उत्तरप्रदेशराज्य

संस्कृत शिक्षा अउर लईकन के हुनर का चमकावै बरे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश

अब संस्कृत पढ़इ वाले लईका कुंडली बनाइके कमाइहैं पइसा; राज्यपाल ने 'ज्ञान भारतम' पोर्टल पर पांडुलिपियन के जानकारी भरइ के हुक्म दिहिन।

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल अउर कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के अगुवाई मा आज लखनऊ के ‘जन भवन’ मा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से जुड़े सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज के प्राचार्यों के साथे एक बड़ी समीक्षा बइठक भई। एही बइठक मा कॉलेज के प्रधानाचार्यों (प्राचार्यों) ने अपने-अपने यहाँ के पढ़ाई-लिखाई, मास्टरन के भर्ती अउर लईकन के सुविधायन के बारे मा पूरी जानकारी (प्रस्तुतीकरण) दिहिन।

पांडुलिपियन के होइ गणना अउर संकलन:

राज्यपाल जी ने कड़ा निर्देश दिहिन कि कॉलेज मा जतनी भी पुरान पांडुलिपियां (Manuscripts) अहैं, उनका नीक से गीन के अउर सहेज के ओकर पूरा ब्योरा ‘ज्ञान भारतम’ पोर्टल पर चढ़ावा जाय। एकरे साथे ही ऊ कहिन कि कॉलेज के खाली जमीन पर ‘मियावाकी तकनीक’ से घना जंगल (वन) बनावा जाय, जेहसे पर्यावरण नीक रहे।

कम खरचा मा लईकन के सर्वांगीण विकास:

श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहिन कि लईकन का हुनरमंद बनावै बरे बहुत जादा पइसा के जरूरत नाहीं होत। ऊ कुछ खास सुझाव दिहिन:

  • परम्परागत खेल: कॉलेज मा खो-खो, कबड्डी जइसन खेल अउर भाषण व लिखइ के प्रतियोगिता बिना जादा खरचा के करवाई जाइ सकत अहैं।
  • कुंडली बनावै के हुनर: अब आधुनिक तकनीक के जमाना अअइ, एही नाते लईकन का तकनीक के जरिया कुंडली बनाब सिखावा जाय, जेहसे ऊ अपनी कमाई (आय सृजन) भी कइ सकें।
  • अग्निवीर अउर सेना के ट्रेनिंग: राजभवन मा जइसन 40 लईकन का ‘अग्निवीर’ के ट्रेनिंग दीन गई, वइसन ही कॉलेज मा भी प्रोग्राम कराए जायं। लईकन का सेना के सेंटरन अउर एमएसएमई (MSME) इकाइयों के सैर (भ्रमण) करावा जाय जेहसे उनमें अनुशासन अउर रोजगार के समझ बढ़े।

समाज का साथे लइके चलब जरूरी:

राज्यपाल जी ने प्राचार्यों से कहिन कि कॉलेज चलावै बरे खाली सरकारी बजट पर आस लगाय के न बइठें, बल्कि समाज के लोगन अउर पुराने लईकन (Alumni) का भी साथ जोड़ें। ऊ संस्कृत शिक्षा मा बिटियन के बढ़त संख्या देखिके बहुत खुशी जताइन अउर कहिन कि ई एक बहुत सुघर संकेत अअइ।

एही मौका पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर महादेव बोबडे ने राज्यपाल जी द्वारा शिक्षा मा कीन गइन बदलाव के बारे मा बताइन। बइठक मा कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, विशेष सचिव बद्री नाथ सिंह अउर कइयौ बड़े अधिकारी अउर शिक्षक मौजूद रहे।

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