उत्तरप्रदेश

सीएम योगी बोलेन: यूपी मा बना ९ साल मा ९ लाख से ढेर नौकरी देय का रिकॉर्ड

सीएम योगी आदित्यनाथ कहेन कि यूपी मा बीते नौ साल मा नौ लाख से ढेर भर्तियां भई अहैं। ई नौकरिन मा कउनो मेर के रिश्वत नाहीं लीन गय। उत्तर प्रदेश मा पाछिल नौ सालन मा ९ लाख से ढेर जवानन का सरकारी नौकरी दीन गय अहै। ई कउनो भी राज्य मा सबसे ढेर नियुक्तियन के प्रक्रिया का नीक अउर पारदर्शी तरीके से पूरा करे का रिकॉर्ड अहै। सिर्फ अधीनस्थ चयन आयोग ई साल ३२ हजार से ढेर नियुक्तियन के प्रक्रिया पूरी करी। शिक्षा चयन आयोग हजारन मास्टरन के भर्ती प्रक्रिया पूरी करी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का लगभग १५ हजार भर्तियां करे का अहै। एही मेर चालू वित्तीय वर्ष (२०२६-२७) मा डेढ़ लाख से ढेर सरकारी भर्तियन के प्रक्रिया पूरी होय के अहै। प्रक्रिया मा कउनो मेर के सेंध न लागै, एकरे खातिर कड़ा कानून भी बनावा गय अहै, जेकरे तहत सेंधमारी करे वालेन का उमरकैद के सजा अउर ओकर पूरी संपत्ति जब्त कइ लीन जात है।

ई बातन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अतवार का लोक भवन मा उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा खाद्य सुरक्षा अउर औषधि प्रशासन विभाग खातिर नवचयनित ३५७ कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) अउर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित २५२ दंत स्वास्थ्य विज्ञानियन का नियुक्ति पत्र बांटे के कार्यक्रम मा कहेन। अपने संबोधन से पहिले मुख्यमंत्री नवचयनित अभ्यर्थियन का नियुक्ति पत्र बांटेन।

जवानन के सपना टूटब आगू वाली पीढ़ी के भविष्य के साथे धोखा अहै

मुख्यमंत्री कहेन कि हर माई-बाप के इच्छा होत है कि उनकर लरिका नीक शिक्षा पाइके एक सुरक्षित अउर बेहतर भविष्य की ओर आगू बढ़ै। एकरे खातिर उ सब जतना होइ सकत है कोशिश करत हैं, मुला जब मनमुताबिक फल नाहीं मिलत, तौ न केवल ओही जवान के सपना टूटत है, बल्कि ओकरे माई-बाप अउर परिवार से जुड़ल अउर लोगन के उम्मीद भी चकनाचूर होइ जात है। कउनो जवान के सपना टूटब खाली एक मनई के साथे नाइंसाफी नाहीं अहै, बल्कि ई आगू आवे वाली पीढ़ियन के भविष्य के साथे धोखा अहै। उत्तर प्रदेश के ‘बीमारू राज्य’ के रूप मा पहचान बनावे मा भर्ती प्रक्रिया मा भेदभाव, बेईमानी अउर भ्रष्टाचार के हाथ रहा। भर्ती मा एतनी धांधली होत रही कि कोर्ट का बार-बार बीच मा आवे का पड़त रहा।

फर्जी डिग्री वाला मनई चयन प्रक्रिया के अगुवाई करत रहें

मुख्यमंत्री कहेन कि साल २०१७ से पहिले लगभग हर नियुक्ति प्रक्रिया पर कतहुँ न कतहुँ कोर्ट स्टे लागि जात रहा, न्यायालय से कड़ी टिप्पणी मिलत रही। स्थिति ई रही कि जे मनई लायक नाहीं रहा, उहौ आयोग के चेयरमैन बनि जात रहा। यहाँ तक कि फर्जी डिग्री वाला मनई चयन प्रक्रिया के अगुवाई करत रहेन। पइसा के लेनदेन के नाते भर्तियां प्रभावित होत रहीं अउर लायक उम्मीदवारन का मौका नाहीं मिल पावत रहा। आज के समय मा ढेर जवान ओही दौर से अनजान अहैं, काहे से उ तब नाबालिग रहेन। साल २०१७ के बाद भर्ती प्रक्रिया का साफ-सुथरा अउर निष्पक्ष बनावा गय अहै। एकर नतीजा अहै कि अब तक पुलिस विभाग मा २,२०,००० से ढेर भर्तियां कामयाबी के साथ पूरी कइ लीन गयी अहैं। पाछिल ९ सालन मा हम लोग निष्पक्ष अउर पारदर्शी तरीके से रिकॉर्ड ९ लाख से ढेर जवानन के भर्ती कीन।

आज औषधि विभाग के लगे जांच खातिर मंडल स्तर पर ए-ग्रेड के लैब मौजूद अहैं

सीएम कहेन कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा ४ अउर ६ मई का नियुक्ति पत्र बांटे के कार्यक्रम आयोजित कीन जइहें। ई लगातार चली। सरकार बिना कउनो भेदभाव के पाछिल नौ सालन मा कोरोना महामारी के बावजूद प्रदेश के हर मनई के आमदनी (प्रति व्यक्ति आय) तीन गुना करे मा सफल रही अहै। प्रदेश मा आज देश के सबसे नीक इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, हाइवे वगैरह मौजूद अहैं। आज उ विभाग नीक काम करत अहैं, जेका पहिले लोग जानत तक नाहीं रहेन। लगभग हर जिला मा मेडिकल कॉलेज अहैं, दुई एम्स काम करत अहैं। २०१७ से पहिले सब भगवान भरोसे रहा, नतीजा भी ओही मेर आवत रहा। ओही समय पूरा सिस्टम ही बीमारू रहा। खाद्य सुरक्षा अउर औषधि प्रशासन विभाग के लगे दवा के क्वालिटी अउर खाना मा मिलावट जांचे के मशीन अउर लैब नाहीं रही। अब विभाग के पास जांच खातिर मंडल स्तर पर ए-ग्रेड के लैब अहैं। सिखा-पढ़ा मैनपॉवर अहै, जे तय समय मा जांच के नतीजा बताइ देइ। साल २०१७ से पहिले पांच प्रयोगशाला रही, आज आधुनिक मशीनन के साथ १८ प्रयोगशाला अहैं।

कनिष्ठ विश्लेषक (खाद्य) के भर्ती भी जल्द होई

सीएम कहेन कि पहिले ५ प्रयोगशाला मा १२,००० नमूना हर साल लीन जात रहे। अब इनकर संख्या बढ़िके ५५,००० होइ गयी अहै। आज ३५७ कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) के भर्ती प्रक्रिया पूरी भई अहै, जेकरे साथै अब इनकर संख्या ४४ से बढ़िके ४०१ होइ गयी अहै। ई समय मा कनिष्ठ विश्लेषक (खाद्य) के संख्या अभी खाली ५८ अहै। हम ४१७ पद खातिर अधियाचन भेजवाए अही, जे उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग मा विचाराधीन अहै। जल्दिये भर्ती प्रक्रिया पूरी होई। ई समय ३६ हजार खाद्य नमूना हर साल लीन जात अहैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी होय से इनकर संख्या बढ़िके हर साल १,०८,००० से ढेर होइ जाई। आज २५२ डेंटल हाइजीनिस्ट का भी नियुक्ति पत्र बांटा गय अहै।

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