकत है। अइसे मा आवा ई लेख मा जानत अही कि ई दिन कउन बातन क धियान रक्खे क चाही?
वैशाख पुन्यू पर का करी?
पावन असनान अउर अरघ: ई दिन सुरुज निकसे से पहिले कउनो पावन नदी मा असनान करी। जउ होइ सकै, तौ घरे मा पानी मा गंगाजल मिलाइ के नहाई अउर सुरुज देव क अरघ देई।
सत्यनारायण कथा: पुन्यू के दिन भगवान विष्नु के सत्यनारायण रूप क कथा सुनब या पढ़ब बहुत सुभ होत है। एहसे घर मा सुख-संति बनी रहत है।
दान क महत्व: वैशाख के महीना मा घाम (गर्मी) बहुत होत है, एहते ई दिन पानी, फल, सतू, छाता या ठंढी चीजिन क दान करे से अक्छय पुन मिलत है।
चंदर देव क दरसन: रात क समइ चंदर देव क दूध अउर पानी क अरघ देई। एहसे मानसिक तनाव दूरि होत है अउर आर्थिक हालत मजबूद होत है।
भूलि केहु न करी ई गलती
तामसिक भोजन: पुन्यू के दिन भूलि केहु मांस, मदिरा, लहसुन या पियाज क सेवन न करी। ई दिन तामसिक भोजन करे से घर क सुभ ऊर्जा नस्ट होइ जात है।
गुस्सा अउर विवाद: ई दिन घर मा कलह या कउनो क अपमान न करी। जेहि घर मा लराई-झगड़ा होत है, उहां से लछमी चली जात अहैं। खास कइके मेहरारून अउर बुढ़वन क अनादर न करी।
बार अउर नखून काटब: सास्तरन के हिसाब से, पुन्यू के तिथी पर बार कटाइब, नखून काटब या दाढ़ी बनाउब मना अहै। एका असुभता क निसानी मानल जात है।
करजा क लेन-देन: पुन्यू के दिन न तौ कउनो क पइसा उधार देई अउर न ही कउनो से लेई। अइसा मानल जात है कि ई दिन पइसा क लेन-देन करे से आर्थिक तंगी आइ सकत है।
बेर तक सोउब: पुन्यू के सबेरे अउर संझा के समइ सोउब मना अहै। ई अलसाइन अउर नकारात्मकता क बढ़ावा देत है।
पूजन मंत्र: ॐ महालक्ष्म्यै नमः, नैवेद्यं निवेदयामि। नैवेद्यं गृह्यतां देव भक्तिं मे चलां कुरु। ईप्सितं मे वरं देहि परत्र च परां गतिम् ॥ ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नम:




